लगमात

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

लगमात संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ लगना + सं॰ मात्रा] स्वरों के वे चिह्न जो उच्चारण के लिये व्यंजनों में जोड़े जाते हैं । स्वरों के चिह्न । जैसे,—एका ओ का । उ॰— ना लगमात न न माथे बिंदी अरुण पीत नहिं काला । ऐंडा़ बेंडा टेढा़ नाहीं ना वह आत जंजाला ।—चरण॰ बानी, पृ॰ ३८४ ।