पंचकोल

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

पंचकोल संज्ञा पुं [सं॰ पञ्चकोल] पीपल, पिपरामूल, चव्य, चित्रकमूल ओर सींठ । वैद्यक में इन्हें पावन, रुचिकर तथा गुल्म और प्लीहा रोगनाशक माना है ।