बकलस

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बकलस संज्ञा पुं॰ [अं॰ बकल्स] एक प्रकार की चौकोर या लंबोतरी विलायती अंकुसी या चौकोर छल्ला जो किसी बंधन के दो छोरों को मिलाए रखने या कसने के काम में आता है । बकसुआ । विशेष— यह लोहे, पीतल या जर्मन सिल्वर आदि का बनता है और विलायती बिस्तरबंद या वेस्टकोट आदि के पिछले भाग अथवा पतलून की गोलिस आदि में लगाया जाता है । कहीं कहीं जैसे, जूतों पर, इसे केवल शोभा के लिये भी लगाते हैं ।