बक्काल
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]बक्काल सज्ञा पुं॰ [अं॰] वह जो आटा, दाल, चावल या और/?/ बेचता हो । वर्णिक् । बनिया । उ॰— न जर्फो मतवर/?/ न गल्ल वो बक्काल ।—कविता को॰ भा॰ ४, पृ॰/? / यौ॰—बनिया बक्काल ।
बक्काल सज्ञा पुं॰ [अं॰] वह जो आटा, दाल, चावल या और/?/ बेचता हो । वर्णिक् । बनिया । उ॰— न जर्फो मतवर/?/ न गल्ल वो बक्काल ।—कविता को॰ भा॰ ४, पृ॰/? / यौ॰—बनिया बक्काल ।