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मात्सर्य

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

मात्सर्य संज्ञा पुं॰ [सं॰] मत्सर का भाव । किसी का मुख या उसकी संपदा न देख सकने का स्वभाव । किसी को अच्छी दशा में देखकर जलना । ईर्ष्या । डाह ।