महायान

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

महायान संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक विद्याधर का नाम ।

२. बौद्धों के तीन मुख्य संप्रदायों में से एक संप्रदाय । विशेष—महात्मा बुद्धदेव के परिनिर्वाण के थोड़े ही दिनों बाद उनके शिष्यों और अनुयायियों में मतभेद होने के कारण यह संप्रदाय चला था । इसका प्रचार नैपाल, तिव्वत, चीन, जापान आदि उत्तरीय देशों में है जहाँ इसमें तंत्र भी बहुत कुछ मिला हुआ है । जिस प्रकार शिव की शक्तियाँ हैं, उसी प्रकार बुद्ध की कई शक्तियाँ या देवियाँ हैं जिनकी उपासना की जाती है ।

३. चौड़ा मार्ग । प्रशस्त पथ । उ॰—यह वह महायान या चौड़ा मार्ग था जिसपर संकीर्णता को दूर करके सबको चलने का निमंत्रण दिया गया ।—पोद्दार अभि॰ ग्रं॰ पृ॰ ६५४ ।