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पंचतत्व

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पंचतत्व

  1. सृष्टि के निर्माण में प्रयुक्त पाँच मूल तत्व — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश।
  2. वे पाँच प्राकृतिक तत्व जिनसे शरीर और ब्रह्मांड की रचना मानी जाती है।

(Delhi) आईपीए(कुंजी): /pən.t͡ʃt̪ət̪.ʋᵊ/, [pə̃n̪.t͡ʃt̪ət̪.wᵊ]

उदाहरण वाक्य

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  • मृत्यु के बाद शरीर पंचतत्व में विलीन हो जाता है।
  • योग में पंचतत्वों के संतुलन पर बल दिया गया है।

प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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पंचतत्व संज्ञा पुं॰ [सं॰ पंञ्चतत्व]

१. पंचभूत । पृथ्वी, जल, तेज, वायु और आकाश । उ॰—पश्चाद्वर्ती भारतीय दार्शनिकों ने पंचतत्व का प्रतिपादन किया है ।—सं॰ दारिया (भू॰), पृ॰ ५४ ।

२. वाम मार्ग के अनुसार मद्य, मांस, मत्स्य, मुद्रा, और मैथुन । इन्हें 'पाँच प्रकार' भी कहते हैं ।

३. तंत्र के अनुसार गुरुतत्व, मंत्रतत्व, मनस्तत्व, देवतत्व और ध्यानतत्व ।