मानवशास्त्र

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

मानवशास्त्र संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह शास्त्र जिसमें मानव जाति की उत्पत्ति और विकास आदि का विवेचन होता है । विशेष— इस शास्त्र से यह मी जाना जाता है कि संसार के भिन्न भिन्न भागों में मनुष्यों की कितनी जातियाँ है; सृष्टि के और कैसे हुई, उसकी सभ्यता का कैसे विकास हुआ, इत्यादि इत्यादि ।