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बलूत

विक्षनरी से


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

बलूत संज्ञा पुं॰ [अ॰] माजूफल की जाति का एक पेड़ जो अधिकतर ठंढे देशों में होता है । विशेष—योरोप में यह बहुत होता है । इसके अनेक भेद होते है जिनमें से कुछ हिमालय पर भी, विशेषतः पूरबी भाग (सिक्किम आदि) में होते हैं । हिंदुस्तानी बलूत बज, मारू या सीतासुपारी, सफेद (कश्मीर) के नाम से प्रसिद्ध है जो हिमालय में सिंधु नद के किनारे से लेकर नैपाल तक होता है । शिमला नैनीताल, मसूरी आदि में इसके पेड़ बहुत मिलते हैं । लकड़ी इसकी अच्छी नहीं होती, जल्दी टूट जाती है । अधिकतर इंधन और कोयले के काम में आती है । घरों में भी कुछ लगती है । पर दार्जिलिंग और मनीपुर की ओर जो बूक नाम का बलूत होता है उसकी लकड़ी मजबूत होती है । योरप में बलूत का आदर बहुत प्राचीन काल से है । इंगलैड के साहित्य में इस तरुराज का वही स्थान है जो भारतीय साहित्य में बट या आम का है । यूरोप का बलूत मजबूत और टिकाऊ होता है ।