नास्तिक

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

नास्तिक संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह जो ईश्वर, परलोक आदि को न माने । ईश्वर का अस्तित्व अस्वीकार करनेवाला । विशेष—जो हेतुशास्त्र अर्थात् तर्क का आश्रय लेकर वेद को अस्वीकार करे, उसका प्रमाण न माने, हिंदू शास्त्र में उसको भी नास्तिक कहा है । हिंदू शास्त्रकारो के अनुसार चार्वाक, बौद्ध और जैन ये तीना नास्तिक मत हैं । इन मतों में सृष्टि को उत्पन्न करने और चलानेवाला कोई नित्य और स्थिर चेतन नहीं माना गया है । नास्तिकों को बार्हस्पत्य, चार्वाक और लोकायतिक भी कहते हैं ।

नास्तिक दर्शन संज्ञा पुं॰ [सं॰] नास्तिकों का दर्शन । वि॰ दे॰ 'दर्शन' ।