नमक

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हिन्दी[सम्पादन]

संज्ञा[सम्पादन]

पु॰

अनुवाद[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

नमक संज्ञा पुं॰ [फा॰ या सं॰ लवणक]

१. एक प्रसिद्ध क्षार पदार्थ जिसका व्यवहार भोज्य पदार्थों में एक प्रकार का स्वाद उत्पन्न करने के लिये थोड़े मान में होता है । लवण । नोन । विशेष—नमक संसार के प्रायः सभी भागों में दो रूपों में पाया जाता है—एक तो जमीन में, चट्टानों या स्तरों के रूप में और दूसरा समुद्रों, झीलों और तालाबों आदि के खारे जल था । भारत में पंजाब, कोहाट, तथा काँगड़े की मंडी नामक रियासत में नमक की खानें हैं । जिनमें से बहुत प्राचीन काल से नमक नाकाला जाता है । सिंध भी नमक के लिये प्रसिद्ध था । इसी से वहाँ के नमक को सैंधव (सेंधा) कहते थे । पंजाब की खानि का नमक भी सेंधा कहलाता है । यह प्रायः साफ और सफेद रंग का होता है और इसमें किसी प्रकार की गंध नहीं रहती । इसके अतिरिक्त समुद्र या झीलों के खारे पानी आदि को सुखाकर भी कई प्रकार के नमक निकाले जाते हैं । इस प्रकार का नमक करकच कहलाता है । कहीं कहीं रेह या मिट्टी में से भी एक प्रकार का नमक निकाला जाता है जो खारी कहलाता है । एक और प्रकार का नमक होता है जो काला नमक कहलाता है । यह साधारण नमक को हड़, बहेड़े और सज्जी के साथ गलाकर बनाया जाता है । इसके अतिरिक्त ओषधि और रसायन आदि के काम के लिये और भी अनेक वनस्पतियों और दूसरे पदार्थों को जलाकर खार या नमक तैयार करते हैं । वैद्यक में सैधव (सेंघा), शार्कमरी (साँधर), समुद्र- लवण (करकच), विडलवण सौवचंड, (काला नमक, सींचर), काचलवण (नीनी मिट्टी से बनाया हुआ कचिया नमक), औदभिद्, औषर, रौमक और द्रोणी आदि कई प्रकार के लवण गिनाए गए हैं जिनमें से सेंधा नमक सबसे अच्छा माना गया है । मुहा॰—नमक अदा करना = अपने पालक या स्वामी के उपकार का बदला चुकाना । मालिक के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करना । (किसी का) नमक खाना = (किसी के द्वारा) पालित होना । (किसी का) दिया खाना । जैसे,— आपने पाँच बरस तक उनका नमक खाया है, आज नगर उन्होंने आपको दो बातों कह ही दीं तो क्या हो गया? नमक मिर्च मिलाना या लगाना = किसी बात को अधिक रोचक या प्रभावशाली बनाने के लिये उसमें अपनी ओर से भी कुछ बढ़ा देना । किसी बात को बढ़ाकर कहना । जैसे,—उन्होंने यहाँ का सार हाल तो कह ही दिया, साथ ही अपनी तरफ से भी नमक मिर्च लगा दिया । नमक फूटकर निकलना = नमकहरामी की सजा मिलना । कृतध्नता का दंड मिलना । नमक से या नमक पानी से अदा होना = दे॰ 'नमक अदा करना' । कटे पर नमक छिड़कना = किसी दुःखी को और भी दुःख देना । पीड़ित को और भी पीड़ित करना । नमक का सहरा = थोड़ा सहारा । थोड़ी सहायता । यौ॰—नमकख्वार । नमकहराम । नमकहरामी । नमकहलाल । नमकहलाली ।

२. कुछ विशेष प्रकार का सौदर्य जो अधिक मनोहर या प्रिय हो । लावण्य । सलोनापन ।

यह भी देखिए[सम्पादन]