मरीचिका

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

मरीचिका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. मृगतृष्णा । सिरोह ।

२. किरण । उ॰— वारिज बरत बिन वारे वारि बारु बीच बीच बीच बीचिका मरीचिका सी छहरी ।—देव (शब्द॰) । (ख) चहचही सेज चहूँ चहक चमेलिन सों, वोलिन सो मंजु मंजु गुंजन मलिंद जाल । तैसेई मरीचिका दरीचिन के दीबे हो में, छपा की छबीली छबि छहरत तत्काल ।— देव (शब्द॰) ।