परेवा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

परेवा संज्ञा पुं॰ [सं॰ पारावत] [स्त्री॰ परेई]

१. पंड़ुक पक्षी । पेड़की । फाखता ।

२. कबूतर । उ॰—हारिल भई पंथ मैं सेवा । अब तोहिं पठयो कौन परेवा ।—जायसी (शब्द॰) ।

३. कोई तेज उड़नेवाला पक्षी ।

४. तेज चलनेवाला पत्रवाहक । दूत । चिट्ठीरसाँ । हरकारा ।

परेवा पु संज्ञा पुं॰ [हि॰] परेवा । पक्षी । उ॰—संदेसउ जिन पाठवइ, मरिस्यउँ हीया फूटि । परेवा का झूल जिउँ, पड़िनइँ आँगणि त्रूटि ।—ढोला॰, दू॰, १४३ ।