बयाना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बयाना ^१ संज्ञा पुं॰ [अ॰ बै + फा़॰ आना (प्रत्य॰)] वह धन जो कोई चीज खरीदने के समय अथवा किसी प्रकार का ठेका आदि देने के समय उसकी बातचीत पक्की करने के लियै बेचनेवाले अथवा ठेका लेनेवाले को दिया जाय । किसी काम के लिये दिए जानेवाले पुरस्कार का कुछ अंश जो बातचीत पक्की करने के लिये दिया जाय । पेशगी । अगाऊ । विशेष—बयाना देने के उपरांत देने और लेनेवाले दोनों के लिये यह आवश्यक हो जाता है कि हवे उस निश्चय की पाबंदी करें जिसके लिये बायाना दिया जाता है । बयाने की रकम पीछे से दाम या पुरस्कार देते समय काट ली जाती है ।