लम्बा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

लंबा ^१ वि॰ [सं॰ लम्ब] [वि॰ लंबी]

१. जिसके दोनों छोर एक दूसरे से बहुत अधिक दूरी पर हों । जिसका विस्तार, आयतन की अपेक्षा, बहुत अधिक हो । जो किसी एक ही दिशा में बहुत दूर तक चला गया हो । 'चौड़ा' का उलटा । जैसे,—लंबा बाल, लंबा, बाँस, लंबा सफर । मुहा॰—लंबा करना = (१) (आदमी को) रवाना करना । चलता करना । (२) जमीन पर पटक या लेटा देना । चित करना । उ॰—खर नास्यो इन समर अनल खर नासै जैसे । कियो भूमि पर लंब नासि परलंबहि तैसे ।—गि॰ दास (शब्द॰) । लंबा बनना या होना = चल देना । रवाना होना । प्रस्यान करना । धता होना । (व्यंग्य और परिहास में) । उ॰—थानेदार साहब तहकीकत करके लंबे हुए ।—फिसाना॰, भा॰ ३, पृ॰ ३७२ । यौ॰—लबा चौड़ा = जिसका आयतन और विस्तार दोनों बहुत अधिक हों । जैसे,—लंबा चौड़ा मैदान ।

२. जिसकी ऊँचाई अधिक हो । ऊपर की ओर दूर तक उठा हुआ ।

लंबा ^२ संज्ञा स्त्री॰ [पुं॰ लम्बा]

१. दुर्गा ।

२. लक्ष्मी ।

३. उपहार । घुस । रिश्वत ।

४. रिक्त तुली । कटु तुंबी । तितलौकी [को॰] ।