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पँवार

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

पँवार संज्ञा पुं॰ [सं॰ परमार] राजपूतों की एक जाति । दे॰ 'जाति' ।

पँवार पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ प्रवाल] प्रवाल । मूँगा । उ॰—देखि दशा सुकुमारि की युवती सब धाई । तरु तमाल, बूभत फिरैं कहि कहि मुरभाई । नँदनंदन देखे कहूँ मुरली करधारी । कुंड़ल मुकुट बिराजै तनु कुंडल भारी । लोचन चारु विलास है नासा अति लोनी । अरुत अघर दशानावली छबि बरन ै कौनी । बिंब पँवारे लाजहीं दामिनि दुति थोरी । ऐसे हरि हमको कहो कहुँ देखे हौ री ।—सूर (शब्द॰) ।