भँवरो

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

भँवरो ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ भँवरना वा भँवना]

१. दे॰ 'भाँवर' ।

२. बनियों का सौदा लेकर घूम घूमकर बेचना । फेरी ।

३. रक्षक, कोतवाल या अन्य कर्मचारियों का प्रजा की रक्षा के लिये चक्कर लगाना । फेरी । गश्त । उ॰—फिरै पाँव कुतवार सु भँवरी । काँपे पाउँ चंपत वह पौंरी ।—जायसी (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—फिरना ।—लगाना ।

४. परिक्रमा । (स्त्रियाँ) । क्रि॰ प्र॰—देना ।