बचा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बचा पु संज्ञा पुं॰ [फा॰ बचह्, तुल, सं॰ वत्स, प्रा॰ वच्छ, हिं॰ बच्चा] [स्त्री॰ बची] लड़का । बालक । उ॰— (क) तुलसी सूर सराहत हैं जग में बलसालि है बालि बचा ।— तुलसी (शब्द॰) । (ख) दस षान और तुम दव्बिले, में चंद बचा तुम ते ड़रों ।— पृ॰ रा॰, ६४ । १४० । (ग) मारू देस उपन्निया तिहाँ का दंत सुसेत । कूझ हबची गोरंगियां खंजर जहा नेत ।— ढोला॰, दू॰ ६६६ ।

२. लघुत्व एवं उपेक्षासूचक संबोधन । उ॰— क्रुद्धित हों तो कह दें कि बचा तुम जानते नहीं ।— प्रेमघन॰, भा॰ २, पृ॰ ७९ ।