भंडार

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

भंडार संज्ञा॰ पुं॰ [सं॰ भाण्डागार]

१. कोष । खजाना ।

२. अन्नादि रखने का स्थान । कोठार ।

३. वह स्थान जहाँ व्यंजन पकाकर रखे जाते हैं । पाकशाला । भंडारा । उ॰— कबीर जैनी के हिये बिल्ली को इतबार । साधन ब्यंजन मोक्षहित सोपेउ तेहिं भंडार ।—कबीर (शब्द॰) ।

४. पेट । उदर ।

५. अग्निकोण ।

६. दे॰ 'भंडारा' । यौ॰—भंडारघर = (१) कोप । खजाना । (२) कोठार । (३) पाठशाला ।