मुहावरा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

मुहावरा संज्ञा पुं॰ [अ॰ मुहावरह्]

१. लक्षण या व्यंजना द्वारा सिद्ध वाक्य या प्रयोग जो किसी एक ही बोली या लिखी जानेवाली भाषा में प्रचलित हो और जिसका अर्थ प्रत्यक्ष (अभिधेय) अर्थ से विलक्षण हो । रूढ़ लाक्षणिक प्रयोग । किसी एक भाषा में दिखाई पड़नेवाली असाधारण शब्दयोजना अथवा प्रयोग । जैसे,—'लाठी खाना' मुहावरा है; क्योंकि इसमें 'खाना' शब्द अपने साधारण अर्थ में नहीं आया है, लाक्षणिक अर्थ में आया है । लाठी खाने को चीज नहीं है, पर बोलचाल में 'लाठी खाना' का अर्थ 'लाठी का प्रहार सहना' लिया जाता है । इसी प्रकार 'गुल खिलाना' 'घर करना', 'चमड़ा खींचना', 'चिकनी चुपड़ी बातें' आदि मुहावरे के अंतर्गत हैं । कुछ लोग इसे 'रोजमर्रा' या 'बोलचाल' भी कहते हैं ।

२. अभ्यास । आदत । जैसे,—आजकल मेरा लिखने का मुहावरा छूट गया है । क्रि॰ प्र॰—छूटना ।—डालना ।—पड़ना ।