बरमा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बरमा पु ^१ संज्ञा पुं॰ [देश॰] [स्त्री॰ अल्पा॰ बरमी] लकड़ी आदि में छेद करने का, लोहे का बना एक प्रसिद्ध औजार विशेष—इसमें लोहे का एक नोकीला छड़ होता है जो पीछे की ओर लकड़ी के एक दस्ते में इस प्रकार लगा रहता है कि सहज में खूब अच्छी तरह घूम सके । जिस स्थान पर छेद करना होता है, उस स्थान पर नोकीला कोना लगाकर और दस्ते के सहारे उसे दबाकर रस्सी की गराड़ियों की सहायता से अथवा और किसी प्रकार खूब जोर जोर से घुमाते हैं जिससे वहाँ छेद हो जाता है ।

बरमा ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ ब्रह्मदेश]

१. भारत को पूर्वी सीमा पर, बंगाल की खाड़ी के पूर्व ओर आसाम तथा चीन के दक्षिण का एक पहाड़ी प्रदेश । विशेष—यह प्रदेश पहले वहाँ के देशी राजा के अधिकार में था । फिर अँग्रजो के अधिकार में आ गया और भारतवर्ष में मिला लिया गया । दूसरी महायुद्ध के बाद से यह एक स्वतंत्र देश हो गया है । इस प्रदेश में खान और जंगल बहुत अधिकता से हैं । यहाँ चावल बहुत अधिकता से होता है । इस देश के अधिकांश निवासी बौद्ध हैं ।

२. एक प्रकार का धान जो बहुत दिनों तक रखा जा सकता हे ।