पाखाना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

पाखाना संज्ञा पुं॰ [फा़॰ पाखानह्]

१. वह स्थान जहाँ मलत्याग किया जाय ।

२. भोजन के पाचन के उपरांत पता हुआ मल जो आधोमार्ग निकल जाता है । गू । गलीज । पुरीष । मुहा॰—पाखाने जाना = मलत्याग के लिये जाना । पाखाना खता होना = बहुत ही भयभीत होना । पाखाना निकलना । पाखाना निकलना = मारे भय के बुरा हाल होना । जैसे,— उन्हें देखते ही इनका पाखाना निकलता है । पाखाना फिरना = मलत्याग करना । पाखाना फिर देना = डर से घबरा जाना । भय से अत्यंत व्याकुल हो जाना । जैसे,— शेर को देखते ही डर के मारे पाखाना फिर दोगे । पाखाना लगना = मल निकलने की आवश्यकता जान पड़ना । मल का वेग जान पड़ना ।