मामला

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

मामला संज्ञा पुं॰ [अ॰ मुआमिलह्]

१. व्यापार । काम धंधा । उद्यम । मुहा॰—मामला बनाना=काम साधना ।

२. पारस्परिक व्यवहार । जैसे, लेन देन, क्रय विक्रय इत्यादि ।

३. व्यावहारिक, व्यापारिक या विवादास्पद विषय । मुहा॰—मामला करना=(१) बातचीत करना । बात पक्की करना । (२) पारस्परिक वैषम्य दूर करके निश्चयपूर्वक कुछ निर्धारण करना । फैसला करना । मामला बनना=काम ठीक करना । बात पक्की करना ।

४. पक्की या तै की हुई बात । कौल करार ।

५. झगड़ा । विवाद । मुकदमा । मुहा॰— दे॰ 'मुकदमा' के मुहा॰ ।

६. बात । घटना ।

३. कुँअर को देखते ही बधाई का चारों ओर से शोर मच गया । कुँअर बहुत चकपकाया कि यह मामला क्या है ।—भारतेंदु ग्रं॰, भा॰, ३, पृ॰ ८०८ ।

७. प्रधान विषय । मुख्य बात ।

८. सुंदर स्त्री । युवती (बाजारू) ।

९. संभाग । स्त्रीप्रसंग । मुहा॰— मामला बनाना=संभोग करना । प्रसंग करना ।