भख

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

भख पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ भक्ष, प्रा॰ भक्ख] आहार ।भक्ष्य । भोजन । उ॰—(क) आनँद ब्याह कटै मस खावा । अब भख जन्म जन्म कहँ पावा ।—जायसी (शब्द॰) । (ख) वेद वेदांत उपनिषद् अरपै सो भख भोक्ता नाहिं । गोपी, ग्वालिन के मंडल में सो हँहि जूठनि खाहिं ।—सूर (शब्द॰) । (ग) पट पाखै भख काँकरै सफर परेई संग । सुखी परेवा जगत में एकै तुहीं बिहंग ।—बिहारी (शब्द॰) । मुहा॰—भख करना = खाना । उ॰—आछे देहु जो गढ़ तौ जनि चालहु यह बात । तिनहिं जो पाहन भख करहिं अस केहि के मुख दाँत ।—जायसी (शब्द॰) ।