वरतमान

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

वरतमान पु वि॰ [सं॰ वर्तमान] दृश्य जगत् जो वर्तमान है । उ॰—वरतमान मँह सतगुरु सारा । सतगुरु भव तारन कडिहारा ।—कबीर सा॰, पृ॰ ४३० ।