भागवत
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संज्ञा
[सम्पादित करें]भागवत
- हिन्दू धर्म का एक प्रसिद्ध पुराण — श्रीमद्भागवत, जिसमें भगवान विष्णु और उनके अवतारों की कथाएँ वर्णित हैं।
- भगवान विष्णु या उनके भक्तों से संबंधित कोई बात।
- विष्णु का उपासक या भक्त।
विशेषण
[सम्पादित करें]भागवत
- जो भगवान विष्णु या उनके भक्तों से संबंधित हो।
- वैष्णव परंपरा में प्रयुक्त धार्मिक या सांस्कृतिक शब्द।
उच्चारण
[सम्पादित करें]उदाहरण वाक्य
[सम्पादित करें]- उन्होंने भागवत कथा का आयोजन करवाया। (संज्ञा)
- वह एक भागवत धर्म का अनुयायी है। (विशेषण)
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]भागवत ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. अठारह पुराणों में से सर्वप्रसिद्ध एक पुराण जिसमें १२ स्कंध, ३१२ अध्याय और १८००० श्लोक हैं । श्रीमद्भागवत । विशेष— इसमें अधिकांश कृष्ण संबंधी प्रेम और भक्ति रस की कथाएँ हैं और यह वेदांत का तिलकस्वरूप माना जाता है । वेदांत शास्त्र में ब्रह्म के संबंध में जिन गूढ़ बातों का उल्लेख हैं, उनमें से बहुतों की इसमें सरल व्याख्य मिलती है । सलाधारणतः हिंदुओं में इस ग्रंथ का अन्यान्य पुराणों की अपेक्षा विशेष आदर है और वैष्णवों के लिये तो यह प्रधान धर्मग्रंथ है । वे इसे महापुराण मानते हैं । पर शाक्त लोग देवीभागवत को ही भागवत कहते और महापुराण मानते हैं और इसे उपपुराण कहते हैं ।
२. देवीभागवत ।
३. भगवदभक्त । हरिभक्त । ईश्वर का भक्त ।
४. १३ मात्राओँ के एक छंद का नाम ।
भागवत ^२ वि॰ भागवत संबंधी ।