विक्षनरी:अंग्रेजी-हिन्दी अनुवाद स्मृति-०५ कृषि

विक्षनरी से
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India Agriculture

भारतीय कृषि।

Agriculture is art, science, and industry of managing the growth of plants and animals for human use.

कृषि वह कला, विज्ञान और उद्योग है जो मानव उपयोग के लिए पौधों और पशुओं के विकास का प्रबंध करती है।

In a broad sense, agriculture includes cultivation of the soil and growing and harvesting crops and breeding and raising livestock and dairying and forestry.

मोटे तौर पर कृषि में भूमि की जुताई, फसलों की रुपाई और कटाई, पशु-प्रजनन और पालन, दुग्ध-व्यवसाय और वनीकरण सम्मिलित हैं।

Regional and national agriculture are covered in more detail in individual continent, country, state, and Canadian province articles.

प्रत्येक महाद्वीप, देश, राज्य और कनाडा के प्रांतीय लेखों में प्रादेशिक और राष्ट्रीय कृषि का विस्तार से वर्णन किया गया है।

Modern agriculture depends heavily on engineering and technology and on the biological and physical sciences.

आधुनिक कृषि बहुत हद तक अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी और जैव तथा भौतिक विज्ञान पर निर्भर करती है।

each of Irrigation and drainage and conservation and sanitary engineering is important in successful farming.

सिंचाई, जल-निकास, परिरक्षण, और स्वच्छता अभियांत्रिकी में से प्रत्येक सफल खेती के लिए महत्वपूर्ण है।

Irrigation and drainage and conservation and sanitary engineering are some of the fields requiring the specialized knowledge of agricultural engineers.

सिंचाई, जल-निकास, परिरक्षण, और स्वच्छता अभियांत्रिकी ऐसे क्षेत्र हें जिनमें कृषि अभियंताओं के विशिष्ट ज्ञान की आवश्यकता है।

Agricultural chemistry deals with other vital farming concerns, such as the application of fertilizer and insecticides and fungicides and soil makeup and analysis of agricultural products and nutritional needs of farm animals.

कृषि रसायनशास्त्र खेती के अन्य महत्वपूर्ण कार्यों, जैसे खाद, कीटनाशकों और फ़ंगसनाशकों के उपयोग, भूमि की तैयारी, कृषि-उत्पादों का विश्लेषण और खेत के पशुओं की पोषण-संबंधी आवश्यकताओं से संबंधित है।

Plant breeding and genetics contribute immeasurably to farm productivity.

वनस्पति प्रजनन और आनुवांशिक विज्ञान खेत की उत्पादनशीलता में भारी योगदान देते हैं।

Genetics has also made a science of livestock breeding.

आनुवांशिक विज्ञान ने पशु-प्रजनन को भी एक विज्ञान बना दिया है।

Hydroponics is a method of soilless gardening.

हाइड्रोपोनिक्स बिना मिट्टी के बागवानी करने की एक विधि है।

In this method, plants are grown in chemical nutrient solutions.

इस विधि से पौधे रासायनिक पोषक घोलों में उगाए जाते हैं।

Hydroponics may help to meet the need for greater food production as the world's population increases.

हाइड्रोपोनिक्स अधिक खद्यान्न उत्पादन की आवश्यकता को पूरा कर सकती है क्योंकि विश्व की जनसंख्या बढ़ रही है।

The packing, processing, and marketing of agricultural products are closely related activities also influenced by science.

कृषीय उत्पादों की पैकिंग, प्रक्रिया और ख़रीद-फ़रोख्त निकट से जुड़ी हुई गतिविधियाँ हैं जो विज्ञान से भी प्रभावित हैं।

Methods of quick-freezing and dehydration have increased the markets for farm products.

शीघ्र-हिमीकरण और निर्जलीकरण की विधियों ने खेत-उत्पादों का बाज़ार बहुत बढ़ा दिया है।

Mechanization which is the outstanding characteristic of agriculture in late 19th and 20th century, has eased much of the backbreaking toil of the farmer.

यंत्रीकरण १९वीं शताब्दी के अंत और २०वीं शताब्दी की एक उत्कृष्ट विशेषता थी जिसने कृषक की बहुत सारी कमरतोड़ मेहनत को आसान बना दिया है।

More significantly, mechanization has enormously increased farm efficiency and productivity.

अधिक महत्वपूर्ण रूप से, यंत्रीकरण ने खेती की क्षमता और उत्पादनशीलता को बहुत हद तक बढ़ा दिया है।

However, Animals including horses and oxen and llamas and alpacas and dogs are still used to cultivate fields, harvest crops, and transport farm products to markets in many parts of the world.

फिर भी, विश्व के कई हिस्सों में आज भी कृषिभूमि जोतने, फसलों की कटाई करने और खेत-उत्पादों को बाज़ार तक ले जाने के लिए घोड़े, बैल, लामा, ऐलेपैका और कुत्ते जैसे पशुओं का उपयोग किया जाता है।

Airplanes and helicopters are employed in agriculture for seeding and spraying operations for insect and disease control.

कृषि में बोआई, कीट और रोग नियंत्रण के लिए छिड़काव संचालन करने हेतु वायुयान और हेलिकॉप्टर काम में लाए जाते हैं।

Airplanes and helicopters are employed in agriculture for transporting perishable products and fighting forest fires.

विकारी उत्पादों की ढुलाई और दावानलों से निपटने के लिए कृषि में वायुयानों और हेलिकॉप्टरों का प्रयोग किया जाता है।

Radio and television disseminate vital weather reports and other information such as market reports that concern farmers.

रेडियो और दूरदर्शन महत्वपूर्ण मौसम-सूचनाओं और कृषकों से संबंधित बाजार-सूचनाओं जैसी अन्य जानकारियों का प्रसार करते हैं।

Computers have become an essential tool for farm management.

खेत-प्रबंधन के लिए संगणक आवश्यक उपकरण बन गए हैं।

INDIAN AGRICULTURE

भारतीय कृषि।

India has made lot of progress in agriculture since independence in terms of growth in output, yields and area under many crops.

उत्पाद, पैदावार, और विभिन्न फसलों के लिए निर्धारित भूमि की वृद्धि की दृष्टि से भारत ने स्वतंत्रता के बाद से कृषि में काफ़ी उन्नति की है।

It has gone through a green revolution, a white revolution, a yellow revolution and a blue revolution.

वह हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, पीत क्रांति और नील क्रांति से गुज़र चुका है।

Today, India is the largest producer of milk, fruits, cashewnuts, coconuts and tea in the world, the second largest producer of wheat, vegetables, sugar and fish and the third largest producer of tobacco and rice.

आज विश्व में भारत दूध, फल, काजू, नारियल और चाय का सबसे बड़ा, गेहूँ, सब्ज़ियों,शक्कर और मछली का दूसरा सबसे बड़ा और तम्बाकू और चावल का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।

The per capita availability of foodgrains has risen in the country from 350 gm in 1951 to about 500 gm per day now, of milk from less than 125 gm to 210 gm per day and of eggs from 5 to 30 per annum despite the increase in population from 35 crores to 95 crores.

जनसंख्या में ३५ करोड़ से ९५ करोड़ की वृद्धि के बावजूद देश में खाद्यान्न की प्रतिव्यक्ति उपलब्धता १९५१ में ३५० ग्राम से अब लगभग ५०० ग्राम प्रतिदिन, दूध की १२५ ग्राम से २१० ग्राम प्रतिदिन और अंडों की ५ से ३० प्रति वर्ष बढ़ गयी है।

However, India would have been in an even better position now both in terms of agricultural output and economic development had our planners given the required importance to its development it deserved in the early years since independence.

फ़िर भी अगर हमारे योजनाकारों ने स्वतंत्रता के प्रारंभिक वर्षों में भारत के उस विकास को अपेक्षित महत्व दिया होता जिसका वह पात्र था, तो कृषीय उत्पादन और आर्थिक विकास कई दृष्टि से आज वह और भी बेहतर स्थिति में होता।

Even today, the farmers in India are able to obtain only 15 per cent of their requirements of agricultural credit from banks.

आज भी भारत में कृषक बैंकों से अपनी आवश्यकताओं का सिर्फ़ १५% कृषि ऋण पाने में समर्थ हैं।

The various state seed corporations are able to produce only 1 0 per cent of the seeds required by our farmers.

विभिन्न राज्य बीजनिगम हमारे किसानों द्वारा अपेक्षित बीजों का मात्र १०% ही उत्पन्न कर पाते हैं।

At present only 23-30 per cent of the farmers are able to derive any benefits of extension services provided by various government agencies and every year about 20 per cent of the crop is lost due to mishandling, spillage, floods, droughts and pests and diseases.

फ़िलहाल, मात्र २३.३०% कृषक विभिन्न सरकारी एजेन्सियों द्वारा प्रदत्त विस्तार सेवाओं का थोड़ा बहुत लाभ उठा पाते हैं और हर साल गलत रख-रखाव, गिर जाने, बाढ़, सूखे, कीड़ों और रोगों के कारण लगभग २०% फसल का नुकसान होता है।

In fruits and vegetables the loss is around 30 per cent.

फलों और सब्ज़ियों में नुकसान लगभग ३०% है।

The farmers are still being exploited by moneylenders who provide finance at exorbitant interest rates and there are cartels of traders who pay very little for their produce even in the well recognized mandies in the country.

कृषक अभी भी ऐसे महाजनों द्वारा शोषित किये जाते हैं जो बेहिसाब ब्याज दर पर वित्त प्रदान करते हैं और व्यपारियों के ऐसे उत्पादक संघ हैं जो देश की सुप्रतिष्ठित मंडियों में भी उनके उत्पादों की बहुत कम कीमत देते हैं।

Gross Capital Formation in Agriculture

कृषि में कुल पूँजी विरचन

Though the overall growth of Indian economy has depended much upon the performance of agriculture, over the years, not much public investment has been made on its development.

यद्यपि भारतीय अर्थ-व्यवस्था की आद्योपांत वृद्धि काफ़ी हद तक कृषि के काम पर निर्भर करती है,फिर भी पिछले कुछ सालों के दौरान इसके विकास पर ज़्यादा सार्वजनिक निवेश नहीं किया गया है।

There is a steady deceleration in public investment in gross capital formation in agriculture.

कृषि में कुल पूँजी विरचन के अंतर्गत सार्वजनिक निवेश में लगातार अवत्वरण हो रहा है।

In 1980-81, the public investment as a percentage of gross capital formation in agriculture was 38.7 percent which fell to 16.2% in 1996-97.

१९८०-८१ में कृषि में कुल पूँजी विरचन के प्रतिशत के रूप में सार्वजनिक निवेश ३८.७% था जो १९९६-९७ में गिर कर १६.२% हो गया।

During this period the share of private investment, however, rose from 61.3% to 83.8%.

फिर भी, इस अवधि के दौरान निजी निवेश का हिस्सा ६१.३% से बढ़ कर ८३.८% हो गया।

This rise is attributed mostly to better terms of trade offered by the government to agriculture vis-a-vis industry.

यह बढ़ोत्तरी उन बेहतर व्यापार-शर्तों से संबंधित है जो सरकार ने उद्योग की तुलना में विशेषकर कृषि को प्रदान की हैं।

The fall in public sector investment is attributed to increase in current expenditure to meet higher subsidies on food, fertilizers, electricity, irrigation, credit and other farm inputs rather than creating assets.

परिसंपत्ति का निर्माण करने के बजाय भोजन, खाद, बिजली, सिंचाई, ऋण और अन्य खेत निवेशों पर बढ़ी हुई आर्थिक सहायता से जूझने के लिए वर्तमान व्यय में जो वृद्धि की गई,वही सार्वजनिक क्षेत्र निवेश में होनेवाली गिरावट का कारण है।

In recent years public expenditure on maintenance of existing irrigation projects has gone up and investment on new projects has fallen.

हाल के वर्षों में चालू सिंचाई परियोजनाओं के अनुरक्षण पर होनेवाले सार्वजनिक व्यय बढ़ गये हैं और नयी परियोजनाओं पर निवेश गिर गये हैं।

Many of the projects started in early 1980's are still awaiting completion because of cost overruns and non-availabilty of necessary timely funds.

कीमतों के सीमातिक्रमण और आवश्यक समयानुकूल निधियों की अनुप्लब्धता के कारण १९८० के दशक के प्रारंभ में शुरू होनेवाली कई परियोजनाएं अब भी समापन की प्रतीक्षा कर रही हैं।

In the 8th plan it was proposed to raise the investment in agriculture to 18.7% of the total plan outlay, but the actual investment turned out to be about 10-11% only.

आठवीं योजना में यह प्रस्तावित किया गया था कि कृषि में कुल योजना परिव्यय का १०-१८.७% निवेश बढ़ाया जाएगा किंतु वास्तविक निवेश लगभाग १०-११% ही निकला।

Growth in Foodgrain Production

खाद्यान्न उत्पादन में विकास

The foodgrain production in the 1950s rose in India because of expansion in area.

क्षेत्र के विस्तार के कारण १९५० के दशक में भारत में खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा।

In the 1960s, the growth rate was very poor which resulted in large scale imports.

१९६० के दशक में विकास की दर बहुत कम थी जिसके परिणामस्वरूप व्यापक आयात करने पड़े।

The development, production and use of better seeds increased the productivity of wheat in 1970s and rice in 1980s.

विकास, उत्पादन और बेहतर बीजों के प्रयोग से १९७० के दशक में गेहूँ की और १९८० के दशक में चावल की उत्पादनशीलता बढ़ी।

The eighties was also a period of green revolution which enabled India to become self-sufficient in foodgrain production and even a marginal exporter.

अस्सी का दशक हरित क्रांति का भी समय था जिसने भारत को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर होने योग्य बनाया, साथ ही एक अत्यल्प निर्यातक भी।

In the Nineties, however, the annual growth rate in production has fallen to 1.66 per cent from 3.54 per cent recorded in the eighties.

फिर भी, नब्बे के दशक में उत्पादन में वार्षिक वृद्धि दर अस्सी के दशक में दर्ज की गयी ३.५४% से गिरकर १.६६% हो गई।

This is a matter of serious concern for the country as this growth rate is just matching the annual growth rate of population and 40 percent of the population in the country is still living below the poverty line.

यह देश के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि यह वृद्धि दर जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर के एकदम बराबर है और देश में ४०% जनसंख्या अब भी गरीबी रेखा के नीचे रह रही है।

The production of foodgrains in the country fell to 192.4 million tonnes in 1997-98 from 199.4 million tonnes in 1996-97.

१९९७-९८ में देश में खाद्यान्न उत्पादन १९९६-९७ के १९९.४ मिलियन टन से गिर कर १९२.४ मिलियन टन हो गया।

The production of wheat dropped by 3.5 million tonnes and coarse cereals by 3 million tonnes.

गेहूँ का उत्पादन ३.५ मिलियन टन तक और मोटे अनाज का ३ मिलियन टन तक गिर गया।

The kharif 1998-99 crop was also no better.

१९९८-९९ की खरीफ फसल भी कुछ बेहतर न थी।

However, the 1998-99 Rabi crop is expected to be good with a 5.2 million tonnes higher foodgrain output expected from it.

फिर भी, ५.२ मिलियन टन अधिक खाद्यान्न पैदावार की उम्मीद के कारण १९९८-९९ की रबी फसल के अच्छी होने की आशा की जा रही है।

The crop is estimated at 96.5 million tonnes.

९६.५ मिलियन टन फसल का अनुमान लगाया जा रहा है।

Agricultural ministry has projected a 1998-99 ouput of foodgrains at more than 200 million tonnes.

कृषि मंत्रालय ने १९९८-९९ की खाद्यान्न पैदावार को २०० मिलियन टन से अधिक आँका है।

The union government had plans to cover about 2 million farmers in the country with a total credit of Rs. 168 crores in 1999 with'kisan cards'.

१९९९ में देश में लगभग २० लाख किसानों को १६८ करोड़ रुपए के कुल ऋण के साथ 'किसान कार्डों' द्वारा सुरक्षित करने की केंद्र सरकार की योजना थी।

It has fixed interest rates on credit given to farmers through these cards at 13.26 per cent including tax on interest on the first Rs. 2 lakhs credit and , at 6.02 percent on amounts above Rs. 2.00 lakhs.

इन कार्डों के ज़रिये कृषकों को दिये जानेवाले ऋण के पहले दो लाख रुपये पर १३.२६% कर-सहित ब्याज और २ लाख रुपये से अधिक की राशि पर ६.०२% ब्याज की दरें नियत की गई हैं।

National Sample Survey

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण

According to a National Sample Survey (NSS), the monthly per capita consumption of cereals in India has declined from 14 kg to 12 kg in rural areas over the period 1987.

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एन एस एस) के अनुसार, १९८७ से १९९७ की अवधि के दौरान भारत में ग्रामीण इलाकों में अनाज की मासिक प्रति व्यक्ति खपत १४.४ किलोग्राम से घट कर १२.८ किलोग्रम हो गई है।

This is despite the fact that at constant prices the monthly per capita consumer expenditure (MPCE) has risen by 6 percent in rural areas and by 13 percent in urban areas over the same period..

ऐसा इस तथ्य के बावजूद है कि स्थिर कीमतों पर मासिक प्रति व्यक्ति उपभोक्ता व्यय (एम पी सी ई) ग्रामीण इलाकों में ६ प्रतिशत तक और शहरी इलाकों में १३ प्रतिशत तक एक ही अवधि में बढ़ गया है।

The all-India MPCE during 1997 was Rs. 459, while expenditure on food was Rs. 255 and expenditure on non-food items was Rs. 204.

१९९७ के दौरान अखिल-भारतीय एम पी सी ई ४५९ रुपये था जिसमें से भोजन पर व्यय २५५ रुपये और अभोज्य वस्तुओं पर २०४ रुपये था।

In rural areas, the MPCE was Rs. 395, while expenditure on food items was Rs. 232 and expenditure on non-food items was Rs. 163 while in urban areas, the MPCE was Rs. 645, while expenditure on food items was Rs. 320 and expenditure on non-food items was Rs. 325.

भोज्य वस्तुओं पर २३२ रुपये ओर अभोज्य वस्तुओं पर १६३ रुपये व्यय के साथ एम पी सी ई ग्रामीण इलाकों में ३९५ रुपये था, जबकि शहरी इलाकों में भोज्य वस्तुओं पर ३२० रुपये और अभोज्य वस्तुओं पर ३२५ रुपये व्यय के साथ यह (एम पी सी ई) ६४५ रुपये था।

The urban-rural disparity in MPCE was only 12 percent in Punjab but 100 percent in Maharashtra.

एम पी सी ई में शहरी-ग्रामीण असमानता पंजाब में मात्र १२ प्रतिशत थी लेकिन महाराष्ट्र में १०० प्रतिशत थी।

The average household size in the country was 5.0 in rural areas and 4.6 in urban areas in 1997.

१९९७ में ग्रामीण इलाकों में औसत परिवार सदस्य संख्या ५.० और शहरी इलाकों में ४.६ थी।

NNMB Study

एन एन एम बी अध्ययन

According to a survey conducted by National Nutrition Monitoring Bureau (NNMB) in 10 states which are A.P. and Gujarat and Karnataka and Kerala and M.P. and Maharashtra and Orissa and T.N. and W.B. and U.P. , the consumption was equal to the recommended dietary allowance (RDA) level though it was showing a failing tendency with years.

राष्ट्रीय पोषण सलाहकारी ब्यूरो (एन एन एम बी) द्वारा दस राज्यों (आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश) में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार धान्यों की औसत खपत प्रस्तावित आहारीय स्वीकृति (आर डी ए) स्तर से थोड़ी सी अधिक या बराबर थी, हालाँकि समय के साथ यह घटने की प्रवृत्ति दिखा रही थी।

The intake of pulses and legumes has remained lower than RDA level.

दालों और फलियों का अंतर्ग्रहण आर डी ए स्तर से नीचे बना हुआ है।

The average intake of leafy vegetables, an inexpensive source of vitamins and minerals, was only one-third of RDA level, while the consumption of other vegetables was marginally lower than RDA levels.

पत्तीदार सब्ज़ियोँ, जो विटामिनों और खनिजों का एक सस्ता स्रोत हैं, उनका औसत अंतर्ग्रहण आर डी ए स्तर का मात्र एक-तिहाई था, जबकि अन्य सब्ज़ियों की खपत आर डी ए स्तर से थोड़ी सी नीचे थी।

The consumption of fruits has risen slightly during 1990-1997.

१९९०-९७ के दौरान फलों की खपत थोड़ी सी बढ़ी है।

The daily intake of milk and milk products, visible fat, and sugar and jaggery was only half, half, and two-thirds of RDA levels respectively in 1997.

१९९७ में दूध और दूध-उत्पादों, वसा और शक्कर और गुड़ का दैनिक अंतर्ग्रहण आर डी ए स्तरों का क्रमशः आधा, आधा और दो-तिहाई मात्र था।

The intake of proteins was comparable to RDA but has fallen marginally since 1990.

प्रोटीन का अंतर्ग्रहण आर डी ए से तुलना किए जाने योग्य था लेकिन १९९० से थोड़ा सा गिर गया है।

In terms of calorific value of food, the intake is failing since 1982 and is below RDA.

भोजन के ऊर्जादायी मान की दृष्टि से १९८२ से अंतर्ग्रहण गिर रहा है और आर डी ए से नीचे है।

The intake of iron is apparently normal but the bio-availability of iron in Indian diet is poor at 3 percent.

ऊपरी तौर पर लौह-तत्वों का अंतर्ग्रहण सामान्य है लेकिन भारतीय आहार में लौह-तत्वों की जैव-उपलब्धता मात्र ३ प्रतिशत होने के कारण अपर्याप्त है।

The intake of vitamin A varies from 30 to 60 percent of RDA in diets in different regions.

विभिन्न क्षेत्रों के आहार में विटमिन ए का अंतर्ग्रहण आर डी ए का ३० से ६० प्रति शत तक भिन्न हो जाता है।

The intake of riboflavin is about two-thirds of RDA level.

रिबोफ़्लैविन का अंतर्ग्रहण आर डी ए स्तर का लगभग दो-तिहाई है।

The intake of vitamin C is satisfactory.

विटामिन सी का अंतर्ग्रहण संतोषजनक है।

Search for Agricultural Policy and Programmes

कृषीय नीतियों और कार्यक्रमों की खोज

Institute of Development Studies at Jaipur has taken up a comprehensive all-India research project 'Equity-driven trade and marketing policy strategies for improved performance of Indian Agriculture' on agricultural reforms with financial support from the Australian government.

ऑस्ट्रेलिआई सरकार के आर्थिक समर्थन से विकास अध्ययन संस्थान, जयपुर ने कृषीय सुधारों पर एक व्यापक अखिल-भारतीय शोध परियोजना ' भारतीय कृषि के बेहतर निष्पादन के लिए निष्पक्षता प्रेरित व्यापार और विपणन नीति योजनाएँ ' प्रारंभ की है।

The project will work out a package of agricultural policies and programmesto improve the efficient utilization of resourcesand food security for masses and reduction in regional disparities.

यह परियोजना संसाधनों के सफल प्रयोग और जन-समूह के लिए भोजन सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए तथा प्रादेशिक असमानताओं में कटौती करने के लिए कृषीय नीतियों और कार्यक्रमों का एक पैकेज तैयार कर रही है।

The non-availability of more land is a major constraint in the growth of agriculture.

कृषि के विकास में अधिक भूमि की अनुपलब्धता मुख्य बाधा है।

There is a need to increase the cropping intensity from 134 to 140 percent and the value of output from Rs. 15326 to Rs. 17688 per hectare and the gross cropped area from 190 to 199 million hectares and fertilizer consumption from 14 to 20 million tonnes.

फसल की मात्रा १३४.२ से १४०.४ प्रतिशत, पैदावार का मूल्य १५,३२६ रु. से १७,६८८ रु प्रति हेक्टेयर (१९९६-९७ की कीमतों पर आधारित), सकल फसल क्षेत्र को १९०.५ मिलियन हेक्टेयर से १९९.३ मिलियन हेक्टेयर और खाद की खपत १४.३४ से २०.०० मिलियन टन बढ़ाने की आवश्यकता है।

There is no scope for expansion in the net sown area.

कुल बोआई क्षेत्र में विस्तार की कोई गुंजाइश नहीं है।

There is a need to give more attention to high growth areas like animal husbandry and dairy and fishery and also improve and expand and upgrade the marketing and storage and distribution infrastructure and set up facilities for packaging and grading and certification of agricultural commodities.

पशु-पालन, डेयरी, और मत्स्य-उद्योग जैसे अधिक उपज क्षेत्रों में अधिक ध्यान देने की, विपणन, संग्रहण और वितरण अवसंरचना को बेहतर बनाने, उनका विस्तार करने और सुधारने की और कृषीय पण्यों के पार्सल बनाने, श्रेणीकरण और प्रमाणीकरण करने की सुविधाएँ उपल्ब्ध कराने की आवश्यकता है।

Central Plan Outlay

केंद्रीय योजना व्यय

The allocation for agriculture was hiked by 58 percent to Rs. 2854 crores from Rs. 1807 crores by enhancing outlays on irrigation and agricultural credit in the budget.

बजट में कृषि के लिए निर्धारित सिंचाई और कृषीय करों के व्यय को ५८ प्रतिशत बढ़ा कर १८०७ करोड़ रु. से २८५४ करोड़ रु. कर दिया गया था।

The outlay on watershed development programmes was raised from Rs. 517 crores in 1997 to Rs. 677 crores in 1998.

१९९८ में जलविभाजक विकास कार्यक्रमों के व्यय को ५१७ करोड़ रु. से बढ़ा कर ६७७ करोड़ रु. कर दिया गया था।

All the watershed development programmes implemented by different ministries were proposed to be unified to make a better utilization of funds.

निधियों के बेहतर इस्तेमाल के लिए विभिन्न मंत्रालयों द्वारा लागू किए गए सभी जलविभाजक विकास कार्यक्रमों को एकीकृत करने का प्रस्ताव था।

The allocation for accelerated irrigation programme was enhanced by Rs. 200 crores.

त्वरित सिंचाई कार्यक्रमों के लिए आबंटन २०० करोड़ रु. तक बढ़ा दिया गया था।

the share capital of NABARD was raised from Rs. 1500 crores to 2000 crores with Rs. 100 crores contributed by the exchequer and Rs. 400 crores contributed by the RBI, in 1998-99.

राजस्व विभाग द्वारा दिए गए १०० करोड़ रु. और आर बी आई के ४०० करोड़ रु. के साथ नाबार्ड का पूँजी शेयर १,५०० करोड़ रु. से बढ़ा कर २,००० करोड़ रु. कर दिया गया था।

This was done to enable NABARD to increase its leverage.

ऐसा इसलिए किया गया था जिससे कि नाबार्ड अपनी उत्तोलक-शक्ति बढ़ा सके।

This was done to enable NABARD to obtain additional resources from the market to meet its credit needs for agriculture.

ऐसा इसलिए किया गया था जिससे कि नाबार्ड कृषि के लिए अपनी ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बाज़ार से अतिरिक्त संसाधन प्राप्त करने में सक्षम हो सके।

A sum of Rs. 264 crores was also provided for rehabilitation and recapitalisation of regional rural banks.

प्रादेशिक ग्रामीण बैंकों के पुनर्वास और पुनर्पूँजीकरण के लिए २६४ करोड़ रु की धनराशि भी प्रदान की गई।

A provision of Rs. 60 crores was made for technology mission on cotton.

सूत पर तकनीकी मिशन के लिए ६० करोड़ रु. का प्रबंध किया गया।

A provision of Rs. 100 crores was made for experimental crop insurance scheme.

प्रायोगिक फसल बीमा योजना के लिए १०० करोड़ रु. का प्रबंध किया गया।

A provision of Rs. 500 crores was made for rural infrastructure development fund of NABARD.

नाबार्ड की ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं की विकास निधि के लिए ५०० करोड़ रु का प्रबंध किया गया।

the subsidy on potassium and phosphatic fertilizers was increased in the budget.

बजट में पोटाशिअम और फ़ॉस्फ़ेट खादों पर आर्थिक सहायता बढ़ा दी गई।

the import duty on biopesticides was reduced in the budget.

बजट में जैव-कीटनाशकों पर आयात शुल्क कम कर दिया गया।

excise duty on jute products was cut in the budget.

बजट में जूट-उत्पादों पर उत्पाद-शुल्क घटा दिया गया।

100 percent tax-exemption on biopesticide manufacturing units was granted In the budget.

बजट में जैव-कीटनाशक कारखानों को १०० प्रतिशत कर-छूट दी गई।

duty on diesel-generating sets of power upto 10 HP was reduced in the budget.

१० एच पी तक के डीज़ल जेनरेटर सेटों पर से शुल्क घटा दिए गए।

the manufacture of agricultural implements in the small scale sector was dereserved in the budget to improve their quality.

गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए लघुमान क्षेत्र में कृषीय उपकरणों का उत्पादन अनारक्षित कर दिया गया।

During 1996-97, the share of private investment however rose from 63 percent to 81 percent.

१९९६-९७ के दौरान निजी निवेशों का हिस्सा ६१ प्रतिशत से बढ़ कर ८३.८ प्रतिशत हो गया।

This rise is attributed mostly to better terms of trade offered by the government to agriculture vis-a-vis industry.

यह बढ़ोत्तरी उन बेहतर व्यापार-शर्तों से संबंधित है जो सरकार ने उद्योग की तुलना में विशेषकर कृषि को प्रदान की हैं।

The fall in public sector investment is attributed to increase in current expenditure to meet higher subsidies on food, fertilisers, electricity, irrigation, credit and other farm inputs.

भोजन, खाद, बिजली, सिंचाई, ऋण और अन्य खेत निवेशों पर बढ़ी हुई आर्थिक सहायता से जूझने के लिए वर्तमान व्यय में जो वृद्धि की गई, वही सार्वजनिक क्षेत्र निवेश में होनेवाली गिरावट का कारण है।

In recent years public expenditure on maintenance of existing irrigation projects has gone up and investment on new projects has fallen.

हाल के वर्षों में चालू सिंचाई परियोजनाओं के अनुरक्षण पर होनेवाले सार्वजनिक व्यय बढ़ गये हैं और नयी परियोजनाओं पर निवेश गिर गये हैं।

Many of the projects are still awaiting completion because of cost overruns and non-availability of necessary timely funds.

कीमतों के सीमातिक्रमण और समय पर मिलने वाली आवश्यक निधियों की अनुपलब्धता के कारण कई परियोजनाएँ अब भी समापन की प्रतीक्षा कर रही हैं।

It was proposed to raise the investment in agriculture to 18 percent of the total plan outlay in the Eighth Plan.

आठवीं योजना में यह प्रस्तावित किया गया था कि कृषि में कुल योजना परिव्यय का १८ प्रति शत निवेश बढ़ाया जाएगा।

The actual investment turned out to be 10 percent.

वास्तविक निवेश मात्र १० प्रतिशत निकला।

The government also announced a scheme to issue Kisan Credit Cards to farmers.

सरकार ने कृषकों के लिए 'किसान ऋण पत्र' जारी करने की योजना की भी घोषणा की है।

The farmers will be able to obtain loans from designated banks on the basis of their land holdings for the purchase of seeds and Fertilizers and pesticides and any other inputs under the scheme.

इस योजना के अंतर्गत कृषक अपनी भू-संपत्ति के आधार पर बीजों की खरीदारी, खाद, कीटनाशकों और अन्य कोई भी निवेशों के लिए निर्दिष्ट बैंकों से कर्ज़ पा सकेंगे।

The scheme will be open for about 1 lakh farmer families.

यह योजना लगभग १ लाख कृषक परिवारों के लिए खुली रहेगी।

The procedural details of the scheme were to be worked out and announced by NABARD after working out the modalities.

योजना की रूप-रेखाएँ तैयार करने के बाद उसके प्रक्रिया-संबंधी ब्योरे नाबार्ड द्वारा विकसित और घोषित किए जाने थे।

The necessary refinance to the commercial and other banks for the implementation of the scheme was to be provided by NABARD.

योजना के कार्यान्वयन के लिए व्यापारिक और अन्य बैंकों को आवश्यक पुनर्पूँजीकरण नाबार्ड द्वारा प्रदान किया जाना था।

The ministry of agriculture is expected to have spent only 1974 crore rupees in 1998 out of the budgetary allocation of 2854 crore rupees in 1998.

बजट के लिए निर्धारित २८५४ करोड़ रु. में से कृषि मंत्रालय द्वारा १९९८ में मात्र १९७४ करोड़ रु. खर्च किए गए, ऐसा अनुमान है।

The central plan outlay for agriculture and rural development was raised by 47 percent over the revised estimate of 1998 to 2897 crore rupees.

कृषि और ग्रामीण विकास के लिए केंद्रीय योजना व्यय १९९८ के संशोधित अनुमानों से ४७ प्रतिशत बढ़ा कर २८९७ करोड़ रु. कर दिय़ा गया था।

The lesser expenditure in 1998 is attributed to long delays in execution of work plans by states.

राज्यों द्वारा कार्य-योजनाओं के कार्यान्वयन में की गई लंबी देरियाँ १९९८ में हुए अपेक्षाकृत कम खर्च का कारण थीं।

Ninth Plan Projections

नौवीं योजना प्रक्षेपण

The demand for foodgrains in India is expected to rise to 220 million tonnes by the end of the Ninth Plan according to an earlier estimate.

पहले के एक अनुमान के अनुसार, नौवीं योजना के अंत तक भारत में खाद्यान्न की माँग २२० मिलियन टन तक बढ़ जाने की आशा है।

The demand for household consumption in India is expected to rise to 185 million tonnes by the end of the Ninth Plan according to an earlier estimate.

पहले के एक अनुमान के अनुसार,नौवीं योजना के अंत तक भारत में घरेलू खपत की माँग १८५ मिलियन टन तक बढ़ जाने की आशा है।

The demand for food processing industries in India is expected to rise to 27 million tonnes by the end of the Ninth Plan according to an earlier estimate.

पहले के एक अनुमान के अनुसार,नौवीं योजना के अंत तक भारत में भोजन प्रक्रिया उद्योगों की २७ मिलियन टन तक बढ़ जाने की आशा है।

The demand for export in India is expected to rise to 7 million tonnes by the end of the Ninth Plan according to an earlier estimate.

पहले के एक अनुमान के अनुसार,नौवीं योजना के अंत तक भारत में निर्यात की ७ मिलियन टन तक बढ़ जाने की आशा है।

The area under foodgrains was raised to 120 million hectares to meet this demand besides affecting the usual increases in the yield through the use of better quality seeds and effective pest and disease control.

बेहतर कोटि के बीजों के प्रयोग और प्रभावकारी कीट और रोग नियंत्रण के जरिए पैदावार की सामान्य बढ़त को प्रभावित करने के साथ-साथ खाद्यान्नों के लिए निर्धारित भूमि को १२० मिलियन हेक्टेयर तक बढ़ाया जाना था।

The demand for fruits was expected to go up to 50 million tonnes.

फलों की माँग ५० मिलियन टन तक जाने की आशा थी।

The demand for vegetables was expected to go up to 95 million tonnes.

सब्ज़ियों की माँग ९५ मिलियन टन तक जाने की आशा थी।

The demand for edible oils was expected to go up to 10 million tonnes.

खाद्य तेलों की माँग १० मिलियन टन तक जाने की आशा थी।

The demand for sugar was expected to go up to 7 million tonnes

शक्कर की माँग ७ मिलियन टन तक जाने की आशा थी।

The foodgrain and edible oil target is not expected to be achieved.

खाद्यान्न और खाद्य तेल के लक्ष्य को पूरा करने की आशा नहीं है।

There was a significant shortfall in public sector investment in agriculture in the Eighth Plan according to the Planning Commission.

योजना आयोग के अनुसार, आठवीं योजना में सार्वजनिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण कमी आई थी।

This shortfall should be reversed in the Ninth Plan.

नौवीं योजना में यह कमी प्रतिवर्तित की जानी चाहिए।

The target for agricultural growth should be fixed taking into account the gap in the domestic availability and the demand for domestic consumption and exports

घरेलू उपलब्धता और घरेलू खपत और आयात की माँग के अंतराल को ध्यान में रखते हुए कृषीय वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया जाना चाहिए।

The output of agricultural and allied products should grow at 352 percent to meet the domestic needs and to take advantage of the world market in value terms.

घरेलू आवश्यकताओं से निपटने के लिए और मूल्य की दृष्टि से विश्व-बाज़ार का लाभ उठाने के लिये कृषीय और समवर्गी उत्पादों का उत्पादन ३५२ प्रतिशत पर बढ़ना चाहिए।

The world market offers significant opportunity to earn foreign exchange through exports.

विश्व बाज़ार निर्यात के जरिए विदेशी मुद्रा कमाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

The annual growth rate should be 45 percent.

वार्षिक वृद्धि दर ४५ प्रतिशत होनी चाहिए।

This calls for an investment of 268300 crore rupees in the Ninth Plan.

इससे नौवीं योजना में २६८३०० करोड़ रु के निवेश की आवश्यकता होगी।

The investment in the Ninth Plan is higher than the investment in the Eighth Plan.

आटवीं योजना की अपेक्षा नौवीं योजना में निवेश अधिक हैं।

Agricultural Marketing

कृषीय विपणन

At present, most of the agricultural produce in the country is freely marketed through private trade operating in organized markets and mandies

फ़िलहाल, देश में अधिकतर कृषीय उपज की ख़रीद-फ़रोख्झ्त नियोजित बाज़ारों/मंडियों में काम करने वाले निजी व्यापार के माध्यम से मुक्त रूप से हो रही है.

Except for commodities like petroleum and coal and nitrogenous fertilizers and others whose prices are administered most agricultural commodity markets operate under the normal forces of demand and supply

जिन पण्यों की कीमतें नियोजित की गई हैं, जैसे पेट्रफेलियम, कोयला, नाइट्रफेजनयुक्त खाद आदि, उनके अलावा अधिकतर कृषीय पण्य-बाज़ार माँग और वितरण के सामान्य दबावों के अंतर्गत काम करते हैं.

In order to save the farmers from cartels of traders and encourage farmers to undertake the cultivation of certain specific crops like foodgrains and oilseeds and cotton and jute and tobacco and sugarcane and others the government also fixes minimum support and statutory prices for some crops and makes arrangements for their purchase on state account whenever their price fall below the support level

कृषकों को व्यापारियों के उत्पादक-संघों से बचाने के लिए और कुछ विशिष्ट फसलों (खाद्यॉफ, तेलहन,सूत,जूट,तंबाकू, गॅफा, इत्यादि) की खेती का दायित्व लेने को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार कुछ फसलों की न्यूनतम आर्थिक सहायता/वैधानिक कीमतें नियत करती है और ऐसी व्यवस्था करती है कि जब भी उनकी कीमतें आर्थिक सहायता स्तर से नीचे गिरें,तब उनकी खरीदारी राज्य के खाते पर हो.

The role of the government normally is limited to protecting the interests of producers and consumers, only in respect of wage goods, mass consumption goods and essential goods

आम त्र पर सरकार की भूमिका केवल वेतन-पदार्थों, व्यापक खपत पदार्थों और आवश्यक पदार्थों के संदर्भ/विषय में उत्पादकों और उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा करने तक ही सीमित है.

The government is promoting organized marketing of agricultural commodities in the country

सरकार देश में कृषीय पण्यों की नियोजित ख़रीद-फ़रोख्झ्त को प्रोत्साहित कर रही है.

To achieve this, the governments of many states and union territories have enacted necessary legislation for regulation of agricultural produce markets

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कई राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की सरकारों ने कृषीय उत्पाद बाज़ारों के नियंत्रण के लिए आवश्यक कानून बनाए हैं.

The number of regulated markets in the country went up from 6,640 in 1990-91 to 6,968 in 1995-96 and 7,062 in 1996-97

देश में नियंत्रित बाज़ारों की संख्या १९९०-९१ में ६,६४० से १९९५-९६ में ६,९६८ और् १९९६-९७ में ७,०६२ हो गई.

The union government has also set up a number of organizations, under the aegis of ministry of agriculture and ministry of commerce, such as commodity boards, cooperative federations and export promotion councils for monitoring and boosting the production, consumption, marketing and export of various agricultural commodities

केंद्र सरकार ने कृषि मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के तत्त्वावधान में उत्पादन, खपत, खरीद-फ़रोख्त और विभिॅफ कृषीय पण्यों के निर्यात का निरीक्षण करने और उसे बढ़ावा देने के लिए कई संस्थाएँ स्थापित की हैं, जैसे पण्य मंडल, सहकारी संघ और निर्यात प्रोत्साहन परिषद्.

These include the Commission for Agricultural Costs and Prices (CACP) for recommending minimum prices of certain commodities; the Food Corporation of India Ltd. (FCI), the Cotton Corporation of India Ltd. (CCI), the Jute Corporation of India Ltd. (JCI), the National Cooperative Development Corporation Ltd. (NCDC), the National Cooperative Marketing Federation Ltd. (NAFED), the National Tobacco Growers Federation Ltd. (NTGF), the Tribal Cooperative Marketing Development Federation Ltd. (TRIFED), the National Consumers Cooperative Federation Ltd. (NCCF), etc for procurement and distribution of commodities; and the Tea Board, Coffee Board, Coir Board, Rubber Board, Tobacco Board, Spices Board, Coconut Board, Central Silk Board, the National Dairy Development Board (NDDB), State Trading Corporation (STC), Agricultural & Processed Foods Export Development Authority (APEDA), Marine Products Export Development Authority (MPEDA), the Indian Silk Export Promotion Council, the Cashewnuts Export Promotion Council of India (CEPC), etc for promotion of production and exports of specific commodities

कुछ पण्यों की न्यूनतम कीमतों पर परामर्श देने के लिये कृषीय लागत और कीमत आयोग (सी ए सी पी);पण्यों की उपलब्धि और वितरण के लिये भारतीय खाद्य निगम लिमिटेड (एफ़ सी आई), भारतीय सूत निगम लिमिटेड (सी सी आई), भारतीय जूट निगम लिमिटेड (जे सी आई), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम लिमिटेड (एन सी डी आई),राष्ट्रीय सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (एन ए एफ़ ई डी), राष्ट्रीय तंबाकू उत्पादक संघ लिमिटेड (एन टी जी एफ़), जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ लिमिटेड (टी आर आई एफ़ ई डी), राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड (एन सी सी एफ़), आदि; और विशिष्ट पण्यों के उत्पादन और निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिये चाय मंडल, कॉफ़ी मंडल, (।।।चोइर् बोर्ड।।।), रबर मंडल, तंबाकू मंडल, मसाला मंडल, नारियल मंडल, केंद्रीय रेशम मंडल, राष्ट्रीय डेयरी विकास मंडल (एन डी डी बी),राज्य व्यापार निगम (एस टी सी), कृषीय एवम् संसाधित काद्यॉफ निर्यात विकास प्राधिकरण (ए पी डी ए), समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एम पी ई डी ए), भारतीय रेशम निर्यात प्रोत्साहन परिषद्, भारतीय काजू निर्यात प्रोत्साहन परिषद् (सी ई पी सी), आदि इनमें सम्मिलित हैं.

The National Cooperative Union of India is an apex institution for cooperative Movement covering all types of cooperatives

सहकारी आंदोलन के लिए भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ एक शी संस्था है जो सभी प्रकार की सहकारी समितियों को शामिल करती है (जिसमें सभी प्रकार की सहकारी समितियाँ शामिल हैं). यह लोगों के समूह को सहकारी समितियाँ बनाने में सहायता दे कर प्रोत्साहन देती है और विकास करती है.

It promotes and develops cooperatives by assisting groups of people in forming cooperatives

यह सहकारी समितियों के प्रबंधकों और कार्यकारी अधिकारियों को सहकारी शिक्षा देती है और उनके लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाती है.

It also imparts cooperative education and organizes training programmes for managers and executives of cooperatives

नाफै ड एक शी सहकारी विपणन संस्था है जो चुभनदा कृषीय पण्यों की अधिप्राप्ति, वितरण, आयात और निर्यात में शामिल है.

NAFED is an apex cooperative marketing organization involved in procurement, distribution, export and import of select agricultural commodities

यह दालों और तेलहनों जैसे अविकारी पण्यों के मूल्य समर्थन संचालनों और आलू, प्याज़, अंगूर, किॅफो, संतरा, सेब, अंडा, मिर्च, काली मिर्च आदि जेसे विकारी पण्यों के बाज़ार हस्तक्षेप संचालनों के लिये सरकार की केंद्रीय नोडीय एजेन्सी है.

It is a central nodal agency of the government for undertaking price support operations for nonperishable commodities like pulses and oilseeds and for market intervention operations for perishable commodities like potatoes, onions, grapes, kinno, oranges, apples, eggs, chillies, black pepper, etc

जनवरी '९७ से फ़रवरी '९८ के द्रान नाफै ड ने १३ पण्यों के बाज़ार हस्तक्षेप का उत्तरदायित्व लियौ

During January 1997 to February 1998, NAFED undertook market intervention in 13 commodities

देश के विशिष्ट क्षेत्रों में उत्पॅफ होने वाले या बेचे जाने वाले विविध पण्यों की खरीद-फ़रोख्त और उनके वितरण से निपटने के लिये देश के अधिकतर राज्यों में कृषीय उत्पाद विपणन समितियाँ और नागरिक आपूर्ति निगम स्थापित किये गये हैं.

Most of the states in the country have set up Agricultural Produce Marketing Boards and Civil Supplies Corporations to deal with marketing and distribution of various commodities which are produced or sold in specific regions in the country

संघ सरकार बाज़ारों में अवसंरचनात्मक सुविधाएँ पैदा करने के लिये राज्यों को ग्रामीण इलाकों में गोदाम स्थापित करने सहित आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान करती है.

The union government provides financial and technical assistance to states in creation of infrastructural facilities in the markets including setting up of godowns in rural areas

कृषीय उत्पाद (श्रेणीकरण और विपणन) अधिनियम, १९३७ के अंतर्गत मार्च १९९७ के अंत तक १६२ कृषीय और संद्धि पण्यों के श्रेणीकरण मानदंड तैयार किये गये हैं.

Till the end of March 1997, grading standards have been prepared for 162 agricultural and allied commodities under the Agriculture Produce Act, 1937

न्व अ योजना की अवधि में तमिलनाडु सरकार द्वारा राज्य में कृषीय और विपणन सुविधाओं के विस्तार के लिये १०० करोडैं रू. खर्च करने की उम्मीद की जा रही है.

In the Ninth Plan period, the Tamil Nadu government is expected to spend Rs. 100 crores on extension of agricultural marketing facilities in the state

न्व अ योजना की अवधि में कृषीय और पुष्पकृषीय उत्पाद के लिये बाज़ार प्रांगन और गोदाम स्थापित करने के लिये महाराष्ट्र राज्य कृषीय विपनन समिति की ५१४ करोडैं रू. का निवेश करने की योजनाएँ हैं.

The Maharashtra State Agricultural Marketing Board has plans to invest Rs. 514 crores in setting up of market yards and godowns for agricultural and floricultural produce in the Ninth Plan period

राज्य सरकार ने राज्य में ४०५ ग्रामीण बाजारों सहित १,९३० बाज़ारों के संपूर्ण विकास के लिये एक बृहद्-योजना बनाई है.

The state government has prepared a master plan for the integrated development of 1,930 markets including 405 rural markets in the state

७२३ नियंत्रित बाज़ारों के विकास के निधिकरण के लिये यह प्रस्तावित किया गया है कि १२ प्रतिसत ब्याज पर दो व के ऋणस्थगन के बाद १४ वर्षों में प्रतिदेय ५० प्रतिसत निधि केंद्र सरकार से प्राप्त की जाये, २५ प्रतिसत राज्य सरकार द्वारा और २५ प्रतिसत कृषीय उत्पाद विपणन समितियों द्वारा दी जाएगी.

It is proposed to obtain 50 percent of the funds from the union government at 12 percent interest repayable in 14 years after a moratorium of two years for funding the development of 723 regulated markets

केरल सरकार ने विशेषकर फलों और सब्ज़ियों की खरीद-फ़रोख्त के लिये ६ थोक बाज़ार स्थापित करने हेतु ७२ करोडैं रू. की ई यू द्वारा सहायता-प्राप्त परियोजना का उत्तरदायित्व लिया है.

25 percent will be provided by the state government and 25 percent will be provided by the Agriculture Produce Marketing Committee

इनमें से ३ शहरी इलाकों में और ३ ग्रामीण इलाकों में होंगे.

The Kerala government has undertaken a Rs 72 crore EU-assisted project to set up 6 wholesale markets specifically for marketing of Fruits and Vegetables agricultural produce

चिन्हित किये गये शहरी इलाकों में तिरूवनंतपुरम में अनयार, अर्नाकुलम में मुवट्टपुज्झ्ह और वायनाड में एस बठेरी हैं.

Of these 3 will be in urban areas and of these 3 will be in rural areas

पिछले कुछ सालों में विभिॅफ राज्यों में अधिक पैदावार सामग्री द्वारा नये विकल्प सामने आने के कारण नारियल, रबडैं, काली मिर्च, अदरक, काजू आदि के मामले में केरल का एकाधिकार खत्म होता जा रहा है.

In India more than 100 million tonnes of fruits and vegetable are produced and marketed through a number of rural markets

फ़िलहाल केरल में कुल बोआई क्षेत्र का लगभग ६० प्रतिशत रबडैं और नारियल के लिये निर्धारित है.

The urban areas identified include Anayara in Thiruvananthapuram, Muvattapuzha in Ernakulam and S Batheri in Wayanad

उनकी कीमतों में आई कमी ने १९९८ में कृषीय जनशक्ति के लगभग दो-तिहाई लोगों के जीवन को प्रभावित कियौ

In recent years, the monopoly of Kerala is being lost in the case of number of crops like coconut, rubber, pepper, ginger, cardamom, cashewnut because of new p options coming up in various states with high yielding pi materials

At present 60 percent of the net sown area in Kerala is under rubber and coconut

The fall in their prices in 1998 affected the lives of nearly two-third of its agricultural workforce

Marketing of Fruit and Vegetables

फलों और सब्ज़ियों का विपणन।

In India more than 100 million tonnes of fruits and vegetables are produced and marketed through a number of rural,wholesale and terminal markets every year.

भारत में प्रति वर्ष १०० मिलियन टन से अधिक फल और सब्ज़ियों की उपज होती है और कई ग्रामीण, थोक और टर्मिनल बाज़ारों के माध्यम से उनका विपणन किया जाता है।

The market reforms in agricultural commodities have so far been limited mainly to foodgrains only.

कृषीय पण्यों में होने वाले बाज़ार सुधार अभी खाद्यान्नों तक ही सीमित हैं।

The marketing of fruits and vegetables has so far received little attention of the government.

अभी तक फलों और सब्ज़ियों के विपणन पर सरकार ने बहुत कम ध्यान दिया है।

At present, there are a large number of intermediaries in this trade between the producer and consumer which has resulted in a wide gap in the producer and consumer price of these commodities which needs to be reduced to enable farmers receive remunerative prices for their produce and boost their production and consumption in the country.

फिलहाल इस व्यापार में उत्पादक और उपभोक्ता के बीच ढेर सारे मध्यस्थ होने के कारण इन पण्यों की उत्पादक और उपभोक्ता कीमतों में एक बड़ा अंतराल आ गया है जिसे कम करना ज़रुरी है ताकि किसान अपने उत्पादों की लाभप्रद कीमतें पाने में समर्थ हो सकें और अपना उत्पादन और देश में खपत बढ़ा सकें।

The union government has not made any common regulation for the marketing of fruits and vegetables applicable all over the country, however, some of the state governments have enacted laws and Acts.

केंद्र सरकार ने फलों और सब्ज़ियों के विपणन के लिये पूरे देश में लागू होने वाले सार्वजनिक अधिनियम बनाये हैं हालाँकि कुछ राज्य सरकारों ने नियम और अधिनियम बनाये हैं।

The marketing of fruits and vegetables is under regulation in Rajasthan, Maharashtra, Bihar, Delhi, Uttar Pradesh and Karnataka and outside any regulatory purview in Tamil Nadu, West Bengal and Jammu & Kashmir.

राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, और कर्नाटक में फलों और सब्ज़ियों का विपणन अधिनियम के अंतर्गत है और तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और जम्मू-काश्मीर में नियामक क्षेत्र के बाहर।

At present, the wholesale markets for fruits and vegetables on a country-wide basis are concentrated in 10 large cities viz Delhi, Calcutta, Bangalore, Chennai, Mumbai, Jaipur, Nagpur Vijayawada, Lucknow and Varanasi.

फ़िलहाल, देशव्यापी आधार पर फलों और सब्ज़ियों के थोक बाज़ार १० बड़े शहरों, जैसे दिल्ली, कोलकाता, बैंगलोर, चेन्नई, मुंबई, जयपुर, नागपुर, विजयवाड़ा, लखनऊ और वाराणसी में संकेंद्रित हैं।

These cities account for the arrival of 75 percent of vegetables marketed in major urban areas in India.

भारत के मुख्य शहरी क्षेत्रों में खरीद-फ़रोख्त होने वाली ७५ प्रतिशत सब्ज़ियों की आपूर्ति के लिये ये नगर उत्तरदायी हैं।

Alone, Delhi, Calcutta, Mumbai and Pune account for the arrival of 55 percent of vegetables.

सिर्फ़ दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और पूना ही ५५ प्रतिशत सब्ज़ियों के आपूर्ति के लिये उत्तरदायी हैं।

Delhi and Calcutta account for transit trade in 40 percent fruits and 13 percent vegetables.

दिल्ली और कोलकाता ४० प्रतिशत फलों और १३ प्रतिशत सब्ज़ियों के पुनर्निर्यात व्यापार के लिये उत्तरदायी हैं।

Delhi, Calcutta and Mumbai receive 59 percent of total fruits and 46 percent of vegetables.

दिल्ली, कोलकाता और मुंबई कुल फलों का ५९ प्रतिशत और सब्ज़ियों का ४६ प्रतिशत प्राप्त करते हैं।

In a study carried out in 1998, it was found that cities with more than 20 lakh population account for transit trade in 66 percent of fruits and vegetables.

१९९८ में किये गये एक अध्ययन में यह पाया गया कि २० लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहर ६६ प्रतिशत फलों और सब्ज़ियों के पुनर्निर्यात व्यापार के लिये उत्तरदायी हैं।

As per 1981 census, population exceeds 5 lakhs in 48 cities.

१९८१ की जनगणना के अनुसार ४८ शहरों में ५ लाख से अधिक जनसंख्या है।

In those cities, there were 102 fruit and vegetable markets of which 54 were regulated.

उन शहरों में फलों और सब्ज़ियों के १०२ बाज़ार थे जिनमें से ५४ नियंत्रित थे।

The wholesale trade in fruits takes place in 65 markets and in vegetables in 81 markets.

६५ बाज़ारों में फलों का और ८१ बाज़ारों में सब्ज़ियों का थोक व्यापार होता है।

Each market on an average serves a population of about 7 lakhs.

प्रत्येक बाज़ार औसतन लगभग ७ लाख लोगों की आवश्यकता पूरी करता है।

The prices in these markets are however governed by demand and supply principles while market committee does not play any role in correction or arresting wide price fluctuations.

फिर भी, इन बाज़ारों में माँग और वितरण के सिद्धांतों के आधार पर मूल्य प्रभावित होते हैं ओर मूल्य सुधार या व्यापक मूल्य अस्थिरता को नियंत्रित करने में व्यापार व्यवस्थापन समिति की कोई भूमिका नही होती है।

Futures Trading

प्रतिबद्धता व्यापार

In continuation of the process of economic reforms, resumption of Futures Trading is receiving a renewed focus in the country.

आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया को जारी रखते हुए प्रतिबद्धता व्यापार का पुनरारंभ देश में फिर से एक नया फ़ोकस प्राप्त कर रहा है।

The Kabra Committee, in its 1994 report, had recommended the allowing of futures trading in 17 commodities including kapas; raw jute and jute goods; seed, oil and oilcakes of groundnut, rapeseed/mustard, cottonseed, sesame, sunflower, copra and soyabean; ricebran oil; linseed; onions; and silver.

१९९४ की अपनी रिपोर्ट में कब्रा समिति ने कपास, कच्चे जूट और जूट से बने माल, मूँगफली के बीज, तेल और खली, तोरी के बीज/सरसों, तिल, सूरजमुखी, नारियल और सोयाबीन, धान का तेल, अलसी, प्याज और चाँदी सहित १७ पण्यों के प्रतिबद्धता व्यापार की अनुमति की सिफ़ारिश की है।

Futures trading in gur, potato, raw jute, turmeric, pepper and castorseed has been going on since long in the country.

देश में गुड़, आलू, कच्चे जूट, हल्दी, काली मिर्च, और अंडी के बीजों का प्रतिबद्धता व्यापार लंबे समय से होता चला आया है।

More recently the union government has allowed futures trading in coffee, castor oil, jute sacking and cotton and has also permitted futures trading in palmolein, oilseeds and oilmeals subject to completion of certain formalities.

हाल ही में केंद्र सरकार ने कॉफ़ी, अंडी के तेल, टाट और सूत के प्रतिबद्धता व्यापार को स्वीकृति दी है और साथ ही पामोलिन, तेलहन और तेलखाद्य के प्रतिबद्धता व्यापार की भी आज्ञा दे दी है बशर्ते कि कुछ औपचारिकताएं पूरी हो जाएँ।

The futures trading in cotton was resumed after a gap of about 32 years at the Cotton Exchange Building in Mumbai on December 6, 1998.

३२ सालों के अंतराल के बाद ६ दिसंबर १९९८ को मुंबई के सूत विनिमय भवन में सूत का प्रतिबद्धता व्यापार पुनः शुरू किया गया।

An international futures exchange in pepper has started operating in the country and for castor was expected to begin in May 1999 in Navi Mumbai.

देश में काली मिर्च का अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धता व्यापार होना शुरू हो गया है और मई १९९९ में नवी मुंबई में कैस्टर की शुरू होने की आशा थी।

Cold Storages

शीतागार

The number of cold storages (of more than 10 tonnes) in the country has gone up from 2,930 at the end of 1990-91 to 3,253 at the end of 1995-96 and their capacities have gone up from 7.68 million tonnes to 8.73 million tonnes.

देश में १० टन से अधिक के शीतागारों की संख्या १९९०-९१ के २,९३० से १९९५-९६ के अंत में ३,२५३ तक हो गई है और उनकी क्षमता ७.६८ मिलियन टन से बढ़ कर ८.७३ मिलियन टन हो गई है.

The cold storages are being mostly used for the storage of agricultural commodities with potato being the largest stored commodity.

शीतागार ज़्यादातर कृषीय पण्यों के संग्रहण के लिये उपयोग में लाए जाते हें और उनमें सबसे अधिक संग्रह किया जाने वाला पण्य आलू है.

At present setting up of cold storages in India is not a lucrative activity because of high investment and low rental charges prevailing in the country.

देश में उच्च निवेश और कम किराया-शुल्कों के कारण आज-कल भारत में शीतागार स्थापित करना लाभप्रद कार्य नहीं रह गया है.

In some of the states there are curbs on rental charges as they are fixed by the governments.

कुछ प्रदेशों में किराये के शुल्कों पर प्रतिबंध हैं क्योंकि वे सरकार द्वारा निर्धारित किये गए हैं.

The NCDC provides financial assistance for setting up cold storages in the cooperative sector.

निजी क्षेत्र में शीतागार स्थापित करने के लिये एन सी डी सी आर्थिक सहायता प्रदान करती है.

Till the end of March 1996, the NCDC had provided a total assistance of Rs. 79.97 crores for setting up of 248 cold storages with an installed capacity of 7.39 lakh tonnes.

मार्च १९९६ के अंत तक एन सी डी सी ७.३९ लाख टन की संस्थापित क्षमता के २४८ शीतागार स्थापित करने के लिये ७९.९७ करोड़ रु. की कुल आर्थिक सहायता प्रदान कर चुकी थी.

In 1997, the union government repealed the Cold Storage Order, 1980.

१९९७ में केंद्र सरकार ने १९८० के शीतागार आदेश को निरस्त कर दिया.

Now no licence is required for setting up a cold storage as far as the union government is concerned.

जहाँ तक केंद्र सरकार का संबंध है, अब शीतागार स्थापित करने के लिये किसी लाइसेन्स की ज़रूरत नहीं है.

This also means that no data will be available now on the total number of cold storages and their installed capacity in the country in the coming years.

इसका अर्थ यह भी हुआ कि अब आने वाले वर्षों में देश में शीतागारों की कुल संख्या और उनकी संस्थापित क्षमता के बारे में कोई आँकड़े उपलब्ध नहीं रहेंगे.

According to a report prepared by an expert committee under the chairmanship of Mr. J.L.N. Srivastava, Additional Secretary in the Ministry of Agriculture, the present installed capacity, which needs to be raised to 123 lakh tonnes with an investment of Rs. 650 crores in the next 5 years, of cold storages in the country for the storage of potatoes is 103 lakh tonnes.

श्री जे एल एन श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव, कृषि मंत्रालय, की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट के अनुसार आलू का संग्रहण करने के लिये देश में शीतागारों की वर्तमान संस्थापित क्षमता १०३ लाख टन है जिसे अगले पाँच वर्षों में ६५० करोड़ रु. के निवेश के ज़रिये बढ़ा कर १२३ लाख टन करने की आवश्यकता है.

This can be done by setting up an additional capacity of 12 lakh tonnes and revamping a capacity of 8 lakh tonnes by rehabilitating some of the closed and sick cold storages.

१२ लाख टन की अतिरिक्त क्षमता स्थापित कर के और कुछ बंद और रुग्ण शीतागारों की पुनर्स्थापना करके ८ लाख टन की क्षमता के नवीनीकरण के साथ ऐसा किया जा सकता है.

The commitee had suggested setting up of 90 per cent of this additional capacity in the private sector and of this additional capacity 10 per cent in the cooperative/ private sector.

समिति ने इस अतिरिक्त क्षमता का ९० प्रतिशत निजी क्षेत्र में और १० प्रतिशत सहकारी/सार्वजनिक क्षेत्र में लगाने का सुझाव दिया था.

The committee has estimated the present installed capacity, which needs to be raised by 4.6 lakh tonnes in the coming 5 years, of the cold storage plants for onions at 4.5 lakh tonnes.

समिति ने प्याज के लिये शीतागार संयंत्रों की ४.५ लाख टन वर्तमान संपूर्ण क्षमता का अनुमान लगाया है जिसे आगामी ५ वर्षों में बढ़ा कर ४.६ लाख टन करने की आवश्यकता है.

The committee has also suggested that the lending institutions should provide finance to cold storage plants at a concessional rate of 6 per cent, the excise duty on refrigeration plants and sandwich panels used for insulation be abolished.

समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि ऋणद संस्थाओं द्वारा शीतागार संयंत्रों को ६ प्रतिशत रियायती दर पर आर्थिक सहायता दी जानी चाहिये, और रोधन के लिये इस्तेमाल होने वाले प्रशीतन संयंत्रों और सैंडविच पैनलों को समाप्त कर देना चाहिये.

The committee has recommended the replacement of present diffuser cooling system in cold storage plants by gravity/fin cooler system which saves power consumption by 20-25 per cent.

समिति ने सिफ़ारिश की है कि शीतागार संयंत्रों में वर्तमान विसारक शीतलन तंत्र के स्थान पर २०-२५ प्रतिशत बिजली की खपत को बचाने वाले गुरुत्व/पंख शीतलन तंत्र लगाये जायें.

Accepting some of the recommendations of the committee, in the 1998-99 Budget, a credit-linked capital subsidy scheme for the construction of cold storages to be implemented by the ministry of agriculture with NABARD has been proposed.

समिति की कुछ सिफ़ारिशों को स्वीकार करते हुए १९९८-१९९९ के बजट में शीतागार निर्माण के लिये नाबार्ड के साथ कृषि मंत्रालय द्वारा लागू की जाने वाली ऋण से जुड़ी पूँजी आर्थिक सहायता योजना प्रस्तावित की गई है.

There is a plan to create an additional cold storage capacity of 12 lakh tonnes and modernization/upgradation of existing 8 lakh tonnes capacity.

१२ लाख टन की अतिरिक्त शीतागार क्षमता का निर्माण करने और वर्तमान ८ लाख टन क्षमता के आधुनिकीकरण/उन्नति के लिये एक योजना (बनाई गई) है.

An additional capacity of 4.5 lakh tonnes for the storage of onions is also proposed to be created.

प्याज के संग्रहण के लिये ४.५ लाख टन की अतिरिक्त क्षमता का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है.

Insurance

बीमा

In order to provide financial support to farmers in the event of crop failure due to drought, flood, etc and to restore the credit eligibility for the next crop season, a Comprehensive Crop Insurance Scheme (CCIS), which covered wheat, paddy, millets, oilseeds and pulses, was introduced in April 1985.

सूखे, बाढ़, आदि से फसल खराब हो जाने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता देने हेतु और अगली फसल के मौसम में ऋण योग्यता लौटाने के लिये अप्रैल १९८५ में गेहूँ,धान,ज्वार,तेलहनों और दालों को सुरक्षित करने वाली एक व्यापक फसल बीमा योजना (सी सी आई एस) शुरू की गई.

Under the scheme, half of the premium payable by small and marginal farmers is subsidised equally by the central and the state governments and indemnity claims are shared by the union government and state governments in the ratio of 2:1.

इस योजना के अंतर्गत, छोटे और कम उत्पादन करने वाले कृषकों द्वारा भुगतान किया जाने वाले प्रीमियम को केंद्रीय और राज्य सरकार् दोनों ही बराबरी से आर्थिक सहायता देती हैं और क्षतिपूर्ति-दावों को २:१ के अनुपात में केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार आपस में बाँट लेती हैं.

The premium is charged at the rate of 2 per cent for rice, wheat and millet and 1 per cent for pulses and oilseeds.

यह प्रीमियम चावल,गेहूँ और ज्वार पर दो प्रतिशत और दालों तथा तेलहनों पर १ प्रतिशत की दर से लगाया जाता है.

The participation in the scheme is voluntary and the states are free to opt or not to opt for the scheme.

इस योजना में सहभागिता ऐच्छिक है और राज्य इस योजना को अपनाने या न अपनाने के लिये स्वतंत्र हैं.

The scheme covers only those farmers who avail crop loans from cooperative credit institutions, commercial banks and regional rural banks for producing rice, wheat, millets, oilseeds and pulses.

इस योजना द्वारा केवल वे कृषक सुरक्षित हैं जो सहकारी ऋण संस्थानों,व्यावसायिक बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से चावल, गेहूँ, ज्वार,तेलहन तथा दालें उपजाने लिये कृषि ऋण लेते हैं.

The sum assured equals to the crop loan disbursed subject to a maximum of Rs. 10,000 per farmer.

अधिकतम १०,००० रु. प्रति कृषक के हिसाब से आश्वासित धन-राशि वितरित किये गये कृषि ऋण के बराबर है.

The scheme also covers indemnity towards loss in yield.

यह योजना उपज में हानि होने की स्थिति में क्षतिपूर्ति की भी सुरक्षा करती है.

If the actual average yield in any area covered by this scheme fails short of the guaranteed yield, the farmer is entitled to an indemnity to the extent of shortfall in yield viz-a-viz the guaranteed yield.

इस योजना द्वारा सुरक्षित किसी भी क्षेत्र में यदि वास्तविक औसत उपज प्रत्याभूत उपज से कम होती है तो फसल में जितनी कमी हुई है, कृषक उतने का क्षतिपूर्ति-दावा कर सकता है.

The scheme is being administered by the General Insurance Corporation of India.

इस योजना का संचालन भारतीय सार्वजनिक बीमा निगम द्वारा किया जा रहा है.

Since the inception of the scheme in 1985 to Rabi 1996-97 season about 5.82 crore farmers were covered under the scheme and claims of Rs. 1,523 crore were paid against premium collections of mere Rs. 269 crore.

१९८५ में इस योजना के प्रारंभ से ले कर १९९६-९७ के रबी के मौसम तक लगभग ५.८२ करोड़ कृषक इस के अंतर्गत सुरक्षित किये जा चुके थे और मात्र २६९ करोड़ रु के प्रीमियम की वसूली के बदले दावों के १,५२३ करोड़ रु. का भुगतान किया जा चुका था.

Till the end of Rabi 1997-98 season the scheme covered 6.45 crore farmers and claims of Rs. 1,623 crore were paid against a premium collection of only Rs. 313 crores.

१९९७-९८ के रबी के मौसम तक इस योजना द्वारा ६.४५ करोड़ कृषक सुरक्षित हो चुके थे और सिर्फ़ ३१३ करोड़ रु. के प्रीमियम की वसूली के बदले दावों के १,६२३ करोड़ रु. का भुगतान किया जा चुका था.

The scheme has proved its unviability and the ministry of Agriculture has been working quite some time on some alternate models for agriculture.

इस योजना ने अपनी अव्यवहार्यता सिद्ध कर दी है और कृषि मंत्रालय काफ़ी समय से कुछ स्थानापन्न प्रतिमानों पर काम कर रहा है.

In 1998, the union government , formulated a ' Modified Crop Insurance Scheme (MCCIS)' which received an in-principle clearance for introduction from Kharif 1999 by the Cabinet Committee on Economic Affairs in November 1998.

१९९८ में केंद्र सरकार ने एक 'संशोधित फसल सुरक्षा योजना (एम सी सी आई एस)'प्रतिपादित की जिसे खरीफ १९९९ के लिये आर्थिक मुद्दों की मंत्रिमंडल समिति ने नवंबर १९९८ में सिद्धांत रूप में निकासी दे दी.

In 1997, an 'Experimental Crop Insurance Scheme (ECIS)' , which was to cover besides loanee farmers, non-loanee small and marginal farmers also, was formulated for implementation in 24 districts for rabi 1997-98 crop.

१९९७ में १९९७-९८ की रबी फसल के लिये २४ जिलों में लागू की जाने वाली एक प्रायोगिक फसल बीमा योजना प्रतिपादित की गई जो ऋण लेने वाले कृषकों के अलावा ऋण न लेने वाले, छोटे और कम उत्पादन करने वाले कृषकों को भी सुरक्षित करे.

However, the scheme could be implemented in only 14 districts in 5 States and covered only non-loanee farmers.

लेकिन यह योजना ५ राज्यों के केवल १४ जिलों में ही लागू की जा सकी और केवल ऋण न लेने वाले कृषक ही सुरक्षित किये जा सके.

All the premium payable was subsidized by the central and the state governments in the ratio of 4:1 and the risks and indemnities were also shared by them in 4:1 ratio.

सभी देय प्रीमियमों को केंद्रीय और राज्य सरकारों द्वारा ४:१ के अनुपात में आर्थिक सहायता दी गई और उन्होंने जोखिम तथा क्षतिपूर्तियाँ भी ४:१ के अनुपात में आपस में बाँट लीं.

About 4.78 lakh farmers were covered for a sum insured of Rs. 172 crores.

१७२ करोड़ रु. की सुरक्षित धनराशि के लिये लगभग ४.७८ लाख कृषक सुरक्षित किये गये थे.

This scheme also proved a failure as the premium collected was only 2.86 crores and claims paid amounted to Rs. 39.78 crores.

यह योजना भी असफल साबित हुई क्योंकि प्रीमियम केवल २.८६ करोड़ रु. जमा हुआ और दावों का भुगतान ३९.७८ करोड़ रु. के बराबर हो गया.

From kharif 1998-99, this scheme has been discontinued.

खरीफ १९९८-९९ से इस योजना को स्थगित कर दिया गया है.

In the interim, the CCIS has replaced the ECIS in those districts where the latter is discontinued.

इस अंतराल में,सी सी आई एस ने उन जिलों में ई सी आई एस का स्थान ले लिया है जहाँ ई सी आई एस को स्थगित कर दिया गया है.

The CCIS is being implemented, at present, in 16 states and union territories.

वर्तमान में सी सी आई एस को १६ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है.

Punjab, Haryana and western Uttar Pradesh have not opted it.

पंजाब, हरियाणा, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने इसे नहीं अपनाया है.

The CCIS does not cover commercial crops like sugarcane, cotton, onions, potato, etc.

सी सी आई एस गन्ने,सूत,प्याज,आलू जैसी व्यापारिक फसलों को सुरक्षा नहीं देती है.

The MCCIS, whose modalities are still being worked out may cover these crops also.

एम सी सी आई एस, जिसकी रूपात्मकताएं अभी भी निर्धारित की जा रही हैं,इन फसलों को भी सुरक्षा दे सकती है.

There is a proposal to set up a corporation to be called 'Agricultural Insurance Corporation of India' ' as a subsidiary of the General Insurance Corporation to manage its operations.

'भारतीय कृषीय सुरक्षा निगम'नाम से एक निगम स्थापित करने का एक प्रस्ताव है जो सार्वजनिक सुरक्षा निगम के सहायक के रूप में उसके संचालनों की व्यवस्था करेगा.

Under the MMCCIS, the farmers may have to pay premium as against the earlier schemes in which even the premium was being paid by the government.

एम एम सी सी आई एस के अंतर्गत कृषकों को प्रीमियम देना पड़ सकता है हालांकि पिछली योजनाओं में प्रीमियम का भुगतान भी सरकार द्वारा किया जा रहा था.

For marginal farmers there will be concessions in premium charges.

कम उत्पादन करने वाले कृषकों के लिये प्रीमियम की दरों पर छूट होगी.

The minimum support price will take care of the premium charges borne by farmers.

न्यूनतम समर्थन मूल्य कृषकों द्वारा दिये जाने वाले प्रीमियम के खर्चों को वहन करेगा.

To start with the MMCCIS will be introduced in select districts and the MMCCIS will cover only foodgrains.

पहले एम एम सी सी आई एस कुछ चुनिंदा शहरों में ही प्रारंभ की जायेगी और केवल अनाजों को ही सुरक्षा देगी.

Later on it will be extended to all crops including oilseeds, horticulture, etc and all sorts of agricultural activities like fisheries, animal husbandry, sericulture, and so on.

बाद में इसे तेलहनों, उद्यान-कृषि आदि सभी फसलों तथा मत्स्य-उद्योग, पशुपालन,रेशम-उत्पादन आदि जैसे सभी प्रकार के कृषीय क्रिया-कलापों तक विस्तारित किया जायेगा. जिन कृषकों ने किसी भी सरकारी संस्था से ऋण का लाभ उठाया है, उनके लिये यह योजना अनिवार्य होगी दूसरों के लिये वैकल्पिक.

The scheme will be compulsory for farmers who avail loans from any government institution and optional for others.

पिछले कुछ सालों से केंद्र सरकार पशुधन सुरक्षा योजना भी लागू कर रही है जिसके तहत

Since past few years, the union government is also implementing a Livestock Insurance scheme, under which an animal is insured for its present market value or market value at the time of death whichever is lower.

एक पशु को उसके वर्तमान बाज़ार-भाव या उसकी मृत्यु के समय के बाज़ार-भाव,जो भी कम हो, के लिये सुरक्षित किया जाता है.

In 1997-98, about 16.5 million animals were insured under this scheme.

१९९७-९८ में लगभग १६.५ मिलियन पशु इस योजना के अंतर्गत सुरक्षित किये गये.

A sum of Rs. 137.40 crore was received as premium and claims of Rs. 93.32 crore were disbursed by GIC which is implementing this scheme.

जी आई सी, जो इस योजना को लागू कर रही है, ने १३७.४० करोड़ रु. की धनराशि प्रीमियम के रूप में प्राप्त की और ९३.३२ करोड़ रु.के दावे वितरित किये.

We want to cultivate corn. The soil is black. Please let us know about the best available corn seeds. Also let us know about planting, fertilizer doses, and watering schedule.

प्रश्न:हम मक्का की खेती करना चाहते हैं। मिट्टी काली है। कृपया हमें सबसे अच्छे उपलब्ध मक्के के बीजों के बारे में जानकारी दें। रोपण, खाद की खुराकें और सिंचाई की समय-सारणी के बारे मे भी हमें बताएँ।

Answer

उत्तर:

Varieties: Hybrid variety: Ganga 11. Growth period: 100 to 110 days.

किस्में: संकर किस्म: गंगा ११। वृद्धि की अवधि:१०० से ११० दिन।

Hybrid variety: Deccan 105. Growth period: 100 to 110 days.

संकर किस्म: डेक्कन १०५। वृद्धि की अवधि:१०० से ११० दिन।

For green fodder: African Tall. Growth period: 70 to 80 days.

हरा चारा के लिए: अफ्रीकन टॉल।

Other varieties: Proagro 4640, Decalp Highshill, Mahendra 990 and Suvarna.

वृद्धि की अवधि: ७० से ८० दिन।

Quantity: 15 to 20 kg per hectare (6 to 8 kg per acre).

अन्य किस्में: प्रो एग्रो ४६४०, डेकाल्प हाइशिल, महेन्द्र ९९० और सुवर्णा।

Fertilisers and the time of their application

मात्रा:१५ से २० किलो प्रति हेक्टेअर(६ से ८ किलो प्रति एकड़)।

1) Before planting: 10 to 12 tons of farm yard manure.

खादें और उनके उपयोग का समय:१)बोआई के पहले: १० से १२ टन गोबर की खाद।

2) At the time of planting: 35 kg urea, 150 kg single super phosphate, 32 kg sulphate of potash.

२)बोआई के समय पर: ३५ किलो यूरिया,१५० किलो सिंगल सुपर फॉस्फेट,३२ किलो सल्फेट ऑफ पोटाश।

3) 25 days after the planting: 35 kg urea.

३)बोआई के २५ दिनों बाद: ३५ किलो यूरिया।

4) 45 days after the planting (when crop has grown to the ear-shoot level): 35 kg urea.

४)बोआई के ४५ दिनों बाद (जब मक्का तुर्रा आने के स्तर पर हो):३५ किलो यूरिया।

Water: Crop should be kept moist before the start of and upto the flowering stage.

पानी: फसल को,फूल आने की स्थिति शुरू होने के पहले से फूल आने तक नम रखना चाहिए।

Weed killers : 2-3 days after the planting, spray 'Lasso' (alachlor) 50 E. C.* 1 litre + Atrataf (Atrazine) 250 gram, with 250 litres of water per acre on wet soil.

घास-पात नाशक: बोआई के ३-४ दिनों बाद, प्रति एकड़, लासो(एलाक्लॉर)५० ई.सी.*१ लीटर + एट्राटफ(एट्राज़ीन)२५० ग्राम,२५० लीटर पानी के साथ, गीली मिट्टी में छिड़कें।

Note: Among the species mentioned above, Suvarna is recommended.

टिप्पणी: ऊपर उल्लेख की गई प्रजातियों में से, सुवर्णा की सलाह दी गई है।

Question: We need complete information about watermelon cultivation. Also, please give information about the fertilizers to be used, schedule for watering, possible diseases and their remedies.We have bought the seeds called Bio-Sheetal from Bio Seeds.

प्रश्न: हमें तरबूज की खेती के बारे में पूरी जानकारी चाहिए। कृपया उपयोग मे लायी जाने वाली खादें, पानी की समय सारणी, सभंव रोगों और उनके उपचार के बारे में भी जानकारी दें। हमने बायो सीड्स से बायो-शीतल कहा जाने वाला बीज खरीदा है।

Answer:

उत्तर:

Information about watermelon cultivation:

तरबूज की बोआई के बारे में जानकारी:

You have purchased seeds of a hybrid variety.Cultivation should be done during December 20 to January 15.

आप ने संकरित (हाइब्रिड) किस्म का बीज खरीदा है। बोआई २० दिसंबर से १५ जनवरी के बीज होनी चाहिए।

The soil should be ploughed and harrowed.The rows should be made keeping a distance of 2 to 2.5 ft.

मिट्टी को जोतना और हेंगना चाहिए। २ से २.५ फुट फसला रखते हुए कतारें बनानी चाहिए।

The water basins should be made on both the sides of the row keeping a distance of 1 meter.

१ मीटर का फासला रखते हुए कतार के दोनों तरफ जल कुंडों को बनाना चाहिए।

2-3 seeds should be sown and 2 saplings should be planted in the water basin.

२ से ३ बीजों को बोना चाहिए और २ पौध को जल कुंड में रोपित करना चाहिए।

4 kg each of decayed farm yard manure and Linden powder, 2.5 sacks of Super Phosphate, 30 kg potash, 200 kg neem cake, 4 kg of each zinc sulphate, magnesium sulphate and ferrous sulphate, per acre should be mixed in the basin.

प्रत्येक, सड़ी हुई गोबर की खाद और लिंडेन पाउडर, का ४ किलो, २.५ बोरे सुपर फॉस्फेट, ३० किलो पोटॉश, २०० किलो नीम परत, प्रत्येक जिंक सल्फेट, मैग्नीशियम सल्फेट और फेरस सल्फेट का ४ किलो, प्रति एकड़ कुंड में मिला देना चाहिए।

10 days later, 2 kg of each P. S. B., Azotobacter and Trichoderma, per acre should be given. A week later, 4 sacks of ammonium sulphate, per acre should be given in 3 steps, with a gap of 15 days.

१० दिनों बाद, प्रत्येक पी.एस.बी., एज़ोटोबैक्टर और ट्राइचोडर्मा का २ किलो प्रति एकड़ दिया जाना चाहिए। एक सप्ताह बाद, ४ बोरा अमोनियम सल्फेट, तीन चरणों में ,१५ दिनों के अंतर से प्रति एकड़ देना चाहिए।

The fertilizers should be given according to soil-examination, by ring method.

मिट्टी-परीक्षण के अनुसार, छल्ला विधि द्वारा खादों को देना चाहिए।

Remedies to control the diseases and pests:

रोगों और कीटों की रोक-थाम करने के लिए उपचार

1) Red beetles: 15 gm water-soluble Linden powder and 20 ml Malathion should be sprayed per 10 litre water.

१) लाला भौंरें: १५ ग्रॅम लिंडेन पावडर और २० मि.ली. मेलेथिऑन को प्रति १० लीटर के साथ छिड़कना चाहिए।

2) Fruit fly: The rotten fruits should be burnt. 20 ml Malathion + 100 gm jaggery should be sprayed with 10 litre water. The protector trap made by Kokan Krishi Vidyapeeth should be used.

२) फल मक्खी: सड़े हुए फलों को जला देना चाहिए। २० मिलि. मेलेथिऑन + १०० ग्राम गूड़ को १० लीटर के साथ छिड़कना चाहिए। कोकण कृषि विद्यापीठ द्वारा बनाया गया सुरक्षा पिंजरा उपयोग करना चाहिए।

3) Leaf miner: 4 kg Phoret* or Thimate*, per acre should be mixed in the soil. 5 ml Cypermethrin should be sprayed per 10 litre water. 4 kg neem seed extract should be mixed in 100 litre water, filtered and sprayed.

३)लीफ माइनर: ४ किलो फोरेट* या थायमेट, प्रति एकड़ मिट्टी में मिला देना चाहिए। ५ मि.ली. सायपरमेथ्रीन प्रति १० लीटर के साथ छिड़कना चाहिए। ४ किलो नीमकौड़ी सार को १०० लीटर पानी मे मिलाकर, छानकर छिड़कना चाहिए।

4) Powdery mildew: 5 gm Calaxine* or 10 ml Carathin or 10 gm Bavistin should be mixed in 10 litre water and sprayed.

४) भुरभुरा मिल्ड्यू: ५ ग्राम कॅलीक्जीन* या १० मि.ली. केराथेन या १० ग्राम बावीस्टीन को १० लीटर पानी में मिलाकर छिड़कना चाहिए।

The crop should be watered in such a quantity that the moisture in the soil is maintained. Precaution should be taken so that the vine does not wet.

फसल में इस प्रकार पानी दिया जाना चाहिए कि मिट्टी में नमी बरकरार रहे। सावधानी रखनी चाहिए ताकि लताएं गीली न हों।

The fruits should be covered with dry grass. They should be protected from the Sun.

फल को सूखी घास से ढक देना चाहिए। उन्हें सूरज से बचाना चाहिए।

Question: Fenugreek has been sown 15 days ago. The tips of fenugreek are scorching. Please suggest a remedy for this.

प्रश्न:१५ दिनों पहले बोई मेथी गयी है। मेथी के सिरे झुलस रहे हैं। कृपया इसके लिए कोई उपचार बताएं।

Answer: Use the remedies after identifying the cause behind scorching of the tips of fenugreek.

उत्तर: मेथी के सिरों के झुलसने के पीछे के कारण का पता करके ही उपचारों का उपयोग करें।

If the tips are scorching due to a pest, use a translocated insecticide.

यदि सिरे कोई कीट के कारण झुलस रहे हैं,तो अंतर्प्रवाही कीटनाशक का उपयोग करें।

For example, spray 20 ml Dimethoate* or 13 ml Monochrotophos, per 10 litre water.

उदाहरण के लिए,२० मि.ली.डाइमेथोएट या १३ मि.ली. मोनोक्रोटोफॉस प्रति १० ली. पानी में छिड़कें।

If the tips are scorching due to a disease, spray 0.5 percent Bordo mixture (0.5 kg EC Bordo per 100 litre water) or 25 gm copper oxychloride and then 15 gm Bavistin + 10 gm M-45 per 10 litre water.

यदि सिरे कोई बीमारी के कारण धुलस रहें हैं,०.५ प्रतिशत बोर्डो मिश्रण (०.५ किलो ई सी बोर्डो प्रति १०० ली. पानी में) या २५ ग्राम कॉपर ऑक्सीक्लोराइड और तब १५ ग्राम बावीस्टीन + १० ग्राम एम-४५ प्रति १० लीटर पानी के साथ छिड़कें।

Question: Crop: Onion ; Variety: Gavaran ; Onion has been cultivated and the medicines have been used as you had suggested earlier. In spite of this, tips of the onion leaves are scorching. So, please suggest a remedy for this.

प्रश्न: फसलः प्याज ; किस्मः गावरान ; प्याज बोई गई है, और जैसा कि आपने पहले सुझाया था दवा का उपयोग किया गया है। इसके बाद भी, प्याज की पत्तियों के सिरे सूख रहे हैं। कृपया इसके लिए एक उपचार सुझाएँ।

Answer: Find out the exact cause of scorching the tips of onion leaves and use a remedy accordingly.

उत्तर: प्याज की पत्तियों के सिरों के सूखने का सही कारण का पता लगाएँ और उसके अनुसार एक सही उपचार करें।

If a disease appears, spray 0.5% Bordo mixture twice, with a gap of 8 days.

यदि कोई रोग दिखाई देता है तो आठ दिन के अन्तर से ०.५% बोर्डो मिश्रण दो बार छिड़कें।

If the pests appear, spray 20 gm Aciphate or 20 ml Metasystox with 10 litre water.

यदि कीट प्रकट होते हैं,तो २० ग्राम एसीफेट या २० मि.ली. मेटासिस्टॉक्स १० लीटर पानी के साथ छिड़कें।

If the onion crop is 1 to 1.5 months old, give the fertilizers as recommended.

यदि प्याज की फसल १ से १.५ महीने पुरानी है तो बताई गई खादें दें।

For spraying, use 5% neem seed extract, intermittently.

छिड़काव के लिए, ५% नीमकौड़ी के सार का प्रयोग रुक-रुक कर करें।

Use organic fertilizers.

रासायनिक खाद का प्रयोग करें।

Spray a fertilizer containing micronutrients, twice (e.g. 20 ml Multiplex per 10 litre water).

उर्वरक जिसमें सूक्ष्मपोषकतत्व हों (उदाहरणार्थ २० मि.ली. मल्टीप्लेक्स प्रति १० लीटर पानी में) दो बार छिड़कें।

Spray 0.5% 13:0:46 and 0.5% D. A. P. (18.46), alternately, 6 times.

०.५% १३:०:४६ और ०.५% डी. ए. पी. (१८.४६), अदल बदल कर ६ बार छिड़कें।

Question: Crop: OnionVariety: Gavaran ; Age: 60 day ; Due to continuous rain, fertilizers could not be given in the field since the cultivation of onion. Sulphate has not been given to onion till now. If it is given now, what will be the consequences?

प्रश्न: फसल: प्याज ; किस्म: गावरान ; आयु: ६० दिन ; लगातार बारिश के कारण, जब से प्याज की बोआई हुई है खेत में खाद नही दी जा सकी है। अब तक प्याज को सल्फेट नहीं दी गयी है। यदि इसे अब दिया गया तो इसके क्या परिणाम होंगे?

Answer: You have asked for the information about sulphate in your question.

उत्तर:आपने अपने प्रश्न में सल्फेट के बारे में जानकारी के लिए पूछा है।

Any sulphate is good for onion. A sulphate contains sulphur in it and the sulphur is an excellent fertilizer for onion.

कोई भी सल्फेट प्याज के लिए अच्छी है। सल्फेट में सल्फर होता है और प्याज की खेती के लिए सल्फर एक उत्तम खाद है।

But it is of the following types: 1) ferrous sulphate, 2) magnesium sulphate, 3) copper sulphate.

लेकिन इसके निम्नलिखित प्रकार हैं:१)फेरस सल्फेट,२)मैंग्नीशियम सल्फेट,३)कॉपर सल्फेट।

Please let us know the type of sulphate you will give so that dose of the fertilizer could be prescribed easily.

जो सल्फेट आप देंगें कृपया हमें उसका प्रकार बताइये ताकि खाद की मात्रा आसानी से निर्धारित की जा सके।

Question: We wish to start a kiosk-to-kiosk marketing of vegetables and fruits, using aAqua web site.

प्रश्न:हम आक्वा वेब साइट का उपयोग करके,फलों और सब्ज़ियों का एक सूचना केन्द्र से सूचना केन्द्र का बाज़ार शुरू करना चाहते हैं।

The farmers will benefit by such type of marketing since kiosk is the middleman between a farmer and an agent.

किसानों को इस तरह के बाज़ार से फायदा होगा क्योंकि सूचना केन्द्र एक किसान और एक कारक के बीच में मध्यस्थ है।

Please tell us something about this and send the list of kiosks.

कृपया हमें इसके बारे में कुछ बताइये और सूचना केन्द्रों की सूची भेजिए।

Answer:

उत्तर:

1) Uruli Kanchan Kiosk: <ssdnsbh@indiatimes.com>

१) उरूली कांचन सूचना केन्द्र : <ssdnsbh@indiatimes.com>

2) Kendur Kiosk (Bharat Pachange): <yash_kiosk@mhpab.chiraag.com>

२) केंदूर सूचना केन्द्र (भारत पाचंगे) : <yash_kiosk@mhpab.chiraag.com>

3) Shikrapur Kiosk (Rajendra Patil): <patil_kiosk@mhpab.chiraag.com>

३) शिक्रापूर सूचना केन्द्र (राजेंद्र पाटील) : <patil_kiosk@mhpab.chiraag.com>

4) Kadus Kiosk (Pramod Shinde): <pamshinde@yahoo.co.in>

४) कडूस सूचना केन्द्र (प्रमोद शिंदे) : <pamshinde@yahoo.co.in>

5) <vhargude@yahoo.co.in>

५) <vhargude@yahoo.co.in>

6) Pimpale Jagtap Kiosk (Prashant Tambe): <prashantt77@yahoo.com>

६) पिंपले जगताप सूचना केन्द्र (प्रशांत तांबे) : <prashantt77@yahoo.com>

Question: Crop: onion ; Variety: Gavaran ; Age: 2 months ; Previous crop: mung

प्रश्न: फसल:प्याज़ ; किस्म: गावरान ; आयु:२ महीने ; पिछली फसल: मूँग ;

The peripheral leaves of onion have bent and the tips are straight. Why does this happen and what is the remedy for this?

प्याज़ की सतही पत्तियाँ मुड़ गई हैं और सिरे सीधे हैं। यह क्यों होता है और इसके लिए क्या उपचार है?

18:18:10 has been used earlier. Which fertilizer should be used after this?

पहले १८:१८:१० का उपयोग किया गया था। इसके बाद कौन सी खाद का उपयोग करना चाहिए?

Answer:

उत्तर

1) Give fertilizers as per the soil-examination.

१)मिट्टी-परीक्षण के अनुसार खादें दें।

2) Alternation of crops in a field is essential.

२)खेत में फसल का एकांतरण आवश्यक है।

3) Plough the soil in the sun and let it be heated for 1-2 months.

३)मिट्टी को धूप में जोतें और इसे १-२ महीने के लिए गर्म होने दें।

4) For cultivation, choose a variety according to the season.

४)खेती के लिए, मौसम के अनुसार कोई किस्म चुनें।

5) Do not give any fertilizer to the crop after it has turned 2 months.

५)फसल २ महीने की होने के बाद, इसे कोई खाद नहीं दें।

6) At the beginning of the cultivation, it is essential to mix 4 kg Foret* and 300 kg neem cake, per acre in the soil.

६)खेती की शुरुआत में, प्रति एकड़ ४ किलो फोरेट और ३०० किलो नीमपिंड मिट्टी में मिलाना आवश्यक है।

7) Water the crop only in a required quantity.

७)फसल को केवल आवश्यक मात्रा में ही पानी दें।

8) Use a remedy after the problem has been identified.

८)समस्या की पहचान होनें के बाद ही कोई उपचार का उपयोग करें।

Question: The Gavaran variety of onion in our field is one and a half months old. The leaves of the onion have been affected by yellow tick* and aphid. The leaves have started bending. Please suggest a remedy for this.

प्रश्न: हमारे खेत में गावरान किस्म की प्याज डेढ़ महीने पुरानी है। प्याज की पत्तियों में पीला टिक और माहूँ लग गया है। पत्तियों ने मुड़ना शुरू कर दिया है। कृपया इसके लिए एक उपचार बतायें।

Answer: To control the diseases of onion, called aphid and blight, 20 ml Rogar + 25 gm Bavistin + 10 ml Sticker* should be sprayed with 10 litre water.

उत्तर: माहूँ और अंगमारी कहे जाने वाले प्याज के रोगों को काबू करने के लिए, २०मि.ली. रोगर + २५ ग्राम बावीस्टीन + १० मि.ली. स्टीकर को १० लीटर पानी के साथ छिड़कना चाहिए।

Question: The onion crop in my field has been affected by aphid. Which medicines should be used for this?

प्रश्न: मेरे खेत में प्याज की फसल को माहूँ (एफिड) लग गया है। इसके लिए कौन सी दवाएँ उपयोग में लानी चाहिए?

Answer: Remedies to control the pests on onion:

उत्तर: प्याज पर कीटों को रोकने के लिए उपचार:

1) 13 ml Monochrotophos should be sprayed with 10 litre water.

१) १३ मि.ली. मोनोक्रोटोफॉस १० लीटर पानी के साथ छिड़कना चाहिए।

2) If required, the second spraying of Neemark 5 percent (extract of neem seeds) should be carried out. For this, 5 kg neem seed powder should be soaked overnight in 100 litre water and it should be extracted in the morning.

२) यदि आवश्यक हो, नीमअर्क ५ प्रतिशत (नीमकौड़ियों का अर्क) का दूसरा छिड़काव करना चाहिए। इसके लिए, ५ किलो नीमकौड़ी पाउडर १०० लीटर पानी में रात भर भिगो कर रखना चाहिए और सुबह इसका अर्क निकाल लेना चाहिए।

3) After the spraying of each insecticide, neem seed extract 5 percent should be sprayed.

३) प्रत्येक कीटनाशक के छिड़काव के बाद, नीमकौड़ी सार ५ प्रतिशत छिड़का जाना चाहिए।

Question: I want to cultivate chilli. For this, which variety should be used? Earlier, potato was cultivated. Please reply immediately.

प्रश्न: मैं मिर्ची की खेती करना चाहता हूँ। इसके लिए, कौन सी किस्म का उपयोग किया जाना चाहिए? पहले, आलू खेती हुई थी। कृपया उत्तर शीघ्र दीजिए।

Answer: Information about new varieties of chilli and the methods of their cultivation:

उत्तर: मिर्ची की नई किस्मों और उसकी खेती करने के तरीकों के बारे में जानकारी:

1) The university has invented the improved varieties of chilli, namely, Phule Sai, Phule Jyoti, Phule Mukta, Phule Suryamukhi. Besides, the hybrid varieties called Maina (Nirmal), Namadhari, Sitara (Seminis) are cultivated.

१) विश्वविद्यालय ने फुले सई, फुले ज्योती, फुले मुक्ता, फुले सूर्यमुखी जैसी मिर्ची की उत्कृष्ट किस्मों का आविष्कार किया है। इसके अलावा, मैना (निर्मल), नामधारी, सितारा (सेमिनीस) कही जाने वाली संकर किस्मों की खेती हुई है।

2) Between two saplings, keep a distance of 60 X 45 sq. cm for an improved variety and that of 75 X 75 sq. cm for a hybrid variety.

२)उत्कृष्ट किस्म के लिए,दो पौधों के बीच ६० x ४५ वर्ग. से.मी. और संकर किस्म के लिए ७५ x ७५ वर्ग. से.मी. का फासला रखिए।

3) Prepare the saplings on a rise bed. Use 400 gm seeds per acre, for an improved variety and 130 gm seeds per acre, for a hybrid variety.

३)पौधों को आरोह क्यारी में तैयार करिए। उत्कृष्ट किस्म के लिए प्रति एकड़ ४०० ग्राम बीज और संकर किस्म के लिए १३० ग्राम बीज प्रति एकड़ उपयोग करिए।

4) At the time of cultivation, give 4-5 trailers of farm yard manure, 350 kg neem cake, 3 sacks of Super Phosphate and 1 sack of potash.

४)खेती करने के समय, ४-५ ट्राली गोबर की खाद,३५० किलो नीमपिंड,३ बोरे सुपर फॉस्फेट और १ बोरा पोटॉश दीजिए।

5) Give 2.5 sacks of urea divided in 3 parts.

५)२.५ बोरे यूरिया को ३ भागों मे विभाजित करते हुए दीजिए।

6) Besides, give 7 kg of each of zinc sulphate, ferrous sulphate and manganese sulphate.

६) इसके अतरिक्त,ज़िंक सल्फेट,फेरस सल्फेट व मैगनीज़ सल्फेट प्रत्येक ७ किलो दीजिए।

7) Give 2 kg of each of Azotobacter, P. S. B. and Trichoderma.

७)एज़ोटोबैक्टर,पी.एस.बी.और ट्राइकोडर्मा प्रत्येक २ किलो दीजिए।

8) Spray 30 ml Planofix* with 100 litre water, with a gap of 20 days.

८)३० मि.ली. प्लेनोफिक्स १०० लीटर पानी के साथ, २० दिनों के अंतर से छिड़किए।

9) Give a slightly smaller dose of fertilizer to an improved variety.

.९)एक उत्कृष्ट किस्म को खाद की थोड़ी सी कम खुराक दीजिए।

10) Spray 500 gm of a water soluble fertilizer with 100 litre water, 5-6 times, with a gap of a week.

१०)पानी में विलेय खाद का ५०० ग्राम १०० लीटर पानी के साथ,एक हफ्ते के अंतर,से ५-६ बार छिड़किए।

11) Spray according to the type of diseases and pests.

११)रोगों और कीटों के प्रकार के अनुसार छिड़काव कीजिए।

Question: I want to cultivate chilli in the summer. Please guide me about the variety to be selected and the way it should be cultivated. Also, give information about capsicum.

प्रश्न:मै गर्मी में मिर्चा उगाना चाहता हूँ। कृपया किस्म के चुनाव किये जाने और इसे किस तरह बोया जाना चाहिए के बारे में सलाह दें। साथ ही, शिमला मिर्च के बारे में जानकारी दें।

Answer: Information about new varieties of chilli and the methods of their cultivation:

उत्तर: शिमला मिर्च की नई किस्मों और इसकी उगाई के तरीकों के बारे में जानकारी

1) The university has invented the improved varieties of chilli, namely, Phule Sai, Phule Jyoti, Phule Mukta, Phule Suryamukhi. Besides, the hybrid varieties called Maina (Nirmal), Namadhari, Sitara (Seminis) are cultivated.

१) विश्वविद्यालय ने मिर्ची की बेहतर किस्मों का आविष्कार किया है, जोकि हैं, फुले सई, फुले ज्योति, फुले मुक्ता, फुले सूर्यमुखी। इसके साथ, मैना( निर्मल), नामधारी, सितारा (सेमिनीस) कही गयी संकरित किस्में उगाई जाती हैं।

2) Between two saplings, keep a distance of 60 X 45 sq. cm for an improved variety and that of 75 X 75 sq. cm for a hybrid variety.

२) बेहतर किस्म के लिए दो पौधों के बीच में ६० X ४५ वर्ग सें.मी. का फासला रखें और उसी प्रकार एक संकरित किस्म के लिए ७५ X ७५ वर्ग सें.मी. का।

3) Prepare the saplings on a rise bed. Use 400 gm seeds per acre, for an improved variety and 130 gm seeds per acre, for a hybrid variety.

३) एक आरोह क्यारी में पौध तैयार करें। बेहतर किस्म के लिए ४०० ग्राम बीज प्रति एकड़ उपयोग करें और संकरित किस्म के लिए १३० ग्राम बीज प्रति एकड़।

4) At the time of cultivation, give 4-5 trailers of farm yard manure, 350 kg neem cake, 3 sacks of Super Phosphate and 1 sack of potash.

४) उगाई के समय, ३-५ ट्रॉली गोबर की खाद, ३५० किलो नीम पिंड, ३ बोरे सुपर फॉस्फेट और १ बोरा पोटॉश दें।

5) Give 2.5 sacks of urea divided in 3 parts.

५) ३ भागों में विभाजित करके २.५ बोरे यूरिया दें।

6) Besides, give 7 kg of each of zinc sulphate, ferrous sulphate and manganese sulphate.

६) इसके साथ, जिंक सल्फेट, फेरस सल्फेट और मैग़नीस सल्फेट के प्रत्येक का ७ किलो दें।

7) Give 2 kg of each of Azotobacter, P. S. B. and Trichoderma.

७) प्रत्येक एज़ोटोबैक्टर, पी.एस.बी. और ट्राइचोडर्मा का २ किलो दें।

8) Spray 30 ml Planofix* with 100 litre water, with a gap of 20 days.

८) ३० मि.ली.प्लानोफिक्स* को १०० लीटर पानी के साथ, २० दिनों के अंतर से छिड़कें।

9) Give a slightly smaller dose of fertilizer to an improved variety.

९) बेहतर किस्म को खाद की थोड़ी सी हलकी मात्रा दें।

10) Spray 500 gm of a water soluble fertilizer with 100 litre water, 5-6 times, with a gap of a week.

१०) ५०० ग्राम पानी विलेय खाद को १०० लीटर पानी के साथ, एक हफ्ते के अंतर से, ५-६ बार, छिड़कें।

11) Spray according to the type of diseases and pests.

११) कीटों और रोगों के प्रकार के अनुसार छिड़काव करें।

Onion affected by aphis

कीट द्वारा प्याज को हानि

Onion has been affected by aphis. Please suggest a remedy.

प्याज एफिस नामक कीट से ग्रस्त है। कृपया कोई उपचार बतायें?

To control the diseases called aphis and blackarm on onion, spray the solution of 20 ml Rogar + 25 gm Bavistin + 10 ml Sticker with 10 litre of water.

प्याज में लगने वाले एफिस कीट और काले फंगस के लिए 20 मि.ली. रोगर , 25 ग्राम बाविस्टिन और 10 मि.ली.स्टीकर को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

Question: white grub worm that spreads through farm yard manure is causing damage to the crop. Please suggest a remedy for this.

प्रश्न :होमनी इल्ली जो खेतिहर खाद द्वारा फैलती है वह फसल को नुकशान पहुँचा रही है। कृपया इसके लिए कोई उपचार बताएं।

Answer 1: Remedy for white grub as follows:

उत्तर १: उन्नी कीड़े के लिए उपचार ये हैं :

After taking out the compost from the pit, mix 50 to 100 gm carbaryl per cart and then sow this mixture in the field.

वानस्पतिक खाद को गढ्ढे से बाहर निकालने के बाद, उसमें प्रति गाड़ी ५० से १०० ग्राम कार्बारील मिलाएं और तब उस मिश्रण को खेत में छिड़क दें।

Pick the white grub larvae and destroy them. Beetles flock on babhul or acacia tree and neem tree in the night; fell them down and kill them.

रात में भौंरे गोंद के पेड़ और नीम के पेड़ पर झुंड लगाते हैं: उन्हें नीचे गिरा दें और मार दें।

Across the insect-affected area, spread 20 Kg of Folidol dust per hectare.

की़ट-प्रभावित क्षेत्र के बीच में प्रति हेक्टेअर २० किलोग्राम फोलिडोल की धूल दें।

Answer 2: Use the following remedies to control white grub larvae.

उत्तर २:होमनी इल्ली कीड़ा पर काबू पाने के लिए दिये गये उपचारों का प्रयोग करें।

Plough two times more than usual so that the white grub larvae and cocoons fall prey to their predators.

आम जुताई से दो बार जुताई अधिक करें जिससे इल्ली और उसका कोया परभक्षियों द्वारा शिकार हो जायें।

The white grub larvae enter the field through farm yard manure or compost. The remedy for this is to mix 1Kg of 50% carbaryl with every cart of the manure.

खेतिहर खाद या मित्रण द्नारा इल्ली (लार्वा) खेत में प्रवेश करती है। इसके लिए ५० प्रतिशत कार्बारील के १ किलोग्राम को खेतिहर खाद की प्रति गाड़ी में मिला दें।

Collect and destroy the white grub larvae during intercultivation.

खेती के दौरान इल्लियों को इकठ्ठा करें और नष्ट कर दें।

Beetles that flock on the trees like neem, jujube, avacia or babhul tree after the first tropical** heavy rainfall should be collected and destroyed by drowning them in the kerosene-mixed water.

भौंरें जो पहली उष्णकटिबन्धी भारी बारिश के बाद पेड़ों जैसे नीम, जुजुबे और गोंद पर झुंडबनाते हैं उन्हें इकठ्ठा कर घासलेट-मिश्रित पानी में डुबोकर नष्ट कर देना चाहिए।

Spray the solution of 20 gm of 50% carbaryl in 10 litre of water on the trees like neem, jujube, babhul tree.

पेड़ जैसे नीम, जुजुबे और गोंद पर ५० % कार्बारिल और १० लीटर पानी के घोल को छिड़कना चाहिए।

2% methyl parathion dust should be mixed into the soil on the furrow, in the proportion of 100 Kg per hectare

१०० किलो प्रति हेक्टेअर के अनुपात से खेत के खाँचों में २ % मेथिल पराथियन धूल को मिट्टी में मिला देना चाहिए।

Spots on mango leaves

आम की पत्तियों पर धब्बे

Mango tree has been affected by a disease seen in the photo; please suggest a remedy for this disease.

आम का पेड़ छायाचित्र (फोटो) में दिखने वाले रोग से ग्रस्त है; कृपया कोई उपाय बतायें।

To control the spots on mango leaves, spray the solution of 25 gm Bavistin or 25 gm M-45 with 1 litre of water, once in 15 days.

आम की पत्तियों पर लगने वाले धब्बों पर काबू पाने के लिए, 25 ग्राम बावीस्टीन का घोल या 1 ली. पानी के साथ 25 ग्राम एम-45 का 15 दिनो में एक बार छिड़काव करें।

Every year, mix 50 kg rotten farm yard manure + 1 kg of neemseed cake + 25 gm Azotobacter + 25 gm phosphorus-dissolving bacteria together and give this to a 5 year old tree or a fully grown tree in the rainy season if it is moist.

प्रत्येक वर्ष 50 किलोग्राम सड़ी हुई खेतिहर खाद +1 किलोग्राम नीमकौड़ी पिंडी + 25 ग्राम अझोटोबॅक्टर + 25 ग्राम फॉस्फोरस-विलायक जीवाणु साथ में और इस मिश्रण को एक 5 वर्ष पुराने या पूरी तरह से परिपक्व पेड़ को नमी वाले मौसम या वर्षा ऋतु में दें।

In July, give 2.5 kg ammonium sulphate, 3 kg SSP, 2 kg sulphate of potash.

जुलाई महिने में, 2.5 किलोग्राम अमोनियम सल्फेट, 3 किलोग्राम एस एस पी, 2 किलोग्राम पोटास का सल्फेट दें।

Give 80 to 100 gm ferrous sulphate, 80 to 100 gm zinc sulphate, 80 to 100 gm magnesium sulphate, 80 to 100 gm manganese sulphate, 30 gm borax with the biogas slurry or with the mixture of dung and water.

80 से 100 ग्राम फेरस सल्फेट, 80 से 100 ग्राम जिंक सल्फेट, 80 से 100 ग्राम मैग्निसियम सल्फेट, 30 ग्राम बोरॅक्स को जैविक गाढ़े घोल या पानी और गोबर के मिश्रण के साथ पेड़ को दें।

Spider web on marigold

गेंदे के पौधे पर मकड़ी का जाला

Spiders spin web on marigold plant and then the plant dries. Please suggest a remedy for this. Species of the plant: Kafari.

मकड़ियां गेंदे के पौधे पर जाल बनाती हैं और तब पौधा सूख जाता है। कृपया इसके लिये कोई उपचार बतायें। पौधे की प्राजाति:काफरी

Your marigold crop might have been affected by an arachnid called spider.

आपके गेंदे की फसल एक मकड़ी कहे जाने वाले जन्तु से ग्रस्त हो चुकी हो सकती है।

For this, spray the solution of 20 gm sulphur in 10 litre of water.

इसके लिये ,10 लीटर पानी में 20 ग्राम गंधक को घोलकर छिड़काव करें।

After that spray the solution of 5 ml of vertimec in 10 litre of water.

इसके बाद 10 ली.पानी 5 मिली.व्हर्टीमेक मिलाकर छिड़काव करें।

In between these two sprayings, keep spraying 5% of Neemark.

इन दोनो छिड़कावों के बीच 5% का नीमअर्क छिड़काव करते रहिए।

The marigold plant might have been affected by an arachnid called spider. Use the following remedies for its control:

आप के गेंदे की फसल एक मकड़ी कहे जाने वाले जन्तु से ग्रस्त हो सकती है। इसकी रोक-थाम के लिए निम्नलिखित दवा का प्रयोग करें

Spray 25 gm of sulphur powder 80% (sulphades / thiovit) or 10 ml ethion 50% (laser / dhanumil) in 10 litre of water.

25 ग्राम सल्फर पावडर 80% (सल्फेड्स / थायोविट) या 10 मि.ली.इथिऑन 50% (लेझर / धानुमिल) को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

Spray 20 ml dichophol 18.5% (laser / dhanumil) in 10 litre of water.

20 मि.ली. डायकोफॉल 18.5% (लेझर / धानुमिल) को 10 लीटर पानी मे घोलकर छिड़काव करें।

Spray 20 ml omite in 10 litre of water.

और 20 मि.ली.ओमाइट को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

Red marigold bears yellow flowers

लाल गेंदे में पीले फूलों का निकलना

Our Marigold plants have borne both red and yellow flowers on the same branch.

हमारे गेंदे के पौधे की एक ही शाखा पर लाल और पीले दोनो रंग के फूल खिले हैं।

However, the plants planted had red flowers and the seedlings for the red flower plants were made at home itself.

वैसे जो पौधे लगाये गये थे वह लाल फूल वालेथे और उनके बीज घर पर ही तैयार हुए थे।

Out of the flowers produced 99 per cent are yellow and yellow flowers fetch a very low market price.

पैदा होने वाले फूलों में 99 प्रतिशत पीले फूल हैं और पीले फूलों का बाजार में दाम काफी कम है।

Why does this happen and what is the remedy for this?

ऐसा क्यों हो रहा है और इसका क्या उपचार है?

The seeds might be adultrated; so get it tested.

बीज मिलावटी हो सकता है;इसलिए इसका परिक्षण करायें।

Also, get the soil-examination done and give the doses of fertilizers accordingly.

और, मिट्टी का भी परिक्षण करायें तथा यथानुसार खाद की खुराक दें।

Question: Crop: Sugarcane ; Age: 2 months ; Area: 0.75 acre

प्रश्न: फसल: गन्ना ; आयु: २ महीना ; क्षेत्र: ०.७५ एकड़ ;

At the time of cultivation, 4 sacks of Super Phosphate and 2 tractors of farm yard manure were given. At the time of the first cutting of grass* / weed*, 2 sacks of urea was given.

बोआई के समय, ४ बोरे सुपर फॉस्फेट और २ ट्रैक्टर गोबर की खाद दी गयी थी। पहली घास*/ घास-पात* काटने के समय, २ बोरे यूरिया दी गयी थी।

Since 15-20 days, the sugarcane has been developing **Gabhe**, the inner part of sugarcane is decaying and is being affected by white maggots.

१५-२० दिनों से, गन्ने में गाभें विकसित हो रही हैं, गन्ने का अंदरूनी भाग ख़राब हो रहा है और उसमें सफेद मेगट लग रहा है।

The inner part, when removed, smells sourish.

अंदर का भाग जब निकाला जाता है, खट्टा- सा जैसा महकता है।

Should these inner parts be pulled off and removed? What remedy should be used for this?

क्या इन अंदरूनी भागों को निकालना और अलग कर देना चाहिए? इसके लिए कौन सा उपचार उपयोग में लाना चाहिए?

Also, which fertilizer should be used at the time of the third cutting of grass?

साथ ही, घास की तीसरी कटाई के समय कौन सी खाद उपयोग में लानी चाहिए।

Answer: The following remedies should be used to control the stem-pest on sugarcane.

उत्तर: गन्ने पर तने-वाले कीट को काबू करने के लिए निम्नलिखित उपचारों का प्रयोग करना चाहिए।

1) All the tips that have been affected by a stem-pest, should be removed.

१) तने-वाले कीट लगे हुए सभी सिरों को निकाल देना चाहिए।

2) 20 ml Endosulphan or 13 ml Monochrotophos or 12 ml Nuvan should be sprayed with 10 litre water.

२) २० मि.ली. एंडोसल्फान या १३ मि.ली. मोनोक्रोटोफॉस या १२ मि.ली. नुवान १० लीटर पानी के साथ छिड़कना चाहिए।

3) 15 days later, 2 Trichocards per acre should be used twice.

३) १५ दिनों बाद, प्रति एकड़ २ ट्राइकोकार्ड दो बार उपयोग में लाएँ।

4) 2.5 sacks of urea, 1 sack of Super Phosphate, 2 sacks of murate of potash, 10 kg zinc sulphate, 10 kg ferrous sulphate, 2 kg Borax and 200 kg neem cake should be given by mixing them.

४) २.५ बोरे यूरिया, १ बोरा सुपर फॉस्फेट, २ बोरे म्युरेट ऑफ पोटाश, १० किलो जिंक सल्फेट, १० किलो फेरस सल्फेट, २ किलो बोरेक्स और २०० किलो नीम पिंड आदि को मिलाकर देना चाहिए।
    • Mothi Bandhani** should be done.
जड़ों के पास मिट्टी इकठ्ठा करने का काम होना चाहिए।

Question: Cauliflower has been affected by aphis.

प्रश्न :फूलगोभी माहूँ से ग्रस्त हो गयी है।

Cauliflower was planted 2 months ago.

फूलगोभी दो माह पूर्व बोई गयी थी।

Please suggest a remedy for this and give full information about cauliflower cultivation.

कृपया इसके लिए कोई उपाय बतायें और फूलगोभी की खेती के बारे में पूरी जानकारी दें।

Answer 1: Spray the translocated insecticide to control aphis on cauliflower.

उत्तर १: गोभी में माहूँ पर नियन्त्रण के लिए अंतर्प्रवाही कीटनाशक का छिड़काव करें।

For this, spray the solution of 20 ml of 30 ec Rogar or 10 ml of Quinolphas in 10 litre water.

उसके लिए, ३० इसी रोगर का २० मि.ली. या १० मि.ली. क्विनॉलफॉस को १० लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

In between the two sprayings of these insecticides, spray 5% extract of Neem powder.

इन दो कीटनाशकों के छिड़कावों के बीच में, ५ प्रतिशत नीम पाउडर अर्क छिड़कें।

Answer 2: To control the aphis on cauliflower, spray the solution of 10 ml of any of the following insecticides with 10 litre of water.

उत्तर २: गोभी में माहूँ पर नियन्त्रण के लिए, निम्नलखित दिये गये कीटनाशक का १० मि.ली. में १० लीटर पानी के साथ घोल बनाकर छिड़के।

a) 50% Malathion

अ) ५० प्रतिशत मेलेथियॉन

b) 30% Dimethoate

आ) ३० प्रतिशत डायमेथोएट

c) 25% Formethion

इ) २५ प्रतिशत फोरमिथीआन

d) 25% Odzidimeton Methyl

ई) २५ टक्के प्रतिशत ओडजीडिमेटॉन मिथिल

e) 25% Thiometon

उ) २५ प्रतिशत थीओमेटन

Question: Our chickpea plant has been affected by green and red maggot.

प्रश्न: हमारे चने के पौधे पर हरे और लाल रंग का मेगट ( कीट ) लग गये हैं।

It eats the apex of the seedling. Please suggest a remedy for this.

यह पौधे के सिरे को खा जाते हैं। कृपया इसके लिए कोई उपचार बताएं।

Answer: To control the green maggots on chickpea, spray the solution of 200 ml H. N. P. V. + egg white of 8-10 eggs + 50-100 gm indigo + 300 ml Endosulphan + 200 litre water.

उत्तर: हरी मटर पर लगने वाले हरे व लाल मेगट पर काबू पाने के लिए, २०० मिली लीटर एच. एन. पी. वी + ८ से १० अंडों की सफेदी + ५०-१०० ग्राम नील + ३०० मि.ली एन्डोसल्फेन + २०० लीटर पानी के घोल का छिड़काव करें।

6-8 days later, spray 5% nimboli.

६ से ८ दिन बाद, ५ प्रतिशत नीम कौड़ी।

After this, at the interval of 6-8 days, spray as mentioned above.

इसके बाद, ६-८ दिनों के अंतर से, ऊपर बतायी गयी दवा का छिड़काव करें।

Question: I want to cultivate cabbage. So please give me detailed information regarding the seeds to be sown in a particular season and also the fertilizers and medicines to be used.

प्रश्न: मै पत्तागोभी की खेती करना चाहता हूँ। तो कृपया मुझे विशेष मौसम में बोये जाने वाले बीजों और प्रयोग की जाने वाली खादों और दवाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दें।

Answer: The species of cabbage are Pride of India, Alidrumhead, Golden acre.

उत्तर: प्राइड ऑफ इंडिया, अलीड्रमहेड, गोल्डन आरे पत्ता गोभी की जातियां हैं।

For private* varieties of cabbage, please contact the nearby agricultural service centre.

पत्तागोभी की निजी जाती के लिए कृपया पास के कृषि संबंधी सेवा केन्द्र से संपर्क करें।

At the time of cabbage planting, use the following doses of fertilizers per hectare:

पत्तागोभी के लगाने के समय खादों की दी निम्नलिखित मात्रा प्रति हैक्टेयर प्रयोग करें :

40 to 50 carts of farm yard manure, 175 Kg urea, 500 Kg single Super Phosphate, 130 Kg murate of potash.

४० से ५० गाड़ियां खेतिहर खाद की, १७५ किलोग्राम यूरिया, ५०० किग्रा सिंगल सुपर फॉस्फेट, १३० किग्रा म्यूरेट ऑफ पोटाश।

A month after the planting, 175 Kg urea should be used per hectare.

पौधारोपण के एक महिने बाद, १७५ किलोग्राम यूरिया खाद का प्रति हैक्टेयर में उपयोग करना चाहिए।

Question: Onion has been affected by black and reddish aphis. What is the remdey for this?

प्रश्न: प्याज काली और रक्तिम माहूँ लग गयी है। इसके लिए क्या उपचार है?

Answer: To control aphis on onion, use translocated insecticide.

उत्तर: प्याज काली और रक्तिम माहूँ पर काबू पाने के लिए अंतर्प्रवाही कीटनाशक का प्रयोग करें।

Spray 20 ml dimethoate / 10 litre water or 15 ml Metasistocs / 10 litre water or spray 3 percent neem extract with stickers like Sandowheat Triton / soap powder etc. twice with the gap of 6 days.

प्रति १० लीटर पानी में २० मि.ली. डायमिथोएट या १५ मि.ली. मेटासिस्टॉक्स का छिड़काव करें या ३ प्रतिशत नीमकौड़ी अर्क के साथ सँडोव्हीट ट्रिटन / साबुन पाउडर इत्यादि के साथ स्टीकर का उपयोग करते हुए १० लीटर पानी में घोलकर ६ दिनों के अंतराल में दो बार छिड़काव करें।

Change the insecticide every time you spray.

छिड़काव करते समय प्रत्येक बार कीटनाशक को बदलें।

Question: Onion has been affected by blight. Please suggest a remedy.

प्रश्न :प्याज में काला कवक लग गया है। कृपया उपचार बतायें।

Answer:To control the diseases called aphids and blight on onion, spray the solution of 20 ml Rogar + 25 gm Bavistin + 10 ml Sticker with 10 litre of water.

उत्तर :प्याज पर माहूँ और काले कीट कहे जाने वाले रोग को काबू करने के लिए, २० मि.ली. रोगर + २५ ग्राम बावीस्टीन + १० मि.ली. स्टीकर को १० लीटर पानी के साथ घोल बनाकर छिड़काव करें।

Which fertilisers should be used after the second weeding of the onion crop?

प्याज की फसल की दूसरी छंटाई के बाद कौन सी खादों का इस्तेमाल होना चाहिए?

At the time of transplantation, the fertilizers for onion to be used by mixing into the soil per hectare are 25 carts of farm yard manure, 100Kg Urea, 600 Kg single super phosphate and 80 Kg murate of potash.

प्याज के पौधारोपण के समय, प्रति हैक्टेयर 25 गाड़ी खेतिहर खाद, 100 किलो ग्राम यूरिया, 600 कि.ग्रा.सिंगल सुपर फास्फेट और 80 कि.ग्रा.पौटेश का म्युरेट को मिट्टी में मिलाकर इस्तेमाल करें।

After one month, after the weeding 175 Kg Urea should be used per hectare.

एक महिने बाद, छंटाई (फसल निकालने) के बाद प्रति हैक्टेयर 175 कि.ग्रा.यूरिया का इस्तेमाल करना चाहिए।

Leaves of mango

आम की पत्तीयां

Why do leaves at the apex of mango tree get burnt?

आम के पेड़ के शीर्ष पर पत्तियां जल क्यों जाती हैं?

If the new leaves at the apex of a mango tree are getting burnt mainly because of a fungus, then spray 0.5% Bordo mixture.

यदि आम के पेड़ के शीर्ष पर स्थित नवीन पत्तियां मुख्य रूप से कवको के कारण जलने लगती हैं, तब 0.5% बोर्डोमिश्रण का छिड़काव करें।

Spray the solution of 25 gm M-45 in 10 litre water, once in 15 days.

तथा 10 लीटर पानी में 25 ग्राम M-45 को घोलकर उसका पन्द्रह दिनों में एक बार छिड़काव करें।

newly developed varieties

नयी संशोधित किस्में

From where the newly developed varieties for the following crops should be obtained?

निम्नलिखित फ़सल की नयी विकसित किस्मों को कहाँ से प्राप्त किया जाना चाहिए?

1. Jvala chilli

1.ज्वाला मिर्ची

2. onion

2.प्याज

3. marigold and aster flowers

3.गेंदा और अस्टर फूल

4. ridge gourd

4.धारीदार कद्दू

The species and seeds of the said crops are available at Mahatma Fule Krishi Vidyapeeth, Rahuri, District Ahmadnagar and at Kokan Krishi Vidyapeeth, Dapoli, District Ratnagiri.

बताई गई फ़सल की प्रजातियां और बीज महात्मा फूले कृषि विद्यापीठ, राहुरी , जि. अहमदनगर में और कोंकण कृषि विद्यापीठ, दापोली, जि.रत्नागिरी में उपलब्ध हैं।

For the seeds developed by private companies, contact nearby agriculture service centre.

निजी व्यापारी मंडल द्वारा विकसित बीजों के लिए पास के कृषि सेवा केन्द्र से संपर्क करें।

Also, visit the agricultural exhibition that is set in Pune every year in December.

इसके साथ ही प्रति वर्ष दिसम्बर माह में पूने में होने वाली कृषि प्रदर्शनी देखने जाएं। खरबुजे के विषय में जानकारी

Does muskmelon require a relatively high amount of spraying of medicines?

क्या खरबूजे को तुलनात्मक रूप से अधिक मात्रा की दवाओं के छिड़काव की आवश्यकता है?

Which is a good medicine and a good seed for muskmelon?

खरबूजे के लिए कौन सी दवा और कौन सा बीज उत्तम है?

There can be many reasons for musk melon to require a relatively high amount of spraying of medicines: occurrence of the pest and disease, nutrient deficiency, etc.

खरबूजे को तुलनात्मक रूप से अधिक मात्रा की दवाओं के छिड़काव की आवश्यकता के अनेक कारण हो सकते हैं?: बीमारी, नाशक कीट और पोषक अपूर्णता के होने आदि से।

Information about dairy business

दुग्ध व्यवसाय संबंधी जानकारी

Please give information about dairy business.

कृपया दुग्ध व्यवसाय से संबंधित जानकारी दें।

As the information about the dairy business is vast,it is not possible to present it here in short.

दुग्ध व्यवसाय की जानकारी बहुत ही विस्तृत है, यहाँ पर उसे संक्षेप में दे पाना संभव नही है।

Please register at our centre and receive the comprehensive training so that you acquire full information about dairy business.

कृपया आप अपना नाम हमारे केन्द्र में दर्ज करायें और विस्तार से प्रशिक्षण प्राप्त करें ताकि आप आप दुग्ध व्यवसाय संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त लें।

Lokari Mawa on sugercane

गन्ने में लगनेवाला कीट

What is the effective remedy to prevent Lokari Mawa on sugercane from frequently occurring?

गन्ने में प्रायः लगने वाले ऊनी कीट को रोकने के प्रभावकारी उपचार क्या हैं?

To control Lokari Mawa on sugercane, spray twice, the mixture of 10 ml endosulphane + 20 ml acephate and 10 ml endosulphane + 20 ml metasistac with 10 litre of water; and then dust the folidol dust in the proportion 20 kg per hectare.

गन्ने में लगने वाले ऊनी कीट को रोकने के लिए 10 मि.ली इन्डोसल्फेन में 20 मि.ली.एसेफेट मिलायें और 10 मि.ली. इन्डोसल्फेन में 20 मि.ली.मेटासिसटक मिलायें और इस सब को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें; और उसके बाद फॉलिडॉल गर्द को 20 कि.लो.प्रति हैक्टेअर के हिसाब से छिड़कें।

Onion produced in black soil

काली मिट्टी में पैदा की गयी प्याज

Our land has black soil.

हमारी जमीन काली मिट्टी की है।

It does not produce onion of a good quality and the onion does not attain a substantial size.

यह अच्छी किस्म की प्याज नही उगा पाती और साथ ही प्याज आकार में ठीक से बढ़ नही पाती।

What remedy should we use?

हमें कौन सा उपचार अपनाना चाहिए?

Onion can be produced in black soil.

प्याज काली मिट्टी में उगायी जा सकती है।

But it requires that the soil drains well.

लेकिन इसके लिए आवश्यक है की मिट्टी मे नालियां ऐसी हों कि वह पानी को रोक न सकें।

Dropping of mango blossom

आम की बौरों का गिरना

The mango blossom is dropping, so please suggest a remedy for this.

आम की बौरें गिर रहीं हैं, इसके लिए कृपया कोई उपचार बतायें।

If dropping of mango blossom is due to excessive spreading of jassid or powdery mildew, then spray the solution of each of the following combinations in 10 litre of water: 15 ml Endosulphan / 20 ml Quinolphos + 25 gm Bavistin / 25 gm M-45 or dust the mixture of 10% Carboryl + 300 mesh sulphur in 1:1 proportion.

यदि बहुत अधिक जेसिड कीट या भुरभुरे कवक के फैलने से आम की बौरें गिरने लगें, तब प्रत्येक दिये गये मिश्रणों को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें: 15 मि.ली. एन्डोसल्फान /20 मि.ली. क्विनॉलफॉस + 25 ग्राम बावीस्टीन / 25 एम-45 या 1:1 अनुपात में 10 प्रतिशत कार्बोरील + 300 मेश गंधक की धूल का छिड़काव करें।

Thrips on onion

प्याज पर छोटे काले कीट

Onion gets affected by thrips. Please suggest a remedy for this.

प्याज छोटे-छोटे काले कीटों से ग्रस्त है। कृपया कोई उपचार बतायें।

Crop: onion

फसल:प्याज

Type of soil: black

मिट्टी की प्रकार:काला

Age of the crop: 4 months

फसल की अवधि:4 माह

Medicines used: Farasa

उपयोग में लायी दवा: फरसा

Use translocated insecticide to control thrips on onion.

प्याज को छोटे-छोटे काले कीटों से बचाने के लिए अंतर्प्रवाही कीटनाशकों का उपयोग करें।

For this, spray one of the following insecticides through 500 litre of water, twice per hectare: 575 ml Endosulphan 35 E.C., 600 ml Quinolphos 25 E.C., 550 ml Monochrotophos 35 W E.C.

इसके लिए, आगे दिये गये कीटनाशको में से एक को 500 लीटर पानी के साथ,प्रति हैक्टेयर दो बार छिड़काव करें: 575 मिली लीटर एन्डोसल्फान 35 ई.सी., 600 मि.ली. क्विनॉलफॉस 25 ई.सी, 550 मि.ली. मोनोक्रोटोफॉस 35 डब्ल्यू ई.सी. ह्यांपैकी।

Soak nimboli powder in water overnight and filter it next morning.

नीमकौड़ी के पाउडर को सारी रात पानी में भिगो कर रखिये और फिर उसे दूसरी सुबह छान लीजिए।

Mix this filtrate with 90 litre of water and use it for spraying.

इस छने हुए तरल को 90 लीटर पानी में घोलकर छ़काव के लिए इस्तेमाल करें

Improved varieties of jowar and pearl millet

ज्वार व बाजरा की उन्नत किस्में

Which are the improved varieties of jowar and pearl millet? Which are their major diseases and the remedies for these diseases?

ज्वार व बाजरा की उन्नत किस्में कौन सी हैं? इनमें होने वाले प्रमुख रोग और उन रोगों के उपचार कौन से हैं?

Improved varieties of jowar: Phule Yashoda, Mauli, Selection 3 C S V 14 R

ज्वार की उन्न किस्में हैं: फूले यशोदा, मौली, सिलेक्शन 3 सी एस वी 14 आर।

Improved varieties of pearl millet: Shraddha Saburi A C T P 8203 etc.

बाजरा की उन्नत किस्में हैं:श्रध्दा सबुरी, आ सी टी पी 8203 इत्यादी।

Grapes turn dry

अंगूर का सूखना

During the season of grapes, bunches of grapes turn dry and appear to be affected by blackarm.

अंगूर के फसल के मौसम में, अंगूर के गुच्छे सूखने लगते हैं और काले फ़ंगस द्वारा ग्रस्त दिखते हैं।

Please suggest a remedy for this.

कृपया इसके लिए कोई उपचार सुझायें?

Bunches of grapes dry and drop if sap-sucking pest has spread excessively or if the plant has caught blackarm.

यदि रस-चूसक कीट अत्यधिक मात्रा में फैल जायें या पौधा को काला फ़ंगस पकड़ ले तो अंगूर के गुच्छे सूख जाते हैं और गिर पड़ते हैं।

To control the sap-sucking pest, spray once or twice the solution of 20 ml Roger with 10 litre of water, 13 ml Chloropyriphos with 10 litre of water or 10 ml Quinolphos with 10 litre of water.

रस-चूसक कीट पर काबू पाने के लिए 10 लीटर पानी और 20 मि.ली.रोगर के घोल, 10 लीटर पानी और 13 मि.ली.क्लोरोपयरिफॉस के घोल या फिर 10 ली.पानी और 10 मि.ली.क्युइनलफॉस के घोल का छिड़काव एक या दो बार करें।

In case of fungicides, for controlling fungus, spray the solution of 20 - 25 gm of fungicide containing sulphur with 10 litre of water or Belton water.

फ़ंगस पर काबू पाने के लिए 20 से 25 ग्राम सल्फर युक्त फ़ंगसनाशी और 10 लीटर पानी या बेलटन वाटर के घोल का छिड़काव करें।

For Mosaic, 10 - 12 gm Ridomil with 10 litre of water, and for blackarm, 25 gm Carbondizim with 10 litre of water or 20 gm Benlet with 10 litre of water should be sprayed alternatively 2 - 3 times.

मोज़ेयक के लिए 10 से 12 ग्राम राइडोमिल और 10 ली.पानी, तथा काले फ़ंगस के लिए, 25 ग्राम कारबॉन्डिजिम और 10 ली. पानी के घोल का छिड़काव दो-तीन बार एक के बाद एक किया जाना चाहिए।

Feed the grape vine properly.

अंगूर बेलों को खाद-पानी ठीक से दें।

As the bark of mango tree cracks, its leaves start burning.

आम के पेड़ की छाल चटख जाती है, इसकी पत्तियां जलने लगती हैं।

Due to this, the tree does not grow in height. Please suggest a remedy for this.

इसके कारण, पेड़ लंबाई में बढ़ नही पाती है। कृपया इसके लिए कोई उपचार बताएं।

Out of many causes of cracking the bark of the trunk of mango, some causes are: excessive spreading of thrip, or excessive spreading of nematodes, deficiency ofwater or food.

आम के तनों की छाल के चटखने के बहुत से कारणों में से कुछ कारण हैं : छोटे-छोटे काले कीटों का बहुत अधिक फैलना, या गोलकृमियों का बहुत अधिक फैल जाना, खाद या पानी की कमी।

For this, plant should be watered according to the quality of soil, the season and the requirement of the plant.

इसके लिये मिट्टी की गुणवत्ता, मौसम तथा पौधे की आवश्यकता के अनुसार उसे पानी दिया जाना चाहिये।

To control the jassid, dust 10 per cent carbaryl powder, spray the solution of 3 ml monochrotophos in 10 litre of water.

जैसिड नामक कीट पर काबू पाने के लिये, 10 प्रतिशत कार्बारील पाउडर छिड़किये, 10 ली.पानी में 13 मि.ली.मोनोक्रोटोफास का घोल का छिड़काव कीजिये।

If the diseases like anthracnose, kolato, blackarm etc.have spread excessively, spray the solution of 25 gm of M-45 in 10 litre of water twice.

यदि अँथ्रॅक्नोज, कोलॅटो, झुलसा रोग आदि जैसी बीमारियां बहुत तेजी से फैलती हैं तो,10 ली. पानी में 25 ग्राम एम-45 का घोल दो बार छिड़कें।

If the nematodes have spread excessively, give 50 gm of paciliomysis with 1 - 2 baskets of the farm yard manure to each plant, twice a year.

यदि गोलकृमि तेजी से फैलें तो, 1-2 झाबा खेतिहर खाद में 50 ग्राम पॅसिलिओमायिसिस मिलाकर उसे साल में दो बार दें।

1 per cent bordo-mixture, ochre, dung, urine should be applied on the trunk, twice a year.

आम के तने में 1 प्रतिशत बोर्डो मिश्रण, गेरू, गोबर तथा मूत्र साल में दो बार लगाना चाहिए।

Flowers of sapodilla tree drop

चीकू के पेड़ से फूलों का झड़ना

Sapodilla tree has fully grown but its flowers do drop.

चीकू का पेड़ पूरा बढ़ा हुआ है लेकिन इसके फूल झड़ रहे हैं।

Also, the fruit does not grow in size.

और साथ में इसका फल पूरी तरह से आकार नही ग्रहण कर पा रहा है।

Please suggest a remedy for this.

कृपया इसके लिए कोई उपाय बताएं।

Use fertilizers according to the soil-examination.

मिट्टी के परिक्षण के अनुसार खादों का इस्तेमाल करें।

Select the grafts from a reliable place and that are made from an excellent sorce plant.

पौधों की कलम का चुनाव अच्छी जगह से करें और यह कलमें अच्छे पौधों से बनी होनी चाहिए।

Let the water drain properly.

मिट्टी में बनाई गयी नालियों मे पानी ठीक से बहने दें।

Foot and mouth disease of a bullock

बैल के पैर और मुँह के रोग

Our bullock is suffering from the foot and mouth disease.

हमारा बैल पैर और मुख के रोग से परेशान है।

It has got boils on the tongue.

इसके जीफ में फोड़े निकल आएं हैं।

Due to this, it does not eat anything.

इसके कारण,वह कुछ भी नही खा पाता है।

Please, suggest a remedy for this as soon as possible.

कृपया,शीघ्र ही इसके लिए उपचार बताएं।

Also the bullock has become weak since it has not eaten anything;

और रोग के कारण कुछ न खाने से बैल दुर्बल भी हो गया है;

what medicine should be given so that it gains strength. And what should it be fed with?

कौन सी दवा देनी चाहिए जिससे बैल में फिर से शक्ति आ जाए और उसे क्या खिलाना चाहिए?

From the symptoms as well as photos sent by you, it seems that your bullock is suffering from a viral disease - 'foot and mouth disease'.

लक्षणों और साथ में आप द्वारा भेजी गयी फोटो से पता चलता है कि आपका बैल विषाणु जन्य रोग(पैर और मुख का रोग)से पीड़ित है।

Foot and mouth disease is a viral disease.

पैर और मुख का यह रोग विषाणु जन्य रोग है।

This disease is found in cows, buffaloes, goats and sheep.

यह रोग गायों, भैंसों, भेड़ों और बकरियों में पाया जाता है।

In this disease, the mortality rate for hybrid calves is found to be 15 to 60 per cent.

इस रोग में मिली-जुली नस्ल के जानवर जैसे खच्चर आदि के बछड़ों (बच्चों) की मृत्युदर पन्द्रह से साठ प्रतिशत की पाई जाती है।

The dairy cattle give lesser milk or stop giving milk.

दुग्धशाला के चौपायें दूध देना कम कर देते हैं या बन्द ही कर देते हैं और अधिक बीमार होने से वे मर भी जाते हैं।

In severe illness, the animal dies.

Symptoms of the illness

बीमारियों के लक्षण :

1. The animal catches high fever.

1.रोगग्रस्त जानवर के शरीर का तापमान बढ़ जाता है।

2. The animal does not eat or drink anything.

2.जानवर कुछ भी खा व पी नही सकता।

3. The animal turns black and feeble.

3.जानवर का शरीर काला पड़ जाता है और वह दुर्बल हो जाता है।

4. Boils are seen in the mouth, on the tongue and on the gums of the animal.

4.जानवर के मुख में, जीभ पर और मसूड़ों में फोड़े दिखाई देते हैं।

5. Saliva and foamy substance come out of the mouth continuously.

5.मुख से लार और झागयुक्त पदार्थ लगातार बाहर आने लगता है।

6. Bright red wounds are developed due to removal of scab from the boils in the mouth.

6.मुख में फोड़ो की खाल उतरने से गहरे लाल घाव विकसित हो जाते हैं।

7. Boils develop in the space between the fingers of foot of the animal and then burst.

7.पैरों की अंगुलियों के बीच के स्थान पर फोड़े विकसित होते हैं और फूटजाते हैं।

8. The animal hobbles.

8.जानवर लंगड़ाने लगता है।

9. The animal gasps.

9.जानवर हाँफने लगता है।

Precaution and remedy

सतर्कता और उपचार :

1. The infected animal should be quarantined.

1.ग्रस्त जानवर को संगरोध(अन्य पशुओं से अलग)करना चाहिए।

2. Other animals should not be fed the food and water tasted by the infected animal.

2.ग्रस्त जानवर का जूठा भोजन और जल दूसरे जानवरों को नही देना चाहिए।

3. Vaccination against the foot and mouth disease should be done regularly .

3.पैरों और मुख के इस रोग के लिए नियमित रूप से टीका दिया जाना चाहिए।

4. The infected animal's mouth should be cleaned with potassium water; glycerine should be applied to its tongue and to the wounds in the mouth.

4.छूत रोग से प्रभावित जानवर का मुख पोटैशियम (लाल दवा) से साफ करना चाहिए; जीभ और मुख के घावों पर ग्लिसरीन लगानी चाहिए।

5. 'Himex' ointment should be applied.

5.हीमेक्स (Himex) मलहम को लगाना चाहिए।

6. Coriander should be dipped in groundnut oil and fed to the animals.

6.धनिया को मूँगफली के तेल में भिगोकर जानवर को खिलाना चाहिए।

7. The animal should not be fed rough fodder; it may cause wounds in the animal's mouth.

7.जानवर को खराब चारा नही दिया जाना चाहिये; यह जानवर के मुख में घाव पैदा कर सकता है।

8. The animal should be fed soft and leafy fodder.

8.जानवर को नरम और पत्तियों वाला चारा देना चाहिए।

9. Do not walk the sick animal through dust.

9.बीमार जानवर को धूल मे न टहलने दें।

10. Do not use any desperate remedy; consult an expert veterinary surgeon.

10.हताशा में कोई उपचार न शुरू करें; एक जानकार पशु चिकित्सक से सम्पर्क करें।

11. Spray lime water in the cattleshed.

11.जानवर जहाँ बांधा जाये वहाँ चूने का पानी छिड़कें।

12. Feed the animal wheat-gruel or bajra-gruel so that it gains energy.

12.जानवर को गेहूँ-दलिया या बाजरा-दलिया खिलायें जिससे कि उसे ताकत मिल सके।

sap-sucking insect

रस-चूसक कीट

Please suggest a remedy for sap-sucking insect.

कृपया रस-चूसक कीट के लिए कोई उपचार बताएं?

To control the sap-sucking insect, spray 20 ml Rogar, 10ml Quinolphos, 13 ml monochrotophos through 10 litre of water.

रस-चूसक कीट पर काबू पाने के लिए, 20 मि.ली. रोगर, 10 मि.ली. क्बिनॉलफॉस, 13 मि.ली. मोनोक्रोटोफस में प्रत्येक को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।

For the insects that eat by biting, spray 20 ml Endosulphan, 50 ml carbaryl, 25 gm decamethene, 4 ml sarparmethene, N-45 through 10 litre of water.

कुतरने वाले कीटों के लिए, 20 मि.ली एन्डोसल्फान, 50 मि.ली कार्बारील, 25 ग्राम डिकॅमेथीन,4 मि.ली. सायपारमेथीन, एन-45 में से प्रत्येक को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़कें।

For disease-control, spray alternately 25 gm Bavistin, 25 gm M-45, 25 gm sirum through 10 litre of water.

रोग नियंत्रण के लिए,25 ग्राम बावीस्टीन, 25 ग्राम एम्-45, 25 ग्राम सायरम में से प्रत्येक को 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़कें।

Question: The cucumber crop has been affected by a disease called downy mildew and the leaves have turned yellow. Which medicines should be used for this?

प्रश्न: ककड़ी में दावनी मिल्ड् बीमारी लग गयी है और पत्तियां पीली पड़ गयीं हैं। इसके लिए कौन सी दवा का उपयोग करना चाहिए?

What precaution should we take so that the disease does not affect the crop.

कौन सी सावधानी रखनी चाहिए ताकि रोग फसल को प्रभावित न करे।

Variety of crop - Shivaneri ; Method - Organic Fertilizers - Organic fertilizers have been used.

फसल की किस्म - शिवनेरी ; तरीका- जैविकखादें - जैविक खादें इस्तेमाल की गयी हैं।

Answer:

उत्तर:

1) Spray 1 per cent Bordo mixture (solution of 1 Kg slaked lime + 1 Kg blue vitriol in 100 litre water (pH =7)) twice, with a gap of 15 days.

१) 1 प्रतिशत बोर्डो मिश्रण ( १ किलो कली चूना + १ किलो नीला गंधकाम्ल (कासीस) १०० लीटर पानी में ( पी एच = ७) घोल का छिड़काव १५ दिनों के अंतराल में दो बार करें।

OR Spray twice the solution of 20 gm Metalaxil* / Dithen Z 72* with 10 litre water, with a gap of 15 days.

या १० लीटर के साथ २० ग्राम मेटालक्सिल / डीथेन जेड ७२ के घोल को १५ दिनों के अंतराल में दो बार छिड़कें।

2) Give 1 or 2 litre solution of 20 gm Bavistin with 10 litre water to the diseased plants, at the time of each spraying.

२) १० लीटर पानी के साथ २० ग्राम बावीस्टीन के घोल का १ या २ लीटर छिड़काव रोगग्रस्त पौधे पर करें।

3) Use pure seeds to prevent the disease.

३) रोग से बचाने के लिए शुद्ध बीज का उपयोग करें।

Ensure that the fungus of the disease does not spread in the field.

यह ध्यान रखें कि रोग का कवक खेत में न फैले।

Ensure that the spores of fungus do not come along with diseased water, animals and farm implements from the surrounding fields.

यह ध्यान रखें कि कवक के बीजाणु, संक्रमित पानी जानवरों और खेत के चारों ओर फैली आवश्यक सामग्रियों के साथ अंदर तक न आ जायें।

Make the soil for crop cultivation germ free.

खेती के लिए मिट्टी को कीटाणु रहित बनाइए।

4) From the photographs attached, it also appears that the leaves lack nutrients - nitrogen, iron etc., so use proper fertilizers in proper proportion.

४) संलग्न फोटोग्रॉफ से यह लगता है कि पत्तियों में पोषक तत्वों - नाइट्रोजन, आयरन आदि की कमी है, इसलिए सही अनुपात में सही खादों का उपयोग करें।

Question: Green Chilly ; Variety: Nirmal 12 hybrid Jwala chilly ; Age: One and a half month ;

प्रश्न:हरी मिर्ची ; किस्म: निर्मल १२ हायब्रीड ज्वाला मिर्ची ; उम्र: डेढ़ महिना ;

At the time of cultivation 2 tons of 'excreta of fowl' was used as a fertilizer for half an acre.

खेती के समय एक खाद की तरह २ टन "मुर्गियों का मलोत्सर्ग" आधे एकड़ के लिए दिया गया था।

The green chilly has been affected by diseases called Leaf curl, Wilt and Blight.

यह हरी मिर्ची बोकाडया, मुलाकुज्या और करापा जैसी बीमारियों से ग्रसित है।

Please send the information about the chemicals to be sprayed and the number of sprayings, and the proportion and the schedule of the sprayings.

कौन सी दवा छिड़की जानी चाहिए, कृपया इसके बारे में और मात्रा तथा दवा कब दी जाय के बारे में सूचना भेजिए।

Answer: To control chilly diseases called Leaf curl, Wilt and Blight, the following remedy should be used.

उत्तर:मिर्ची में बोकाडया, मुलाकुज्या और कारपा जैसे रोगों की रोक-थाम के लिए, निम्नलिखित उपचार का प्रयोग करना चाहिए

20 ml Roger + Bavistin per 10 litre of water, 20 gm Copper Oxychloride + 20 gm Zynib per 10 litre of water, 20 gm M-45 + 13 ml Monochrotophas per 10 litre of water, 4 ml Confidor per 10 litre of water should be sprayed.

२० मि.ली.रोगर और बाविस्टिन का प्रति १० ली.पानी में घोल, २० ग्राम कॉपर ऑकसीक्लोराइ़ के साथ २० ग्राम जिनिब का प्रति १० ली.पानी में घोल, २० ग्राम एम-४५ के साथ १३ मि.ली.मोनोक्रोटोफॉस का प्रति १० लीटर पानी में घोल, ४ मि.ली.कांफिडर का १० ली.पानी में घोल का छिड़काव करना चाहिए।

Between two sprayings, 5 per cent extract of neem powder should be sprayed.

इन दो छिड़कावों के बीच ५ प्रतिशत नीम के सार को छिड़कना चाहिए।

Maintain a gap of approximately 7 to 8 days between two consecutive sprayings.

छिड़काव लगभग ७ से ८ दिन के अतंराल में करें।

For Wilt, half to one litre of the solution of 1 per cent Bordo mixture (1 Kg lime + 1 Kg blue vitriol in 100 litre water) should be given to each plant, with the gap of 8 days.

मुलाकुज्या के लिए, बोर्डो मिक्चर(१ किलोग्राम चूना तथा १ किलोग्राम विट्रीअल)के घोल को आधे से एक लीटर के अनुपात में प्रत्येक पौधे को ८ दिन के अंतराल में दिया जाना चाहिए।

Next, 10 to 20 gm Trichoderma mixed with farm yard manure should be given to each plant.

और तब, खेतिहर खाद के साथ१० से २० ग्राम ट्रीचोडर्मा को हरएक पौघे में दिया जाना चाहिए।

The quantity of water supplied should be such that the soil always remains moist.

पानी ऐसा दिया जाना चाहिए कि मिट्टी सदा नम बनी रहे।

As far as fertilizers are concerned, nitrogen, phosphorus, potassium should be given in the proportion 100:50:50, 100 Kg per hectare.

खाद की स्थति में, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस. पोटेशियम को १००:५०:५० के अनुपात में १०० किलोग्राम प्रति हेक्टेअर के हिसाब से देना चाहिए।

If drip system is available, fertilizers should be given through water.

यदि रिसने वाली प्रणाली (ड्रिप सिस्टम) उपलब्ध है तो खादों को पानी के द्वारा दिया जाना चाहिए।

Green maggot on lablab

सेम पर हरा मेगट कीट

Please suggest a remedy for green maggot on lablab.

कृपया सेम पर लगने वाले हरे मेगट कीट के लिए कोई उपचार बताएं?

To control green maggot on lablab, spray 250 ml of HaNPV per acre twice with a gap of 15 days.

सेम पर हरे मेगट कीट की रोक-थाम के लिए, 250 मि.ली. का एच. ए. एन. पी. व्ही.को प्रति एकड़ पन्द्रह दिनों के अंतराल में दो बार छिड़कें।

In between these two sprayings, spray the Neemark nishaudi* powder extract 5.

इन दो छिड़कावों के बीच, नीमअर्क निशौदी* बुकनी अर्क 5 का छिड़काव करें।

10 days later, spray 7 ml of spark / 10 litre.

10 दिन के बाद, 7 मि.ली स्पार्क / 10 लीटर पानी को छिड़कें।

H. A. N. P. V. is available in the university and Neemark powder is available at Krishi Vidnyan Kendra at the rate of Rs. 12 per Kg.

एच. ए. एन. पी. व्ही. विश्वविद्यालय में उपलब्ध है और नीमअर्क बुकनी कृषी विज्ञान केन्द्र पर बारह (12) रू. प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध है।

Soil for the cultivation of cabbage and cauliflower

फूलगोभी और पत्तागोभी की खेती के लिए मिट्टी

What kind of soil is required for the cultivation of cabbage and cauliflower?

फूलगोभी और पत्तागोभी को उगाने के लिए किस प्रकार की मिट्टी की आवश्यकता होती है?

For the cultivation of cabbage and cauliflower, the soil should be medium black and should drain well.

फूल गोभी और पत्तागोभी के लिए, मिट्टी हल्के काले रंग की होनी चाहिए और उसकी नालियां भी ठीक से बनी होनी चाहिए।

The varieties of cabbage: Pride of India, early drumhead, Golden acre.

पत्ता गोभी की किस्में: प्राइड ऑफ इण्डिया, अर्ली ड्रमहेड्, गोल्डेन केअर।

The varieties of cauliflower: Snowball 6, purata synthetics*.

फूल गोभीकी किस्में: स्नोबॉल 6, पुरता सिन्थेटिक्स *।

The period for cultivation: September-October

उगाई का समय: सितंबर-अक्टूबर।

Fertilisers and additional fertilisers: Use 40 to 50 carts of farm yard manure + 80 Kg nitrogen + 80 Kg phosphorus + 80 Kg potassium per hectare.

खादें और अतिरिक्त/संपूर्ण* खादें: खेतिहर खाद की 40 से 50 गाड़ियां + 80 किलोग्राम नाइट्रोजन + 80 किलोग्राम फास्फोरस + 80 किलोग्राम पौटेशियम का प्रति हैक्टेयर इस्तेमाल करें ; जुताई या खेती के 50 दिन बाद 80 किलोग्राम नाइट्रोजन का उपयोग करें; बोने के पहले खर-पतवार नाशक कही जाने वाली फल्युक्लोरॅलिन का1 से 1.5 किलोग्राम उपयोग में लायें*।

Use 80 Kg of nitrogen 50 days after the cultivation.

रसायनिक औसधि: आठ दिनों के अंतराल में निमार्क 5% ताजा अर्क का प्रयोग करें।

Use 1 to 1.5 Kg weedicide called fluchloralin before sowing.

Chemical medicines: Use Neemark 5% fresh extract at an interval of 8 days.

Fluid discharge from the bullock's eye

बैल के आँख से पानी आना

Fluid is discharging from the bullock's eye.

बैल की आँख से पानी बहता है।

What should be done?

क्या करना चाहिए?

There are many causes of fluid discharge from an animal's eye; out of those, following are the main causes.

ऐसे बहुत से कारण हैं जिनसे एक जानवर की आँख से पानी बहता है; उनमें से निम्नलिखित प्रमुख कारण माने जाते हैं।

1. The eyeball or the inner side of the eyelid gets hit and this causes swelling or a wound.

1.आँख की पुतली या पलक के अन्दर का हिस्सा आहत होता है और इससे सूजन आ जाती है या घाव हो जाता है।

2. Infection caused by germs.

2.जीवाणुओं द्वारा संक्रामण होना।

3. Having cancer of the eyelid or the eyeball.

3.पलक या पुतली का कैंसर होना।

The remedy depends on which of the above have caused the fluid discharge.

उपचार निर्भर करता है कि ऊपर दिये गये किस कारण से पानी बहता है।

In case of cause 1 and 2, a cream that can be applied in the eye - neomycin cream or any other cream should be applied everyday, after cleaning the eye.

1 और 2 के कारण होने पर, आँख में एक क्रीम लगाई जा सकती है- आँख को साफ करके निओमाइसिन क्रीम या कोई दूसरी क्रीम लगानी चाहिए।

In case of eye cancer, growth is seen on the eyelid or on the eyeball.

आँख का कैंसर होने पर, पलक या पुतली में मास की बढ़ौतरी देखी जा सकती है।

In such case, the only remedy is to surgically remove the growth by veterinary surgeons.

इस स्थति में, केवल एक ही उपचार है कि पशु शल्य चिकित्सक द्वारा मास बढ़ौतरी को काट कर बाहर कर देना।

Bull's stomach has blown up

बैल के पेट का फूल जाना

Bull's stomach has blown up.

बैल का पेट फूल जाता है।

Please suggest a remedy.

कृपया उपचार के लिए सुझाव दें।

Following home remedies should be used when bull's stomach is blown up.

बैल का पेट फूल जाने पर नीचे दिये गये उपचारों का उपयोग करना चाहिए।

1. Mix 200 ml of groundnut oil with 30 ml of turpentine oil and feed this mixture to the bull.

1. 30 मिली लीटर तारपीन के तेल और 200 मि.ली.मूँगफली के तेल का मिश्रण बैल को खिलायें।

2. Mix 500 ml of groundnut oil with 30 ml of milk and feed this mixture to the bull.

2. 500 मि.ली मूँगफली के तेल और 30 मि.ली दूध को मिश्रित करके बैल को खिलायें।

3. Medicines available from a medical shop: Feed 100 gm of Tipol / Teepol powder with water in a single dose or feed a liquid medicine called Tyrel with 100 ml of water.

3. दवाएं जो दवा की दुकान में उपलब्ध हैं: 100 ग्राम टीपोल खिलाएं / पानी के साथ टीपोल पाउडर एक खुराक में या टायरिल कही जाने वाली तरल दवा को 100 मि.ली.पानी के साथ पशु को खिलाना चाहिए।

Question: Mango tree has been affected by stem borer pest.

प्रश्न: आम के पेड़ में दीमक लग गयी है।

Due to this disease, the entire tree is drying up and the tree is barely 20 years old. So please suggest a remedy for this.

इस बीमारी के कारण, पूरा पेड़ सूख रहा और यह मुश्किल से पेड़ २० साल पुराना है। तो कृपया इसके लिए कोई उपचार बताएं।

Answer: Insert an iron rod into the hole in the tree and take the beetle or insect out of that hole.

उत्तर :छिद्रों के अंदर एक लोहे की छड़ डालें और सारे कीटों और बिलनी को छिद्रों से बाहर निकालें।

Then prepare a solution of petrol, 5 ml fenverlate and 10 ml Dichlorovous in 1 litre of water and pour it in the hole and plug the hole with soil.

तब उसके बाद ,पेट्रोल और ५ मि.ली. फिनेलरेट और १० मि.ली. डिक्लोरोबस का १ लीटर पानी में घोल बनायें और इसे छिद्रों में डाल दें और छिद्रों को मिट्टी से ढक दें।

. Question: Sapota tree has been affected by termite pest. Please suggest a remedy for this.

प्रश्न :चीकू का पेड़ दीमक से प्रभावित है। कृपया इसके लिए कोई उपाय सुझायें।

Answer: Mix 20 ml of Lindon / 50 ml of Chlorophyraphus + 25 mg of Blyton + 4 kg of ochre in 1 litre of waterand apply it on the trunk of the tree.

उत्तर :२० मि.ली. लिंडन / ५० मि.ली.क्लोरोफाइरेफस + २५ मिली ग्राम ब्लायटन + ४ कि.ग्रा. गेरु को एक लीटर पानी में मिलाकर पेड़ के तने पर लगाएँ।

Question: Can gobar gas be generated again from the gobar gas slurry?

प्रश्न : क्या गोबर गैस, गोबर गैस के पतले घोल से दोबारा पैदा की जा सकती है?

Answer: Gobar gas can be generated from the slurry that comes out from the gobar gas plant.

उत्तर :गोबर गैस संयंत्र से बाहर आने वाले पतले घोल से फिर से गोबर गैस बनाई जा सकती है।

This slurry should be mixed with dung in the proportion of 25 to 50 per cent of the dung and then water should be added to it in a proper proportion.

इस घोल को २५ से ५० प्रतिशत के अनुपात में गोबर में मिलाना चाहिए और तब उचित अनुपात में इसमें पानी मिश्रित करना चाहिए।

This mixture should contain water and solid matter in the proportion 1:1.

उस मिश्रण में ठोस और पानी का अनुपात १:१ का होना चाहिए।

The mixture should be passed in the gobar gas plant.

इसे गोबर गैस संयत्र से होकर गुजरना चाहिए,

If the slurry is passed in excess in the gobar gas plant, the acidity increases and the gobar gas may generate in lesser quantity.

इस प्रकार अम्लता बढ़ती है और गोबर गैस कम मात्रा में पैदा हो सकती है।

Constituents in dung that form a fertilizer

गोबर में खाद बनाने वाले अवयव।

Which constituents in dung form gas and an excellent fertiliser for agriculture?

गोबर में उपस्थित वह कौन से अवयव हैं जो कृषि के लिए उत्तम खाद और गैस बनाते हैं?

Dung contains 84% hosatile organic matter, 9.2% fat, 16% ash, 9.2% proteins, cipids, amino acids, ammonia, sugar, hydrocarbons, wax, starch as well as water and various types of bacteria.

गोबर में 84 प्रतिशत होसाटाईल जैनिक पदार्थ**,9.2 प्रतिशत वसा, 16 प्रतिशत राख, 9.2 प्रोटीन,सिपीड्स्**,अमीनो अम्ल,अमोनिया, शर्करा,हायड्रोकार्बन, मोम, मंड और साथ में पानी तथा विभन्न प्रकार के विषाणु होते हैं।

On an average, dung contains 84% nitrogen, 0.69% phosphorous, 1.28% potassium.

आमतौर पर गोबर में 84 प्रतिशत नाइट्रोजन, 0.69 प्रतिशत फास्फोरस और 1.28 प्रतिशत पोटेशियम होता है।

Ha in the dung cause its decay?

गोबर में स्थित वह कौन सा विषाणु(जीवाणु)हैं जो उसे सड़ा देता है?

Due to the following various types of bacteria in the dung, gobar gas i.e. methane (CH4) is formed.

गोबर में स्थित विभिन्न प्रकार के निम्नलिखित विषाणु के कारण गोबर गैस अर्थात मिथेन(CH4)बनती है।

1. Methanobacterium Formicum

1. मिथेनोबॅक्टेरियम फॉर्मिकम (Methanobacterium Formicum)

2. Methanobacterium Mobilis

2. मिथेनोबॅक्टेरियम मोबिलिस / मोबिलस (Methanobacterium Mobilis)

3. Methanobacterium propionicum

3. मिथेनोबॅक्टेरियम प्रोपिओनिकम / प्रपिअनिकम (Methanobacterium propionicum)

4. Methanobacterium ruminantium

4. मिथेनोबॅक्टेरियम रुमिनॅन्शिअम / रुमिनेंशिअम (Methanobacterium ruminantium)

5. Methanobacterium soehngenii

5. मिथेनोबॅक्टेरियम स्योह्नजेनी / स्योह्न्जेनी / स्योह्नजिनी / स्योह्न्जिनी (Methanobacterium soehngenii)

6. Methanobacterium suboxydans

6. मिथेनोबॅक्टेरियम सबॉक्झिडन्स् (Methanobacterium suboxydans)

7. Methanococcus Mazei

7. मिथेनोकॉकस मॅझी (Methanococcus Mazei)

8. Methanococcus Vannielli

8. मिथेनोकॉकस वॅनिअली (Methanococcus Vannielli)

9. Methanosareina Barkerii

9. मिथेनोसरीना बार्केरी / बार्करी (Methanosareina Barkerii)

Which are the constituents in the slurry that comes out from a gobar gas plant?

गोबर गैस संयंत्र में से निकलने वाले घोल में उपस्थित अवयव कौन से हैं ?

The following are the constituents in the gobar gas slurry: on an average, nitrogen 1.5% phosphorous 0.75%, potassium 1.28%.

गोबर गैस के घोल मे पाये जाने वाले अवयव इस प्रकार हैं :आमतौर पर, नाइट्रोजन 1.5 प्रतिशत, फास्फोरस (स्फुरदीप्त)और 0.75 प्रतिशत और पोटैशियम 1.28 प्रतिशत।

Question: Cucumber has been affected by fungus. Leaves have shrunk. The plant has withered. Also, the growth of some plants has completely stopped. variety - Shivneriage - 1 month ;soil - Light ; fertilizer - 19:19:19 dose has been given.

प्रश्न:ककड़ी फफूँद लग गयी है। पत्तियां सिकुड़ गयी हैं। पौधा सूख गया है। इसके साथ ही पौधे की वृद्धि पूरी तरह से थम गयी है।

The remedy suggested by you helped us a lot. We could save our cucumber crop.

किस्म - शिवनेरी ; आयु - १ माह ; मिट्टी - मुरमाड ; खाद - १९:१९:१९ खुराक दी गयी है।

But now the cucumber is having thorns on it. What is the remedy for this?

आपके के द्वारा बताये गये उपचार ने हमें काफी सहायता पहुँचाई है। हम अपनी ककड़ी की फ़सल को बचा सके हैं।

Also, it injures the hands of the persons who cut the crop.

लेकिन अब ककड़ी के ऊपर कांटे निकल आए हैं। इसके के लिए क्या उपचार है?

Answer: To control the fungal diseases on cucumber, spray the solution of 25 gm Bavistin or M-45 or di-thane Z-78 or Calaxine with 10 litre of water, 3 times with a gap of 10 days.

और यह कांटे फ़सल काटने वाले के हाथों को चोट पहुँचाते हैं।

For the proper growth of the plant, spray 1% extract of 18:46 fertilizer twice with a gap of 15 days.

उत्तर: ककड़ी में फफूँद की बीमारी को रोकने के लिए, २५ ग्राम बाविस्टीन के घोल का छिड़काव करें या एम-४५ या डाइ-इथेन जेड- ७८ या कैलैक्ज़ीन के घोल को १० लीटर पानी के साथ १० दिन के अंतर से तीन बार छिड़कें।

Micronutrient fertilizers should be sprayed twice with a gap of 15 days.

पौधे के उचित वृद्धि के लिए १८:४६ खाद के १ प्रतिशत अर्क के को १५ दिनों के अंतराल में दो बार छिड़कें।

Having thorns on cucumber, is the characteristic of a particular variety.

ककड़ी के ऊपर कांटे होना, ककड़ी की एक खा़स प्रजाति की विशेषता है।

As there are no other scientific remedies for this, you should better contact the company's dealer for the concerned seed variety.

चूँकि इसके लिए अभी तक कोई वैज्ञानिक उपचार नही है लेकिन बेहतर होगा कि आप संबधित बीज की किस्म के लिए बीज कंपनी डीलर से संपर्क करें।

Phanerogamic parasites on mango tree

आम के पेड़ पर एक फूलदार परजीवी पौधा

The mango trees have become 24 - 25 years old and their branches have been affected by phanerogamic parasites.

आम के पेड़ 24-25 साल पुराने हैं और उनकी शाखायें फूलदार पौधे जैसे परजीवी से ग्रस्त हैं।

Due to this,their ability to bear fruit has become very low.

इसके कारण,उनमें फल धारण करने की क्षमता कम हो गयी है।

As almost all the branches have been affected by the phanerogamic parasites it is not practical to cut them.

क्यों कि अधिकांश शाखायें इस रोग से ग्रस्त हैं इसलिए इन सब को काटना व्यवहारिक नही है।

So please suggest a remedy to maintain their proper growth and to enable them bear as many fruits as possible.

तो कृपया इन शाखाओं के विकास को बनाये रखने और इन्हें अधिक से अधिक फल दे सकने हेतु बनाने के लिए कोई उपचार बताएं।

To let the phanerogamic parasites to grow would not prove beneficial for the plant, hence they should be cut every now and then so that they do not grow.

फूलदार पौधे जैसे परजीवी को शाखाओं पर पनपने देना पेड़ के लिए लाभकारी सिद्ध नही होता है, इसलिए उन्हें समस-समय पर काटते जाना चाहिए जिससे की वह पनप ना सकें।

A tree with the phanerogamic parasite on it, will not give a satisfactory yield even if large quantities of fertilizers are used.

एक पेड़ जिसपर फूलदार पौधे जैसे परजीवी हो उसे बहुत अधिक मात्रा में खाद देने पर भी वह संभव उपचार नही रख पाते।

Question: The brinjal is affected by tip borer. So, please give me a proper guidance. Now, the plants have budded.

प्रश्न: बैगन में सिरा छेदने वाला कीड़ा लग गया है। अतएव, मुझे उचित सलाह दें। अब, पौधों में कलियाँ आ गयी हैं।

Medicine used: Nuclear ; Fertilizer used: Per acre, 10 trailers of farm yard manure

उपयोग में लाई गयी दवा: न्यूक्लिअर ; उपयोग में लाई गयी खाद: प्रति एकड़, १० ट्रेलर गोबर की खाद।

Answer: You have said that you have used many medicines to control the maggot that bores the tip and fruit of brinjal.

उत्तर: आपने बताया है कि आपने बैगन का सिरा और फल छेद देने वाले मेगट को रोकने के लिए बहुत सी दवाओं का उपयोग किया है।

But it was not controlled as desired.

लेकिन यह इच्छानुरूप काबू नहीं हो पाया।

Your brinjal crop is 5 months old.

आप की बैगन की फसल ५ महीने पुरानी है।

Therefore, it is possible that it is affected by a pest to some extent.

इसलिए यह संभव है कि इसमें कुछ हद तक कीड़ा लग गया है।

So, use 2 light traps per acre to control the pest.

इसलिए कीट को काबू करने के लिए प्रति एकड़ २ प्रकाश पिंजरों का उपयोग करें।

Also, remove all the rotten fruits and tips and destroy them.

साथ ही, सारे सड़े हुए फलों और सिरों को निकाल दें और उन्हें नष्ट कर दें।

Later, spray a chemical medicine a few times.

बाद में एक रासायनिक दवा कुछ बार के लिए छिड़कें।

Use the medicines alternately at every spraying.

प्रत्येक छिड़काव पर अदल-बदल कर दवाओं का उपयोग करें।

Between two consecutive sprayings, spray 5 percent neem seed extract (5 Kg neem seed powder / 1000 litre water).

दो लगातार छिड़कावों के बीच, ५ प्रतिशत नीमपिंड सार छिड़कें (५ किलो नीम पाउडर / १००० लीटर पानी )।

Every time, use a sticky solution in the solution for spraying.

प्रत्येक बार, छिड़काव के लिए घोल में एक चिपचिपे घोल का उपयोग करें।

The spraying should be done either in the morning or in the evening.

छिड़काव सुबह या शाम को करना चाहिए।

In this way, control the pest.

इस प्रकार कीट को काबू करें।

Prepare a light trap as shown in the picture below and place it in the crop.

जैसा कि नीचे के चित्र में दिखाया गया है एक प्रकाश पिंजरा बनाएं और इसे खेत में रख दें।

स्रोत[सम्पादन]