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भुगतना

विक्षनरी से

भुगतना

  1. किसी कार्य या कर्म का फल (अच्छा या बुरा) सहन करना या अनुभव करना।
  2. किसी सेवा या वस्तु के लिए मूल्य चुकाना; भुगतान करना।
  3. दंड, पीड़ा या कठिनाई को झेलना।

(दिल्ली हिंदी) अ॰ध॰व॰/आई॰पी॰ए॰(कुंजी): /bʱʊ.ɡət̪.nɑː/, [bʱʊ.ɡət̪̚.n̪äː]

उदाहरण वाक्य

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  • उसे अपने गलत कामों का परिणाम भुगतना पड़ा।
  • मैंने सबका खाना खुद भुगता है।
  • अपराधी को अपने अपराध की सज़ा भुगतनी होगी।

प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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भुगतना पु ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ भुक्ति] भोग करना । विषय करना । उ॰—बालक ह्वै भग द्वारे आवा । भग भुगतन कूँ पुरिष कहावा ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ २४४ ।

भुगतना ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ भुक्ति] सहन । झेलना । भोगना । उ॰— (क) देह धरे का दंड है सब काहू को होय । ज्ञानी भुगतै ज्ञान करि अज्ञानी भुगते रोय ।—कबीर (शब्द॰) । (ख) हम तौ पाप कियो भुगतै को पुण्य प्रगट क्यों निठुर दियो री । सूरदास प्रभु रूप सुधानिधि पुट थोरी विधि नहीं बियो री ।—सूर (शब्द॰) । (ग) पहले हों भुगतौं जो पाप । तनु धरि कै सहिहौं संताप ।—लल्लू (शब्द॰) । (घ) ओर तो लोग दुखी अपने दुख मैं भुगत्यों जग क्लेश अपारा ।— निश्चल (शब्द॰) । विशेष—इस क्रिया का प्रयोग 'अनिष्ट भोग' के सहने में होता है । जैसे, सजा भुगतना । दुःख भुगतना । सं॰ क्रि॰—लेना । मुहा॰—भुगत लेना = समझ लेना । निपट लेना । जैसे,—आप चिंता न करें, मैं उनसे भुगत लूँगा ।

भुगतना ^३ क्रि॰ अ॰

१. पूरा होना । निबटना । जैसे, देन का भुगतना; काम का भुगतना ।

२. बीतना । चुकना । जैसे, दिन भुगतना ।