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नीर

विक्षनरी से
जल की बूँद

हिन्दी

संज्ञा

पानी

पर्यायवाची

जल, वारि

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

नीर ^३ संज्ञा पुं॰ [अं॰ निप] दो चीजों को बाँधने या गाँठ देने के लिये रस्सी का फेरा या फंदा । मुहा॰—नीप लेना = रस्सी में बाँधने के लिये फंदा लगाना ।

नीर संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. पानी । जल । मुहा॰—नीर ढलना = मरते समय आँख से आँसू बहना । किसी का नीर ढल जाना = किसी की लज्जा जाती रहना । निर्लज्ज या बेहया हो जाना ।

२. कोई द्रव पदार्थ या रस ।

३. फफोले आदि के भीतर का चेप या रस । जैसे, शीतला का नीर ।

४. सुगंधबाला ।