पल्ला

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

पल्ला ^१ क्रि॰ वि॰ [सं॰ य पर या पार (= दुर या छोर) + ला (प्रत्य॰)]

१. दूर ।

२. दूरी ।

पल्ला ^२ संज्ञा सं॰ [सं॰ पल्लव]

१. किसी कपड़े का छोर । आँचल । दामन । उ॰—एक बड़े से कुत्ते ने, जो इस बाग का रखवाला था, लपककर उसका पल्ला पकड़ लिया ।—शिवप्रसाद (शब्द॰) । मुहा॰—पल्ला छूटना = पीछा छूटना । छुटकारा मिलना । निष्कृति मिलना । छुटकारा पाना । पल्ला छुड़ाना = पीछा छुड़ाना । निष्कृति पाना । पल्ला पकड़ना = किसी के लिये किसी को पकड़ना । पल्ला पसारना = किसी से कुछ माँगना । आँचल पसारना । दामन फैलाना । पल्ला लेना = शोक करना । किसी की मृत्यु पर रोना । (स्त्रियाँ) । पल्ले पड़ना = प्राप्त होना । मिलना । हाथ लगना । (किसी के) पल्ले बँधना = (१) ब्याही जाना । हाथ पकड़ना । (२) जिम्मे किया जाना । पल्ले बाँधना = (१) जिम्मे लेना । (२) गाँठ बाँधना । (३) ब्याहना । हाथ पकड़ना । पल्ले से बाँधना =(१) जिम्मे लगाना । (२) ब्याह देना । हाथ पकड़ा देना ।

२. दूरी । जैसे,—इनका घर यहाँ से पल्ले पर है । उ॰—दो सौ कोस के पल्ले तक बरफीले पहाड़ नजर पड़ते हैं ।—(शब्द॰) †

३. पास । अधिकार में । जैसे,—उसके पल्ले क्या है?

४. तरफ । ओर ।

पल्ला ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰ पटल]

१. दुपल्ली टोपी का एक भाग । द्रुपल्ली टोपी का आधा भाग ।

२. चद्दर वा गोन जिसमें अन्न बाँधकर ले जाते हैं । यौ॰—पल्लेदार ।

३. किवाड़ । पटल ।

४. पहल ।

५. तीन मन का बोझ ।

६. बौंरा ।

७. धोती का एक फर्द ।

८. रजाई या दुलाई आदि के ऊपर का कपड़ा ।

९. दरवाजे आदि में लगनेवाला लकड़ी का लंबाचौड़ा टुकड़ा । जैसे, किवाड़ का पल्ला ।

पल्ला ^४ संज्ञा पुं॰ [सं॰ पल; फा॰ पल्लह्] तराजू में एक ओर का टोकरा या डलिया । पलड़ा । मुहा॰—पल्ला झुकना = पक्ष बलवान् होना । पल्ला भारी होना = पक्ष बलवान् होना । भारी पल्ला = (१) बलवान् पक्ष । (२) ऐसा पक्ष जिसपर बड़े बोझ हों ।

पल्ला ^५ संज्ञा पुं॰ [सं॰ फल] कौंची के दो भागों में एक भाग ।

पल्ला ^६ वि॰ [फा़॰ पल्ला] दे॰ 'परला' ।