रास्ते

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

रास्ते पर होना । (२) चाल ग्रहण करना । किसी के पँथ लगाना = (१) किसी के पीछे होना । अनुसरण करना । अनुयायी होना । (२) किसी के पीछे पड़ना । बराबर तंग करना । लगातार कष्ट देना । उ॰—किन्नर, सिद्ध, मनुज, सुर नागा । हठि सबही के पंथहि लागा ।—तुलसी (शब्द॰) । पंथ पर लाना या लगाना = (१) ठीक रास्ते पर करना । (२) अच्छी चाल पर ले चलना । उत्तम आचरण सिखाना । धर्मोपदेश करना । उ॰—अगुआ भयउ सेख बुरहानू । पंथ लाय मोहिं दीन्ह गियानू ।—जायसी (शब्द॰) । पंथ सेना या सेवना = राह देखना । बाट जोहना । आसरा देखना । उ॰— हारिल भई पंथ मै सेवा । अब तोहि पठवों कोन परेवा ।—जायसी (शब्द॰) ।

३. धर्मर्माग । संप्रदाय । मत । जैसे, कबीरपंथ, नानकपंथ, दाथूपंथ । उ॰—सैयद अशरफ पीर पियारा । जिन मोंहिं पंथ दीन उजियारा ।—जायसी (शब्द॰) ।