बचाना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बचाना क्रि॰ स॰ [हिं॰ बचना]

१. आपत्ति या कष्ट में न पड़ने देना । रक्षा करना । उ॰— (क) बिन गुरु अक्षर कौन छुड़ावै, अक्षर जाल के कौन वचावै ।— कबीर (शब्द॰) । (ख) लाठी में गुण बहुत है सदा राखिए संग । गहरी नदि नारा जहाँ तहाँ बचावे अंग ।— गिरधर (शब्द॰) । (ग) चहूँ ओर अवनी स घने घेरे छवि छवै । महाराज को शुत्रुघात से सजनग वचावै ।— गोपाल (शब्द॰) ।

२. प्रभावित न होना देना । अलग रखना ।

३. व्यय न होने देना । खर्च न होने देना । खर्च करके कुछ रख छोड़ना ।

४. छिपाना । चुराना । जैसे, आँख बचान । उ॰— पीठि दै लुगाइन वी ड़ीठहि बचाय, ठकुराइन सुनाइन के पायल रखना । दूर रखना । जैसे,—बच्चों को सिगरेट, तंबाकू आदि से बचाना चाहिए ।

६. ऐसे रोग से मुक्त करना मरने की आशंका हो ।

७. पीछे करना । हटाना ।