भुट्टा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

भुट्टा संज्ञा पुं॰ [सं॰ भृष्ट, प्रा॰, भुट्टी]

१. मक्के की हरी बाल । वि॰ दे॰ 'मक्का' ।

२. जुआर वा बाजरे की बाल । उ॰— श्री कृष्णचंद्र ने तिरछी कर एक हाथ ऐसा मारा कि उसका सिर भुट्टा सा उड़ गया ।—लल्लू (शब्द॰) ।

३. गुच्छा । घौद । उ॰— कहीं पुखराजों को डडियों से पन्ने के पत्ते निकाल मोतियों के मुट्टे लगाए हैं ।—शिवप्रसाद (शब्द॰) ।