भुगताना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

भुगताना क्रि॰ स॰ [हिं॰ भुगतना का सक॰ रूप]

१. भुगतने का सकर्मक रूप । पूरा करना । संपादन करना । उ॰—घाम धूप नीर औ समीर मिले पाई देह, ऐसो घन कैसे दूत काज भुगतावैगो ।—लक्ष्मण सिंह (शब्द॰) ।

२. बिताना । लगाना । जैसे,—जरा से काम में सारा दिन भुगता दिया ।

३. चुकाना । देना । बेबाक करना । जैसे, हुंडी भुगताना ।

४. भुगतना का प्रेरणार्थक रूप । दूसरे को भुगतने में प्रवृत्त करना । झेलाना । भाग कराना ।

५. दुःख देना । दुःख सहने के लिये बाध्य करना ।