बक्कम

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बक्कम सज्ञा पुं॰ [अं॰ बक़म] एक वृक्ष । पतंग । विशेष— यह वृक्ष भारतवर्ष में मद्रास और मध्यप्रदेश में बर्मा में उत्पन्न होता है । इसका पेड़ छोटा और कैट होता है । लकड़ी काले रंग की तथा दृढ और टिकाऊ होती यह फटती या टेढ़ी नहीं होती । इससे मेज, कुर्सी आदि सकती है । रग और रोगन से इसपर अच्छी चमक/?/ है । इसकी लकड़ी, छिलके और फलों से लाल रंग निकलता है जिससे सूत और ऊन के कपड़े रंगै जाते हैं और जो/?/ को छपाई में भी काम आता है । इसके बीज बरस/?/ बोए जाते हैं ।