भगाना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

भगाना ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ √भञ्ज]

१. किसी को भागने में प्रवृत्त करना । दौड़ना ।

२. हटाना । दूर करना । खदेड़ना । उ॰— दरस भूख लागै द्दगन भूखहि देत भगाइ ।—रसानांध (शब्द॰) ।

३. बहलाकर या फुसलाकर ले जाना ।

भगाना ^२ क्रि॰ अ॰ दे॰ 'भागना' । उ॰—(क) उछरत उतरात छहरात मरि जात भभरि भगात जल थल मीचु मई है ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) समय लोक सब लोकपति चाहत भभरि भगान ।—तुलसी (शब्द॰) ।