मतलब

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

मतलब संज्ञा पुं॰ [अ॰]

१. तात्पर्य । अभिप्राय । आशय ।

२. अर्थ । मानी ।

३. अपना हित । निज का लाभ । स्वार्थ । उ॰—हरदम कृष्ण कहे श्री कृष्ण कहे तू जवा मरी । यही मतलब खातर करता हूँ खुशामद में तेरी ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ ८७ । मुहा॰—मतलब का आशना = मतलबी मित्र । स्वार्थसाधक । मतलब का यार = अपना भला देखनेवाला । स्वार्थी । मतलब गाँठना या निकालना = स्वार्थसाधन करना । उ॰— तब सके गाँठ हम वहाँ मतलब ।—चोखे॰, पृ॰ ३६ ।

४. उद्देश्य । विचार । जैसे,—प्राप भी किसी मतलब से आए हैं । मुहा॰—मतलब हो जाना = (१) सफल मनोरथ होना । (२) बुरा हाल हो जाना । (३) मर जाना ।

५. संबंध । सरोकार । वास्ता । जैसे,—अब तुम उनसे कोई मतलब न रखना ।