पंचगव्य
दिखावट
संज्ञा
[सम्पादित करें]पंचगव्य साँचा:संज्ञा पुं [साँचा:सं पञ्चगव्य] — गाय से प्राप्त पाँच पवित्र द्रव्य:
- दूध
- दही
- घी
- गोबर
- गोमूत्र
ये सभी द्रव्य धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। इन्हें विशेष रूप से **पापों के प्रायश्चित**, **शुद्धिकरण**, और **धार्मिक अनुष्ठानों** में प्रयोग किया जाता है।
विवरण
[सम्पादित करें]पंचगव्य में सम्मिलित प्रत्येक द्रव्य की पारंपरिक मात्रा निम्न प्रकार होती है:
- घी — 1 पल
- दूध — 1 पल
- गोमूत्र — 1 पल
- दही — 1 प्रसृति (पसर)
- गोबर — 3 तोले
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]गाय से प्राप्त होनेवाले पाँच द्रव्य—दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र, जो बहुत पवित्र माने जाते हैं और पापों के प्रायश्चित आदि में प्रयोग किए जाते हैं। पंचगव्य में प्रत्येक द्रव्य का परिमाण इस प्रकार कहा गया है—घी, दूध, गोमूत्र: एक-एक पल; दही: एक प्रसृति (पसर); गोबर: तीन तोले।