विक्षनरी:अंग्रेजी-हिन्दी अनुवाद स्मृति-०१

विक्षनरी से
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Students of the Dattatreya city Municipal corporation secondary school demonstrated their imagination power by creating the fictitious fort "Duttgarh".

महानगर पालिका अंतर्गत दत्तात्रय नगर माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थियों ने काल्पनिक किला 'दत्तगढ़' बनाकर अपनी कल्पनाशक्ति का परिचय दिया।

With encouragement from Principal Sandhya Medpallivaar the teachers and students built the fort out of clay.

प्रधानाध्यापक संध्या मेडपल्लीवार के प्रोत्साहित करने पर शिक्षकों व विद्यार्थियों ने मिट्टïी से किले का निर्माण किया।

Rajesh Gavre, the President of the MNPA teachers association, honoured the school by presenting the award.

मनपा शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश गवरे ने स्कूल को भेंट देकर सराहना की।

Ramesh Saatpute examined the fort.

किले का परीक्षण रमेश सातपुते ने किया।

Students like Nikhil Kavle, Darshan Gedekar, Sahil Meshram participated in building the fort.

किला निर्माण में निखिल कावले, दर्शन गेड़ेकर, साहिल मेश्राम इन विद्यार्थियों ने सहभाग लिया।

Narender Barai, the President of the District Art Teachers' association, Shekhar Vanskar, a cashier, Ajay Gundamwar, a member of Gajanan Mehar provided guidance to the students.

जिला कलाध्यापक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र बारई, कोषाध्यक्ष शेखर वानस्कर, सदस्य अजय गुंडमवार, गजानन मेहर ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

Nagarsevak, Reeta Mule presented messages from well-wishers.

नगरसेवक रीता मुले ने सदिच्छा भेंट दी।

Rohtak. Akhil Bhartiya Janwadi Mahila Samiti and DYFI jointly launched a state-wide campaign against corruption in jobs, fraud and hold-ups.

रोहतक. नौकरियों में भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े व लूट- खसोट के खिलाफ अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और डीवाईएफआई ने संयुक्त रूप से प्रदेशव्यापी अभियान शुरू किया है।

Through this state-wide signature campaign, 10 Lakh (1 million)signatures across the state will be collected and handed over to the Governor.

इस राज्यव्यापी हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से प्रदेश भर में 10 लाख हस्ताक्षर करवाकर राज्यपाल को सौंपे जाएंगे।

The signature campaign started on Friday at the new bus stand.

शुक्रवार को नए बस स्टैंड पर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई।

On this occasion, the SFI state secretary Manoj Kumar, Anju, District Secretary of the Committee, State joint-secretary of the Youth council Vinod Deshwal, Sumit, Anju, Rakesh Kumari, Geeta, Sonu, Rajesh Kumar, Sangeeta, Meena, Veena Malik, Sangeeta, Hawa Singh and Ajit were present.

इस मौके पर एसएफआई के राज्य सचिव मनोज कुमार, समिति की जिला सचिव अंजू, नौजवान सभा के प्रदेश सहसचिव विनोद देशवाल, सुमित, अंजू, राकेश कुमारी, गीता, सोनू, राजेश कुमार, संगीता, मीना, वीना मलिक, संगीता, हवा सिंह और अजीत मौजूद रहे।

A very sad incident occurred in Maloya village, which is located on the outskirts of the city, where a newly married woman committed suicide by hanging herself from the fan.

शहरी के छोर पर बसे मलोया गांव में शुक्रवार को हुई दुखद घटना में नवविवाहिता कोमल ने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी।

Komal had married only two months ago.

कोमल की शादी को अभी दो महीने ही हुए थे।

A police investigation found that Komal was worried about her financial situation and so she took this step.

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कोमल आर्थिक तंगी से परेशान थी व इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।

According to the description, the details of the death of Komal only came to light when one of Komal's cousin went to the third floor of their house to do some cleaning.

विवरण के अनुसार कोमल द्वारा मौत को गले लगाने के घटनाक्रम का पता शुक्रवार देर दोपहर को उस समय लगा जब उसकी चचेरी बहन तीसरी मंजिल की छत पर बने कमरे में सफाई करने गई।

Seeing the body hanging from the fan the girl screamed and immediately informed the in-laws about it.

शव को पंखे से लटकते देख वह चीख उठी और उसके सुसर को इस वाकये की सूचना दी।

Komal was immediately taken to the Multi-speciality Government Hospital, Sector-16, where she was declared dead on arrival.

कोमल को तत्काल गवर्नमेंट मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल, सेक्टर-16 में ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत लाई गई घोषित कर दिया।

Komal's husband Kulvinder is unemployed.

कोमल का पति कुलविंदर कुछ कामकाज नहीं करता।

Before committing suicide, Komal wrote with henna on her left hand that she was committing suicide of her own free will as the difficulties in her life were too much for her.

कोमल ने यह कदम उठाने से पहले अपने बाएं हाथ पर मेंहदी से लिखा कि वह अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रही है, मेरे जीवन की मुश्किलें ही मेरी मौत की वजह हैं।

According to the details received, Komal's father had passed away a few years ago, her mother is mentally ill and her brother is studying in a government school.

विवरण के अनुसार कोमल के पिता की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है उसकी मां, मानसिक रोगी है और एक भाई सरकारी स्कूल में पढ़ता है।

In the meantime, the police has kept the body in the mortuary of the hospital in Sector-16.

बहरहाल, पुलिस ने शव को सेक्टर-16 के अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।

Only after a post-mortem will the police be able to find out the actual cause of death.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

Sri Lankan selectors have selected 16 members of the team for the up coming limited-over match series, which is going to take place from the 10th of November, against New Zealand.

श्रीलंकाई चयनकर्ताओं ने आगामी 10 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले सीमित ओवर के द्विपक्षीय सीरीज के लिए 16 सदस्यीय श्रीलंकाई टीम का चयन किया है।

The selectors have included only one new face, the 24 year old Ashan Priyanjana, while they also called Dimuth Karunarathne back to the team after two years.

चयनकर्ताओं ने टीम में एक मात्र नया चेहरा 24 वर्षीय हरफनमौला खिलाड़ी एशान प्रियंजना को शामिल किया है जबकि दिमुथ करुणारत्ने को दो वर्ष बाद फिर से टीम में जगह दी गई है।

The Sri Lankan team will play three ODI (One Day International) matches and two T-20 matches against the Kiwis from 10th to 21st November.

श्रीलंकाई टीम कीवियों के खिलाफ 10-21 नवंबर तक तीन एक दिवसीय जबकि दो टी-20 मैच खेलेगी।

The first and second one day matches will be played in Hambantota, while the third one day match will be played in Dambulla.

पहला और दूसरा एक दिवसीय मुकाबला हंबनटोटा में जबकि तीसरा वनडे मुकाबला दांबुला में खेला जाएगा।

Both T-20 matches will be played in Pallekele.

वहीं दोनों टी-20 मुकाबले पाल्लेकेल में खेले जाएंगे।

It is a known fact that theft is on the rise in the city these days.

ज्ञात हो कि इन दिनों नगर में चोरी की घटनाएं काफी बढ़ गई।

This is the seventh incident in the past few days.

हाल के दिनों में हुई यह सातवीं घटना है।

All those renewal renewed and valid driving licenses (DL) are ready where photos are donewere submitted by till up to the 30th of September, The rest will be provided by next week.

रिन्युअल व पक्के ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) जिनकी फोटो ३० सितंबर तक हो चुकी है वह तैयार हो चुके हैं, बाकी लाइसेंस अगले सप्ताह मिलेंगे।

This notice has been placed on the DTO office delivery counter.

यह नोटिस लगा है डीटीओ ऑफिस के डिलीवरी काउंटर पर।

It is clear that the DTO office itself accepts that DLs are being delivered after one month, while the service act specifies that the deadline is seven days.

साफ है कि डीटीओ ऑफिस खुद मान रहा है कि डीएल एक महीने के बाद डिलीवर हो रहे हैं, जबकि राइट टू सर्विस एक्ट में इसकी डेडलाइन सात दिन तय की गई है।

This means that within seven days of application the DTO office has to give the finished DL to the applicant.

यानि कि आवेदन के सात दिन के भीतर डीटीओ ऑफिस को डीएल तैयार करके आवेदक को देना होगा।

If we talk about the reality on the ground then the situation is even worse.

अगर जमीनी हकीकत की बात करें तो स्थिति इससे कहीं बदतर है।

There are very many applicants to whom the DL has not been delivered even after 1 month.

कई आवेदक ऐसे भी हैं जिन्हें ९ महीने के बाद भी डीएल डिलीवर नहीं हो पाया।

The number of applicants who are being moved around the office for two to three months are countless.

दो तीन महीने से चक्कर लगा रहे आवेदकों की संख्या तो अनगिनत है।

You can get an idea of how bad the situation is in the office from the fact that DTO Anil Garg does not have any information regarding the notice on the delivery counter.

ऑफिस की बदतर हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डीटीओ अनिल गर्ग को डिलीवरी काउंटर पर लगे इस नोटिस की जानकारी तक नहीं है।

He claims that DLs are being delivered within the given deadline.

उनका दावा है कि डीएल तय समय सीमा के भीतर ही डिलीवर हो रहे हैं।

When asked why the notice has been displayed he replied that he did not have any information regarding this.

फिर नोटिस क्यों लगाया तो जवाब मिला कि इस बाबत उन्हें कोई जानकारी ही नहीं है।

The decision made by the Federal Reserve to continue supporting the American Economy with its relief package has created enthusiasm among foreign investors, which in turn has helped the domestic share market to make history on Thursday.

अमेरिकी अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए राहत पैकेज जारी रखने के फेड रिजर्व के फैसले से उत्साहित विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी लिवाली के बीच घरेलू शेयर बाजार ने गुरुवार को ऊंचाई का नया इतिहास बनाया।

The Bombay Stock Exchange, Sensex, jumped 130.50 points to reach 21,164.52 points and the National Stock Exchange was up 47.45 points to 6299.15 points.

बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 130.50 अंक उछलकर 21,164.52 अंक के स्तर पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 47.45 अंक ऊपर 6299.15 अंक के स्तर पर जा चढ़ा।

The shares of consumer goods, banking, metal, oil, natural gas and power has helped the market to pick up.

बाजार में इस तेजी की अगुवाई कंज्यूमर गुड्स,बैकिंग,धातु, तेल एंव गैस तथा पावर वर्ग के शेयरों ने की ।

Out of the thirty companies involved in Sensex only nine recorded a loss while the rest of them enjoyed gains.

सेंसेक्स में शामिल तीस कंपनियों में से महज नौ ने नुकसान उठाया जबकि बाकी सभी मुनाफे में रहीं।

This fact was revealed after the investigation by the Environment Protection Board.

यह तथ्य पर्यावरण संरक्षण मंडल की जांच से सामने आया है।

The investigation that was conducted last year at different places, during Diwali, showed that the noise pollution reached a level of 100 decibels.

पिछले साल दिवाली पर कुछ जगहों पर की गई जांच में १०० डेसीबल तक ध्वनि प्रदूषण था।

On an ordinary day it is usually 55 decibels.

सामान्य दिनों में यह आंकड़ा ५५ डेसीबल होता है।

Every year the noise pollution level increases due to the noise of the firecrackers or loud DJ music.

हर साल पटाखों की आवाज या डीजे के शोर से ध्वनि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।

Even after the restrictions imposed by the government people are continuing to sell and buy high decibel crackers openly.

शासन के प्रतिबंध के बाद भी मानक से अधिक डेसीबल के पटाखे खुलेआम बिकते हैं और फोड़े भी जाते हैं।

The management and prevention of the above activities is the responsibility of the local S.D.M, but they avoid this responsibility even when needed.

इनकी रोकथाम के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को अधिकार रहता है, लेकिन वे भी समय पर अपनी जिम्मेदारी से बचते हैं।

The Environment Protection Board had measured the noise pollution near the traffic police station last year during Diwali.

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने पिछले साल दिवाली के दौरान ट्रैफिक थाने के पास ध्वनि प्रदूषण मापा था।

The investigation was done before Diwali on the 10th of November at different times.

दिवाली के पहले 10 नवंबर को दो अलग-अलग समय पर की गई

The minimum noise level was found to be 72.5 decibels and the maximum 83.6 decibels.

जांच न्यूनतम ध्वनि प्रदूषण 72.5 और अधिकतम 83.6 पाया गया।

Similarly, during Diwali, on the 13th of November 2013, the maximum sound level was 87.7 decibels and the minimum was 80 decibels.

इसी तरह दिवाली के दिन 13 नवंबर 2012 को अधिकतम 87.7 डेसीबल और न्यूनतम 80 डेसीबल ध्वनि प्रदूषण पाया गया।

During Diwali a maximum of 100.3 decibels of noise pollution was recorded and the minimum was 72.1 decibels.

दिवाली के दौरान अधिकतम 100.3 डेसीबल ध्वनि प्रदूषण पाया गया, जबकि न्यूनतम ध्वनि प्रदूषण 72.1 डेसीबल था।

On an ordinary day the maximum level of noise pollution recorded was 65 decibels, while the minimum was found to be 55 decibels.

सामान्य दिनों में अधिकतम ध्वनि प्रदूषण 65 डेसीबल और न्यूनतम 55 डेसीबल पाया गया।

Unfortunately, people don't care about the level of increased noise pollution and continue to buy high decibel firecrackers.

दिवाली पर 'यादातर लोग इस पर ध्यान नहीं देते और अधिक आवाज वाले पटाखों का इस्तेमाल करते हैं।

Jagran correspondent, Agra: The Fatehabad road had a deadly day on Thursday when there were several fatal accidents.

जागरण संवाददाता, आगराः फतेहाबाद रोड पर गुरुवार रात हादसों की शक्ल में मौत मंडराती रही।

Near Kalal Khedia, Tajganj a police jeep collided with a truck. Inspector RP Singh Yadav was killed.

ताजगंज के कलाल खेड़िया के पास पुलिस जीप ट्रक में घुसी और दरोगा आरपी सिंह यादव की मौत हो गई।

On Thursday night, in the village of Nagla Devhans Dauki, a truck hit the villager Hariom while he was crossing the road.

डौकी के गांव नगला देवहंस में गुरुवार रात ट्रक ने सड़क पार करते ग्रामीण हरीओम को टक्कर मार दी।

Due to his death angry villagers blocked the Fatehabad road.

उनकी मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने फतेहाबाद रोड पर जाम लगा दिया।

The police arrived on the scene and cleared the two hour-long traffic jam.

फोर्स ने मौके पर पहुंचकर दो घंटे से लगे जाम को खुलवाया।

After keeping the dead body in the mortuary, constable Ravindra and Ram Naresh of Bamrauli Katara police station were returning on a bike.

शव को मोरचरी में रखवाने के बाद बमरौली कटारा चौकी के सिपाही रविंद्र और रामनरेश बाइक से लौट रहे थे।

Near Tora police station, the bike hit the central reservation and both of them were injured.

तोरा चौकी के पास बाइक डिवाइडर से टकराने पर दोनों घायल हो गए।

At around two o'clock at night, Bamrauli Katara Chauki in-charge and Register Pal Singh Yadav were taking the wounded constables by jeep to Dauki.

रात लगभग दो बजे बमरौली कटारा चौकी प्रभारी रजिस्टर पाल सिंह यादव घायल सिपाहियों को जीप से डौकी लेकर आ रहे थे।

While going to Kalal Khedia a truck driver, who was ahead of them, suddenly applied the brakes.

इसी दौरान कलाल खेड़िया पर आगे जाते ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक मार दिए।

The speeding jeep collided with the back of truck.

तेज रफ्तार जीप ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी।

The front part of the jeep was badly damaged.

उसका अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

Chauki in-charge Rejister Pal Singh, who was sitting on the front, was killed immediately.

आगे बैठे चौकी प्रभारी रजिस्टर पाल सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

The driver Yakub and constable Arvind, Ravindra and Ram Naresh were injured.

चालक याकूब और सिपाही अरविंद, रविंद्र व रामनरेश घायल हो गए।

Officials arrived at the spot and admitted the injured people to the SN Emergency Unit.

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घायलों को एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया।

Inspector Tajganj Hari Mohan reported that a case has been filed against the truck driver.

इंस्पेक्टर ताजगंज हरी मोहन ने बताया ट्रक चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

Full honour was given to the body of the inspector on the police lines on Friday

शुक्रवार को दरोगा के शव को पुलिस लाइन में सलामी दी गई।

The family took the body to Mainpuri for the funeral.

परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को मैनपुरी ले गए।

The inspector killed in the accident, Register Pal Singh's family, lives in the main police station in the Katara district, Mainpuri.

हादसे में मृत दरोगा रजिस्टर पाल सिंह का परिवार मैनपुरी, कोतवाली के कटरा मुहल्ला में रहता है।

Basically, he came from Malawan in Etah.

वह मूलरूप से एटा के मलावन के रहने वाले थे।

There are two sons and three daughters in his family.

परिवार में दो बेटे और तीन बेटियां हैं।

He was transferred from Nehru Nagar Hariparvat to Bamrauli Katara just 3 days ago.

तीन दिन पहले ही हरीपर्वत की नेहरू नगर चौकी से बमरौली कटारा स्थानांतरण हुआ था।

However, on Thursday power-dependent business were completely stopped.

वहीं, वीरवार दिनभर भी बिजली पर निर्भर होने वाला कारोबार पूरी तरह से ठप रहा।

Even the work of banks and offices were affected.

यहां तक की बैंकों तथा दफ्तरों के कामकाज प्रभावित रहे।

There was shortage of water in the whole city due to the power cut.

बिजली न होने की वजह से पूरे शहर में पानी की भारी किल्लत बनी रही।

Mobile services and other work was also affected.

मोबाइल सेवा तथा बाकी काम भी प्रभावित रहे।

Also, on Tuesday morning a tower was damaged when a tree in the forest near Suigawadi of Dodha fell on it.

गौरतलब है कि मंगलवार सुबह डोडा के सुईगवाड़ी के पास जंगल में पेड़ गिरने से टावर क्षतिग्रस्त हुआ था।

The 132 KV line from Udhampur broke down completely.

ऊधमपुर से आने वाली 132 केवी लाइन पूरी तरह से ठप होकर रह गई थी।

NHPS officials and staff were working hard to reinstate the power supply.

एनएचपीसी के अधिकारी व कर्मचारी तीन दिन से लगातार बिजली सेवा बहाल करने में लगे हुए थे।

The General Manager of NHPC, Arvind Batt, reported that staff kept on repairing the power line in spite of rain.

एनएचपीसी के महाप्रबंधक अरविंद बट ने बताया कि बारिश के बावजूद कर्मचारी बिजली की मरम्मत में जुटे रहे।

The power supply was reinstated by 7.30 pm.

शाम साढ़े सात बजे बिजली बहाल कर दी गई।

Demand for gold bars and coins went down due to inflation and the weak economic situation and this has reduced its attraction.

महंगाई की मार और कमजोर इकनॉमिक सिनारियो के चलते गोल्ड बार्स और कॉइन की मांग सुस्त रहने से इसकी चमक घटी।

In Delhi, gold was priced at 31,400 Rs. per 10 grams. It was 32,485 Rs. per 10 grams last year during Dhanteras.

दिल्ली में गोल्ड की कीमत 31,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हैं जो पिछले साल धनतेरस पर 32,485 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।

Haresh Soni, the Chairman of All India Gems and the Jewellery Federation said,"Due to the weak economic situation and inflation the demand for gold has gone down drastically".

ऑल इडिया जेम्स ऐंड जूलरी फेडरेशन के चेयरमैन हरेश सोनी ने बताया, 'कमजोर इकनॉमिक सिनारियो और महंगाई के चलते गोल्ड की मांग में जबर्दस्त गिरावट आई है।'

Mehul Chowksi, Chairman and MD of the Gitanjali Group, said that the sale of gold had gone down by 25 percent.

गीतांजलि ग्रुप के चेयरमैन और एमडी मेहुल चोकसी ने कहा कि कुल गोल्ड की बिक्री 25 फीसदी कम है।

The attitude of buyers has changed.

खरीदारों के रुख में बदलाव आया है।

We are expecting the sales of diamonds to go up by 25 percent this year.

हमें हीरे की बिक्री पिछले साल की तुलना में इस साल 25 फीसदी अधिक रहने की उम्मीद है।

Compared to last year gold prices have gone down this year, but the customers still preferred to buy silver this Dhanteras.

पिछले साल के मुकाबले इस साल गोल्ड की कीमतें कम रहने के बावजूद लोग इस धनतेरस पर चांदी की खरीदारी कर रहे हैं।

The chief of the PSS organises meetings arbitrarily.

प्रमुख पंसस की बैठक मनमाने ढंग से करते हैं।

Ramprasad Yadav, the PSS from Bengabad, has made the allegation and demanded Panchayat Raj officers relieve the Chief of his duties and that action is taken against the Secretary.

इसी तरह के कई आरोप लगाते हुए बेंगाबाद के पंसस रामप्रसाद यादव ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को आवेदन देकर प्रमुख को पदमुक्त और सचिव पर कारवाई करने की मांग की है।

He said that on the 4th of July he had complained about the Secretary and the Chief and as a result the Chief suspended him.

उन्होंने कहा कि बीते चार जुलाई को ही प्रमुख और सचिव की शिकायत पंचायती राज पदाधिकारी से की गयी थी, जिस कारण प्रमुख ने उन्हे निलंबित किया।

He has provided proof of irregularities committed by the Chief to the Panchayat Raj officers.

उन्होंने पंचायती राज पदाधिकारी को प्रमुख द्वारा कार्यो में बरती जा रही अनियमितता का सबूत भी दिया है।

He said that the general meeting of the PSS was called with 7 day notice, but information of the meeting held on May 12th was sent on May 8th, which reached the PSS a day before the meeting.

कहा कि पंसस की साधारण बैठक की सात दिन पूर्व नोटिस भेजकर सभी पंसस को सूचना देनी है, लेकिन 12 मई को हुई बैठक की सूचना प्रमुख ने आठ मई को निकाली, जो पंसस को एक दिन पूर्व मिली।

Information about the PSS meeting, which was held on July 3rd, was not given to the Panchayat level committee officer, so they could not attend the meeting.

बीते 3 जुलाई को पंसस की बैठक की सूचना पंचायत समिति स्तरीय पदाधिकारी को पंसस के सचिव ने नहीं दी, जिससे पदाधिकारी बैठक में भाग नहीं ले सके।

He alleged that it was a requirement of the Act to send a summary of meeting minutes to each member but this is not done.

कहा कि सचिव की ओर से बैठक के कामकाज की संक्षिप्त जानकारी भी सूचना पत्र के जरिए सदस्यों को कभी नहीं दी जाती है, जबकि अधिनियम के अनुसार दस दिन के अंदर ऐसा करना है।

At the July 3rd meeting, the Chief made the decision, in their own private office, to spend the 13th finance commission fund.

प्रमुख ने बीते 3 जुलाई की बैठक मे तेरहवें वित आयोग की राशि को खर्च करने का प्रस्ताव अपने निजी कार्यालय में लिया।

While demanding an investigation into this matter, he has requested that the expenditure of 13th finance commission fund is halted.

उन्होंने इस मामले की जाच करते हुए 13वें वित आयोग की राशि पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

Our Jagran correspondent, Jammu: When evil arises on earth and evil people torture innocent people then God has to incarnate to exterminate the evil ones.

जागरण संवाददाता, जम्मूः धरती पर जब पाप बढ़ता है और राक्षस प्रवृत्ति के लोग जनता पर अत्याचार करते हैं तब दुष्टों का संहार करने के लिए भगवान को अवतरित होना पड़ता है।

To free the people of Mathura from the atrocities of Kansa, Lord Krishna was born.

मथुरा वासियों को कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान कृष्ण ने जन्म लिया था।

Mahanta Nand Kishore (from Gau Manasa) narrated the story of the incarnation of Lord Krishna to people on the Indo-Pakistani border in Laleyal Satwari on Thursday during Shrimad Bhagwat week, with the desire for peace.

ललेयाल सतवारी में भारत-पाक सीमा पर शांति की कामना के साथ शुरू किए गए श्रीमद्भागवत सप्ताह में महंत नंद किशोर (गौ मनासा वाले) ने वीरवार को संगत को भगवान कृष्ण के अवतरण की कथा सुनाई।

He said that Lord Krishna redressed the grievances of the people by killing the horrible monsters in his childhood.

उन्होंने बताया कि बाल्यकाल में ही भगवान कृष्ण ने बड़े-बड़े राक्षसों का संहार कर लोगों के कष्टों का निवारण किया।

Mahanta said that you should not allow inferiority to enter your mind and devote your mind to God.

महंत ने कहा कि मन में हीन भावना को न आने दें और प्रभु भक्ति में मन लगाएं।

The mere remembrance of God keeps the sufferings of human beings at bay.

भगवान का स्मरण करने मात्र से ही मनुष्य कष्टों से मुक्त हो जाता है।

He said that it is the feelings of inferiority Pakistan has, when compared to India, that forces them to move down the wrong path again and again.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की भारत के प्रति हीन भावना ही है, जो बार-बार उसे गलत मार्ग पर चलने को मजबूर कर रही है।

They must understand that with every such act they are hurting innocent people living on both sides of the border.

उसे यह बात समझनी होगी कि उसके इस कृत्य से सीमा के दोनों ओर रहने वाले आम लोगों को ही नुकसान पहुंच रहा है।

Before this Katha hundreds of pilgrims offered oblations to the Havan that is being organised for the desire for peace on the border.

कथा से पूर्व सीमांत पर शांति की कामना के लिए करवाए जा रहे हवन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित की।

Hundreds of pilgrims are visiting to take the Raspan of Havan and Shrimadkatha.

हवन व श्रीमद्कथा का रसपान करने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

Nayab Sarpanch of Laleyal Satwari, Chain Singh said that a Langar has also been organised for the pilgrims visiting this place.

ललेयाल सतवारी के नायब सरपंच चैन सिंह ने बताया कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लंगर की भी व्यवस्था है।

The Katha will be completed and the final oblation to the Havan will be made on Saturday.

शनिवार को कथा संपन्न होगी और हवन में पूर्णाहुति डाली जाएगी।

Office correspondent, Rupnagar: With the aim of spreading awareness among the public against corruption the Roop-nagar vigilance unit held a seminar at a local Khalsa school.

कार्यालय संवाददाता, रूपनगरः भ्रष्टाचार के खिलाफ आम लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के मकसद से रूपनगर विजिलेंस इकाई की ओर से स्थानीय खालसा स्कूल में सेमिनार करवाया गया।

The general public also participated in it along with students and teachers.

इसमें स्कूली बच्चों के साथ अध्यापक व आम लोगों ने भी हिस्सा लिया।

The DSP of the Roop-nagar vigilance bureau, Balveer Singh said, if the general public were vigilant against corruption then a corruption free society could be built.

रूपनगर विजिलेंस ब्यूरो के डीएसपी बलवीर सिंह ने यदि आमलोग भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस का साथ दे तो भ्रष्टाचारमुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।

While motivating people Balveer Singh said that if any official or member of staff asked for a bribe for any work, a complaint could be sent to the vigilance department.

लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी भी काम के लिए रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से की जा सकती है।

The department would give punishment that officials or staff members fearlessly and to the full extent of the law.

विभाग पूरी गंभीरता व निडरता के साथ उक्त अधिकारी व कर्मचारी को सजा दिलवाएगा।

Succha Singh, Sarsa Nangal, Amarjeet Singh Bhullar and Vigilance inspector Pal Singh addressed the seminar.

सेमिनार को सुच्चा सिंह सरसा नंगल, अमरजीत सिंह भूल्लर व विजिलेंस के इंस्पेक्टर पाल सिंह ने भी संबोधित किया।

They said that at the present time corruption had emerged as a major problem.

इन लोगों का कहना था कि भ्रष्टाचार मौजूदा दौर की बड़ी समस्या बनकर उभरी है।

Every member of society had to come forward to have complete control over it, because corruption now has roots that are so deep that it is no longer possible for the government acting alone to uncover it and stop it.

इस पर नकेल कसने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा, क्योंकि भ्रष्टाचार की जड़ इतनी गहरी हो चुकी है कि इसे उखाड़कर फेंकना सिर्फ सरकार के लिए संभव नहीं रह गया है।

For this reason the general public has to come forward.

इसके लिए आम आदमी को आगे आना ही होगा।

Gifts and sweets were distributed among the students and teachers by the organisers of this program.

कार्यक्रम में प्रबंधक समिति की ओर से शिक्षकों व विद्यार्थियों को उपहार व मिठाई वितरित की गई।

The Organizing Committee President, Baba Ranjit Singh Thakur, said that Diwali is a Festival of Joy and Happiness.

प्रबंधक समिति के अध्यक्ष बाबा रणजीत सिंह ठाकुर ने कहा कि दीवाली खुशियों का त्यौहार है।

The people of Ayodhya had lit strings of lamps to welcome Lord Rama on his return from exile.

प्रभु श्रीराम के वनवास से लौटने की खुशी में अयोध्या वासियों ने दीप मालाएं जलाकर उनका स्वागत किया था।

The tradition of celebrating this festival started at that time.

उसी समय से इस त्योहार को मनाने की परंपरा शुरू हुई।

He appealed to the students to take inspiration from the life of Lord Sri Rama.

उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लें।

Bal Krushna Thakur, Rameshchandra Thakur, Umadutta Gautam and Ramesh Thakur were also present at this event.

इस अवसर पर बाल कृष्ण ठाकुर, रमेशचंद ठाकुर, उमादत्त गौतम व रमेश ठाकुर आदि मौजूद रहे।

Halloween was celebrated all over the world, on October 31st.

31 अक्टूबर को दुनियाभर में हैलोवीन डे मनाया गया।

Many western countries believe that it is very important to keep their ancestors' souls happy because, if these souls get upset, they might cause harm.

कई पश्चिमी देशों का मानना है कि पूर्वजों की आत्माओं को खुश रखना ज़रूरी है, क्योंकि अगर आत्माएं नाराज़ हो जाएं तो वो उन्हें नुक्सान पहुंचा सकती हैं।

So, they celebrate this day.

इसीलिए वो इस दिन को मनाते हैं।

At Halloween parties they can be seen wearing very unusual costumes.

हैलोवीन पार्टियों में उन्हें अजीबोगरीब हैलोवीन ड्रेसेस में देखा जाता है।

Not only this, but in many places people organize Halloween parties, where people arrive in many scary and weird costumes.

यही नहीं, कई जगहों पर हैलोवीन पार्टी भी आयोजित की जाती है जिसमें लोग डरावनी और अजीब सी वेशभूषा में पार्टी में जाते हैं।

At a single Halloween party one can see many weird faces.

इस तरह एक ही हैलोवीन पार्टी में आपको ढेरों अजीबोगरीब चेहरे दिख जाएंगे।

Some of these are really scary, while others are very funny.

इनमें से कुछ तो बेहद डरावने होते हैं, जबकि कुछ को देखकर आप हंसे बिना नहीं रह सकते।

A fire at a fireworks shop in Dehradun road has caused quite a stir.

देहरादून मार्ग स्थित एक पटाखे की दुकान में आग लगने से हड़कंप मच गया।

Thankfully, the fire was brought under control on time.

गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।

On the Dehradun road, near the Durga Temple, Umesh Singh had set up a fireworks shop outside his hotel.

देहरादून मार्ग पर दुर्गा मंदिर के समीप उमेश सिंह ने अपने होटल के बाहर आतिशबाजी की दुकान लगाई थी।

At about 8:30 PM a rocket suddenly landed on the fireworks counter.

सायं करीब साढ़े आठ बजे अचानक एक राकेट पटाखों के काउंटर पर आ गिरा।

Within no time the fireworks counter was engulfed in flames and the entire shop was burnt down amidst the explosions of fireworks.

देखते ही देखते पटाखों का काउंटर आग पकड़ गया और धमाकों के साथ पूरी दुकान जल उठी।

Customers were in the shop at the time.

इस वक्त दुकान पर ग्राहक भी मौजूद थे।

The owner of the shop tried to extinguish the fire using fire extinguishers and sand.

दुकान स्वामी ने फायर सिलेंडर व रेत से आग को बुझाने की कोशिश की।

Meanwhile, the fire brigade also arrived.

इस बीच दमकल दस्ता भी मौके पर पहुंच गया था।

No one was injured in the accident.

हादसे में किसी को भी चोट नहीं आई।

The fire in the fireworks shop caused quite a stir among the locals.

पटाखे की दुकान में आग से लोगों में हड़कंप मच गया।

The fire brigade officer, Dani Ram, said the fire was brought under control in time.

दमकल अधिकारी दानी राम ने बताया कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था।

Following the incident the shopkeepers in the market have been sternly requested to take all necessary safety precautions.

घटना को देखते हुए बाजार में भी दुकानदारों से सुरक्षा बरतने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।

Apart from the cinemas of South India, her films also make a big impact in the cinemas halls in Singapore and Malaysia.

दक्षिण भारत के अलावा सिंगापुर और मलेशिया के सिनेमाघरों में जिसकी फिल्म अक्सर धूम मचाती रहती है।

The name of the actress is "Avni Modi".

इस एक्ट्रेस का नाम है "अवनि मोदी"।

Avni is from the Gandhinagar district of Gujrat.

अवनि गुजरात के जिले गांधीनगर की रहने वाली हैं।

Avni was interested in acting from childhood, but until college she wasn't able to brush up her acting skills.

अवनि को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था, लेकिन कॉलेज तक वे एक्टिंग में अपने पैर नहीं जमा सकी थीं।

Because of this, her college script writer even once told her to,"forget about acting, as you don't even understand the A in Acting".

इसके चलते एक बार तो कॉलेज के स्क्रिप्ट राइटर ने अवनि से यहां तक कह दिया था कि एक्टिंग की बात तो दूर, तुम्हें तो एक्टिंग का ए भी नहीं आता।

She was lost in the crowd of her school and college, but now she is making Gujarat very famous in the Tamil Film Industry.

स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों की भीड़ में गुम अवनि आज तमिल फिल्म इंडस्ट्रीज में गुजरात का डंका बजा रही हैं।

However, on the arrival of the landlord, it was revealed that the girl is his relative.

हालांकि बाद में मकान मालिक के आने के बाद खुलासा हुआ कि किशोरी उसकी रिश्तेदार है।

The family members went to the market so they left the girl at home and locked the door.

घर वाले बाजार गये थे इसलिये किशोरी को घर में ही छोड़कर दरवाजा बंद करके चले गये।

The girl has been handed over to the family in the presence of a councillor and the police.

किशोरी के घरवालों को बुलाकर पार्षद व पुलिस की मौजूदगी में उनके हवाले कर दिया गया।

The relative of Sushil Vishwakarma, Soni Devi's 14 years old daughter, came from Giridiha to his home.

सुशील विश्वकर्मा के घर गिरिडीह से उनके रिश्तेदार सोनी देवी की चौदह वर्षीय बेटी आई थी।

Soni's husband is deceased.

सोनी के पति का निधन हो गया है।

Sushil's wife Anjali went to the market on Friday, keeping the girl locked up at home.

इधर बच्ची को सुशील की पत्नी अंजली शुक्रवार को घर में बंद कर बाजार चली गई।

Here, the girl started crying.

इधर बिटिया घर में ही रोने लगी।

The people of the community rushed to the spot.

मुहल्ले वाले भी भागे।

People around the house immediately reported the matter to the police.

तत्काल आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

Councillor Anup Sav arrived.

पार्षद अनूप साव पहुंचे।

Anjali had also arrived by that time.

तब तक अंजली भी आ गई।

She said that this girl was her relative.

उसने कहा कि बच्ची उसकी रिश्तेदार है।

As her family's situation is not so good, we are taking care of her.

उसके परिवार की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण इसे हम रख रहे हैं।

Her mother, Sunita Devi a.k.a. Soni, and her family live in Belatandh village in Giridih.

गिरीडीह के बेलाटांड़ गांव में मां सुनीता देवी उर्फ सोनी व परिवार रहता है।

Her father Mantu Vishwakarma is deceased.

पिता मंटू विश्वकर्मा का निधन हो गया है।

Soni, the girl's mother and her uncle Praveen Lal Sharma were asked by phone to come to Jharia.

बच्ची की मां सोनी व मामा प्रवीण लाल शर्मा से मोबाइल पर बात कर उन्हें झरिया बुलाया।

Her mother and uncle arrived in the evening.

शाम को मां व मामा पहुंचे।

Her mother said that they sent their daughter to her relative, Sushil Vishwakarma and his wife Anjali.

मां का कहना है कि पुत्री को रिश्तेदार सुशील विश्वकर्मा व उनकी पत्नी अंजली विश्वकर्मा के यहां भेजा था।

In the presence of the councillor and the police, Soni Devi took her daughter from her relative's place.

पार्षद व पुलिस के सामने सोनी देवी अपने रिश्तेदार के यहां से बच्ची को अपने साथ ले गए।

Anjali said, "We cannot keep the girl with us".

अंजली का कहना था कि हम बच्ची को नहीं रख सकते।

If anything had gone wrong we would have been helpless.

यदि बच्ची कुछ कर लेती तो क्या होता।

The taxi driver was injured in the incidence.

हादसे में टैक्सी चालक घायल हो गया।

He has been admitted to Sundernagar civil hospital.

चालक को नागरिक अस्पताल सुंदरनगर में भर्ती करवाया गया है।

Both his legs are fractured.

उसकी दोनों टांगों में फ्रैक्चर बताया जा रहा है।

Police have charged the taxi driver with careless driving and have started an investigation.

पुलिस ने टैक्सी चालक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

After a post-mortem at the Sundernagar civil hospital, the body was handed over to the relatives.

नागरिक अस्पताल सुंदरनगर में पोस्टमार्टम करवाने के बाद दोपहर बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

In the early morning at about quarter to three, when the taxi reached Chatrokhadi in Sundernagar, the driver suddenly dozed off.

पवीरवार तड़के करीब पौने तीन बजे टैक्सी जब सुंदरनगर के चतरोखड़ी पहुंची तो चालक को अचानक झपकी आ गई।

Because of this the speeding taxi collided with a eucalyptus tree which was on the edge of the highway.

इससे तेज रफ्तार टैक्सी राजमार्ग के किनारे सफेदे के पेड़ से टकरा कर क्षतिग्रस्त हो गई।

The passenger Ganga Devi and the driver, Chandra Kiran the son of Subhash Chand a resident of Syal (Manali), were badly injured.

टैक्सी में बैठी गंगा देवी व चालक चंद्र किरण पुत्र सुभाष चंद निवासी स्याल (मनाली) को गंभीर चोटें आई।

On hearing the sound of a car colliding with a tree, the near-by residents came to the scene and immediately informed the police.

गाड़ी के पेड़ से टकराने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए तथा उन्होंने पुलिस को सूचित किया।

The police were able to remove Ganga and Chandra Kiran from the damaged car with some difficulty and took them to the Sundernagar civil hospital.

पुलिस ने गंगा व चंद्र किरण को कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त टैक्सी से बाहर निकाला और नागरिक अस्पताल सुंदरनगर ले गए।

Ganga Devi was declared dead by doctors.

वहां चिकित्सकों ने गंगा देवी को मृत घोषित कर दिया।

Ganga was going to meet her sister in Mumbai, and so she was heading to Chandigarh to catch a flight later that afternoon.

गंगा अपनी बहन से मिलने मुंबई जा रही थी तथा मुंबई के लिए चंडीगढ़ से दोपहर बाद उसकी फ्लाइट थी।

This case is being handled by Sub-Inspector Surendra Kumar.

मामले की जांच सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार को सौंपी गई है।

D.S.P. Kulbhushan Varma confirmed this tragedy.

डीएसपी कुलभूषण वर्मा ने हादसे की पुष्टि की है।

In the raiding team, ADCP City II Amreek Singh Pawar, ACP west Dilbagh Singh, M.H.O Cant Iqbal Singh and more than one hundred other police officers were present.

छापामारी टीम में एडीसीपी सिटी टू अमरीक सिंह पंवार, एसीपी वेस्ट दिलबाग सिंह, एसएचओ कैंट इकबाल सिंह व सौ से भी अधिक पुलिस कर्मी शामिल थे।

The search lasted up to three hours in the jail, but the police did not find any narcotics or mobile phones.

तीन घंटे तक जेल में सर्च अभियान चला, मगर पुलिस को न तो मादक पदार्थ बरामद हुए, न ही कोई मोबाइल फोन मिला।

After three hours the police returned empty-handed.

तीन घटे बाद पुलिस खाली हाथ वापस लौट आई।

Announcement of the candidates for the three seats has been posted.

तीन सीटों के प्रत्याशियों की घोषणा अटक गई है।

Candidates from Cant, North-Central, East, Paatan-Majhauli and Bargi Assembly seats have been declared in the list issued by the party.

पार्टी की जारी सूची में केन्ट, उत्तर-मध्य, पूर्व, पाटन-मझौली और बरगी विधानसभा सीटों से प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी गई है।

The Bhartiya Janata Party has announced their candidates for the 147 Assembly seats on Thursday.

भारतीय जनता पार्टी द्वारा गुरुवार को 147 विधानसभा सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है।

The list has only those names which were speculated about earlier.

सूची में वे ही नाम शामिल हैं, जिनकी पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं।

As per the list issued by the BJP, Ishwardas Rohani from Cant, Sharad Jain from the North-Centre, Aanchal Sonkar from the East, Ajay Vishnoi from Paatan- Majhauli and Pratibha Singh from Bargi have been included.

भाजपा की जारी सूची के अनुसार केन्ट से ईश्वरदास रोहाणी, उत्तर-मध्य से शरद जैन, पूर्व से अंचल सोनकर, पाटन-मझौली से अजय विश्नोई और बरगी से प्रतिभा सिंह के नाम शामिल हैं।

The list prepared by the BJP included the candidates who were already chosen except for the North-Centre and Bargi assembly, where the talks to change the candidates went on for a long time.

भाजपा द्वारा जिन नामों की सूची जारी की गई है, उनमें अधिकांश के पहले से ही नाम तय माने जा रहे थे, केवल उत्तर-मध्य और बरगी विधानसभा में प्रत्याशियों को बदले की चर्चाएं लंबे समय से चल रही थीं।

Except for the East Assembly seat, candidates from the other seats are sitting MLAs of their respective seats.

ज्ञात हो कि पूर्व विधानसभा को छोड़कर सभी सीटों के प्रत्याशी वर्तमान में संबंधित क्षेत्रों से वर्तमान में विधायक हैं।

Only Anchal Sonkar was already a former member of the Eastern Assembly for the east constituency.

केवल अंचल सोनकर पूर्व क्षेत्र से पूर्व विधायक रह चुके हैं।

After this declaration of candidates, workers celebrated in their areas.

पार्टियों के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होने के बाद क्षेत्र के कार्यकर्ताओं द्वारा खुशियां मनाई गईं।

The decision regarding the rest of the candidates for the Assembly would only be made after Diwali.

बाकी सीटों पर फैसला दीपावली बाद जिले की बाकी विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा दीपावली के बाद होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

According to the sources, Assembly seats where there is some opposition or problems due to caste, new candidates can be finalised.

सूत्रों के अनुसार जिन विधानसभा सीटों पर ज्यादा विरोध किया जा रहा है या फिर जातिगत समीकरणों को देखते हुए वर्तमान विधायकों की जगह नए प्रत्याशी मैदान में उतारे जा सकते हैं।

Around 276 party workers will go to Delhi on Friday with a demand to give a ticket to a local candidate for the Assembly.

विधानसभा में स्थानीय व्यक्ति को पार्टी टिकट दिए जाने की मांग को लेकर प्रत्येक बूथ से लगभग 276 कार्यकर्ता शुक्रवार को दिल्ली जाएंगे।

All these party workers will meet the national president Rajnath Singh, the organization secretary Ramlal, former president Nitin Gadkari, Ananth Kumar, incharge of M.P and the president of the national youth wing, Anurag Thakur.

सभी कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल, पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी, मप्र के प्रभारी अनंत कुमार एवं युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर से मुलाकात करेंगे।

However, officers have not said anything about finding any rock in the excavation.

हालांकि, अधिकारियों ने फिलहाल खुदाई में कोई चट्टान मिलने की बात नहीं कही है।

Shobhan Sarkar has said that the rock has been found and as soon as it is broken up the SSI officers will find out the truth about the treasure.

शोभन सरकार ने कहा कि चट्टान मिली है और उसे तोड़ते ही एएसआई के अधिकारियों को खजाने का सच पता चल जाएगा।

Shobhan Sarkar lost his temper many times while talking to the media and also altered his statements.

शोभन सरकार ने मीडिया से बात करते हुए कई बार नाराज भी हुए और अपने कहे बयान से पलटे भी।

Once he said that if this operation was being undertaken by the army, the truth would have been known already.

उन्होंने जहां एक बार यह कहा कि यदि यह ऑपरेशन सेना करती तो सच अब तक सामने आ चुका होता।

At the same time he said, and shocked everyone by saying, that until he is called to the excavation site the gold will not be found.

वहीं पर कभी यह कहकर सबको चौंका दिया कि जब तक उन्हें खुदाई स्थल पर नहीं बुलाया जाता तब तक सोना नहीं निकलने वाला है।

When asked about the differences in his comments he became annoyed and started accusing the Government and the SSI, talking about what exactly is being done at the excavation site and that the media is being banned from entry there.

बातों में लगातार आ रही भिन्नता पर सवाल होने पर सरकार ने बौखलाते हुए एएसआई और प्रशासन पर आरोप लगाने शुरू कर दिए और कहा कि ऐसा कौन सा काम खुदाई स्थल पर हो रहा है जो मीडिया को प्रतिबंधित किया जा रहा है।

We had demanded a live telecast of the excavation.

हमने तो खुदाई के सीधे प्रसारण की मांग की थी।

However, he did agree that the SSI excavation team is digging on the right spot, as he had indicated.

उन्होंने यह जरूर माना कि उन्होंने जिस स्थान पर बताया गया था एएसआई की टीम वहीं पर खुदाई कर रही है।

Meanwhile, after a day's rest the SSI team has started digging again today but could not make even a centimetre of progress.

बहरहाल, एक दिवसीय विश्राम के बाद एएसआई की टीम ने आज खुदाई का काम पुनः शुरू कर दिया पर एक सेंटीमीटर भी आगे नहीं बढ़ सकी।

The Assistant District Collector, Vijay Shankar Dubey, said that today the SSI team kept cleaning the area excavated so far, 4.80 m., the whole day.

उपजिलाधिकारी विजय शंकर दुबे ने बताया कि आज दिनभर एएसआई की टीम अभी तक हुई पूरी खुदाई 4 मीटर 80 सेमी की सफाई करती रही है।

If the Tata Workers Union is not able to provide any permanent solution to the Tata Steel Employees quarter extension issue, then the secretary-general would have to fix a date for a quick requisition meeting.

टाटा स्टील कर्मचारियों के क्वार्टर एक्सटेंशन के मुद्दे पर अगर टाटा वर्कर्स यूनियन कोई स्थाई समाधान नहीं दिला पा रही है तो महासचिव को जल्द से जल्द रिक्वीजिशन मीटिंग बुलाने की तिथि घोषित करनी चाहिए।

If the decision on a grade revision is taking time, then efforts shall be made to provide these employees with some interim amount.

अगर ग्रेड रिवीजन समझौते में देरी हो रही है तो कर्मचारियों को अंतरिम राशि दिलाने की कोशिश की जानी चाहिए।

With these two demands, around ten union members met the General Secretary B.K Dinda on Friday evening and put forward a proposal.

इन्हीं दो मांगों को लेकर शुक्रवार की शाम रिक्वीजिशन के लिए आवेदन देने वाले यूनियन के करीब दस कमेटी मेंबर महासचिव बीके डिंडा से मिले।

While speaking, Dinda mentioned that on Friday the issue of the extension could not be discussed between the Management and the Union.

बातचीत के दौरान डिंडा ने बताया कि एक्सटेंशन के मुद्दे पर शुक्रवार को प्रबंधन व यूनियन के बीच कोई वार्ता नहीं हो सकी है।

An Office Bearer meeting would be held on Saturday, at which this issue would be discussed.

शनिवार को इस मुद्दे पर ऑफिस बियरर मीटिंग बुलाकर विचार-विमर्श किया जाएगा।

Among the people who went to meet the General Secretary were Ghulam Moinuddin, Manjit Singh, Saroj Pandey, Mahendra Singh, Dharmendra Upadhyay, Lal Bahadur Upadhyay, Ravi Shankar Pandey, Munneshwar Pandey and Girish.

महासचिव से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में गुलाम मोइनुद्दीन, मंजीत सिंह, सरोज पांडे, महेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र उपाध्याय, लाल बहादुर उपाध्याय, रवि शंकर पांडेय, मुनेश्वर पांडेय व गिरीश शामिल रहे।

The Corporate Services Deputy V.P. was in the city but could not meet the Union officers.

डिप्टी वीपी कॉरपोरेट सर्विसेज शहर में मौजूद रहे लेकिन यूनियन पदाधिकारियों से बातचीत नहीं हो सकी।

This issue would probably now be discussed on Monday.

अब इस मुद्दे संभवतः सोमवार को बातचीत हो सकेगी।

All the committee members, as well as the employees, met the office holders and informed them of their problems.

तमाम कमेटी मेंबर व कर्मचारियों ने ऑफिस बियरर से मुलाकात कर अपनी समस्याओं के बारे में जानकारी दी।

No circular was published with information on the date of application for the submission map, which in turn created some confusion among the workers.

नक्शा जमा करने के आवेदन की तिथि में बढ़ोत्तरी से संबंधित सर्कुलर जारी नहीं होने को लेकर भी असमंजस की स्थिति कायम है।

The festival of lights, Diwali began today.

प्रकाश पर्व दिवाली आज से शुरू हो गई है।

Dhanteras or Small Diwali is on Friday.

शुक्रवार को छोटी दिवाली यानी की धनतेरस है।

As well as Diwali house decorations, beautiful rangolis are also an attraction.

दिवाली में घरों की साज-सज्जा के साथ एक आकर्षण खूबसूरत रंगोलियां भी हैं।

Beautiful rangolis in the front yards or courtyards of houses are making the houses more beautiful.

घर के बाहर या आंगन में बनी खूबसूरत रंगोली घर की खूबसूरती में चार-चांद लगा देती है।

We have chosen some pictures from Gujarat on this occasion.

इसी मौके पर हम ये कुछ तस्वीरें गुजरात से चुनकर लाए हैं।

By making these beautiful rangolis you can also make your house beautiful.

ये खूबसूरत रंगोलियां बनाकर आप भी अपने घर की खूबसूरती बढ़ा सकते हैं।

These officers had already been promoted to the grade of Joint Secretary and their current designations were upgraded to Joint Secretary levels.

इन अधिकारियों को संयुक्त सचिव में प्रोन्नति पहले ही देकर मौजूदा पद को संयुक्त सचिव स्तर में अपग्रेड कर दिया गया था।

Deepak Varma and others from the Nangal district had filed a petition in the High Court against the increase in fees. Advocate Dhiraj Chawla stated that the notice from the High Court had been received from the B.B.M.B advocate Kuldeep Tiwari.

नंगल के दीपक वर्मा व अन्यों की ओर से फीसों में अधिक वृद्धि को लेकर हाईकोर्ट में दायर पटीशन पर हुई कार्रवाई की जानकारी देते हुए एडवोकेट धीरज चावला ने बताया कि माननीय हाईकोर्ट का नोटिस बीबीएमबी के एडवोकेट कुलदीप तिवारी की ओर से प्राप्त किया जा चुका है।

The reply date for the notice is fixed for the 12th of November.

नोटिस के जबाव के लिए 12 नवंबर की तिथि तय की गई है।

It should be noted that it was only last month that B.B.M.B had increased the fees after two years, for non B.B.M.B students.

उल्लेखनीय है कि दो वर्ष बाद बीबीएमबी के स्कूल ने पिछले माह ही नॉन बीबीएमबी छात्रों की फीसों में इजाफा किया था।

Because of this, the parents approached the High Court.

इसके बाद अभिभावकों ने माननीय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

Two years ago, when the fees were increased, the parents protested on the streets against this and only after that were the fees reduced a bit.

दो वर्ष पहले भी फीस बढ़ाने के विरोध में अभिभावकों ने सड़कों पर उतर कर रोष प्रदर्शन किया था जिसके बाद फीसों को थोड़ा कम कर दिया गया था।

Parents were angry when the fees were increased once again.

इस बार भी फिर फीस बढ़ाने से अभिभावकों में रोष पाया गया।

Parents are shocked by the sudden revision of fees, after just 5 months of the new term.

नया सत्र शुरू होने के पांच माह बाद एकाएक फीस बढ़ाने से अभिभावक सकते में आ गए है।

After the meetings, parents demonstrated against the steps taken by the school.

स्कूल प्रबंधक के इस कदम के विरोध में अभिभावकों ने बैठकें करने के बाद लगातार कई दिन तक प्रदर्शन किया।

Despite this, the school did not respond and finally the parents had to go to the High Court.

इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन कान पर जूं न रेंगने के चलते अभिभावकों ने आखिरकार हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

The parents said that the frequent revision of fees is not fair.

अभिभावकों का कहना है कि बार-बार फीस बढ़ाना उचित नहीं है।

This not only affects the children's education but also affects the parents' businesses.

इससे बच्चों की पढ़ाई खराब होने के साथ-साथ उनके कारोबार पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।

The chief said that developmental work should be carried in keeping with transparency in the government work.

प्रमुख ने कहा कि सरकारी कार्य में पारदर्शिता रखकर विकास कार्य को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

He said no irregularities will be tolerated in the implementation of schemes.

कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Earlier the Block Co-operative Officer was instructed to provide a list of bills provided to all panchayats, a list of the Srividhi farmers under the Green Revolution Scheme, as well as a detailed pack of information of the amount received under this scheme.

इससे पहले प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को सभी पंचायतों में उपलब्ध कराए गए बिल की सूची, हरित क्रांति योजना के तहत श्रीविधि से खेती करने वालों की सूची, साथ ही योजना मद मिलने वाली राशि की पैक्सवार जानकारी देने का निर्देश दिया गया।

In the meeting the order was given that the para teachers would not be engaged in the work of building construction.

बैठक में पारा शिक्षकों को भवन निर्माण कार्य में नहीं लगाने का निर्देश दिया गया।

The BEEO was asked to provide a list of the schools under construction in the block.

बीईईओ से प्रखंड में निर्माणाधीन स्कूल भवनों की सूची मांगी गयी।

Representatives who had come to attend the meeting in the absence of the Health department and the CDPO were not allowed to sit in the meeting hall.

स्वास्थ्य विभाग एवं सीडीपीओ की अनुपस्थिति में बैठक में शामिल होने आए प्रतिनिधियों को सभागार में बैठने नहीं दिया गया।

It was the decision of the house that departmental representatives were attending the meeting just to complete the quorum and were not equipped with complete information.

सदन का फैसला था कि विभागीय प्रतिनिधि सिर्फ कोरम पूरा करने के लिए बैठक में आते हैं उन्हें पूरी जानकारी नहीं रहती है।

Many departments including those for supply, drinking water, cleaning and health were reviewed in this meeting.

इस दौरान आपूर्ति, पेयजल स्वच्छता विभाग, स्वास्थ्य समेत कई विभागों की समीक्षा की गयी।

In this meeting the parliamentary representative, Prof. Pravin Chaudhari, said that the Cooperative Department should provide the funds for the Green Revolution beneficiaries so that the farmers can move ahead.

बैठक में सांसद प्रतिनिधि प्रो. प्रवीण चौधरी ने कहा कि सहकारिता विभाग हरित क्रांति के लाभुकों को राशि दे ताकि किसान आगे बढ़ें।

He gave emphasis to the high level investigation of the activities of the Co-operative department.

उन्होंने सहकारिता विभाग के कार्यो की उच्च स्तरीय जांच पर बल दिया।

It is written in Hitler's Autobiography "Mein Kampf" that the size of the lie is the main reason for trust.

हिटलर ने आत्मकथा 'मीन कॉफ' में लिखा है कि झूठ का आकार भरोसे का मुख्य कारण होता है।

People accept the bigger lie more easily than the smaller lie due to the primitive simplicity of their brains.

लोग अपने दिमाग की आदिम सरलता में छोटे झूठ की तुलना में बड़े झूठ सरलता से ग्रहण करते हैं।

During the emergency Congress leader Devant Baruah used the slogan "Indira is India".

आपातकाल में कांग्रेसी नेता देवकांत बरुआ ने 'इंदिरा इज इंडिया' का सिद्धांत रखा था।

But the historical facts are different.

लेकिन इतिहास के तथ्य भिन्न हैं।

There is a glorious history of nation building.

राष्ट्रनिर्माण का गौरवशाली इतिहास है।

The people of India have made the country world renowned with their active efforts.

भारत के लोगों ने ही अपने सचेत श्रम से राष्ट्र को विश्वप्रतिष्ठ किया है।

Philosophy and culture, the Vedic sages Kapil, Buddha, Mahavira and Shankara are such notable ancestors.

दर्शन और संस्कृति के लिए वैदिक ऋषि, कपिल, बुद्ध, महावीर और शंकराचार्य जैसे पूर्वज उल्लेखनीय हैं।

Dynasties such as Chandragupta Mauraya, Ashoka etc.,are examples of ancient national unity.

प्राचीन राष्ट्रीय एकता के लिए चंद्रगुप्त मौर्य, अशोक आदि की राजव्यवस्थाएं हैं।

There is a long list of iconic men who fought against foreign armed attacks and rulers.

विदेशी हमलों और सत्ताधीशों से टकराने वाले महापुरुषों की बड़ी श्रृंखला है।

Vivekananda, Dayanand, Tilak, Gandhi, Subhash, Patel, Lohia, Bipin Chandra, Ambedkar etc., and Bhagat Singh, Chandra Shekhar Azad make a long list of immortal martyrs, but Congress has only been giving credit for nation building to the Nehru - Gandhi family.

विवेकानंद, दयानंद, तिलक, गांधी, सुभाष, पटेल, लोहिया, विपिन चंद्र, अंबेडकर आदि के साथ भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे अमर शहीदों की लंबी सूची है, लेकिन कांग्रेस राष्ट्रनिर्माण का सारा श्रेय नेहरू-इंदिरा परिवार को ही दे रही है।

The bigger lie is the more effective.

बड़ा झूठ ज्यादा प्रभावकारी होता है।

Out of the 58 central schemes 16 have Rajiv Gandhi's name on them.

58 केंद्रीय योजनाओं में से 16 राजीव गांधी के नाम हैं।

The list of other schemes, awards, airports and institutions with the Nehru family name attached to them is long.

नेहरू परिवार वाली अन्य योजनाओं, पुरस्कारों, हवाई अड्डों और संस्थानों की सूची लंबी है।

Now preparations are being made to name even the Public Distribution System i.e., the PDS scheme, after Indira Gandhi.

अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस की योजना को भी इंदिरा गांधी के नाम से जोड़ने की तैयार की जा रही है।

The names of such iconic men have been inspiring.

महापुरुषों के नाम प्रेरित करते हैं।

Naming streets, universities or airports after them is welcome, but to name the rural housing scheme of the national capital's international airport is not acceptable under any circumstances.

उनके नाम पर सड़क, विश्वविद्यालय या हवाई अड्डों की पहचान बेशक स्वागत योग्य है, लेकिन एक ही राजनीतिक परिवार के नाम पर ग्रामीण आवास योजना से लेकर देश की राजधानी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नामकरण किसी भी सूरत में उचित नहीं कहा जा सकता।

The public distribution system has already been brought into disrepute.

सार्वजनिक वितरण प्रणाली पहले से ही बदनाम है।

Who is stopping the Congress from asking for votes in the name of this scheme?

कांग्रेस को इस योजना के नाम पर वोट मांगने से कौन रोकता है?

But what is the problem in looking beyond the Nehru family, when it comes to naming?

लेकिन नामकरण के समय नेहरू परिवार के बाहर भी एक नजर डालने में क्या कठिनाई है?

Many competing arguments were exchanged between Prime Minister Manmohan Singh and the main opposition party prime ministerial candidate, Narendra Modi, about the greatness of Sardar Patel.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मुख्य विपक्षी दल से प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के मध्य सरदार पटेल की महानता को लेकर प्रतिस्पर्धी तर्क हुए।

Patel is a great nation builder.

पटेल महान राष्ट्र निर्माता हैं।

He joined 562 states into one nation.

उन्होंने अपनी युक्ति से 562 राज्य इकाइयों को राष्ट्र से जोड़ा था।

Patel belongs to everyone, he is loved by the whole of India, but Congress has made him their own property.

पटेल सबके हैं, समूचे भारत के प्रिय हैं, लेकिन कांग्रेस उन्हें सिर्फ अपनी संपदा मानती है।

The public distribution system may be named after Patel too.

सार्वजनिक वितरण प्रणाली का नाम पटेल पर भी किया जा सकता है।

This will not affect the importance of Patel in any way.

इससे पटेल के महत्व पर कोई फर्क न पड़ेगा।

Congress has been in power for a long time.

कांग्रेस लंबे समय से सत्ता में है।

The politicisation of the schemes was done by Congress itself.

योजनाओं का राजनीतिकरण कांग्रेस ने ही किया।

Congress was once a democratic party, with democratic leaders like Tilak, Gokhale, Gandhi, Subhash, Rajendra Prasad, Nehru, Patel and Madan Mohan Malviya. Since 1950, it has come under a single family's control.

कांग्रेस कभी लोकतांत्रिक दल थी, तिलक, गोखले, गांधी, सुभाष, राजेंद्र प्रसाद, नेहरू, पटेल और मदन मोहन मालवीय जैसे लोकतंत्री नेता थे। 1950 के बाद वह एक परिवार के नियंत्रण में चली गई।

Party and Family have become synonymous.

पार्टी और परिवार पर्यायवाची हो गए।

To proclaim family and country synonymous the slogan 'Indira is India' was created.

परिवार और देश को पर्याय बताने के लिए ही 'इंदिरा इज इंडिया' की नारेबाजी हुई।

The naming of the schemes has also become a household matter.

योजनाओं का नामकरण भी घरेलू मसला हो गया।

Government schemes are run from the accumulated exchequer, from the country's taxpayers.

सरकारी योजनाएं देश के करदाताओं से संचित राजकोष से चलती हैं।

The nation's exchequer is not the property of any single family in Congress.

देश का राजकोष कांग्रेस के एक परिवार की संपदा नहीं है।

Following the example of Congress each party created their own icons.

कांग्रेस की देखा-देखी हरेक दल ने अपने महापुरुष गढ़े।

The regional parties ran schemes in the names of politicians as they wish.

क्षेत्रीय दलों ने मनमाफिक राजनेताओं के नाम से योजनाएं चलाईं।

Everyone has icons, but the list of party icons kept increasing.

महापुरुष सभी के होते हैं, लेकिन दलीय महापुरुषों की सूची बढ़ती गई।

Currently, every small or large party has its own icon.

संप्रति हरेक छोटे-बड़े दल के अपने महापुरुष हैं।

Government schemes are not run in the names of political leaders in America.

अमेरिका में राजनेताओं के नाम पर सरकारी योजनाएं नहीं चलाई जातीं।

Their justification in India is pathetic.

भारत में इनका औचित्य दयनीय है।

The centre plans to take the credit for all the schemes by running the schemes in the names of the Nehru family.

केंद्र नेहरू परिवार के नाम की योजनाएं चलाकर सीधे श्रेय लेने का दावा करता है।

Schemes in the names of Mahatma Gandhi, Patel, Subhash Chandra Bose or Bhagat Singh's cannot be identified with the identity of Congress.

महात्मा गांधी, पटेल, सुभाष चंद्र बोस या भगत सिंह के नाम वाली योजनाएं कांग्रेस की पहचान से नहीं जुड़तीं।

Congress has moved away from its heritage.

कांग्रेस अपनी विरासत से कट गई है।

Only preaching or messages from Rahul-Sonia seem to work for Congress.

राहुल-सोनिया के संदेश या उपदेश ही कांग्रेस के काम आते हैं।

Of course the other parties also name their schemes the same way, but they do not stick to one family's name for every scheme.

बेशक अन्य दल भी अपनी योजनाओं का वैसा ही नामकरण करते हैं तो भी वे कांग्रेस की तरह एक ही परिवार के नाम पर योजनाएं नहीं चलाते।

The politicization of social welfare schemes is condemnable.

समाज कल्याण से जुड़ी योजनाओं का राजनीतिकरण निंदनीय है।

The laptops distributed in Uttar Pradesh have the picture of the SP chief on them.

उत्तार प्रदेश में वितरित लैपटाप में सपा प्रमुख के चित्र हैं।

Of course, the voters give the majority winning party the right to make policies.

बेशक मतदाता बहुमत प्राप्त दल को नीति निर्माण का अधिकार देते हैं।

The government is bound to the planning and implementation of their duties, but the taxpayers and voters definitely do not give the government the right to name the schemes as they wish.

सरकार योजना निर्माण और क्त्रियान्वयन के कर्तव्यों से बंधी रहती है, लेकिन मतदाता और करदाता सरकार को योजनाओं के मनमाने नामकरण का अधिकार कतई नहीं देते।

Voters expect governance from the government not politics, and taxpayers expect the proper transparent use of the exchequer.

मतदाता सरकारों से राजनीति नहीं सुशासन की अपेक्षा करते हैं और करदाता राजकोष का पारदर्शी समुचित उपयोग।

The misuse of the exchequer is a constitutional offence.

राजकोष का राजनीतिक दुरुपयोग संवैधानिक अपराध है।

Some kind of naming protocol has to be developed.

नामकरण का कोई आचारशास्त्र तो विकसित करना ही होगा।

Political leaders are not the solution to everything.

राजनेता ही हर मर्ज की दवा नहीं हैं।

India is full of multi-talented geniuses.

भारत बहुआयामी प्रतिभाशाली मेधा से भरपूर है।

The names of the institutes of higher education / research institutions must named after talented Indian scientists.

उच्च शिक्षा संस्थान/शोध संस्थान का नाम किसी प्रतिभाशाली भारतीय वैज्ञानिक के नाम पर होना चाहिए।

A philosopher's name or a distinguished author's name will be appreciated for literature, philosophy or the art institutes.

साहित्य, दर्शन या कला से जुड़े संस्थान का नामकरण प्रतिष्ठित साहित्यकार या दर्शनविद के नाम पर अच्छा लगेगा।

There is a lack of a sense of history in politics.

राजनीति में इतिहास बोध का अभाव है।

There was also a long debate on naming the country in the constituent assembly.

संविधान सभा में देश के नामकरण पर भी लंबी बहस हुई थी।

Seth Govinddas, Kamalapati Tripathy put forward 'Bharat'.

सेठ गोविंददास, कमलापति त्रिपाठी आदि ने 'भारत' पर जोर दिया।

The name Bharat received 38 votes and India received 51.

भारत नाम को 38 और इंडिया को 51 वोट मिले।

The fundamental question is: why is no serious thought given to the naming of the schemes?

मूलभूत प्रश्न यह है कि योजनाओं के नामकरण पर गहन विचार क्यों नहीं होता?

Why is politics always involved in this?

इसमें राजनीति ही क्यों चलती है?

Why is such importance given to one single family?

एक ही परिवार को ऐसी प्रमुखता क्यों है?

Why not make a list of common public approved names?

सर्वमान्य लोकमान्य नामों की कोई सूची केंद्र क्यों नहीं बनाता?

Joint committees of Parliament and the legislature may also be used to create a list.

सूची बनाने के लिए संसद या विधानमंडल की संयुक्त समितियों का भी उपयोग किया जा सकता है।

Why is there gross negligence at both the national and state levels in naming the schemes?

योजनाओं के नामकरण में केंद्र व राज्य, दोनों ही स्तरों पर घोर अराजकता क्यों है?

Due to this negligence, the young generation is forgetting the names of our freedom fighters.

इसी अराजकता के चलते युवा पीढ़ी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम भी भूल रही है।

There are different types of heroes.

यहां तरह-तरह के महानायक हैं।

Some are created by TV and mostly are biased with political prejudice.

कुछ टीवी के गढ़े हुए और च्यादातर राजनीतिक पक्षपात से रंगे हुए।

Naming is a cognitive exercise.

नामकरण ज्ञानबोधक होता है।

In the "Jnyansukta " of the Rigveda, naming has been called the beginning of knowledge.

ऋग्वेद के 'ज्ञानसूक्त' में नाम रखने को ही ज्ञान का प्रारंभ बताया गया है।

Naming the schemes well can be inspirational.

योजनाओं का अच्छा नामकरण प्रेरक भी होता है।

Memorising names of great people from general knowledge books is an act of labour, but naming the government schemes, streets or important places after inspiring personalities is the easiest tool for reviving a the sense of history.

सामान्य ज्ञान की किताब से बड़े व्यक्तित्वों के नाम याद करना श्रम साधना है, लेकिन सरकारी योजना, सड़क या महत्वपूर्ण स्थल को प्रेरक व्यक्तित्व से जोड़ना इतिहास बोध जगाने का सरलतम उपकरण हो सकता है।

Names like Gandhi Nagar, Patel Airport, Ambedkarpuram or Vivekanandapuram add an historicalinspiration.

गांधी नगर, पटेल हवाई अड्डा, अंबेडकरपुरम या विवेकानंदपुरम जैसे अनेक नाम प्रेरक इतिहास से जोड़ते हैं।

In a recent survey conducted just two to three months ago, it was shown that half of the country's villages and cities are associated with the name of Rama.

अभी दो-तीन माह पूर्व हुए एक सर्वेक्षण में देश के आधे से च्यादा गांव-नगर राम नाम से जुड़े बताए गए थे।

Extra vigilance is required in naming the country, period, culture, civilisation and history.

नामकरण में देश, काल, संस्कृति, सभ्यता और इतिहास के प्रति अतिरिक्त सजगता की आवश्यकता होती है।

Their names become representative of specific expressions and approaches.

अनेक नाम भावविशेष और दृष्टिकोण विशेष के प्रतिनिधि हो जाते हैं।

Dayananda, Vivekananda and Gandhi's names are synonyms with social reform, Vedic philosophy truth and non-violence, respectively

दयानंद, विवेकानंद और गांधी के नाम क्रमशः सामाजिक परिवर्तन, वेदांत दर्शन और सत्य, अहिंसा के पर्याय हैं।

The Friends of Congress are requested to overcome their addiction of looking for names from the same family.

कांग्रेसी मित्रों से विनती है कि एक ही परिवार में नाम खोजने की लत से बाहर आएं।

There are many names in Indian history with a golden glow.

भारत के इतिहास में ही स्वर्णिम आभा वाले अनेक नाम हैं।

The Motor Vehicle Accident Claims Tribunal has ordered that Rs.50.67 lakhs compensation should be paid to the family of the former Minister of Maharashtra, Shrikant Jichkar, who was killed in a road accident in 2004.

मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने वर्ष 2004 में सड़क हादसे में मारे गए महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री श्रीकांत जिचकर के परिवार को 50.67 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

The family had demanded Rs. 25.82 crores.

परिवार ने मुआवजे के रूप में 25.82 करोड़ रुपये मांगे थे।

The family had said that the Maharashtra State Road Transport Corporation [MSRTC] bus driver's negligence caused the death of Jichkar on the 2nd of June 2004.

परिवार का कहना था कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम [एमएसआरटीसी] के बस चालक की लापरवाही ही दो जून 2004 को जिचकर की मौत का कारण बनी थी।

Along with ordering the MSRTC to pay the compensation the Tribunal said that the insurance company should not pay anything as the car belonged to Jichkar himself.

न्यायाधिकरण ने एमएसआरटीसी को मुआवजा देने का आदेश देने के साथ ही कहा, बीमा कंपनी को कोई भी राशि नहीं देनी होगी क्योंकि कार स्वयं जिचकर की थी।

The family of Shriram Dhavadh, Jichkar's lecturer friend's family, will also receive compensation of Rs 21.60 lakh.

जिचकर के लेक्चरर मित्र श्रीराम धवाड़ के परिवार को भी 21.60 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।

He also died in the same accident.

उनका निधन भी इसी हादसे में हुआ था।

Out of this, approximately 70 percent of the amount (Rs.15.12 lakhs) will be paid by the MSRTC.

इसमें करीब 70 फीसद राशि (15.12 लाख रुपये) एमएसआरटीसी देगा।

The driver of Jichkar's car was also found guilty of negligence and hence the remaining 30 percent (Rs. 6.48 lakhs) will be paid by the former minister's family.

जिचकर के कार चालक को भी लापरवाही का दोषी पाए जाने के कारण शेष 30 फीसद राशि (6.48 लाख रुपये) पूर्व मंत्री का परिवार देगा।

During this time they discussed the combined activities of the party supporters and the members.

उन्होंने इस दौरान पार्टी समर्थकों व सदस्यों से सांगठनिक गतिविधि पर चर्चा की।

The Gojmumo organizational Committee Chairman, Tilak Gurung, said that the Gojmumo Head met the temporary employee organization, the permanent employee organization and Bhutia and Tibetan members of the organization on Thursday to discuss various issues.

गोजमुमो महकमा कमेटी के अध्यक्ष तिलक गुरुंग ने बताया कि गोजमुमो प्रमुख ने गुरुवार अस्थायी कर्मचारी संगठन, स्थायी कर्मचारी संगठन, भूटिया व तिब्बती संगठन के सदस्यों से मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

The people of Twin City may celebrate Diwali in the dark in this season.

इस बार ट्विन सिटी के उन लोगों को दीपावली अंधेरे में मनानी पड़ सकती है।

Those who have not paid their electricity bill within the due date.

जिन्होंने बिजली का बिल तय तिथि में नहीं भरा है।

Disconnection is being done 15 days after the due date.

तय तिथि के 15 दिन के बाद कनेक्शन काटे जा रहे हैं।

Hundreds of connections from subdivisions number one and two from the Cant and Babyal substations have been disconnected.

छावनी के सब डिविजन नंबर एक, दो व बब्याल सब स्टेशन की ओर से सैंकड़ों की तादाद में कनेक्शन काटे जा चुके हैं।

Because of this, the crowd of disconnected consumers is increasing at electricity offices.

इसी वजह से बिजली के दफ्तरों कनेक्शन कटने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ रही है।

Consumers are disturbed.

उपभोक्ता परेशान हैं।

One of the problems is that the Power corporation is not accepting part-payments.

परेशानी का एक कारण यह है कि बिजली निगम ने पार्ट पेमेंट लेना भी बंद कर दिया है।

The Corporation is accepting 80 to 90% payment of the bill, as part-payment.

यदि निगम पार्ट पेमेंट ले रहा है तो उपभोक्ताओं को बिल का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा भरना पड़ रहा है।

At subdivision number one office the SDO has even put a notice stating "Do not embarrass us by asking to deposit a part-payment".

सब डिविजन नंबर एक में एसडीओ ने बकायदा अपने दफ्तर में 'पार्ट पेमेंट जमा कराने की बात कहकर शर्मिदा न करें' का नोटिस लगा दिया है।

According to the SE of the Ambala operation circle, the Power Corporation has stopped thinking compassionately about consumers.

ऑपरेशन सर्कल अंबाला के एसई की मानें तो बिजली निगम ने उपभोक्ताओं पर रहमो-करम की सोच छोड़ दी है।

Now they will need to pay their upcoming bills within the due date, otherwise the corporation will cut off their electricity 15 days after the bill due date.

अब उन्हें दो माह का आने वाला बिल तय तिथि के अंदर भरना होगा, नहीं तो बिजली का कनेक्शन निगम बिल भरने की अंतिम तारीख के 15 दिन के बाद काट दिया जाएगा।

The Ambala circle has received the target of Rs.102 crore from the North Haryana Power Distribution Corporation.

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से अंबाला सर्कल को करीब 102 करोड़ रुपये टारगेट मिला है।

Executive Engineer and the SDO of all sub-divisions have been ordered to meet the target.

इसीलिए सभी सब डिविजन के एक्सईएन व एसडीओ को यह टारगेट पूरे करने के आदेश दिए गए हैं।

October 31 was the deadline for this target and it could not be met.

31 अक्टूबर इस टारगेट की अंतिम तारीख थी जो पूरी नहीं हो सकी।

On Friday the government lowered the import duty on gold to $440 per 10 grams and has increased the import duty on silver to $738 per kilogram.

सरकार ने शुक्रवार को सोने का आयात शुल्क मूल्य घटाकर 440 डॉलर प्रति 10 ग्राम और चांदी का आयात शुल्क मूल्य बढ़ाकर 738 डॉलर प्रति किलो कर दिया है।

This change has been made after taking into consideration the international fluctuation of prices in both the precious metals.

दोनों कीमती धातुओं के वैश्रि्वक मूल्य में उतार-चढ़ाव के मद्देनजर इसमें बदलाव किया गया है।

Customs duty has been levied on the value of precious metals.

मूल्यवान धातुओं का आयात शुल्क मूल्य पर सीमा शुल्क लगाया जाता है।

Two days ago the import duty on gold was increased to $442 per 10 grams, while the cost price of silver was kept constant at $699 per kg.

सोने का आयात शुल्क मूल्य दो दिन पहले ही बढ़ाकर 442 डॉलर प्रति 10 ग्राम किया गया था, जबकि उस समय चांदी का शुल्क मूल्य 699 डॉलर प्रति किलो पर स्थिर रखा गया था।

Generally the prices of precious metals are reviewed every fortnight, but because of the volatility in the international commodity market these prices have been changed.

सामान्य तौर पर कीमती धातुओं के शुल्क मूल्य में प्रत्येक पखवाड़े समीक्षा की जाती है, लेकिन वैश्रि्वक बाजार में अस्थिरता की वजह से इनके शुल्क मूल्य में बदलाव किया गया।

According to the official statement in this regard, the Central Excise and Customs board has issued a notification.

एक अधिकारी बयान के अनुसार, इस संबंध में केंद्रीय उत्पाद एवं सीमाशुल्क बोर्ड ने अधिसूचना जारी कर दी है।

Other than the precious metals the price of brass scrap, which was until yesterday $3,933 per ton, has been reduced to $3,840 per ton.

कीमती धातुओं के अलावा पीतल स्क्रैप का शुल्क मूल्य घटाकर 3,840 डॉलर प्रति टन कर दिया गया जो कल तक 3,933 डॉलर प्रति टन था।

The price of imported crude vegetable oils, such as soy bean oil, RBD palm oil and others was also increased.

दूसरी तरफ आयातित वनस्पति तेलों जैसे कच्चे सोयाबीन तेल, आरबीडी पॉम तेल और अन्य पर शुल्क मूल्य में वृद्धि की गई है।

When the crackdown on passengers without tickets started, the passengers count increased to 39,000.

बिना टिकट सफर करने वालों की धरपकड़ शुरू हुई तो बढ़े 39 हजार यात्री

Jaipur. Due to a shortage of passengers, the Railways administration started intense checking in the trains and this has resulted in the increase of the passengers count up to 39,000 in a single month.

जयपुर. ट्रेनों में यात्रियों की कमी से जूझ रहे रेलवे प्रशासन ने जब ट्रेनों की जांच का सघन अभियान चलाया तो एक महीने में ही यात्री संख्या 39 हजार बढ़ गई।

The Railways administration believes that passengers without tickets are now worried about getting caught and now they are travelling with a ticket.

रेलवे प्रशासन का मानना है कि बिना टिकट सफर करने वालों को अब पकड़े जाने का डर सता रहा है और वे टिकट लेकर ट्रेनों में बैठ रहे हैं।

The CPRO of the Railways, Tarun Jain, says that 9 lakh 75 thousand passengers in the reserved category and 88 lakh 13 thousand passengers in the unreserved category travelled last year in the month of October.

रेलवे के सीपीआरओ तरुण जैन का कहना है कि अक्टूबर माह में पिछले साल आरक्षित श्रेणी के 9 लाख 75 हजार और अनारक्षित श्रेणी के 88 लाख 13 हजार यात्रियों ने सफर किया था।

The campaign against passengers without tickets, that was started this year in October, has resulted in an increase of 11,000 passengers in the reserved and 28,000 passengers in the unreserved category.

इस साल अक्टूबर में बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ चलाए गए अभियान से आरक्षित श्रेणी के 11 हजार और अनारक्षित श्रेणी के 28 हजार यात्री बढ़ गए।

9 lakh 86 thousand passengers in the reserve category and 88 lakh 41 thousand passengers in the unreserved category have travelled this year in the month of October.

इस साल अक्टूबर में अब तक आरक्षित श्रेणी में 9 लाख 86 हजार और अनारक्षित श्रेणी में 88 लाख 41 हजार यात्रियों ने सफर किया है।

He said that the Railway administration has started checking tickets at the entrance and exit of railway stations, inside trains and the staff from one division did the ticket checking for another division.

उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन ने रेलवे स्टेशनों के प्रवेश व निकास के द्वार पर टिकट चैकिंग, ट्रेनों के अंदर और एक मंडल के स्टाफ से दूसरे मंडल में टिकट चैकिंग कराई है।

This has reduced the number of unauthorized passengers.

इस कारण अवैध रूप से यात्रा करने वालों में कमी आई है।

Stung by the Supreme Court decision the Rural Development Minister, Jairam Ramesh, said that the practice of exceeding their powers by the court is dangerous.

सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से तिलमिलाए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने अदालतों के लक्ष्मण रेखा लांघने को खतरनाक चलन बताया है।

On Thursday, the court said in a ruling that civil servants should not act on verbal commands from their political masters.

गुरुवार को शीर्ष अदालत ने एक फैसले में कहा था कि नौकरशाहों को राजनीतिक आकाओं के मौखिक आदेशों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

On Friday Jairam said that it is not right for the Courts to exceed their powers and take the job of the officers and the Government into their own hands.

शुक्रवार को जयराम ने कहा कि अदालतों का अपनी सीमाएं पार करते हुए अफसरों और सरकार के काम को अपने हाथ में ले लेना ठीक नहीं है।

In a "Meet the Press" held at Kannur in Kerala, Jairam said that this is not a decision.

केरल के कन्नूर में आयोजित 'मीट द प्रेस' कार्यक्रम में जयराम ने कहा कि यह फैसला नहीं है।

This is a verbal order from the Supreme Court.

यह सुप्रीम कोर्ट का मौखिक आदेश है।

For this purpose the Central Government's Civil Service Establishment Board is already in place.

इस सब के लिए केंद्र सरकार का सिविल सेवा स्थापना बोर्ड पहले से ही मौजूद है।

The sudden revelation of a group of retired officers will result in many such decisions.

अफसरों के समूहों को सेवानिवृत्ति के बाद अचानक मिलने वाले ज्ञान के कारण देश को इस तरह के और भी फैसले सुनने को मिलेंगे।

He said, "This is a dangerous trend promoted by the retired officers and social workers".

उन्होंने कहा, 'यह देश में सेवानिवृत्त अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा प्रचारित किया जा रहा खतरनाक चलन है।'

Strongly attacking the Supreme Court he said, "The Supreme court wants democracy and an open environment in the country, but when it comes to appointing the judges everything is kept separate."

उन्होंने शीर्ष अदालत पर तीखा हमला करते हुए कहा, 'सुप्रीम कोर्ट देश में लोकतंत्र और खुला माहौल चाहता है, लेकिन जब जजों की नियुक्ति की बारी आती है, तो सब कुछ ताक पर रख दिया जाता है।'

Taking a strong stand against the officers who filed the petition for the interference of the Supreme court against the insult by the political lords of bureaucracy, he said that the retired officers are filing Public Interest Petitions in large numbers, even though they served the political lords very well when they were in office.

राजनीतिक आकाओं द्वारा नौकरशाही के अपमान पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग करने के लिए याचिका दायर करने वाले अफसरों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारियों द्वारा बड़ी संख्या में जनहित याचिकाएं दाखिल की जा रही हैं, जबकि इन्हीं अफसरों ने अपने कार्यकाल में अपने राजनीतिक आकाओं की बहुत अच्छे से सेवा की थी।

Now, after their retirement they have suddenly acquired decided that all politicians are crazy.

अब रिटायरमेंट के बाद अचानक उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ कि सभी नेता पागल हैं।

Konnur is the first district in the country, in which no family is now landless.

कन्नूर देश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जिसमें अब कोई परिवार भूमिहीन नहीं है।

The Central Rural development Minister Jairam Ramesh has declared that every poor family should have at least 3 cent. (approx. 120 square metres) of land to build a house.

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने दावा किया कि हर गरीब परिवार के पास घर बनाने के लिए कम से कम तीन सेंट (करीब 120 वर्गमीटर) जमीन जरूर होगी।

This is a historic step.

यह ऐतिहासिक कदम है।

He appealed to all states to learn a lesson from the land distribution example in the State of Kerala.

उन्होंने सभी राज्यों से केरल में भूमि वितरण के उदाहरण से सीख लेने की अपील की।

He said that such decisions require political will and strong decision making.

उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और कड़े निर्णय की जरूरत पड़ती है।

Seven years ago, the Supreme Court issued an order on police reform.

सात साल पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस सुधार को लेकर एक आदेश दिया था।

That order was of a similar nature.

वह आदेश भी कुछ ऐसा ही था।

Ask yourself whether those orders were followed in the states?

अपने आप से पूछिए कि क्या उन आदेशों का राज्यों में पालन हुआ?

The criminal was standing on the Mohanpur - Itwa road, which passes over the Bodhgaya-Bakraur bridge.

अपराधी मोहनपुर ईटवा मार्ग होते हुए बोधगया बकरौर पुल के पास खड़ा किया था।

Police Station Officer, Kanhiya Singh, said that the truck thieves had tied the hands of the truck driver, Sanjay Yadav, and cleaner and had kept them in the forest.

थानाध्यक्ष कन्हैया सिंह ने बताया की ट्रक लुटेरों ने चालक संजय यादव व खलासी को रस्सी से हाथ बांधकर जंगल में छुपाकर रखा था।

On Thursday intensive checks of trucks were carried out.

गुरुवार को ट्रकों की सघन जाच हो रही थी।

When the police reached the Bakraur-Bodhgaya bridge the thieves started driving away in the stolen truck.

जब पुलिस बकरौर बोधगया पुल के पास पहुंची तो लूट के ट्रक से अपराधी भागने लगे।

The police captured two of the thieves along with the trucks.

भाग रहे अपराधियों में दो को ट्रक के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।

Dinesh Paswan from Kulhaura village, part of the Bodhgaya district, and Pramod from Dhadhanwa were held by the police for further inquiries.

बोधगया थाना क्षेत्र के कुल्हौरा गांव का दिनेश पासवान एवं धधंवा का प्रमोद को गिरफ्तार कर पुलिस पूछताछ कर रही है।

The police chief said that these criminals have a large gang.

थानाध्यक्ष ने बताया कि इन अपराधियों का एक बहुत बड़ा गिरोह है।

Pramod is the mastermind of this gang.

जिसका मास्टर माइंड प्रमोद है।

Pramod gave information about the other criminals.

प्रमोद ने अन्य अपराधियों के बारे में जानकारी दी है।

Along with the Principal Sanjay Kumar, Puneeth Kashyap, Dina Nath, Kuldeep Kumar, Poonam Sharma, Sunita and Mridula Sharma and the other teachers present congratulated the students on their achievements.

मुख्याध्यापक संजय कुमार सहित पुनीत कश्यप, दीनानाथ, कुलदीप कुमार, पूनम शर्मा,सुनीता व मृदुला शर्मा आदि शिक्षकों ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है।

This Diwali different types of firecrackers are available with the name of your favourite politicians on them, in the market.

जी हां इस बार दिवाली पर आपके चहेते राजनेताओं के नाम से मार्केट में तरह तरह के पटाखे मौजूद हैं।

If you don't want to buy the firecrackers with the name of Sonia, Modi and Rahul Gandhi, don't worry. Nitish brand crackers are also available in the market.

लेकिन अगर आप सोनिया, मोदी और राहुल गांधी के नाम वाले पटाखों को नहीं खरीदना चाहते हैं तो तो कोई बात नहीं आपके लिए नीतीश छाप पटाखे भी मार्केट में मौजूद हैं।

If you are still not satisfied and you have reservations about these names, there are other options that are available in the market.

यदि फिर भी बात न बने तो आपको इनके नामों से परहेज है तो चलिए आप के लिए बाजार में और भी विकल्प मौजूद हैं।

This time when you go to the market to buy firecrackers for your children, you will not come back empty-handed.

इस बार आप जब मार्केट में बच्चों के लिए पटाखों की खरीदारी करने जाएंगे तो खाली हाथ नहीं आएंगे।

If you don't want to buy firecrackers with the name of Bihar's Chief Minister Nitish Kumar on them then you will definitely buy the ground round [S1]with the name of the former Deputy Chief, Sushil Modi.

अगर आप बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम वाला पटाखा नहीं लेना चाहते तो आप पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के नाम वाला तो ग्राउंड चक्कर जरूर ही खरीदेंगे।

If you don't want to buy any of the crackers for your children with the name of any politician on them, then not to worry. The Ramvilas Paswan option is available for you. Yes, Ramvilas Paswan firecrackers are also available in the market.

अगर आप अपने बच्चों को इनमें से किसी नेता के नाम वाले पटाखे नहीं दिलाना चाहते, तो भी आप परेशान न हों आपके लिए अभी रामविलास पासवान का विकल्प मौजूद है, जी हां मार्केट में रामविलास पासवान के नाम वाले भी पटाखे मौजूद हैं।

Even if Laloo Yadav is now being punished for the fodder scam, you need not worry at all. If you want to celebrate with him then don't worry, you can enjoy Diwali with Laloo Yadav in your home!

इन दिनों लालू यादव चारा घोटाले में भले ही सजा काट रहे हों पर आपको परेशान होने की जरूरत नहीं हैं, अगर आप उनके फैन हैं और इस दिवाली को आप उनके साथ ही सेलिब्रेट करना चाहते हैं तो घबराइए मत इस बार लालू यादव के साथ अपने घर पर ही दिवाली का मजा ले सकते हैं!

Tributes were paid to former Prime Minister Indira Gandhi in the ceremony.

समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

This information was given by the school principal Nafe Singh.

यह जानकारी स्कूल के प्रधानाचार्य नफे सिंह ने दी।

He said that the teachers and professors placed flowers on a picture of Indira Gandhi.

उन्होंने बताया कि शिक्षक व प्राध्यापकों ने इंदिरा गांधी के चित्र पर पुष्पाजलि अर्पित की।

An essay competition was organized on the topic - Pragati ke path par Haryana.

प्रगति के पथ पर हरियाणा विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

Manju Lakshmi won first prize and Shilpa won second prize.

मंजू लक्ष्मी प्रथम व शिल्पा ने द्बितीय स्थान प्राप्त किया।

The State president of the Association, Brij Mohan Gupta, shared his thoughts with the students on the sacrifices made by Sardar Patel and Indira.

संघ के प्रदेशाध्यक्ष बृज मोहन गुप्ता ने सरदार पटेल व इंदिरा के बलिदान से विद्यार्थियों को अवगत कराया।

Urmila Malik, Geeta Gupta, Rajbir Singh and Amit Gupta were honoured as jury members.

उर्मिला मलिक, गीता गुप्ता, राजबीर सिंह व अमित गुप्ता को निर्णायक के रूप में सम्मानित किया गया।

The principal gave information about the topic - Hariyana ki pragati.

प्रधानाचार्य ने हरियाणा की प्रगति विषय के बारे में जानकारी दी।

His dead body was found near the drainage ditch.

उसका शव नाले के पास पड़ा मिला था।

The dead young man has been identified as Harish Gahlaut.

मरने वाले युवक की पहचान हरीश गहलौत के रूप में हुई है।

Two gunshot wounds were found in the body of the young man.

युवक के शरीर पर गोली के दो निशान मिले हैं।

Police have sent the body for a post-mortem to the hospital and have started investigations.

पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज कर मामले की जांच में जुट गई है।

On Thursday at around 1 am, the police received information that a young person was lying injured near the drainage ditch in the Roshan garden area.

पुलिस के मुताबिक बृहस्पतिवार देर रात 1 बजे पुलिस को सूचना मिला थी कि रोशन गार्डन इलाके में नाले के पास घायल अवस्था में युवक पड़ा है।

When the police reached the spot they found him dead.

घटना स्थल पर पहुंचने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।

He was then recognised as Harish, a resident of the Dharmpura District.

बाद में उसकी पहचान धर्मपुरा निवासी हरीश के रूप में हुई।

The young man had been shot in the waist and shoulder with two bullets.

युवक की कमर व पीठ पर दो गोली मारी गई है।

Harish left his tenth grade studies midway.

हरीश 10वीं की पढ़ाई बीच में छोड़ रखी है।

In the meanwhile, he was unemployed and fell into bad habits.

फिलहाल, वह बेरोजगार था और उसकी संगत असमाजिक तत्वों के साथ थी।

The last time people saw him he was with a man.

अंतिम बार लोगों ने हरीश को एक व्यक्ति के साथ देखा था।

The police are trying to find this man, and also trying to find out where the youth was on Thursday and with whom, before his death.

पुलिस उस व्यक्ति की पहचान के साथ ही यह जानने का प्रयास कर रही है कि बृहस्पतिवार रात वह कहां गया था तथा किन-किन लोगों के संपर्क में था।

Jagran communication center, Rajouri: On Thursday a surprise search was conducted of the indifferent government officials of various departments to nab them.

जागरण संवाद केंद्र, राजौरीः ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों पर शिकंजा कसने के लिए वीरवार को कई विभागों में औचक छापेमारी की गई।

During the search at the P.H.E department in Kotranka the office was found locked and the employees were absent from work.

इस दौरान कोटरंका स्थित पीएचई विभाग के कार्यालय में ताला लटका मिला और कर्मचारी नदारद मिले।

One of the employees working there was suspended, while the absentees were issued with a show-cause notice.

वहां तैनात एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है और बाकी को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है।

The District Commissioner has formed many teams to watch over the government employees.

जिला आयुक्त ने सरकारी कर्मचारियों की मुस्तैदी परखने के लिए कई टीमों का गठन किया है।

On his orders a surprise search was conducted by Tehsildaars and other departmental officers on Thursday.

उनके निर्देश पर तहसीलदारों के साथ-साथ अन्य अधिकारियों ने वीरवार को कई विभागों के कार्यालयों में औचक छापेमारी की।

Kotranka Tehsildaar, Israr Ahmed Mir also paid a surprise visit to the government offices located in the headquarters.

तहसीलदार कोटरंका इरसार अहमद मीर ने भी तहसील मुख्यालय पर स्थित कई सरकारी कार्यालयों का औचक दौरा किया।

At the offices, as well as the employees, many high officials were found to be absent from duty.

जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों के साथ साथ कई उच्च अधिकारियों भी ड्यूटी से गैर हाजिर पाए गए।

He made a note of the absent officials and sent the list to the District Commissioner Fakir Chand Bhagat.

उन्होंने गैरहाजिर कर्मचारियों की सूची तैयार कर जिला आयुक्त फकीर चंद भगत के पास भेज दी है।

When Kotranka Tehsildaar reached the P.H.E department, he found it locked.

तहसीलदार कोटरंका स्थित पीएचई विभाग के कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था।

None of the employees were present.

कोई भी कर्मचारी वहां मौजूद नहीं था।

At Kotranka hospital, apart from the doctors, 14 other employees were found absent.

कोटरंका अस्पताल में डॉक्टरों के अलावा 14 कर्मचारियों को गैर हाजिर पाया गया।

Even the B.M.O was absent.

बीएमओ खुद भी ड्यूटी पर हाजिर नहीं थी।

Also, in the B.D.O Office, apart from two temporary employees, the B.D.O himself along with his employee were not present.

इसके साथ साथ बीडीओ कार्यालय में दो अस्थायी कर्मचारी को छोड़ कर बीडीओ सहित अन्य कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं थे।

The C.D.P.O office was being handled by a low ranking official.

सीडीपीओ कार्यालय का कामकाज भी एक चपरासी चला रहा था।

In the office register the employees had marked themselves present for the next two days.

कार्यालय के रजिस्टर में कर्मचारियों की हाजरी अगले दो दिनों तक लगी हुई थी।

In addition, at the C.A.D.P office, only the T.S.O was found present. The other employees were absent.

इसके साथ सीएडीपी कार्यालय में सिर्फ टीएसओ ही हाजिर थे, अन्य कर्मचारी गैर हाजिर थे।

A low ranking official was handling the horticulture office, while the other officials were missing.

बागवानी व भेड़ पालन विभाग में भी कुछ चपरासियों को छोड़ कर अन्य सभी कर्मचारियों को गैर हाजिर पाया गया।

Tehsildaar prepared a list of all these absent employees and sent it to the District Commissioner.

इन सभी कर्मचारियों की सूची तैयार कर तहसीलदार ने जिला आयुक्त के पास भेजी है।

Meanwhile, the Chief Education Officer Choudhary Lal Hussain, paid a surprise visit to many schools in the Baljaralan Zone.

वहीं दूसरी और मुख्य शिक्षा अधिकारी चौधरी लाल हुसैन ने भी बल जराला जोन के कई स्कूलों का औचक दौरा किया।

Wali Mohammad is the person in charge of the midday meals in Katha School and has been suspended for not doing the work properly, while Mr.Abdul Majeed and teacher Suriya Begum of Cherrian Middle School, Javed Alam, the C.R.P at the Sankari High School and Ajay Kumar, the C.R.P at the Baljaralan Middle School, have all been issued with a show-cause notice.

मिडिल स्कूल कठा के मिडडे मील प्रभारी वली मुहम्मद को सही ढंग से कार्य न करने पर निलंबित कर दिया गया है, जबकि मिडिल स्कूल चड़िया के अब्दुल माजिद व सुरेया बेगम, हाई स्कूल संकारी के सीआरपी जावेद आलम, मिडिल स्कूल बल जराला के सीआरपी अजय कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

DIET Principal Pradeep Sharma conducted a surprise inspection of schools in the Thanamandi zone to check the midday meals there.

डाइट प्रिंसिपल प्रदीप शर्मा ने थन्ना मंडी जोन के सरकारी स्कूलों का औचक दौरा कर स्कूलों में मिडडे मील की जांच की।

On inspection, in the Thanamandi Zone, the principal found some loopholes in the midday meals and hence Mr. Pradeep Sharma asked the officer in charge of the meals and the Head Master to correct these deficiencies within two days.

दौरे के दौरान थन्ना मंडी मिडिल स्कूल में मिडडे मील में कुछ खामियां पाई गईं, जिसको लेकर प्रदीप शर्मा ने स्कूल के मिडडे मील प्रभारी व हेड मास्टर को दो दिन में खामियां दूर करने का निर्देश दिया है।

Former UP Minister, Rajaram Pandey, who was known for his controversial speeches, passed away late Thursday evening following a heart attack.

अपने विवादित बायनों के लिए चर्चित हुए यूपी के पूर्व मंत्री राजाराम पांडे का गुरुवार देर रात हार्ट अटैक पड़ने से निधन हो गया।

After the death of Rajaram Pandey, the cabinet expansion of the Akhilesh Government has been postponed.

राजाराम की मौत के बाद अखिलेश सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार टाल दिया गया है।

According to the sources, Rajaram Pandey was under continuous stress after being removed from the post of Minister.

सूत्रों के हवाले से आ रही खबर के मुताबिक, राजाराम मंत्री पद से हटाए जाने के बाद से तनाव में रहते थे।

As per the scheduled programme, Akhilesh Yadav was going to reshuffle his cabinet for the fourth time.

पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक, शुक्रवार को अखिलेश यादव अपने मंत्रिमंडल का चौथी बार विस्तार करने जा रहे थे।

Rajaram Pandey found out that he had not being included in the cabinet reshuffle that was to be carried out on Friday.

राजाराम पांडे को यह जानकारी मिल चुकी थी कि मंत्रिमंडल के शुक्रवार को होने वाले विस्तार में उन्हें जगह नहीं दी जा रही है।

After meeting the Chief Minister Akhilesh Yadav, he was heading to his Raj Bhavan colony residence and as soon as he got there, he started vomiting and fell unconscious.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने के बाद वह राजभवन कॉलोनी के अपने घर पहुंचे ही थे कि उन्हें उल्टी होने लगी और बेहोश हो गए।

His employees said that he was taken to the civil hospital around midnight, but he died on the way.

उनके कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें आधी रात को सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

In Akhilesh Yadav's government, Rajaram Pandey was the Khadi and rural industry minister and was the MLA from the Pratapgarh's Vishwanathganj constituency three times.

प्रतापगढ़ जिले के विश्वनाथगंज क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे राजा राम पांडेय अखिलेश यादव सरकार में खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री रह चुके थे।

He was removed from the cabinet on the 15th of April, due to offensive remarks he made about women officers.

उन्हें महिला अधिकारियों के लिए अभद्र टिप्पणी करने के मामले में 15 अप्रैल को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था।

In one program, while praising the beauty of the Sultanpur D.M., he said "I am very fortunate that I have become the minister in charge of this zone for a second time.

एक कार्यक्रम में सुल्तानपुर की डीएम की खूबसूरती की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा था, 'यह मेरा सौभाग्य है कि मैं दूसरी बार इस जिले का प्रभारी मंत्री बना हूं।

I always get the chance to work with a beautiful D.M. here.

मुझे यहां हर बार किसी खूबसूरत डीएम के साथ काम करने का मौका मिला है।

When I saw the former D.M. Kamini Chauhan Ratan, I felt that there could be no woman more beautiful than her, but the new D.M. (Dhanlaxmi) is even more beautiful than her.

जब मैंने जिले की पूर्व डीएम कामिनी चौहान रतन को देखा, तो लगा कि उनसे खूबसूरत महिला हो ही नहीं सकती है, लेकिन यह नई डीएम (धनलक्ष्मी) तो उनसे भी खूबसूरत हैं।

The tone of her voice is also better".

इनके बात करने का लहजा भी बेहतर है।

Rajaram Pandey also said this in Pratapgarh, "The roads are going to shine like the cheeks of Hema Malini and as of now only the facial is taking place".

राजाराम पांडे ने प्रतापगढ़ में यह भी कहा था, 'सड़कें हेमा मालिनी के गाल की तरह चमकेंगी अभी तो इसकी फेशियल हो रही है।'

This statement caused a big fuss.

इस बयान को लेकर खासा बवाल मचा था।

Chandigarh: On one hand the Punjab government has passed the special bill in the Punjab for the safety of the properties of NRI Punjabies, while on the other hand emigrant Punjabies have fresh problems in Canada.

चंडीगढ़ एक तरफ पंजाब सरकार ने एनआरआई पंजाबियों को पंजाब में उनकी जमीन-जायदाद की सुरक्षा के लिए विशेष बिल पास किया है तो वहीं, कैनेडा में प्रवासी पंजाबियों को एक नई आफत ने घेर लिया है।

The Canadian government is questioning NRIs about the income from their properties and the amount they received as pension, etc. from the Punjab or India.

कैनेडा सरकार एनआरआई से पंजाब या भारत में अपनी जमीन जायदाद से होने वाली आय और पेंशन आदि से मिलने वाली रकम का हिसाब-किताब पूछ रही है।

Through a special unit, the Federal government questioned pension holders in Canada about the income they are earning from their properties in other countries.

फेडरल सरकार ने एक विशेष सेल के जरिए कैनेडा में पेंशन होल्डर्स की दूसरे देशों में जमीन जायदाद से होने वाली आय के बारे में पता लगाया।

The Government is receiving these kinds of complaints and information about people who came from abroad who are receiving all the financial benefits in Canada.

सरकार को इस तरह की शिकायतें और जानकारी मिल रही हैं कि दूसरे देशों से आए लोग कैनेडा में सभी वित्तीय लाभ ले रहे हैं।

According to Canadian law, after obtaining Canadian citizenship the income received from abroad must be added to their total income, but people are not doing it.

कैनेडियन नियमों के अनुसार कैनेडियन नागरिकता प्राप्त करने के बाद दूसरे देशों में होने वाली आय भी उनकी कुल आय में जुड़ेगी, जबकि लोग ऐसा नहीं कर रहे हैं।

Even after obtaining Canadian citizenship, thousands of people from the Punjab have not declared their income from properties and pension benefits, etc. in the Punjab, in their Canadian income tax returns.

पंजाब से भी हजारों लोगों ने कैनेडियन नागरिकता लेने के बावजूद पंजाब में जमीन जायदाद से होने वाली आय और पेंशन आदि लाभ का जिक्र कैनेडियन इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं किया है।

Many Revenue department officials are continuously asking the Canadian Chartered Accountants to force foreigners to declare their income which they are earning in other countries, so that they can calculate the appropriate tax on the income they are earning in Canada.

कैनेडा के रेवन्यू विभाग के कई अधिकारी लगातार कैनेडियन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से कह रहे हैं कि वे विदेशी मूल के कैनेडियनों की विदेश में होने वाली आय को घोषित करवाने पर जोर दे ताकि उन्हें कैनेडा में होने वाली आय पर सही टैक्स गणना की जा सके।

A delegation of the Association of Seniors' club met with an MP from Punjab, Param Gill and demanded security for their benefits in this regard.

एसोसिएशन ऑफ सीनियर्स क्लब का एक डेलिगेशन पंजाबी मूल के एमपी परम गिल से मिला और इस संबंध में अपने हितों की रक्षा करने की मांग की।

Param Gill says that, as per the information provided to him, if any person makes a complaint against any other person regarding this issue to Revenue Canada then his/her income can be investigated but he does not have any concrete information about the investigation.

परम गिल का कहना है कि उनकी जानकारी के अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी के बारे में इस तरह की शिकायत रेवेन्यू कैनेडा में करता है तो उसकी आय की जांच तो हो सकती है लेकिन एनआरआई की आय की जांच के बारे में उन्हें ठोस जानकारी नहीं है।

This Delegation also met with MPP Wick Dhilon earlier and soon they will also meet with other MPs and MPPs.

इससे पहले डेलिगेशन एमपीपी विक ढिल्लों को भी मिल चुका है और आने वाले दिनों में कई अन्य एमपी और एमपीपी से भी मिलेगा।

The Punjab Government passed the Punjab Tenancy Bill and Agricultural Land (Amendment Bill) and the Punjab Security of land tenures for the security of the NRIs property.

पंजाब सरकार ने एनआरआई की जमीन जायदाद की सुरक्षा के लिए पंजाब टेनेसी एंड एग्रीकल्चरल लैंड (अमेंडमेंट बिल) और पंजाब सिक्योरिटी ऑफ लैंड टैन्यूयर्स बिल को पास किया है।

The NRI, along with Armed forces personnel, have been providing security for their land.

एनआरआई के साथ ही सेना कर्मियों की जमीन को भी सुरक्षा प्रदान की गई है।

According to this bill an NRI Punjabi can rent his/her land and house-shop at a fixed point in time.

इस बिल के अनुसार एनआरआई पंजाबी अपनी जमीन एवं मकान-दुकान एक तय समय सीमा के लिए किराए पर दे सकते हैं।

They can get them back when needed by giving the fixed notice.

जरूरत पडऩे पर वे एक तय नोटिस देकर इन्हें वापस प्राप्त कर सकते हैं।

The tenants will not have stay and no other option will be available.

किराएदारों को स्टे या कोई भी अन्य विकल्प प्राप्त नहीं होगा।

The NRI will have to give proof of ownership to the SDM and they will have to tell them their requirements.

एनआरआई को जगह का मालिक होने का प्रमाण एसडीएम को देना होगा और अपनी जरूरत बतानी होगी।

This legislation provides relief for the first five years of the lease.

ये कानून लीज के पहले पांच साल तक ही राहत प्रदान करेगा।

Approximately 1.5 crore comes from people from the Punjab residing in different countries, while their property is still in the Punjab.

पंजाब से करीब 1.5 करोड़ लोग विभिन्न देशों में रहते हैं जबकि उनकी जमीन जायदाद अभी भी पंजाब में है।

They keep demanding the security of their property from the Punjab Government.

जिनकी सुरक्षा को लेकर वे अक्सर पंजाब सरकार के पास अपनी मांग रखते रहे हैं।

Gold, silver and utensils are popular purchases on this day.

इस दिन विशेष रूप से सोना-चांदी व बर्तनों की खरीददारी होती है।

Because of this utensil sellers have already decorated their shops.

जिसके चलते बाजार में बर्तन विक्रेताओं की दुकानें सज चुकी हैं।

To attract customers, shopkeepers have displayed a variety of utensils inside and outside the shop.

ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकानदारों ने बर्तनों की वैराइटी दुकानें के अंदर और बाहर लगा दी हैं।

However, the effect of high price rises can be seen clearly in the market.

हालांकि महंगाई की मार बाजार में साफ नजर आ रही है।

According to the Hindu religious book, buying metallic things during the Dhanteras festival has a special significance.

शास्त्रों में धनतेरस के पर्व पर धातु की चीजें खरीदने का विशेष महत्व है।

People not only buy small pieces of gold and silver jewellery but also buy brass and silver utensils, as per their capacity.

लोग अपनी क्षमता के मुताबिक सोने व चांदी के छोटे जेवरों के अलावा स्टील, पीतल व चांदी के बर्तनों की भी खरीददारी करते हैं।

Kitchen utensil sellers Kali Das and Madan Lal said that this time the price rise has been significant.

बर्तन विक्रेता काली दास व मदन लाल ने बताया कि इस बार काफी मंहगाई हो गई है।

Due to the increase in price of steel, copper and brass, wholesale goods have also become expensive.

बर्तनों की कीमतों में भी इजाफा होने से स्टील, तांबा व पीतल के दाम बढ़ने की वजह से थोक सामान भी मंहगा हो गया है।

They said that the price of steel utensils was between Rs.120 and Rs.140 per kilogram last year, but this year this has increased to Rs.150 to Rs.200 per kilogram.

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष स्टील के बर्तन के दाम 120 से 140 रूपये प्रति किलोग्राम थे, लेकिन इस बार बढ़कर 150 से 200 रूपये प्रति किलोग्राम हो गया है।

Similarly, in addition to the price of brass, copper utensil have also become more expensive.

इसी तरह पीतल के दाम के अलावा तांबे के बर्तन भी महंगे हो गए हैं।

Vikas, who sells things used for Puja and other brass items in Sabzi-mandi said that as brass has become more expensive, things made from brass have also become more expensive.

सब्जी मंडी में पूजा में प्रयोग होने वाली ज्योत व अन्य पीतल का समान बेचने वाले विकास ने बताया कि पीतल मंहगी होने के कारण इससे बनने वाला समान भी महंगा हो गया है।

Customers are purchasing more smaller items in the market.

बाजार में ग्राहक छोटी चीजें ज्यादा खरीद रहे हैं।

Utensil seller, Rajesh said that this market has the maximum number of utensil shops.

बर्तन विक्रेता राजेश का कहना था कि इस बजार में सबसे ज्यादा बर्तन की दुकाने हैं।

Customers who come from far afield buy things from this market, but people are buying fewer things as things are getting more expensive.

दूर दराज से आने वाले ग्राहक इसी बजार से समान खरीदते हैं, लेकिन बर्तन मंहगे होने के कारण लोग कम खरीददारी कर रहे हैं।

They believe that utensils are getting more expensive due to the festival and they will be cheaper later.

उनको लग रहा है कि त्योहार के कारण बर्तन महंगे हुए हैं और बाद में सस्ते हो जाएंगे।

On Friday the whole day is auspicious for shopping on the occasion of Dhanteras.

शुक्रवार को धनतेरस पर लगभग सारा दिन खरीददारी के लिए शुभ है।

According to the astrologer Vachspati, sunrise will be at 6.41 am on Friday, the first of November.

ज्योतिष वाचस्पति के अनुसार शुक्रवार एक नवंबर को सुबह 6.41 पर सूर्योदय हो रहा है।

After this, at 9.50 am, there is a Vaidhriti yog, but most people ignore it.

इसके बाद सुबह 9:50 तक वैधृती योग है, लेकिन ज्यादातर इसका विचार नहीं करते।

People who consider this yog can avoid shopping at this time and people who ignore this yog can go shopping.

खरीददारी करने वाले इस योग का विचार करने वाले इस अवधि में खरीददारी न करें और जो विचार नहीं करते वह खरीददारी कर सकते हैं।

He said that people must buy Gold, Silver and other metal items on this day as their financial capacity allows.

उन्होंने कहा कि इस दिन आर्थिक क्षमता के मुताबिक सोना, चांदी व अन्य धातु अवश्य खरीदना चाहिए।

Committee Members have appealed to people not to use firecrackers.

समिति सदस्यों ने लोगों से दीपावली पर पटाखे न जलाने की अपील की।

The rally started from Badwala up to the Haripur Kalsi Gate, where the children appealed to people to save the environment.

रैली बाड़वाला से चलकर हरिपुर कालसी गेट तक निकाली गई, जिसमें बच्चों ने पर्यावरण बचाने की लोगों से अपील की।

Committee Members asked everyone to light earthenware lamps, instead of lighting firecrackers, and also asked people to avoid the use of polythene bags.

इस दौरान समिति सदस्यों ने दीपावली पर पटाखे की जगह दीयों को महत्व देने और पालीथिन के प्रयोग से परहेज करने को कहा।

The UT officials will receive 90 percent of the D.A. starting in July, which is equal to the D.A. of central government officials.

यूटी कर्मियों को अब जुलाई माह से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर 90 प्रतिशत डीए मिलेगा।

Earlier in September the D.A. was raised to 80%, from 72% with the approval a rise of 8% D.A.

इससे पहले सितंबर माह में 8 प्रतिशत डीए स्वीकृत करते हुए मंहगाई भत्ता 72 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया था।

After this administrative decision the employees of UT Chandigarh were very delighted.

प्रशासन के इस फैसले के बाद यूटी चंडीगढ़ के कर्मचारियों की खुशी देखते ही बनती है।

Among others, the President of the UT Employees and Workers Union- Manmohan Singh, the General Secretary - Gopal Dutt Joshi, the President of the UT Powerworkers Union - Ram Saroop, Vice-President Vijay Singh, the Electrical Lift Union President - Jasbir Singh, and labour leader Manmohan Singh welcomed this decision taken by the administration.

फेडरेशन ऑफ यूटी इम्पलाइज एंड वर्कर्स यूनियन के प्रधान मनमोहन सिंह, महासचिव गोपाल दत्त जोशी, यूटी पावरमैन यूनियन के प्रधान राम सरूप, उपाध्यक्ष विजय सिंह, इलेक्ट्रीकल लिफ्ट यूनियन के अध्यक्ष जसबीर सिंह तथा श्रमिक नेता मनमोहन सिंह सहित अन्य ने प्रशासक के इस फैसले का स्वागत किया है।

After this decision the employees will get 10% of the D.A. starting in July.

इस निर्णय के बाद कर्मचारियों को जुलाई माह से 10 प्रतिशत डीए दिया जाएगा।

On this occasion labour leaders have demanded that even the employees of the Child Welfare Council should also be given 90% of the D.A., instead of 9%.

इस मौके पर श्रमिक नेताओं ने भारतीय बाल कल्याण परिषद के कर्मचारियों को मात्र नौ प्रतिशत डीए के स्थान पर उन्हें भी 90 प्रतिशत डीए देने की मांग की।

BJP's candidate for PM and Gujrat's Chief Minister, Narendra Modi, has included 6 new State Ministers in his cabinet.

भाजपा के पीएम पद प्रत्याशी व गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में शुक्रवार को 6 नये राज्य मंत्रियों को शामिल किया।

Half a dozen people received the green light, including the son of the heavyweight Vitthal Radadiya. Jayesh comes from Saurashtra and has recently joined the BJP, after leaving Congress.

लालबत्ती पाने वाले आधा दर्जन लोगों में कांग्रेस से भाजपा में आए सौराष्ट्र के दबंग सांसद विट्ठल रादडिया के पुत्र जयेश भी हैं।

The former Deputy Chief Minister, Narhari Amin, who left Congress before the assembly elections and joined the BJP, has been appointed as the Deputy Chairman of the Planning Commission.

विस चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए पूर्व उपमुख्यमंत्री नरहरी अमीन को राज्य योजना आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है।

This Ministry expansion is being seen as Modi's preparation for the Lok Sabha elections.

इस मंत्रिमंडल विस्तार को मोदी की लोकसभा चुनाव की तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है।

He has been travelling around a lot to promote his political interests.

वह लंबे समय से राजनीतिक प्रवास कर रहे हैं।

After doing a tour of the five states, he will organise more aggressive rallies, journeys and meetings.

पांच राज्यों के विस चुनाव बाद और ज्यादा आक्रामक अंदाज में रैली, यात्राएं और सभाएं करेंगे।

In this way he wants to turn Guajrat into an impenetrable fortress.

ऐसे में वह गुजरात के किले को पूरी तरह से अभेद बना देना चाहते हैं।