परोक्ष

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

परोक्ष ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. अनुपस्थित । अभाव । गैर हाजिरी । उ॰— सब सह सकता है, परोक्ष ही कभी नहीं सह सकता प्रम ।—पंचवटी पृ॰ १० ।

२. वह जो तीनों काल की बातें जानता हो । परम ज्ञानी ।

३. व्याकरण में पूर्ण भूतकाल ।

परोक्ष ^२ वि॰ [सं॰]

१. जो देख न पड़े । जो प्रत्यक्ष न हो । जो सामने न हो ।

२. गुप्त । छिपा हुआ ।

३. गैरहाजिर । अनुपस्थित । यौ॰— परोक्ष बुद्धि । परोक्ष भोग । परोक्ष वृत्ति ।