माली

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हिन्दी

नामवाचक संज्ञा

  1. उत्तरपश्चिमी अफ़्रीका में एक भूबन्ध गणराज्य; १९६० में फ़्रान्स से स्वतन्त्रता प्राप्त की।

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

शब्दसागर

माली ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ मालिन्, प्रा॰ मालिय] [स्त्री॰ मालिनि, मालिन, मालन, मालिनी]

१. बाग को सींचन और पौधों की ठीक स्थान पर लगानेवाला पुरुष । वह जो पौधों को लगाने और उनकी रक्षा करने की विद्या जानता और इसी का व्यवसाय करता हो । उ॰—पुलक बाटिका बाग बन सुख सुबिहंग बिहारु । माली सुमन सनेह जल सींचत लोचन चारु ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. एक छोटी जाति का नाम । इस जाति के लोग बागों में फूल फल के वृक्ष लगाते, उनकी कलमें काटते, फूलों को चुनते और उनकी मालाएँ वनाते और फूल तथा माला बेचते हैं । इस जाति के लोग शूद्र वर्ण के अंतर्गत माने जाते हैं । इसके हाथ का छूआ जल ब्राह्मण क्षत्रियादि पीते हैं ।

माली ^२ वि॰ [सं॰ मालिन्] [स्त्री॰ मालिनी]

१. जो माला धारण किए हो । माला पहने हुए ।

२. युक्त । परिवृत । मालित (को॰) ।

माली संज्ञा पुं॰

१. वाल्मीकीय रामायम के अनुसार सुकेश राक्षस का पुत्र जो माल्यवान् और सुमाली का भाई था ।

२. राजी- वगण नामक छंद का दूसरा नाम ।

माली ^२ वि॰ [फा़॰, अ॰ माल] माल से सबंध रखनेवाला । आर्थिक । धर्मसंबंधी । जैसे,—आजकल उसकी माली हालत खराब है ।

मराठी

नामवाचक संज्ञा

  1. माली

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