भूलना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

भूलना † संज्ञा पुं॰ [हिं॰ भूलना]

१. एक घास का नाम । विशेष— इसके विषय में लोगों में यह प्रावाद है कि इसके खाने से लोग सब बातें भूल जाते हैँ । मुहा॰—भुलाना खर खाना = विस्मरणशील होना ।

२. वह जो भूल जाता हो । भूलनेवाला व्यक्ति ।

भूलना ^१ क्रि॰ सं॰ [सं॰ विह्वल ? या सं॰ भ्रंश, प्रा॰ धात्व॰ /?/ भूल्ल] विस्मरण करना । याद न रखना । ध्यान् न रखना । जैसे,— (क) आप तो बहुत सी बातें यों ही भूल जाते हैं । (ख) कल रात को लौटते समय मैं रास्ता भूल गया था ।

२. गलती करना ।

३. खो देना । गुम कर देना ।

भूलना ^२ क्रि॰ अ॰

१. विस्मृत होना । याद न हिना । जैसे,— अब वह बात भूल गई ।

२. चूकना । गलती होना ।

३. धोखे में आना । जैसे— आप उनकी बातों में मत भूलिए ।

४. अनुरक्त होना । आसक्त होना । लुभाना ।

५. घमंड में होना । इतराना । जैसे,— आप (१००) की नौकरी पर ही भूले हुए हैं ।

६. गुम होना । खो जाना । उ॰— जैसे चाँद गोहन सब तारा । परयो भुलाय देखि उँजियारा ।— जायसी (शब्द॰) ।

भूलना ^२ वि॰ जिसे स्मरण न रहता हो । भूलनेवाला । जैसे, भूलना स्वभाव; भूलना आदमी ।