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भवन

विक्षनरी से

स्थान वाचक संज्ञा

किसी बड़े मकान को भवन कहते है।

भवन

  1. रहने, कार्य करने या सार्वजनिक उपयोग हेतु निर्मित एक स्थायी इमारत या ढांचा।
  2. किसी संस्था, विभाग या उद्देश्य विशेष से संबंधित भवन (जैसे: पुस्तकालय भवन, संसद भवन)।
  3. संस्कृत वाङ्मय में स्वर्ग या देवताओं का महल।

उच्चारण

(Delhi) आईपीए(कुंजी): /bʱə.ʋən/, [bʱə.ʋə̃n̪]

उदाहरण वाक्य

  • यह नया विद्यालय भवन बहुत विशाल है।
  • संसद भवन में आज महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुआ।

प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

भवन ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. घर । मकान । उ॰— भवन एक पुनि दीख सुहावा ।— मानस, ५ । ५ ।

२. प्रासाद । महल ।

३. तर्कशास्त्र में भाव ।

४. जन्म । उत्पत्ति ।

५. सत्ता ।

६. छप्पय का एक भेद ।

७. क्षेत्र (को॰) ।

८. स्वभाव । प्रकृति (को॰) ।

९. जन्मपत्रिका । जन्मांग (को॰) ।

१०. श्वान । कुत्ता (को॰) ।

११. स्थान । अधिष्ठान (को॰) । यौ॰—भवनकर = नगरपालिका की ओर से मकानों पर लगाया हुआ कर (अं॰ हाउसटैक्स) । भवनदीर्धिका = भवन के भीतर की वापी । भवनद्वार =प्रवेशद्वार । फाटक । दरवाजा । भवनपति । भवन-भूमि-कर =प्रदेश शासन द्वारा लगाया हुआ एक कर ।

भवन ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ भुवन] जगत् । संसार । उ॰— हरि के जे वल्लभ हैं दुर्लभ भवंन माँझ तिनही की पदरेणु आशा जियकारी है ।— प्रियादास (शब्द॰) ।

भवन ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰ भ्रमण] कोल्हू के चारों ओर का वह चक्कर जिसमें बैल घूमते हैं ।