रटना
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क्रिया
[सम्पादित करें]रटना
- किसी बात को बार-बार दोहराकर याद करना, चाहे उसका अर्थ समझ में आए या नहीं।
- बिना समझे किसी विषय को कंठस्थ कर लेना।
उच्चारण
[सम्पादित करें](दिल्ली हिंदी) अ॰ध॰व॰/आई॰पी॰ए॰(कुंजी): /ɾəʈ.nɑː/, [ɾəʈ.n̪äː]
उदाहरण वाक्य
[सम्पादित करें]- परीक्षा के लिए उसने सारे उत्तर रट लिए।
- सिर्फ रटना नहीं, समझना भी ज़रूरी है।
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]रटना क्रि॰ स॰ [अनु॰]
१. किसी शब्द को बार बार कहना । उ॰— (क) जानि यह केशोदास अनुदिन राम राम रटत न डरत पुनरुक्ति को ।—केशव (शब्द॰) । (ख) असगुन होहिं नगर पैसारा । रटहिं कुभाँति कुखेत करारा ।—तुलसी (शब्द॰) ।
२. जवानी याद करने के लिये बार बार उच्चारण करना । जैसे,—इन शब्दों का अर्थ रट डालो । संयो॰ क्रि॰—डालना ।—लेना । ३, बार वार शब्द करना । बजना । उ॰—कटि तट रटति चारु किंकिनि रव अनुपम वरनि न जाई ।—तुलसी (शब्द॰) ।