रोक

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हिन्दी[सम्पादन]

क्रिया[सम्पादन]

रोकने हेतु कहना, किसी को स्थिर करने हेतु आदेश देना।

उदाहरण[सम्पादन]

  1. उसे बाहर जाने से रोक
  2. यहाँ गाड़ी चलाने पर रोक है।

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

रोक ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ रोधक]

१. ऐसी स्थिति जिससे चल या बढ़ न सके । गति में बाधा । अटकाव । छेक । अवरोध । जैसे,— इसी बगीचे से होकर गाएँ जाती है, उनको रोक उनको रोक के लिये दीवार उठानी चाहिए ।

२. मनाही । निषेध । मुमानियत । यौ॰—रोक टोक ।

३. किसी कार्य में प्रतिबंध । काम में बाधा ।

४. वह वस्तु जिससे आगे बढ़ना या चलना रुक जाय । रोकनेवाली कोई वस्तु । जैसे,—ऐसी कोई रोक खड़ी करो जिससे वे इधर न आने पावें ।

५. दहेज । तिलक । उ॰—एक ठौर ब्याह ठीक भी हुआ हे, त ो वह पाँच भी रोक माँगते हैं । इसी से कुछ अटक है ।— ठेठ॰, पृ॰ ८ ।

रोक ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ रोक ( =नकद)]

१. नकद रुपया । रोकड़ । उ॰—धावन तहाँ पठावहु देहिं लाख दस रोक ।—जायसी (शब्द॰) ।

२. नगद व्यवहार या सौदा ।

३. दीप्ति ।

४. छिद्र ।

५. नौका ।

६. कंप । कँपकँपी (को॰) ।