नित्य

विक्षनरी से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

नित्य ^१ वि॰ [सं॰]

१. जो सब दिन रहे । जिसका कभी नाश न हो । शाश्वत । अविनाशी । त्रिकालव्यापी । उत्पत्ति और विनाशरहित । जैसे,—ईश्वर नित्य है । विशेष— न्याय मत से परामाणु नित्य हैं । सांख्य मत से पुरु ष और प्रकृति दोनों नित्य है । वेदांत इन सबका खंडन करके केवल ब्रह्म के नित्य कहता है ।

२. प्रतिदिन का । रोज का । जैसे, नित्यकर्म ।

नित्य ^२ अव्य॰

१. प्रतिदिन । रोज रोज । जैसे— वह नित्य यहाँ आता है ।

२. सदा । सर्वदा । अनवरत । हमेशा ।

नित्य ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰] सागर । समुद्र [को॰] ।