भर

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हिन्दी[सम्पादन]

क्रिया[सम्पादन]

उदाहरण[सम्पादन]

  1. इसे इस मटकी में भर के रख दें।

अन्य शब्द[सम्पादन]

  1. भरा
  2. भरें
  3. भरना
  4. भरने
  5. भरो

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

भर चाँदनी या ओस में रखकर छान लिया जाय । वैद्यक में इसका बड़ा गुण लिखा है ।

भर ^१ वि॰ [हिं॰ भरना] कुल । पूरा । सब । तमाम । जैसे, सेर भर, जाड़े भर, शहर भर । उ॰—(क) अति करुणा रघुनाथ गुसाई युग भर जात घड़ी ।—सूर (शब्द॰) । (ख) रहै तो करौं जनम भर सेवा । चलै तो यह जिव साथ परेवा ।— जायसी (शब्द॰) ।

भर † ^२ क्रि॰ वि॰ [हिं॰ भार] भार से । बल से । द्वारा । उ॰— (क) सिर भर जाउँ उचित अस मोरा । सब तें सेवक धरम कठोरा ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) गिरिगो मुँह के भर भूमि तहाँ । चलि बैठि पराय लजाय जहाँ ।—रघुराज (शब्द॰) ।

भर ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. भार । बोझ । वजन ।

२. पृष्टि । मोटाई । पीनता । उ॰—भर लाग्यो परन उरोजनि मैं रघुनाथ, राजी रोमराजी भाँति कल अलि सैनी की ।— रघुनाथ (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—डालना ।—पड़ना ।

४. वह जो भरण पोषण करता हो ।

५. युद्ध । लड़ाई । आक्रमण ।

६. तील (को॰) ।

७. आधिक्य । अतिशयता । प्रचुरता (को॰) ।

८. राशि । ढेर । पुंज (को॰) ।

९. चाय । चोरी (को॰) ।

१०. स्तुतिगान या एक प्रकार की ऋचा (को॰) ।

भर ^४ संज्ञा पुं॰ [सं॰ भरत या भरतपुत्र] एक छोटी और अस्पृश्य जाति जो संजुक्त प्रांत और बिहार में पाई जाती है । आजकल इस जाति के कुछ लोग अपने आप की भरद्वाज के वंशज बतलाते हैं ।