बँधान

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बँधान पु † संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'बंधान' । उ॰—(क) नागर नट चितवाहिं चकित डगहिं न ताल बँधान ।— मानस, १ । ३

०२. (ख) मिथिलापुर के नर्तक नाना । नाचै डगै न ताल बँधाना ।— रघुराज (शब्द॰) ।