माही

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

माही ^१ संज्ञा स्त्री॰ [फ़ा॰] मछली । उ॰—माही जल मृग के सु तृन सज्जन हित कर जीव । लुब्धक धीवर दुष्ट नर बिन कारन दुख कीव ।—ब्रज॰ ग्रं॰, पृ॰ ७५ । यौ॰—माहीगीर । माहीपुश्त । माहीमरातिब ।

माही ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ माहेय] दक्षिण देश की एक नदी का नाम जो खंभात की खाड़ी में गिरती है ।