विक्षनरी:कृषि कीटविज्ञान परिभाषा कोश

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  • Abdominal appendage -- उदरीय उपांगउदर से निकलने वाले बाह्य – पाद या उन्ही के समान संरचनाएँ
  • Abdominal ganglion -- उदरी गुच्छिका आहारनाल और दीर्घ अधर पेशियों के बीच स्थित छोटा अंडाकार तंत्रिका केन्द्र, जो आम तौर पर कीट के प्रत्येक उदरीय खंड एक में होता है और जो आहार नाल और बड़ी अधरपेशियोंके बीच में स्थित होता है। कभी – कभी ये गुच्छिकाएँ संयुक्त होकर उदर के पश्‍च खंडों में तंत्रिकाओं की आपूर्ति कर देती हैं।
  • Abductor coxa -- अपवर्तनी कक्षांग शक्तिशाली कक्षांग पेशियों में से दूसरी पेशी।
  • Abiotic -- अजैव
जैव – मंडल के अजैविक घटक जिनमें वायु, जल, भूमि और लवण आते है। इन अजैविक कारकों में तापक्रम, आर्द्रता, वर्षा, सूर्य का प्रकाश, वायु की गति, पी.एच. और रसायन सम्मिलित हैं जो जैविक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
  • Aboral -- अपमुख
मुख के ऊपर स्थित भाग।
  • Abrasion -- 1. अपघर्षण, 2. खरोंच
त्वचा पर घर्षण अथवा रगड़ से होने वाली क्षति।
  • Absolute estimation -- पूर्ण आकलन
किसी आवास में पहले से निर्धारित एकक में कीटों की संख्या की गणना। यह प्रति इकाई गणना आयतन, क्षेत्र, प्रति पादप परपोषी, प्रति प्राणि परपोषी आदि के संदर्भ में कीटों के घनत्व का आकलन बताती है। उदाहरण के लिये मानकीकृत चूषक पाशों द्वारा वायु से नमूना लेना, पादप भागों से अचल अवस्थाओं जैसे अंडे और प्यूपों को एकत्रित करना, पादप भागों पर अशन करते डिम्भकों को एकत्रित करना अथवा उनकी पूरी पंक्ति अथवा प्रति वर्ग मीटर से कीटों अथवा उनकी परिपक्‍व अवस्थाओं की गणना।
  • Absorption -- अवशोषण सतह से भूमि अथवा पादप में रसायन या पीड़कनाशी का प्रवेश। प्राणियों में अवशोषण त्वचा, श्‍वसन अंगों, आमाशय अथवा आंत द्वारा होता है; जबकि पादपों में पत्तियों, तनों या जड़ों द्वारा।
  • Acari -- एकैराई
ऐरेक्‍निडा कुल के ऐसे संधिपाद जिनमें चिंचड़ियां (mites)और किलनियां (ticks) आती हैं।
  • Acaricide -- चिंचड़ीनाशी
चिंचड़ियों और किलनियों को मारने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायन। उदाहरण – डाइकोफोल, गंधक आदि।
  • Acarology -- चिंचड़ी विज्ञान
विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत चिंचड़ियों का अध्ययन किया जाता है। चिंचड़ियों को शिरोवक्ष, चार चोड़े पाद और एक जोड़ी प्रकरज (चेलिसेरी) की उपस्थिति तथा श्रृंगिकाओं की अनुपस्थिति द्वारा कीटों से अलग किया जा सकता है।
  • Accessory cell -- अतिरिक्त कोशिका
लेपिडोप्टेरा कीटों के अगले पंख की बंद कोशिका जो रेडियस, प्राय: आर – 3 कोशिका, की दो शाखाओं के संलयन से बनती है।
  • Accessory glands -- सहायक ग्रन्थियांकीटों के जनन तंत्र से संबद्ध ग्रंथियां जो जनन संबंधी कुछ गौण कार्यो को भी पूरा करती है, अंडों का आवरण अथवा कोष बनाने वाले आसंजनशील पदार्थ स्रवण करती हैं और नर में श्‍लेष्मा ग्रंथि स्खलनीय वाहिनी मे खुलती हैं।
  • Accessory vein -- अतिरिक्त शिरा
अनुदैर्ध्य शिरा की एक अतिरिक्त शाखा अथवा हाइमनोप्टेरा गण में अगले पंख के पक्षांत क्षेत्र की सबसे पश्‍चशिरा।
  • Accrescent antenna -- उत्तरवर्धी श्रृंगिका
शिखाग्र की ओर धीरे – धीरे मोटी होती हुई श्रृंगिका।
  • Accretive release -- अभिवर्धी मोचनजैव कारकों के आवर्ती प्रवेशन की ऐसी विधि जिसमें प्रतिवर्ष फसलीय मौसम के आरम्भ में ही लाभदायक जैव कारकों को पीड़क की बढ़ती समष्‍टि के विरूद्ध मोचित किया जाता है, ताकि पीड़क के बढ़ते घनत्व की अनुक्रिया (response)मेंलाभदायक जीव समष्‍टि स्वत: ही बढ़ सके।
  • Acetabulum -- श्रोणि उलूखल
कीटों के वक्ष के कोटर जहां पादप लगे होते हैं। ये चक्रीय (कपकेसमान) कोटर, उरोस्थि, पश्‍चपार्श्‍वक और कभी – कभी अग्रोदर के किनारों से बने होते हैं।
  • Acetylcholine -- एसिटिलकोलिन
तंत्रिका संबंधनों (अंतर्ग्रर्थन) पर मिलने वाला रासायनिक पदार्थ जो तंत्रिका आवेग के पारगमन के समय हर बार उपस्थित होता है।
  • Acron -- एक्रानकीट भ्रूण खंडीभवन के समय प्रारम्भिक शिर प्रदेश में दो दीर्घ पार्श्‍वपालि होती हैं जिनके कुछ भाग से श्रृंगिका – पूर्व भाग बनते हैं। इसी प्रदेश में दूसरी द्विपालिक शोध उभरती है जो कि पूर्व मुख है जहां से भावी ऊर्ध्वोष्‍ठ विकसित होता है। कीट सिर का भ्रूणीय पूर्व – खंडीय उपप्रदेश।
  • Acrotrophic eggtube -- अग्रपोषी अंडनली
अंडनलिका का वह प्रकार जिसमें पोषी कोशिकाएँ अग्रकोष्‍ठक तक सीमित रहती हैं।
  • Activated charcoal -- सक्रियित काष्‍ठकोयला, सक्रियित चारकोल
उच्‍च कोटि का बहुत बारीक पिसा हुआ चारकोल जो तरल पदार्थो और गैसों का अवशोषण आसानी से कर लेता है।
  • Activator -- सक्रिय कारक, सक्रियकपीड़कनाशी की आविषालुता को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ाने के लिए उसमें मिलाया जाने वाला पदार्थ।
  • Active ingredient -- सक्रिय अवयवपीड़कनाशी का आविषालु तत्व (रसायन) जो जीवों को मारता है।
  • Acute dermal toxicity -- तीव्र त्वचीय आविषालुता
पीड़कनाशी की वह मात्रा जो त्वचा से शरीर में अवशोषित होने पर विषाक्त हो जाती है।
  • Acute dosage -- तीव्र मात्रापीड़कनाशी के सक्रिय घटक (संरूपित पदार्थ नहीं) की वह मात्रा जिसका किसी क्षेत्र अथवा लक्ष्य पर अनुप्रयोग किया जाता है।
  • Acute inhalation toxicity -- तीव्र अंत:श्‍वसन आविषालुता
पीड़कनाशी की वह मात्रा जो श्‍वास द्वारा फेफड़ों में पहुंचने पर विषाक्त हो जाती है।
  • Acute oral toxicity -- तीव्र मुखीय आविषालुता
मुख द्वारा लिए गए रसायन की एक ही मात्रा से होने वाली आविषालुता
  • Acute poisioning -- तीव्र विषाक्तन
पीड़कनाशी की एक ही मात्रा के प्रभाव से होने वाला विषाक्तन।
  • Additive -- योज्य, योगात्मक
पीड़कनाशी में जोड़ा जाने वाला पदार्थ जिसका क्लेदक (wetting) या पृष्‍ठसक्रियक (surfactant) होना आवश्यक नहीं है।
  • Additive resistance -- योज्य प्रतिरोधएक से अधिक जीन के द्वारा नियंत्रित प्रतिरोध। इनमें से प्रत्येक जीन स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त हो सकता है, किंतु अतिरिक्त जीन की अभिव्यक्ति से उसकी क्षमता बढ़ जाती है।
  • Adecticous pupa -- अक्रियचिबुक कोशितऐसे कोशित जिनमें असंधित ह्रासित चिबुकांक होते हैं। इनकी दो मुख्य किस्में हैं : अबद्ध अक्रियचिबुक कोशित और आबद्ध अक्रियचिबुक कोशित।
  • Adelphoparasitism -- एडेल्फोपरजीविता
परजीवी हाइमेनोप्टेरा के कुल एफीलिनिडी में मिलने वाली परजीविता जहां मादा प्राथमिक परजीव्याभ (parasitoid) होती है जबकि उसी जाति के नर द्वितीयक अथवा परात्परजीवी (hyperparsite) होते हैं। जब अमैथुनी मादा अनिषेचित अंडे कोक्सिड परपोषी में निक्षेपित करती है तब इन अंडों से केवल नर पैदा होते हैं। यह नर अविकल्पी द्वितीयक परजीवी / परजीव्याम बन जाते हैं।
  • Adfrontal area -- अभिललाट क्षेत्र
लेपिडोप्टेरा गण के डिम्भक के सिर पर वह क्षेत्र जिस पर एक जोड़ी संकरे तिरछे कठक (sclerites) होते हैं।
  • Adjuvant -- सहयोगी
किसी पीड़कनाशी संरूपण में उपस्थित सक्रिय घटक के एकसमान फैलाव और वितरण के लिये मिलाया जाने वाला रसायन। उदाहरण : क्लेदक, विस्तारक, आसंजक, पायसीकारक प्रवेशी द्रव आदि। प्राय: यह निष्क्रिय समझा जाता है परन्तु कुछ स्थितियों में यह संरूपण में उपस्थित पीड़कनाशी की आविषालुता (toxicity) को बढ़ा देता है।
  • Adsorption -- अधिशोषण
वह प्रक्रम जिसके द्वारा पदार्थो को सतह पर इस ढंग से आबद्ध रखा जाता है कि रसायन धीमी गति से उपलब्ध होता रहे। कई बार चिकनी मिट्टी अथवा उच्‍च कार्बनिक मिट्टियों में पीड़कनाशी के अवशोषण की प्रवृत्ति होती है।
  • Adulterated pesticide -- अपमिश्रित पीड़कनाशी
ऐसा पीड़कनाशी जिसकी प्रबलता अथवा शुद्धता दिए गए मानक से कम हो जाती है अथवा जिसमें कोई पदार्थ जोड़ा या निकाला गया हो।
  • Aedeagal apodeme -- लिंगाग्रिका आंतरवर्धनर
कीट में लिंगाग्रिका का आंतरवर्ध।
  • Aedeagus -- लिंगाग्रिका
नर कीट का मैथुन अंग। स्खलन वाहिनी का अंतिम भाग अधर देहभित्ति से उत्पन्‍न अंगुली जैसे अंतर्वलन से घिरा रहता है , जिससे नर प्रवेशी अंग बनता है।
  • Aeropyle -- वायुद्वार
कीटों के अंडों में उपस्थित प्रणाल जिनके द्वारा गैस भरी परत अंडे के बाहरी पर्यावरण से संपर्क करती है।
  • Aerosol -- वायु – विलय, ऐरोसोल
पीड़कनाशी का वह संरूपण जिसका प्रकीर्णन अनुप्रयोग के समय अतिसूक्ष्म बूंदों के रुप में होता है। इन्हें “बग बोम्ब” के नाम से भी जाना जाता है। ये दाबीकृत प्रक्षेपक हैं। इनमें पीड़कनाशी की सूक्ष्म मात्रा रहती है जिसे उच्‍च दाब पर भरी रासायनिक प्रक्रिया से निष्क्रिय गैस द्वारा एक सूक्ष्म छिद्र से निकाला जाता है। इन सूक्ष्म बूंदों का आकार 0.1 से 50 माइक्रोन व्यास के बीच होता है।
  • Aestivation -- ग्रीष्म निष्क्रियताग्रीष्मकाल में कीट की सुसुप्‍तावस्था जिससे उसका शरीर अधिक ताप सहने के अनुकूल बन जाता है।
  • Agamic -- अयुग्मनी
अनिषेकजनन द्वारा अथवा बिना संगम के संततियों की उत्पत्ति।
  • Aglycone -- एग्लाइकॉन
एक कार्बनिक यौगिक जो फीनोल या एल्कोहॉल होता है और जिसमें ग्लाइकोसाइड का शर्करा अंश मिला होता है। इसे जल अपघटन द्वारा, प्राप्‍त किया जाता है।
  • Agro – ecosystem -- कृषि – पारितंत्रपादपों, प्राणियों और उनके आवास से बना जटिल एवं परस्परावलम्बी तंत्र जिसे आर्थिक उत्पादकता के लिए उपयोग में लाते हैं अथवा कृषि से संबंधित परिस्थितियों में पादपों पर उत्पन्‍न होने वाले जैविक और अजैविक कारकों का प्रभाव।
  • Agro – pesticide -- कृषि पीड़कनाशी
वे सभी पीड़कनाशी, योज्य पदार्थ, रोगहर कारक तथा अन्य रसायन जिनका उपयोग खरपतवार, पीड़क, रोगाणु तथा फसलीय पादपों की रूग्ण दशा को ठीक करने के लिए किया जाता है।
  • Air assisted sprayer -- वायु सहायक फुहारक
ऐसा फुहारा जिससे वायु प्रवाह के द्वारा फुहारकणों को छिड़काव की जाने वाली वस्तुतकपहुंचाते हैं।
  • Air tube -- वायु नलिका
नली अथवा नलियों का जोड़ा जिसका सिरा पानी के ऊपर निकला रहता है और जिसकी सहायता से पूरे समय पानी के अंदर रहने वाले कीट सांस ले सकते हैं। उदाहरण – मच्छर का डिम्भक।
  • Alary muscle -- पक्षाकार पेशी
कीट की ह्रदयावरणी गुहा को परि – अंतरंग से अलग करने वाली झिल्ली में प्रविष्‍ट तिकोने पंख के समान पेशियों की श्रृंखला जिनके संकुचन से रक्त प्रवाह ह्रदयावरणी गुहा में होता है और छोटे छिद्र अथवा आस्य से होकर लम्बे पृष्‍ठीय नलिकाकार ह्रदय में पहुंचता है।
  • Alate -- सपक्षक
प्रवासी मादा एफिड वर्ग के पंखवाले कीट।
  • Albino -- वर्णकहीन (जीव)
ऐसा जीव जिसकी त्वचा, रोम और आंखों पर वर्णकता (pigmentation) नहीं होती। यह अप्रभावी जीन (recessive gene) का प्रत्यक्ष प्रभाव है।
  • Alder fly -- पौरमक्षीन्यूरोप्टेरा गण के सिलिएडी कुल के आदि कीट। इनके जलीय, परभक्षी डिम्भकों में क्लोम तंतुओं (gill – filament) से झल्लरित सात या आठ जोड़ी सुपष्‍ट उदरीय उपांग (appendage) होते हैं। वयस्क कीट उड़ने में दुर्बल तथा कम समय तक जीवित रहते हैं।
  • Alien species -- विदेशी जाति
वह कीट अथवा जीव जो किसी ऐसे प्रदेश में प्रवेश पा गया है अथवा प्रवेशित कर दिया गया है जहां वह पहले उपस्थित नहीं था।
  • Alinotum -- पक्षपृष्‍ठक
सपंख कीट के मध्यवक्ष अथवा पश्‍चवक्ष की पृष्‍ठक – पट्टिका (notal plate)।
  • Alkaloid -- ऐल्केलॉइड
कुछ पौधों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले नाइट्रोजनी पदार्थ जिनका उपयोग वनस्पति मूल के कीटनाशी तैयार करने के लिए किया जाता है। ये विषम पदार्थ हैं और कीटों में परपोषी के चयन का निर्धारण करते हैं।
  • Alkylating agent -- ऐल्किलन कारक
सल्फोनिक अम्ल के ये ऐस्टर नाइट्रोजन मस्टर्डस और एजिरिडिन हैं और नर कीट बंध्यक के रुप में अत्यधिक प्रभावी हैं। उदाहरण – टेपा और एफोलेट।
  • Allelochemic -- अन्योन्य रसायन
किसी एक जाति के जीव द्वारा उत्पन्‍नएकप्रकार का अपोषणज रसायन जो दूसरी जाति की वृद्धि, स्वास्थ्य और व्यवहार को प्रभावित करता है।
  • Allelopathy -- ऐलीलोपैथी
किसी जीन द्वारा पर्यावरण में मोचित रसायन से दूसरे जीव की वृद्धि अथवा उसके जनन का संदमन अथवा संवृद्धि।
  • Allergen -- प्रत्यूर्जक, एलर्जनकिसी बाहरी पदार्थ, सामान्यतया किसी प्रोटीन, जिसे संवेदनशील व्यष्‍टि के ऊतकों में प्रविष्‍ट कराए जाने परशोथ(inflammation), सूजन अथवा अधिक भंयकर परिणाम उत्पन्‍न होते हैं।
  • Allergy -- प्रत्यूर्जता, ऐलर्जीप्रतिजन – प्रतिरक्षी अभिक्रिया (antigen – antibody reaction) का एक प्रकार जो संवेदनशील (sensitive) व्यष्‍टियों में किसी पदार्थ के प्रति अत्यधिक कार्यिकीय अनुक्रिया (physiological response) के रूप में व्यक्त होता है।
  • Allethrin -- ऐलेथ्रिन
एक संश्‍लेषित कीटनाशी जो वानस्पतिक कीटनाशी पायरिथ्रीन की भांति होता है।
  • Allometry -- सापेक्षमिति
सामाजिक कीटों में पाई जाने वाली परिघटना जहां शरीर के भाग अथवा भागों में असमानुपाती वृद्धि हो जाती है जैसे कि चींटियों के सैनिक प्रभेद में दीर्घ सिर और दीर्घ चिबुक का होना।
  • Allomone -- ऐलोमोन
एक ऐसा रसायन या रसायनों का मिश्रण जिसे कोई जीव दूसरी जाति के जीव में अनुक्रिया उत्पन्‍न करने के सिए मोचित करता है। इसका लाभ मोचन करने वाले जीव को होता है, अर्थात् ये रसायन उत्पन्‍न करने वाले जीव के प्रतिरक्षी स्राव होते हैं जो आक्रमणकारी क लिए आविषालु या प्रतिकारी होते हैं। यह अंतराजातीय सेमियो – रसायन है जो उत्पादक जीव की सहायता करता है।
  • Allopatric -- विस्थानिक
भौगोलिक दृष्‍टि से प्रथक्कृत जाति।
  • Allopatric distribution -- विस्थानिक वितरण
कीट जाति अथवा समष्‍टियों का स्थानिक वितरण जो भूगोलिक रोध द्वारा पृथक रहता है।
  • Allopatric speciation -- विस्थानिक जातिउद्भवन
एक लम्बे अंतराल के बाद भौगोलिक पृथक्‍करण, जैसे पर्वत श्रृंखला के कारण मूल पूर्वज – समूहों से नई जाति का उद्भव।
  • Allosome -- ऐलोसोम
प्रारूपिक गुणसूत्र से भिन्न कोई भी गुणसूत्र।
  • Alternate host -- एकान्तर परपोषी
किसी कीट के जीवन चक्र को पूरा करने के लिए उपयोग में आने वाली एक या दो पादप परपोषी जाति।
  • Altruism -- परोपकारिता
सिलफिड भृंगो के नर और मादा द्वारा पैतृक रक्षण का कार्य। दोनों ही लिंग भूमि में बिल खोदने और डिम्भकों को अशन कराने मे सहयोग करते हैं।
  • Alula -- पक्षिका
पक्ष – आधार के पश्‍च कोण पर विशेष रूप से विकसित कलामय पालियों का एक जोड़ा। उदाहरण – डिप्टेरागण के कुछ कीट।
  • Alveolus -- कूपिका, ऐल्वियोलसगुलिका (tubercle) पर उभरी हुई रोम अथवा शूक गर्तिका (setal socket)।
  • Ambrosia beetle -- ऐम्ब्रोसाय भृंग, प्रादन भृंग
स्कोलिटिडी कुल के भृंग जो लकड़ी को बेधकर कवकों को भीतर ले जाते हैं ताकि इनसे अपने भृंगकों के लिये भोजन उपलब्ध करा सकें।
  • Amensalism -- ऐमनसेलिज्म
जैविक – प्रक्रिया का ऐसा प्रकार जिसमें एक जीव का दूसरे जीव द्वारा संदमन होता है, लेकिन दूसरा जीव न तो संदमित और न उद्दीप्‍त ही होता है।
  • Ametabolus (ametamorphic) -- अकायांतरणी
पंखहीन अदिम कीट जिनमें कायांतरण नहीं होता। ये कीट डिप्लूरा, थायसेन्यूरा, कोलम्बोला और प्रोटूरा गण के अंतर्गत आते हैं।
  • Amitosis -- असूत्रीविभाजन
केंद्रक का तर्कु या तंतुमय संरचनाओं के बने बिना ही एक कोशिका का दो कोशिकाओं में विभाजन।
  • Amnion -- उल्ब
बाह्य कोरकचर्म के पुटकों से निर्मित भ्रूण का कोशिकीय झिल्लीमय आवरण; उल्बीय वलन का भीतरी स्तर।
  • Amniotic cavity -- उल्ब गुहिका
उल्ब और भ्रूण की मध्यवर्ती गुहिका जिसमें एक तरल पदार्थ भरा रहता है जो भ्रूण को जलीय माध्यम प्रदान करता है।
  • Amniotic fluid -- उल्ब तरल
परिवर्धित होते भ्रूण को चारों ओर से घेरे रखने वाला तरल। यह अंड स्फुटन के समय कीट डिम्भकों की सहायता करता है क्योंकि डिम्भक स्फुटन के समय इस तरल को निगलकर आकार में बढ़ जाते हैं और अंड कवच को तोड़ देते हैं।
  • Amorphous matrix -- अक्रिस्टलीय आधात्री, रवाहीन आधात्री
ऐसा अन्तरकोशिक पदार्थ जिसका सामान्यत: निश्‍चित आकार और रुप तो नहीं होता, लेकिन जिसमें प्राय: कुछ विशेष एककोशिक शैवाल या जीवाणु अन्त:स्थापित होते हैं।
  • Amphibious -- उभयचरी, जलस्थली
ऐसे कीट जो अपने जीवन काल में कम से कम कुछ समय तक जल और भूमि पर रह सकते है।
  • Amphikaryon -- उभयकेन्द्रक, एम्फीकेरियॉन
ऐसा केन्द्रक जिसमें दो अगुणित गुणसूत्रों का समूह होता है।
  • Amphipneustic -- उभयरंध्री
ऐसा अल्परंध्री डिम्भक जिसमें केवल अग्रवक्षीय और पश्‍च उदरीय श्‍वसन रंध्र होते हैं।
  • Amphitoky -- उभनिषेकजनन
अनिषेकजनन से नर और मादा दोनों ही संततियों का उत्पन्न होना।
  • Anabolism -- उपचय
ऐसा कार्यिकीय प्रक्रम (physiological process) जिसके द्वारा प्राणी और पौधे सरल पदार्थो से जटिल पदार्थ बनाते हैं।
  • Anemotaxis -- वातानुचलन
1. कुछ पंखों वाले कीटों में उस वायु प्रवाह की ओर उड़ने की प्रवृति होती है जो स्रोत विशेष से मादा वयस्कों के सेक्स फीरोमोन गंध अणुओं को लाता है। गंध के स्रोत की ओर पहुंचने के लिए वयस्कों के उड़ने में अवरक्त विकिरण (infrared radiation) सहायक होता है। 2. रेंगने वाले कीट, चीटियां और कुछ कीटों की डिम्भक अवस्थाएं भोजन स्रोतों और आश्रयस्थलों की ओर पथ का अनुसरण करते हैं।
2. रेंगने वाले कीट, चीटियां और कुछ कीटों की डिम्भक अवस्थाएं भोजन स्रोतों और आश्रयस्थलों की ओर पथ का अनुसरण करते हैं।
  • Anaerobe -- अवायुजीव, अनॉक्सीजीव
जीव विशेष जो ऑक्सीजन के अभाव में या उसकी बहुत कम मात्रा में सांस ले सकता है।
  • Anal -- 1- गुद 2- पक्षांत1. उदर का अंतिम खंड जिसपर गुदा स्थित होती है। 2. पंख का अंतिम छोर जहां प्राय: पक्षांत कोशिका होती है।
  • Anal cell -- पक्षांत कोशिका
कीट पंख के पक्षांत क्षेत्र की एक कोशिका,1 ए कोशिका (डिप्टेरा – द्विपंखी गण)
  • Anal lobe -- पक्षांत पालि
कीट के पिछले पंख के पश्‍च आधारी भाग पर उपस्थित एक पालि।
  • Anal loop -- पक्षांत पाश
व्याध पतंग (ड्रेगन फ्लाई) के पिछले पंख में सीयू2, 1ए और 2ए के बीच कोशिकाओं का एक समूह जोकि गोल, लम्बा अथवा पादरूपी हो सकता है।
  • Analogous -- समवृत्ति
वे सरंचनाएं जिनके कार्य तो समान होते हैं परन्तु विकास के मूल भिन्न होते हैं, जैसे – कीट नखर (पंजा) और हाथ।
  • Anal cerci -- गुदलूम
गुदा के सिरे पर स्थित उपांग जो कीट मे जीवन पर्यन्त बने रहते हैं।
  • Anal vein -- पक्षांत शिरा
मध्योत्तर तथा जुगल क्षेत्र के बीच की सभी शिराएं। (कॉम्सटॉक – नीधम तंत्र के अनुसार इन शिराओं को पश्‍चमध्योत्तर तथा पंखाभिकाएं भी कहा जाता है।
  • Anamorphosis -- एनामॉर्फोसिस
अंडे के स्फुटन के बाद कीट में अतिरिक्त उदरीय खंडों का बनाना, जैसा कि आद्य अथवा पूर्वग गण प्रोटूरा में होता है।
  • Anatomy -- शारीर
जीव की सकल संरचना और उसका विवेचन करने वाला विज्ञान जो आकारिकी (morphology) की एक शाखा है।
  • Annulus -- वलयिका
शिश्‍न गुहिका या शिश्‍न प्रावरक की आंतरिक भित्ति के दृढ़न से लिंग्रागिका के अधर पर एक प्रकार के वलय या नलिका का बन जाना।
  • Annulated -- वलयित
पंख जैसे खंडों या अंगों वाली संरचना।
  • Anoplura -- एनोप्लूरा
दे. साइफनकुलेटा
  • Anoxia -- ऐनॉक्सिया, अनॉक्सिता
ऑक्सीजन रहित पर्यावरण।
  • Anteapical -- प्रतिशीर्ष
शीर्ष के बिल्कुल निकटस्थ (स्थल)।
  • Anteapical cell -- प्रतिशीर्ष कोशिका
कीट पंख के दूरस्थ भाग की एक कोशिका उदाहरण – पातफुदका (लीफ हॉफर)।
  • Anteclypeus -- अग्र मुखपालि
मुखपालि के खंडों का अग्र भाग।
  • Antecosta -- पूर्वपर्शुक
प्राथमिक अंतरखंडीय वलय से संगत पृष्‍ठक या अधरक पट्टिका के आंतरिक पृष्‍ठ पर अग्रउपसीमांतीयया सीमांतीय कटक जिस पर विशेष रुप से अनुदैर्ध्य पेशियां लगी रहती हैं।
  • Antecostal suture -- पूर्व-पर्शुक सीवन
पूर्वपर्शुक की बाह्य सीवन।
  • Antecoxal piece -- अग्रकक्षांग भाग
एक प्रकार का भीतरी कठक जो प्राय: एकल या विभक्त संधिकठक औरअधिअधरकके बीच या संधिकठक और अग्रकक्षांग सेतु के बीच पाया जाता है।
  • Antecoxal sclerite -- अग्रकक्षांग कठक
पश्‍चाधरक का एक कठक जो पश्‍चकक्षांगों के ठीक आगे होता है।
  • Antenna -- श्रृंगिका
मस्तिष्क की द्वितीय प्रमस्तिष्क पालियों से तंत्रिकायित शिर के आद्यशिरस्थ क्षेत्र का संवेदी उपांग। क्रस्टेशिया में इन्हें प्रथम श्रृंगिकाएं अथवा प्रश्रृंगिकाएं कहते हैं, चेलिसेरेट में ये अनुपस्थित होते हैं।
  • Antennal fossa -- श्रृंगिका खात
कीटों के सिर में पायी जाने वाली गुहा या गर्त जिसमें श्रृंगिकाएं स्थित होती हैं।
  • Antennule -- प्रश्रृंगिका
क्रस्टेशिया की श्रृंगिकाओं की पहली जोड़ी।
  • Anterior cross vein -- अग्र अनुप्रस्थ शिरा
डिप्टेरा गण के पंखों की वह अनुप्रस्थ शिरा जो पंख के मध्य में रेडियस से मीडिया तक फैली रहती है।
  • Anterodorsal -- अग्रपृष्‍ठीय
कीट शरीर की आगे, शीर्ष या ऊपर की तरफ की स्थिति।
  • Anteromesal -- अग्रमध्यवर्ती, एन्टेरोमीसल
कीट शरीर के आगे और मध्य रेखा की समवर्ती स्थिति।
  • Anteroventral -- अग्राधर
कीट शरीर के आगे, नीचे या निचले भाग की स्थिति।
  • Anthesis -- परागोद्भव
पराग के प्रकीर्णन में परागकोशों के स्फुटन की प्रक्रिया।
  • Antibiosis -- प्रतिजीविता
कीट के जीवन पर पादप का प्रतिकूल प्रभाव।
  • Antidote -- प्रतिविष, प्रतिकारक
विषाक्तता के समय तुरंत किया जाने वाला व्यावहारिक उपचार जो विष केप्रभावको नष्‍ट करता है।
  • Antifeedant -- अशन रोधी
ऐसा यौगिक जो पीड़क की अशन – क्रिया में अवरोध उत्पन्न करता है।
  • Antifeeding compound -- प्रति – अशन यौगिक
वह पदार्थ जो किसी जीव के भोजन स्रोत (जैसे फसलीय पादप) को प्रतिकर्षित अथवा विषालु किए बिना ही अशन से रोकता है।
  • Antimetabolite -- प्रतिउपापचयज
वह यौगिक जोसँरचनामें उपापचयी मार्ग के माध्यमिक (जैसे उपापचयन) के समान होने के कारण प्रतिस्पर्धात्मक रूप से माध्यमिक के एन्जाइमी रूपांतरण का संदमन कर सकता है जिससे उपापचय अवरुद्ध हो जाता है। इन यौगिकों का कई पीड़कों के नियंत्रण के लिए उपयोग किया जाता है।
  • Antixenosis -- एंटिजेनोसिस
कोगल तथा ओर्टमन द्वारा प्रस्तावित शब्द जो प्रतिजीविता के समानार्थक है। अब नॉन प्रीफेरेन्स की जगह प्रयुक्‍त होता है और इसमें कीटों की अंडे देने की क्षमता पर पादप का प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
  • Aorta -- महाधमनी
कीटों की पृष्‍ठ रक्त वाहिनी का कपाट रहित अग्र – भाग जो पश्‍च – भाग (ह्रदय) की अपेक्षा सिर क्षेत्र में आस्रावित होता है।
  • Aphaniptera -- एफानिप्टेरा
दे. साइफोनैप्टेरा।
  • Aphicide -- ऐफिडनाशी
एफिड के नियंत्रण में उपयोग किया जाने वाला रसायन।
  • Aphid – borne -- एफिड – वाहित
ऐसे सूक्ष्म जीव जो एफिड़ों के शरीर में रोग उत्पन्न करने में सक्षम होने तक परिवर्धित होते हैं।
  • Aphidicolous -- ऐफिडवासी
ऐफिड के साथ अस्थाई अथवा स्थायी रूप से रहने वाला जीव।
  • Aphid lion -- एफिड व्याघ्र
लेसविंग (क्राइसोपा कॉर्निया) के डिम्भक के लिए यह नाम प्रयुक्त होता है जो घड़ियाल जैसा और बहुत खाने वाला होता है। इसका उपयोग विस्तृत रूप में एफिडों के नियंत्रण के लिए ग्रीन हाऊस में उगायी जाने वाली फसनों पर किया जाता है।
  • Apiary -- मधुमक्षिशाला, मधुवाटिका
मधुमक्खी पालन के छत्ते अथवा अन्य पात्रों का समूह जो मधुमक्‍खियों को रखने तथा उनके प्रजनन के लिए उपयोग में आता है।
  • Apical cell -- शीर्ष कोशिका
वह वृहदाकार पोषी कोशिका जो कुछ कीटों में वृषण नलिका के ऊपरी सिरे पर होती है।
  • Apiculture -- मधुमक्षिपालन, मौनपालन
मधुमक्खियों का व्यावसायिक स्तर पर प्रजनन और पालन पोषण। उदाहरण – मधुमक्‍खी की जाति एपिस मेलीफेरा का संवर्धन करना।
  • Apodeme -- आंतरवर्ध
देहभित्ति की कोई घनीय अंत:वृद्धि जो सामान्यत: बहुकोशिकीय आधात्री और कभी – कभी एकल कोशिका में भी हो सकती है।
  • Apodous -- अपाद
कीटों के डिम्भकों का एक प्रकार जिसमें वक्षीय और उदरीय उपांग पूर्णतया दमित अथवा अनुपस्थित होते हैं। इस प्रकार के डिम्भक अधिकतर हाइमेनोप्टेरा, डिप्टेरा, कोलियोप्टेरा गणों में और लेपीडोप्टेरा के कुछ कीटों में पाये जाते हैं।
  • Apodous larva -- अपाद डिम्भक
ऐसा डिम्भक जिसमें धड़ – उपांग पूरी तरह दबे होते हैं। अधिकांश कीटों की उत्पत्‍ति अल्पपाद किस्म के डिम्भक से होती है . कोलियोप्टेरा में पादहीन अवस्था अनेक कुलों के कीटों में मिलती है।
  • Apodus -- अपाद, पादहीन
कीट का पादरहित डिम्भक (लार्वा)
  • Apophysis -- अध:स्फीतिका
देहभित्ति का बाह्य या आंतरिक गुलिकीय या लम्बा प्रवर्ध।
  • Appetitive behaviour -- अभिलाषी व्यवहारजब कीटों के लिये प्राकृतिक निकेत में उनके संकेंद्रण (concentration) स्थल की पर्यावरणी दशायें उपयुक्त हो जाती हैं तो उन्हें उद्दीपनों के मोचित होने से आवश्यक निवेश प्राप्‍त होते है ताकि वे अनिवार्य जीवन संबंधी कार्य कर सकें। इसके अंतर्गत वे तेजी से कुछ स्थलों की ओर बढ़ते हैं जो निम्‍नलिखित हैं। 1. अंडनिक्षेपण / स्फुटन स्थल 2. शिशु अशन स्थल 3. निर्मोचन (moulting) 4. वयस्क निर्गमन स्थल 5. वयस्क अशन स्थल 6. संगम स्थल 7. दिवाचर / निशाचर क्रिया स्थल और 8. शीतनिष्क्रियता / उपरति (diapause) स्थल आदि। कीटों की ये सभी क्रियाएं इस व्यवहार के अंतर्गत आती हैं।
1. अंडनिक्षेपण / स्फुटन स्थल
2. शिशु अशन स्थल
3. निर्मोचन (moulting)
4. वयस्क निर्गमन स्थल
5. वयस्क अशन स्थल
6. संगम स्थल
7. दिवाचर / निशाचर क्रिया स्थल और
8. शीतनिष्क्रियता / उपरति (diapause) स्थल आदि। कीटों की ये सभी क्रियाएं इस व्यवहार के अंतर्गत आती हैं।
  • Apposition image -- स्तराधान प्रतिबिम्बवह प्रतिबिम्ब जिसका निर्माण उस समय होता है जब बाह्य बिंदुओं से आने वाली प्रकाश किरणों में से कुछ किरणें नेत्रांशकों में प्रवेश करने पर अपवर्तनी इकाई द्वारा नीचे स्थित रैब्डोम के दूरस्त सिरे पर फोकस हो जाती है। शेष सभी किरणें नेत्रांशकों को पृथक करने वाले वर्णक द्वारा विच्छिन हो जाती हैं।
  • Apterous -- पक्षहीन
बिना पंखों वाला कीट।
  • Apterygota -- एप्टेरिगोटा
पंख हीन कीटों का वह उप – वर्ग जिनकी पक्षहीन दशा आदिम मानी गई है और जिनमें कायांतरण कम अथवा नहीं होता। वयस्क में एक या अधिक जोड़ी अग्रजननीय (pregenital) उदरीय उपांग होते हैं तथा चिबुकास्थियां (mandibles) सिर सम्पुट (headcapsule) से प्राय: एक स्थान पर संधित होती हैं। उदाहरण – धाइसेन्यूरा, डिप्लूरा,प्रोट्यूराऔर कोलेम्बेला गणों के कीट।
  • Archenteron (gastrocoele) -- आद्यंत्र
अंतश्‍चर्म (endoderm) की गुहिका जो कंदुकन (gastrulation) के दौरान अंतश्‍चर्म और मध्यजनस्तर (मेसोडर्म) कोशिकाओं के भीतर की ओर जाने से बनती है तथा अंतत: आंत्रगुहिका बन जाती है।
  • Arista -- शूक
श्रृंगिका का पतला और शूक – समान उपांग। आकारिकीय रूप से वर्तिका (style) और शूक में अंतर नहीं होता। वर्निका सदैव अंतस्थ होती है जबकि शूक प्राय: पृष्‍ठीय और बिरले ही अंतस्थ होता है। साइक्लोरेफा की श्रृंगिकाओं में तीन आधारीय खंड होते हैं जिनमें तीसरा सबसे बड़ा, जटिल और शूक वाला होता है। शूक नग्‍न, पिच्छकी अथवा कंकती हो सकते हैं। वर्गीकरण में ये बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
  • Arolium -- अजिनक
गद्दी से समान संरचना जो नखरों के बीच अंतिम गुल्फ खंड के शीर्ष पर या प्रत्येक गुल्फ नखर के आधार पर पायी जाती है। उदाहरण – डिप्टेरा गण की घरेलू मक्खी।
  • Arrhenotoky -- अनिषेकपुंजनन
अनिषेचित अंडों से नरों की उत्पत्ति। उदाहरण – पुंमक्षी (ड्रोनबी) आदि।
  • Articulation -- संधि
देहभित्ति के दो दृढ़ीकृत भागों के बीच के प्रतिब – बिंदु। संधित संधि मे जुड़ने वाले पृष्‍ठों के एक या दो जोड़ों के अनुसार ये एककंदीय (monocondylic) या द्विकंदीय संधि (dicondylic articulation) कहे जाते हैं।
  • Asexual -- अलैगिक, अलिंगी
प्रजनन का एक प्रकार जिसमें लिंग कोशिकाओं (युग्मकों) का युग्मन नहीं होता।
  • Asphyxiant -- श्‍वासरोधी
ऐसी गैस जो श्‍वसनी विसरण द्वारा नाशकजीवों को मारती है।
  • Aspirator -- चूषित्र
कीटों को चूषण द्वारा पकड़ने की एकयुक्ति।
  • Assay -- आमापन
किसी पदार्थ के अवयवों का गुणात्मक अथवा मात्रात्मक निर्धारण जैसे औषध या कीटनाशी।
  • Asymmetrical -- असममित
ऐसी संरचना जो दोनों तरफ एक समान नहीं होती।
  • Atomize -- कणित करना
बिंदुको (सूक्ष्म बूंदों) में परिणत करना (फुहार तरलों के लिए प्रयुक्त)
  • Atrophy -- क्षीणता, अपुष्‍टि
ऐसी स्थिति जिसमें एक विशेष संरचना आकार में छोटी या अल्पवर्धित हो जाती है।
  • Attractant -- आकर्षीएक रसायन विशेष या भौतिक स्रोत जो कीटों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
  • Augmentation -- संवर्धन
पीड़कों के जैविक – नियंत्रण के लिए परजीवियों, परभक्षियों या रोगाणुओं का बड़े पैमाने पर संवर्धन, पालन – पोषण और स्थानिक मोचन।
  • Autocidal control -- स्वघाती नियंत्रक
किसी कीट जाति का उसके विरुद्ध ही उपयोग जिससे कि कीट की प्राकृतिक समष्‍टि को कम किया जा सके अथवा उसका उन्मूलन किया जा सके। इसे प्राय: कुछ साधनों द्वारा आनुवंशिक हेर – फेर से प्राप्‍त करते हैं। उदाहरण – बन्ध्य नर का मोचन।
  • Autoecology -- स्वपारिस्थितिकी
एकल कीट जाति के द्वारा किसी समुदाय के विशेष निकेत में रहने के लिए किए जाने वाले अनुकूलन का अध्ययन।
  • Autosome -- अलिंग सूत्र, ओटोसोम
लिंग – गुणसूत्रों से भिन्न गुणसूत्र (ड्रोसोफिला) में दूसरे और तीसरे गुणसूत्र अलिंगसूत्र होते हैं।
  • Autotroph -- स्वपोषी, स्वपोषित
ऐसा जीव जो अपनी आवश्यकता के पोषक पदार्थो को अकार्बनिक पदार्थो से संश्‍लेषित करने में सक्षम होता है।
  • Auxin -- ऑक्सिन
ऐसे कार्बनिक – यौगिक जिनमें प्ररोह कोशिकाओं में दीर्घीकरण को प्रेरित करने की क्षमता होती है। उनमें ऑक्सिन प्राय: असंतृप्‍त – चक्रीय केंद्रक युक्त अम्ल होते हैं।
  • Avicide -- पक्षिनाशी
पीड़क चिड़ियों को नियंत्रित करने वाला पदार्थ। यह प्राय: उनको मारता नही हैं, बल्कि कुछ चिड़ियों को दूर भगा देता है, जिससे दूसरी चिड़ियां भी डर कर भाग जाती हैं।
  • Axenicculture -- असंदूषित संवर्धन
पालन पोषण का ऐसा तंत्र जिसमें एक जाति के अथवा अधिक व्यष्‍टियों का अजीवित माध्यम में शुद्ध संवर्धन होता है।
  • Axeny -- आगंतुक हीनता
आकारिकीय रोधों के बिना ही रोगाणु के प्रति पादप का प्रतिरोध।
  • Axial -- अक्षीय
पादप के अक्ष से संबंधित ऐसी संरचना जो आकारिकीय दृष्‍टि से प्ररोह रूप होती है।
  • Bacillus -- दंडाणु
दंड – रूप वायुजीवी बीजाणु बनाने वाले जीवाणुओं का वंश जिसमें ऐसी कई जातियां सम्मिलित हैं जिनका उपयोग जैवपीड़कनाशियों की भांति किया जाता है। महत्वपूर्ण जातियां है – बेसलिस सीरेस, बे. लेन्टीमोर्बस, बे. पेपिली, बे. स्फेरीकस, बे. सबटेलिस और बे. यूरिनजियेनसिस।
  • Back cross -- प्रतीप संकर, प्रतीप संकरण
संकर का अपने जनकों में से किसी एक के साथ प्रसंकरण (crossing)। इसका प्रयोग प्राय: किसी पौधे में एक वांछित गुण को प्रवेश कराने के लिए किया जाता है।
  • Baculoviridae -- बैक्युलोविरिडी
संधिपाद – विशिष्‍ट विषाणुओं का समूह जिसमें केंद्रकीय पॉलीहेड्रोसिस (एन.पी.बी) और ग्रेनुलोसिस विषाणु आते हैं।
  • Bait -- विलोभक
पीड़क को आकर्षित करने वाला भक्षण योग्य पदार्थ।
  • Bandicoot -- बैंडीकूट, पन्दिकोकु
खेत के चूहे कीहृष्ट- पुष्‍ट और सबसे बड़ी जाति जो ऊपर से गहरे भूरे रंग की होती है। कभी – कभी ये चूहे काले, फीके भूरे या लगभग लाल होते हैं।
  • Basal apodeme -- आधारिक आंतरवर्ध
नर कीट के शिश्‍नाधार का आंतरवर्ध।
  • Basal plate -- आधार पट्टिका
शिश्‍नाधार के कठक।
  • Basal sclerite -- आधारी कठक
दो पार्श्‍वीय, ऊर्ध्वाधर पटलिकाओं (vertical lamellae) से बना कठक जो ऊर्ध्वाधर तल पर जुड़कर एक द्रोणी (basin) बनाता है जिसमें ग्रसनी स्थित होती है।
  • Basement membrane -- आधार झिल्ली
देहभित्ति का आंतरिक – आस्तर बनाने वाली पतली झिल्ली जो बाह्य त्वचा से अधिक चिपकी रहने के कारण उसका उत्पाद ही मालूम होती है।
  • Basipodite -- दूर पादांश
अंत्य पादांश का आधारी खंड या समान्यीकृत उपांग का दूसरा – खंड।
  • Basitarsus -- आधार गुल्फ
गुल्फ का निकटस्थ उपखंड।
  • Basival vulae -- आधार प्रकठक
प्रथम प्रकठक के आधार पर स्थित छोटे कठक जिन्हें कभी – कभी भ्रम से पुटधर (valvifer) समझ लिया जाता है।
  • Behavioural orientation -- व्यवहारिक अभिविन्यास
किसी कीट जाति की परिक्षिप्‍त समष्‍टि का दृश्य और घ्राण उद्दीपन के प्रभाव से परपोषी पादप की ओर अभिविन्यास (आना)। ये दोनों ही उद्दीपन भ्रमणशील कीट जाति के व्यष्‍टियों को परपोषी की तरफ घूम जाने में सहायता करते हैं।
  • Behavioural resistance -- व्यावहारिक प्रतिरोध
कीटों मे कीटनाशियों के लिए प्रतिरोध की एक क्रियाविधि जो व्यावहारिक परिवर्तन से आती है जिससे कीट अपने आपको कीटनाशियों के संपर्क में आने से बचाता है, अर्थात् एक सामान्य कीट जाति के कुछ व्यष्‍टि कीटनाशी द्वारा उपचारित सतह से दूर रहते हैं।
  • Bethylid wasp -- बेथिलिड बर्र
ऐसा कीट जिसमें ट्रोकेन्टिलस (trochantellus) अल्पपरिवर्धित अथवा नहीं होता तथा पश्‍चवक्षों में प्राय: पक्षांतपालि (anal lobe) होती है, ये छोटे अथवा मध्यम आकार और गहरे रंग वाले चींटी के समान कीट लेपिडॉप्टेरा (शल्कपंखी गण) और कोलियोप्टेरा (वर्मपंखी गण) के डिम्भको पर परजीवी होते हैं। उदाहरण – पेरिसीरेला, नेफेनटीडिस और गोनियोजस इन्डिकस।
  • Binomen -- द्विनाम
दो भाग, वंश और विशेषक जिससे जीवों का वैज्ञानिक नाम दिया जाता है।
  • Binomial nomenclature -- द्विपद नामपद्धति
जीवविज्ञान में ऐसी नामपद्धति जिसमें जीव का दो नामों से उल्लेख किया जाता है – 1. वंश और 2. जाति से।
  • Bioagent -- जैव कारक
परजीवी, परभक्षी, रोगाणु आदि जीव जिनका उपयोग नाशकजीवों को मारने के लिए किया जाता है।
  • Bioassay -- जैव आमापन, बायोऐसे
मानक अथवा मानक कोटि की अनुक्रिया के मापन के परिप्रेक्ष्य में, जीवों (कीटों) की अनुक्रिया के व्यवस्थित मानप द्वारा, किसी पदार्थ का गुणात्मक या मात्रात्मक निर्धारण।
  • Bioclimatology -- जैव जलवायु विज्ञान
विज्ञान की वह शाखा जिसके द्वारा जीवित प्राणियों पर जलवायु के प्रभाव का अध्ययन किया जाता है।
  • Biodegradable -- जैव निम्‍नीकरणीय
सूक्ष्मजीवों द्वारा निर्विषी उपापचयजों (metabolites) में टूट जाने वाले पदार्थ अथवा अजैविक जैव रासायनिक पारस्परिक क्रियाओं से प्रेरित होने वाले पदार्थ।
  • Biogeography -- जीव भूगोल
विज्ञान की वह शाखा जो समय और स्थान में प्राणियों (कीटों) और पादपों के वितरणों से संबंध रखती है।
  • Biological control -- जैविक नियंत्रण
नाशक कीटों और संबद्ध पीड़कों को नियंत्रित करने के लिए प्राकृतिक शत्रुओं – परजीवियों, परभक्षियों और रोगाणुओं का जान – बूझ कर किया गया उपयोग। इसे जैव – नियंत्रण भी कहते हैं।
  • Bioluminescence -- जीव संदीप्‍ति
कुछ कीटों में प्रकाश उत्पन्न करने की क्षमता, जो लूसीफेरिन नामक पदार्थ और लूसीफेरेज एन्जाइम के बीच पारस्परिक क्रिया का परिणाम है। वास्तविक संदीप्‍ति अथवा स्वसंदीप्‍ति के उदाहरण कोलेम्बोला, होमोप्टेरा, डिप्टेरा और कोलियोप्टेरा गणों में मिलते हैं।
  • Biome -- जीवोम, बायोम
प्रमुख पारिस्थितिकीय क्षेत्र जैसे कि मरुस्थल या उष्णकटिबंधीय वन का जीव समुदाय।
  • Bionomics -- जीव – पारिस्थितिकी
जीवधारियों के स्वभाव, आवास, जीवनवृत्त और अनुकूलनों के अध्ययन का विज्ञान।
  • Biopesticide -- जैव पीड़कनाशी
वह पीड़कनाशी जिसमें क्रियाशील संघटक विषाणु, कवक, जीवाणु, अथवा प्राकृतिक रूप से मिलने वाला जैवरसायन (पादपों अथवा प्राणियों से व्युत्पन्न) होता है।
  • Biorational (pesticide) -- जैवयौक्तिक (पीड़कनाशी)
इस शब्द का प्रयोग अरासायनिक पीड़कनाशियों के लिये किया जाता है जिसमें जैव पीड़कनाशी और वानस्पतिक पीड़कनाशी सम्मलित है।
  • Biosphere -- जीवमंडलस्थल
मंडल, जलमंडल के कुछ भागों और क्षोममंडल (टोफोस्फीयर) तक फैला एक संकीर्ण मंडल जिसमें सभी प्रकार के जीव पाए जाते हैं। वे इस मंडल में बढ़ते और जनन करते हैं।
  • Biosystematics -- जैववर्गीकरण विज्ञान, जैववर्गिकी
विज्ञान की वह शाखा जो जीवों की विविधता, उनके जाति उद्भवन (speciation) और जातिवृत से संबंधित है।
  • Biotic agent -- जीवीय कारक
जैविक जीव, विशेषकर लाभदायक जैसे रोगाणु, परजीवी, परभक्षी जो नाशक कीटों की बढ़ती समष्‍टियों का संदमन करते हैं तथा खरपतवारों के घनत्व को कम करते हैं।
  • Biotic community -- जीवीय समुदाय
स्थान विशेष पर किसी कीट जाति के व्यष्‍टियों की उपस्थिति उसकी समष्‍टि है। किसी क्षेत्र में कीटों की विभिन्न समष्‍टियों की उपस्थिति से समुदाय बनता है। ये समुदाय आपस में और अपने भौतिक पर्यावरण से भी लगातार पारस्परिक क्रिया करते रहते हैं।
  • Biotic environment -- जीवीय पर्यावरण
सूक्ष्मजीवों, पादपों और प्राणियों से बना पर्यावरण।
  • Biotic factor -- जीवीय कारक
पारितंत्र के जीवित घटक। पादप और प्राणी वे जीवधारी हैं जो अपने पोषण की विधि के अनुसार उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक के रूप में श्रेणीकृत हैं।
  • Biotic potential -- जीवीय विभव
प्राणी या कीट की किसी भी जाति को स्वतंत्र रहने देने पर और प्राकृतिक शत्रुओं, रोग या अन्य संदमनकारी कारकों से पृथक रखे जाने पर उसकी वृद्धि का अधिकतम आकलन। सामान्यतया विभवीय जनन दर बहुत अधिक होती है लेकिन अस्तित्व के लिए संघर्ष में संतुलन बना रहता है और इस कारण किसी भी जाति का समष्‍टि घनत्व मोटे तौर पर नियत अथवा एक समान रहता है।
  • Biramous -- द्विशारवी
दो शाखाओं वाला क्रस्टेशियन पाद जिसमें एक अंत:पादांश (endopodite) और एक बहि:पादांश होता है।
  • Biting mouthparts -- आदंश मुखांग
ठोस पदार्थ को काटने और पीसने के लिए अनुकूलित कीट मुखांग। ऐसे मुखांग चिबुकीय (mandibulate) या आदंशी भी कहलाते हैं। उदाहरण – थायसेन्यूरा, ऑर्थोप्टेरा, डर्मेप्टेरा, डिक्टिओप्टेरा, ऑडोनेटा, कॉलियोप्टेरा और अनेक कीटों के डिम्भक।
  • Biting response -- आदंश अनुक्रिया
शाकभक्षी पर परीक्षण – दंशन का प्रारंभ पादपों पर वास्तविक दंशन अथवा चूषण का अन्वेषण है जिसकी परिणति उस पादप पर लगातार अशन से हो भी सकती है अथवा नहीं भी हो सकती।
  • Blastocoele -- कोरक गुहा, ब्लास्टोसील
अंड – विदलन की अवधि के अंत में निर्मित कोरक की गुहिका।
  • Blastoderm -- कोरकचर्म, ब्लास्टोडर्म
गैस्ट्रुलाभवनसे पहले कोरक की कोशिकाओं का पृष्‍ठीय स्तर। जब काफी संख्या में विदलन कोशिकाएं बन जाती हैं, तब उनमें से अधिकतर अंडे के परिसरीय भाग में चली जाती हैं और वहां सतत कोशिकीय स्तर अथवा पीतक के चारों ओर घेरने वाले कोरक चर्म को बनाने के लिए परिद्रव्य (periplasm) के साथ समाविष्‍ट हो जाती है।
  • Blastomeres -- कोरक खंड
अंडे और कोरकचर्म बनाने वाले केंद्रक के विभाजन से बनने वाली विदलन या अन्य कोशिकाएं।
  • Blastopore -- कोरक रन्ध्र
कंदुकन गुहिका का मुख। कीट भ्रूण में कोरक रंध्र जो कभी भी खुला छिद्र नहीं होता बल्कि रंध्र क्षेत्र एक खांचा जैसा दिखाई देता है।
  • Blastula -- कोरक
भ्रूण की प्रारंभिक अवस्था जिसमें केवल कोशिका स्तर पर ही कोरक चर्म होता है।
  • Blister beetle -- फफोला भृंग
तेल भृंग के नाम से प्रसिद्ध इस भृंग से एक तरल पदार्थ निकलता है जिसका प्रमुख घटक कैन्थेरिडिन है। इस तरल में उत्तेजक गुण होता है और मानव शरीर यदि इसके सम्पर्क में आए तो छाले पड़ जाते हैं। उदाहरण – माइलेब्रिस जाति और एपीकॉटा हिर्टीकॉर्निस।
  • Body wall -- देहभित्ति
बाह्य चर्म का बना शरीर का अध्यावरण जिसमें अधिचर्म, उपचर्म तथा आधार झिल्ली सम्मिलित हैं।
  • Boll weevil -- गोलकघुन, बॉल – वीविल
एक छोटा घुन जिसके डिम्भक कपास के पौधों के गोलकों (डोड़े) या बीज – फलियों पर अशन करते हैं और उनको व्यापक क्षति पहुंचती है। उदाहरण – ऐन्थोनोमस ग्रेन्डिस।
  • Book louse -- पुस्त यूका
सोकोप्टेरा गण के अतंर्गत आने वाले कीट जिनकी 12 -50 खंडों वाली लम्बी तंतुरूप श्रृंगिकाएं होती हैं। इन कीटों में पंख नहीं होते तथा सामान्यतया ये किताबों और कागज़ों के ढेर में पाए जाते हैं और पुस्तकों की जिल्द के लेप (पेस्ट) पर अशन करते हैं।
  • Borers -- वेधक
चर्वण भाग से युक्त मुख वाले कीट जो तनों, कंदों तथा फलों आदि में छेद करते हैं। उदाहरण – धान्य वेधक, ज्वार की प्ररोह मक्खी, शीर्ष वेधक।
  • Brachypterous -- लघुपंखी
छोटे अग्रपक्ष वाले कीट। कुछ ऋजुपंखी (arthopterans) जातियों के दोनों ही लिंगों में सामान्य और छोटे पंख होते हैं जबकि अन्य कीट जातियों की केवल मादायें ही छोटे पंख वाली होती हैं। यह झिंगुरों, विशेषत: छछुन्द झिंगुरों का विभेदक लक्षण (diagnostic character) है।
  • Brimstones -- गंधक तितली
बनों और बागों की बड़ी परन्तु सामान्य यूरोपीय तितली जिसका नर चमकीला और गंधक के समान पीला होता है। इसके प्रत्येक पंख के केंद्र में छोटा लाल धब्बा होता है। मादा लगभग सफेद होती है। नर को “सल्फर” भी कहते हैं।
  • Bristle -- शूक
मज़बूत और दृढ़ शूक जो टैकेनिडी (डिप्टेरा) में स्पष्‍ट दिखाई देते हैं।
  • Bristle tails -- शूक पुच्छ
थाइसैनूरा – गण के स्थलीय कीट जो शल्कों से आच्छादित होते हैं तथा चांदी अथवा घूसर रंग के होते हैं। उदाहरण – फायर – ब्रेट, रजत मीनाभ (सिल्वर फिश) आदि।
  • Broad spectrum pesticide -- विस्तृत स्पेक्ट्रम पीड़कनाशी
निर्धारित मात्रा में अनुप्रयुक्‍त किए जाने पर पीड़कों के व्यापक परिसर को अथवा अनेकानेक पीड़कों को नियंत्रित करने वाला पीड़कनाशी पीड़क – परिसर में एक ही पीड़क की विभिन्न अवस्थाएं हो सकती हैं या विभिन्न गणों (आर्डर) वाले भिन्न – भिन्न पीड़क हो सकते हैं। इन रसायनों की आविषालुता दीर्घकाल तक बनी रहती है। इस श्रेणी में क्लोरीनयुक्त हाइड्रोकार्बन जैसे डी. डी. टी, बी. एच. सी., क्लोरडेन आदि है जो पर्यावरण में हानिकारक उपापचयज संदूषकों (contaminant) को छोड़ देते हैं।
  • Brood -- शाव
जीवों की एक ही जाति से उत्पन्‍न होने वाली लगभग समान आयु की संतति।
  • Bruchid beetle -- बूकस भृंग, बूकिड भृंग
विभिन्न दालों के बीजों को खेत, विशेषत: भंडार में ग्रस्त करने वाले भृंग। इनके डिम्भकों में अतिकायांतरण (hypermetamorphosis) होता है। उदाहरण – कैलोसोब्रूकस जातियां आदि।
  • Bucket sprayer -- बाल्टी फुहारक
एक सरल चल – जलीय फुहारक। यह खुले डोल या बाल्टी मे क्लैम्प या अन्य युक्ति द्वारा टिकाया जाने वाला प्लंजर पम्प होता है . इससे लगी रबड़ की नली के छोर पर स्थित नॉजल से द्रव फुहार के रूप में निकलता है।
  • Bursa copulatrix -- मैथुन प्रपुटी
मादा कीट का मैथुन कोष्‍ठ जो सामान्यत: जननकक्ष या उसका एक भाग होता है तथा मैथुन के समय लिंगाग्रिका को आत्मसात करता है।
  • Buzzing -- कलस्वर, मर्मर
कीटों के उड़ते समय उत्पन्‍न होने वाली ध्वनि जो हाइमैनोप्टेरा गण के कीटों – बोम्बस हीमोराइड्‍स में सामान्यत: होती है।
  • Calibration -- अंशांकन
निश्‍चित समय में लक्ष्य पर उपस्कर द्वारा किए जाने वाले पीड़कनाशी का मापन।
  • Calyx -- चषक, कैलिक्स
पार्श्‍वीय अंडवाहिनी (oviduct) का फैला हुआ अग्रभाग जिसमें अंडाशयक (ovariole) वृंत खुलते हैं।
  • Campodeiform larva -- कैम्पोडियारूप डिम्भक
कैम्पोडिया जैसे होने के कारण कैम्पोडियारूप डिम्भक कहलाने वाले इन डिम्भकों का शरीर लम्बा,कुछ- कुछ तर्कुरूप, लगभग अवनमित (depressed) और प्राय: अच्छी तरह दृढ़ीकृत होता है। इसकी अन्य विशेषताएं हैं: उद्‍हनुशीर्ष (prognathus) लम्बी वक्षीय टांगे, और एक जोड़ी अंतस्थ उदरीय प्रवर्ध। ये डिम्भक परभक्षी होते हैं और इनमें संवेदी तंत्र सुपरिवर्धित होता है। ये डिम्भक – यूरोप्टेरा, स्ट्रेप्सिप्टेरा, ट्रिकोप्टेरा औरकुछकोलियोप्टेरा (विशेषत: एडीफैगा) गणों में पाए जाते हैं।
  • Cannibalism -- स्वजातिभक्षण
भोजन की वह प्रक्रिया जिसमें एक जीव अपने परिवर्धन के लिए अपनी ही जाति के दूसरे जीव का अशन करता है। इसमें एक अपरिपक्‍व अवस्था (डिम्भक) अपनी ही जाति की दूसरी अपरिपक्‍व अवस्था का भक्षण करती है। उदाहरण – चने की सूंड़ी, हिलियोथिस आर्मीजेरा। इसके अतिरिक्त ट्राइबोलियम कीट में पोषकीय लाभो के लिए अथवा कुछ परभक्षियों में घनत्व को नियंत्रित करने की क्रियाविधि के रुप में ऐसा देखा गया है। आकस्मिक तौर पर प्रेइंग मेन्टिडों में मैथुन के समय मादा नर पर आक्रमण कर उसके सिर को खा जाती है।
  • Cantharid beetle -- कैन्थेरिड भृंग
मेलॉइडी कुल के भृंगा इनसे कैन्थेरिडिन (C10H12O4) नामक औषध उत्पाद बनता है जो सुखाए गए कीटों से तैयार किया जाता है। इन भृंगों के केवल एलेट्रा ही औषध के लिए काम में लाए जाते हैं क्योंकि इनमें कीट के सारे कोमलांगों से भी अधिक सक्रिय तत्व होते हैं, लिट्टा जाति के भृंगों का वाणिज्यिक कैन्थेरिडिन के उत्पादन में उपयोग किया जाता है हांलाकि इसकी तुलना में माइलेब्रिस से अधिक केन्थेरिडिन निकलता है।
  • Capitate antenna -- समुंड श्रृंगिका
दूरस्थ खंड पर मुद्‍गर के आकार वाली संरचना।
  • Carbamate -- कार्बामेट
कीटनाशकों का वह समूह जोकार्बेमिकअम्लों के व्युत्पन्नों से बना होता है और जिसके एक अणु में OCON= समूह होता है। ये कार्बामेट एस्टर कीटों और स्तनधारियों में कोलीनेस्टरेज एन्जाइम को अवरुद्ध करते हैं। ये कीटनाशकों, वरुथीनाशकों (एकेरीनाशकों) अथवा सूत्रकृमिनाशकों की भांति कार्य कर सकते हैं। उदाहरण – एल्डीकार्ब, मीथियोकार्ब, कार्बेरिल, कार्बेनेट आदि।
  • Carcinogenic -- कैन्सरजनी
कीटनाशी, पीड़कनाशी, पदार्थ या कर्मक के कैंसर उत्पादन करने वाले गुण के लिए प्रयुक्त।
  • Cardo -- कार्डो
जंभिका (maxillae) का प्रथम अथवा निकटस्थ भाग जो बहुत से कीटों में सिर से जुड़ा होता है।
  • Carnivorus -- मांसाहारी
दूसरे जन्तुओं के मांस को खाने वाला।
  • Carpenter bee -- तक्ष मक्षिका
एकल मक्षिकाओं की ऐसी अनेक जातियों को दिया जाने वाला नाम जो अपना नीड़ बनाने के लिए लकड़ी को खोदती हैं। इनमें से अधिकांश उष्ण कटिबन्धी तथा जाइलोकोपिड़ी कुल की हैं।
  • Carpenter moth -- तक्ष – शलभ
गोट शलभ (कुल केसिडी) के डिम्भक जो लकड़ी में नालियां बनाकर पर्णपाती वृक्षों को अत्यधिक क्षति पहुंचाते हैं।
  • Carpodite -- कॉर्पोडाइट
सामान्यीकृत उपांग का पांचवां खण्ड।
  • Carrier -- वाहक
प्रयोग में सुविधा के लिए किसी रासायनिक यौगिक मे मिलाया जाने वाला द्रव या ठोस पदार्थ। एक अक्रिय (inert) पदार्थ जिसको यदि आविषालु यौगिक के साथ प्रयुक्त किया जाये तो उसका विक्षेपण सुगम हो जाता है।
  • Carry over -- उद्वाहन (क्रि.)
ऐसा प्रक्रम जिसके द्वारा कीट प्रतिकूल जलवायु वाली परिस्थिति को कटी हुई फसल के वृंतों (stalks), ठंठों (stubbles) और गोलकों (bolls) में रहकर व्यतीत करते हैं ताकि आगामी ऋतु में फसल को ग्रसित कर सकें। उदाहरण – बिनौला का गुलाबी गोलाक कीट, कटी फसल के वृंतों और ठूठों में ज्वार और मक्का का तना वेधक, गहाई गई बालियों में मशकाभ (midge) आदि।
  • Category -- संवर्ग (वर्गिकी)
पदानुक्रमी वर्गीकरण में किसी स्तर पर एक निश्‍चित चिह्न जो उदाहरण के लिए वर्ग, कुल, वंश आदि को दर्शाता है।
  • Caterpillar -- इल्ली
शलभों तथा तितलियों में अंडों के बाद की कृमि जैसी अवस्था जो सामान्यतया पादपों पर अशन करती है।
  • Caudate larva -- पुच्छीय डिम्भक
वह कृमिरूप डिम्भक जिसका पूंछ के समान उपांग परिवर्ती लम्बाई का होता है। ऐसा डिम्भक हाइमेनोप्टेरा गण के कुछ इकन्यूमोनिडी, ब्रेकोनिडी और चेलसीडीडी में अधिकतर पाया जाता है।
  • Cephalic lobe -- शिरस्थ पालि
पुरोमुख (prostomium) एवं तृतीय प्रमस्तिष्कीय (cerebral) कायखंड से बनी भ्रूण की शीर्ष पालियां।
  • Cephalothorax -- शिरोवक्ष
सिर और वक्ष (क्रस्टेशिया और एरेक्‍निडा) के मिलने से बनी संरचना। उदाहरण – क्रस्टेशिया और एरेक्‍निडा के अंतर्गत आने वाले जीव।
  • Certification -- प्रमाणीकरण
प्रमाणित करने वाले किसी अभिकरण द्वारा यह मान्यता प्रदान करना कि कौन – सा व्यक्ति प्रतिबंधित पीड़कनाशी का उपयोग करने या उसके उपयोग का पर्यवेक्षण करने में सक्षम प्राधिकारी है।
  • Cervix -- ग्रीवा
सिर और अग्रवक्ष के बीच का लचीला अंतर्खडीय क्षेत्र जिसकी झिल्ली में भिन्न – भिन्न संख्याओं में छोटी पट्टिकाएं अंत : स्थापित होती है जिन्हे ग्रीवा – कठक कहते हैं।
  • Chaetotaxy -- शूकविन्यास
बाह्य कंकाल पर शकों की व्यवस्था पर आधारित नाम पद्धति। कीट संदर्भ में शूकों का नियत प्रतिरूप में विन्यास जो वर्गिकी के लिये महत्वपूर्ण है।
  • Cheek -- कपोल
सिर पर स्थित संयुक्त नेत्र और मुख के बीच का पार्श्‍व भाग।
  • Chelicerate -- केलिसेरेट, प्रकरजी
संवेदी श्रृंगिका के स्थान पर अग्र उपांगों का जोड़ा, अग्र – युग्म तथा शेष उपांगों के सामान्य – अभिलक्षण जो एरेक्‍निड़ा को अन्य सभी संधिपादों से अलग करते हैं।
  • Chemically inactive -- रासायनिकत: निष्क्रिय
ऐसा पदार्थ या सामग्री जो किसी दूसरे रसायन अथवा पदार्थ के साथ आसानी से अभिक्रिया नहीं करती।
  • Chemosterilant -- रसोबंध्यक
ऐसा रासायनिक यौगिक जिसके कारण जनन – बंध्यता उत्पन्न हो जाती है।
  • Chitin -- काइटिन
वह रासायनिक पदार्थ जो क्यूटिकुला का आधार तैयार करता है; लेकिन यह आवश्यक नही कि वह आधार का मुख्य भाग ही हो।
  • Chlorinated hydrocarbon -- क्लोरीनीकृत हाइड्रोकार्बन
ऐसा रासायनिक यौगिक जिसमें क्लोरीन, कार्बन और हाइड्रोजन होता है। उदाहरण – डी. डी. टी., बी. एच. सी.।
  • Chlorosis -- हरिमाहीनतापर्णहरितके ठीक से न बनने के कारण पौधे के हरे ऊतक का सामान्यत: पीला पड़ जाना। कुछ पौधों पर ऐफिड के अशन के कारण भी हरिमाहीनता दिखाई देने लगती है।
  • Cholinesterase -- कोलीनेस्टेरेस
शरीर का ऐसा एन्जाइम जो किसी भी मार्ग से प्रविष्‍ट कार्ब – फॉस्फेट (organophosphate) या कार्बामेट कीटनाशकों के कारण नष्‍ट या क्षतिग्रस्त तंत्रिका को सम्यक रूप से क्रियाशील बनाने के लिए आवश्यक है।
  • Cholinesterase inhibitor -- कोलीनेस्टेरेस संदमक
कोई भी कार्ब – फॉस्फेट, कार्बामेट या अन्य कीटनाशक रसायन जो तंत्रिका – तंत्र से संबद्ध ऐसीटिल कोलिन को निष्क्रिय करने वाली एंजाइम की क्रिया में बाधा उत्पन्न करता है।
  • Chordotonal organ -- ध्वनिग्राही अंग
अनेक प्रकार की विशेषीकृत संवेदिकाओं, तर्कु संवेदिकाधरों (scolopophores) अथवा तर्कुसंवेदिकाओं (scolopidia) से बनी संयुक्त संरचनाएं जिनमें से प्रत्येक में एक स्पष्‍ट संवेदीकाय स्थूणक (scolops) होता है। तर्कुसंवेदिकाओं का तर्कुआकृति का बंडल प्रत्येक सिरे पर अध्यावरण से जुड़ा होता है।
  • Chorion -- जरायु
कीट अंड – कला का अकाइटिनी कवच जो अंडाशय की कोशिकाओं द्वारा अंडाणु के चारों ओर स्रावित होता है।
  • Chronic toxicity -- दीर्घकालिक आविषालुता
लम्बे समय तक (किसी रसायन के) सम्पर्क में रहने के कारण क्षतिग्रस्त या नष्‍ट करने की क्षमता।
  • Cibarium -- सिबेरियम
मुख बाह्य की खाद्य कोटरिका या मुखपूर्व मुखगुहा जो अधोग्रसनी के आधार और मुखपालि (clypeus) के अधर तल के बीच स्थित होती है।
  • Cicada -- साइकेडा
साइकेडिडी कुल का कीट जिसके नर उदर के नीचे स्थित कम्पमान झिल्लियों की सहायता से एक तीव्र ध्वनि उत्पन्न करते हैं।
  • Cladicism -- शाखावर्गणन, क्लेडिसिस्म
वर्गीकरण की ऐसी पद्धति जो पूर्णतया जातिवृत्तीय शाखन बिन्दुओं पर आधारित होती है। इससे जातिवृत्तीय समय के विभाजन बिन्दु का ज्ञान होता है।
  • Claspers -- अलिंगक, क्लेस्पर्स
नर कीटों के उदर के सिरे पर प्रवर्धो का एक जोड़ा जो मैथुन के दौरान मादा को जकड़ने के काम आता है।
  • Classical biological control -- चिरप्रतिष्‍ठित जैव नियंत्रण
हानिकारक पीड़कों के प्राकृतिक शत्रुओं का क्षेत्रों में जानबूझकर प्रवेशन और वितरण जहां वे पहले उपस्थित नहीं थे। उन्हें विशेषकर विदेशी उत्पत्‍ति के पीड़कों के विरुद्ध उपयोग किया जाता है। सिट्रस के हानिकारक कीट आइसीरिया परचेसी, के नियंत्रण के लिये आस्ट्रेलियाई लेडी भृंग रोडोलिया कार्डिनेलिस का उपयोग सफलतापूर्वक किया गया।
  • Cleavage -- विदलन
अंडे का खंडीभवन या उसके केंद्रक का विभाजन और उस विभाजन से बनी कोशिकाओं से कोरकचर्म का निर्माण।
  • Cleptoparasitism -- क्लैप्टोपरजीवितावह परजीविता जिसमें कुछ परजीव्याभ विशेषकर उस कीट परपोषी पर आक्रमण करते हैं जो पहले से ही अन्य परजीव्याभ द्वारा परजीवीकृत कर दिया गया है। यह बहुपरजीविता का उदाहरण है।
  • Clone -- क्लोन, एकपूर्वजक
एकल जीव से अलैगिक जनन (समसूत्री कोशिका विभाजन) द्वारा प्राप्‍त व्यष्‍टि।
  • Clypeus -- मुखपालि, क्लिपियस
ऊर्ध्वोष्‍ठ (लेब्रम) के ठीक ऊपर कपाल का आननी (facial) जो सामान्यतया एक अधिमुखक सीवन (epistomal sutur) द्वारा फ्रान्स से पृथक किया रहता है। यह कभी – कभी अग्रमुखपालि तथा पश्‍चमुखपालि में विभक्त होता है। सिबेरियम की विस्फारक पेशियां (dialator) इसकी भीतरी सतह से संलग्‍न होती है।
  • Coarctate larva -- संपीडित डिम्भक
कुछ – कुछ द्विपंखी कोशितावरण जैसा डिम्भक जिसमें पूर्ववर्ती अर्थात् पहले के इंस्टार की त्वचा पूरी तरह से नहीं गिरती बल्कि शरीर के पुच्छ – सिरे से संलग्‍न रहती है। फफोला भृंग का छठा इंस्टार भी कूटकोशित कहलाता है।
  • Coarctate pupa -- संपीडित कोशित
एक ऐसा कोशित रूप जिसमें अंतिम डिम्भक – त्वचा, अतिरिक्त आवरण के रूप में उपस्थित रहती है। यह विशेष रूप से, चक्रविदारी डिप्टेरा में पाया जाता है। उदाहरण – घरेलू मक्खी।
  • Cocoon -- कोकून, कोया
कुछ कीटों द्वारा उत्पन्न रेशमी आवरण जो कोशित की रक्षा करता है। रेशम कीट का कोया रेशम का स्रोत है।
  • Coleoptera -- कोलियोप्टेरा (वर्मपंखी गण)
सूक्ष्म से लेकर बड़े आकार तक के कीट जिनके अग्रपंख श्रृंगीय या चर्मिल प्रवर्म (elytra) में रूपांतरित होते हैं जो बैठने की स्थिति में मिल जाते हैं जिसके फलस्वरूप एक सीधी मध्य – पृष्‍ठीय सीवन (suture) बन जाती है। पश्‍चपंख झिल्लीमय और प्रवर्मो के नीचे वलित रहते हैं तथा लघूकृत या अनुपस्थित होते हैं। अग्रवक्ष बड़ा और गतिशील; मध्यवक्ष बहुत लघूकृत। पूर्ण कायांतरण; डिम्भक कैम्पोडियारूपी अथवा क्रॉस रूपी, बिरले ही अपादी होते हैं। कोशित अक्रियचिबुक (adecticous) वाले और अबद्ध होते हैं। उदाहरण – भृंग।
  • Collembola -- कोलेम्बोला
अपंखी कीट जिनके अंत:सृतहनु मुखांग (endognathus) आदंश के लिए अनुकूलित होते हैं। संयुक्त नेत्र अनुपस्थित; उदर 6 – खंडीय जिसमें प्राय: तीन जोड़ी उपांग होते हैं जैसे कि एक अधर – नलिका, के सूक्ष्म उपबंधनी (retinaculum) और एक द्विशाखी (forked) स्प्रिंग अंग। वातकतंत्र और मैलपीगी नलिकाएं नही होतीं। उदाहरण – कुंडलपुच्छ (spring – tail)।
  • Colleterial gland -- श्‍लेषक ग्रन्थि
मादा की वे सहायक ग्रंथिका जो अण्डों को किसी आधार से चिपकाने वाले आसंजक पदार्थ स्रावित करती है।
  • Colonization -- उपनिवेशन
नये आवास में कीटों के समुदाय की स्थापना का प्रक्रम। यह उस कार्यक्रम को भी दर्शाता है जिसमें परजीवियों / परजीव्याभों की लाभदायक विदेशी जाति को हानिकारक पीड़क समष्‍टियों का दमन करने के लिए कृषि पारितंत्र में नियंत्रित ढंग से मोचित किया जाता है।
  • Comb nest -- छत्ता
कुछ कीटों द्वारा उत्पादित और निर्मित कोशिकीय संरचनाएं। ये प्राय: मधुमक्खियां और बर्र अपने शाव के रहने और उसके लिए खाद्य संग्रहित करने के लिए बनाते हैं।
  • Community -- समुदाय
किसी विशेष आवास में पारस्परिक क्रिया करने वाले जीवों की जातियों की समष्‍टि का जमाव अथवा एकत्रण।
  • Compatible -- सुसंगत, संयोज्य
ऐसे दो यौगिक जो एक दूसरे के गुणों को प्रभावित किये बिना परस्पर मिश्रित किये जा सकें।
  • Competition -- स्पर्धापारस्परिक क्रियाएं जो सामान्य संसाधन के लिए उपयोग करने के लिए की जाती है। यह संसाधन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्‍त नहीं होता।
  • Complementary resistance -- पूरक प्रतिरोध
उन दो या अधिक जीनों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित प्रतिरोध, जिनमें से एक प्रभावी होता है।
  • Complete metamorphosis -- पूर्ण कायांतरण
कीट परिवर्धन का एक प्रक्रम जिसमें अंडा, डिम्भक, कोशित और प्रौढ़ अवस्थाएं शामिल हैं। उदाहरण – शलभ और तितली।
  • Concentration -- सांद्रता, सांद्रण
एक मात्रक आयतन में निहित पदार्थ की निश्‍चित मात्रा।
  • Confusant -- भ्रामक
फीरोमोन या उसके अनुरूप पदार्थ। इनक उपयोग कीट संचार में बाधा उत्पन्न करके मैथुन में व्यवधान पैदा करना है।
  • Consumer -- उपभोक्ता
पारिस्थितिकीय दृष्‍टिकोण से उपभोक्ता अधिकतर प्राणिजगत (मनुष्य सहित) के जीव हैं, जो अपना खाद्य स्वयं पैदा नहीं कर सकते लेकिन ऊर्जा प्राप्‍ति और अपने जीवन प्रक्रमों को सहारा देने के लिए जीवित कार्बनिक पदार्थ का उपयोग करते हैं। पादप जगत के कुछ जीव भी उपभोक्ता हैं जो अपना पोषण मृत कार्बनिक पदार्थ के भंजन से प्राप्‍त करते हैं जैसे कि जीवाणु, कवक और विषाणु। ये सभी जीव सामूहिक रूप से परपोषित कहलाते हैं।
  • Contact poison -- स्पर्श विष
ऐसा पीड़कनाशी जिसके स्पर्शमात्र से ही पीड़क मर जाता है।
  • Copeognatha -- कोपिओग्‍नैथा
देखें सोकोप्टेरा।
  • Corbiculum (pollen basket) -- प्रपिटक (पराग करंड)
मधुमक्खी की पश्‍च – अंतर्जाघिका के उपांग पर स्थित अवतल चिकना स्थान जिसके कोरों में उठे रोमों की झल्लरी होती है। यह सरंचना पराग एकत्रित करने का कार्य करती हैं।
  • Cornicle -- कूणिका, तनुश्रृंगी
उदर के पश्‍च भाग में स्थित पृष्‍ठीय नलिकाकार प्रवर्ध युग्म। उदाहरण – एफिड आदि।
  • Corpora allata -- अंडाभपिंड, कॉर्पोरा एलेटा
गुच्छिका सदृश कायों का एक जोड़ा जिसका स्टोमोडियल तंत्रिका तंत्र के साथ निकट संबंध होता है। ये काय किशोर हार्मोन या निओटोनिन का स्रवण करते हैं, जो कीटों की वृद्धि एवं परिवर्धन का नियमन करते हैं।
  • Corpora cardiaca -- तांत्रिकास्रावी पिंड, कॉर्पोरा कार्डिएका
तंत्रिका हीमल अंग जहां मस्तिष्क हॉर्मोन संग्रहित और मोचित होता है। ये एक जोड़ी अंग मस्तिष्क के लगभग पीछे ग्रसिका पर स्थित होते हैं।
  • Corpora pedunculata -- कॉर्पोरा पीडंकुलेटा, वृंतक पिंड
कीटमस्तिष्कमें कोशकीय संहति जिसमें सहबन्धक तंत्रिकोशिका होती है और जिसे “उच्‍च केंद्रों” का स्थान समझा जाता है। यहअत्यधिकजटिल व्यवहार को नियंत्रिक करता है। इन्हें खुम्बी काय भी कहते हैं।
  • Corpus luteum -- पीत पिंड, कॉर्पस ल्यूटियम
ह्रासित पुटक कोशिकाओं का समूह जो अंडोत्सर्जन के बाद अंड कक्ष में शेष रह जाता है।
  • Costa -- कॉस्टा
अनुदैर्ध्य पंख शिरा जिससे सामान्यत: कीट पंख के अग्र कोर का निर्माण होता है।
  • Coxa -- कक्षांग
कक्षपादांश (coxopodite) का दूरस्थ भाग जब उपकक्षांग (subcoxa) से अलग रहता है तब प्रकार्यात्मक आधारीय खण्ड का कार्य करता है अथवा पाद का समीपस्थ खण्ड जो शरीर से कक्षांग प्रवर्ध द्वारा संधि बनाता है।
  • Coxal process -- कक्षांग प्रवर्ध
पार्श्‍वक सीवन के अधरीय छोर पर स्थित एक प्रवर्ध।
  • Coxopodite -- कक्षपादांश
उपांग का प्राथमिक आधार खण्ड।
  • Crochets -- प्राकुंश
अंकुशी कंटक जो शल्क पंखी (लेपिडोप्टेरा) डिम्भक के अधर तल पर लगे होते हैं।
  • Cross contamination -- पर – संदूषण
किसी एक पीड़कनाशी का संयोगवश दूसरे पीड़कनाशी के साथ मिल जाना।
  • Cross resistant -- पर – प्रतिरोधी
पीड़कों का ऐसा समुदाय जो किसी एक पीड़कनाशी के लिए प्रतिरोधी होने के साथ – साथ रासायनिक रीति से संबद्ध दूसरे पीड़कनाशियों के लिए भी प्रतिरोधी बन जाता है।
  • Cryptic species -- गुप्‍त जाति
आनुवंशिकत: और लैगिकत: भिन्न जातियां जिन्हें आभासी आकारिकीय लक्षणों के आधार पर विभेदित नहीं किया जा सकता।
  • Ctenidium -- कंकतक्लोम
कंघे के दांत जैसे मजबूत शूकों की पंक्ति। उदाहरण – साकोप्टेरा, साइफोनेप्टेरा।
  • Cxt product (concentration x time of exposure) -- सी * टी उत्पाद (सांद्रता * उद्‍भासन समय)
धूमन के लिए धूमक की मात्रा (प्रति इकाई भार या आयतन के अनुसार) को उसके उद्भासन के संदर्भ में समुचितरूप सेइस प्रकार समायोजित किया जाना कि धूमक और उद्भासन का उत्पाद (धूमक की मात्रा के उद्भासन अवधि से गुणा करने से प्राप्‍त अंकीय मूल्य) एक ही बना रहे। प्रभावी धूमन के लिए यह सिफारिश की जाती है कि या तो धूमक की मात्रा को दुगुना कर दिया जाए या उसे आधा करदियाजाए तथा उसी अनुपात में उद्भासन के समय को कम या अधिक कर दिया जाए।
  • Cultivar -- कृषिजोप जाति
अधिक उपज देने वाला जीनीप्ररूप जिसे व्यापारिक उपभोग के लिए उगाया जा सके।
  • Cultural control -- सस्य नियंत्रण
ऐसे नियंत्रण उपाय जो पीड़क से होने वाली क्षति से बचने के उद्देश्य से किए जाते हैं। इनमें फसलों की पौध रोपने, उगाने, जुताई करने और फसल काटने के तरीकों के संशोधन शामिल हैं।
  • Culture -- संवर्ध, संवर्धन
वह संवर्धन जो कीट अथवा जीव के पालन की आधारभूत आवश्यकतायें पूरी करता है।
  • Cumulative pesticides -- संचयी पीड़कनाशी
ऐसे रसायन जो प्राणियों के ऊतकों या पर्यावरण (मृदा, जल आदि) में संचित हो जाते हैं।
  • Cutaneous respiration -- त्वक् श्‍वसन
श्‍वसन का ऐसा विशेष प्रकार जिसमें अनेक जलीय कीटों का वायुमंडल से सीधा संपर्क न होने और उन कीटों में किसी बाह्य उपकरण या विशेष संरचनाओं के न होने के कारण, वायु का विनिमय शरीर – भित्ति से होकर विसरण द्वारा होता है। उदाहरण – मिज डिम्भक, कैड्डिश फ्लाई डिम्भक, अंत: परजीवी आदि।
  • Cuticle -- उपचर्म, क्यूटिकल
मुख्यत: अधश्‍चर्म (hypodermis) द्वारा स्रावित अकोशिकीय जटिल परत। यद्यपि इसे एक अजीवित पदार्थ समझा जाता है लेकिन यह जटिल जैव रासायनिक परिवर्तनों का स्थल है जिनमें से कुछ परिवर्तन निश्‍चित ही एन्जाइमी नियंत्रण में होते हैं।
  • Cuticula -- क्यूटिकुला
देहभित्ति की बाहरी अकोशिक परतें।
  • Cyclodiene -- साइक्लोडीन
वलय संरचना वाले यौगिक। उदाहरण – एनडोसल्फॉन।
  • Cyclopoid larva -- साइक्लोपॉइड डिम्भक
हाइमेनोप्टेरा गण के कुछ परजीवियों (परजीव्याभों) में मिलने वाला डिम्भक जिसकी आकृति क्रस्टेशिया के डिम्भक नौप्लियस से मिलती है। इसमें फूला हुआ बड़ा शिरोवक्ष, हंसिया के समान बड़े चिबुक और एक जोड़ी दशाखित पूंछ के समान विभिन्न आकार वाला उद्भर्ध होता है।
  • Cystocyte -- पुटीकोशिका, पुटी अणु
जनद नलिका में जनन कोशिकाओं को घेरे रखने वाली कोशिकायें अथवा अण्डाशय की पुटक कोशिकायें तथा वृषण की पुटी कोशिकायें।
  • Dactylopodite -- अंगुलि पादांश
संधिपाद के सामान्यीकृत उपांग का अंतस्थ खंड।
  • Damage -- क्षति
नाशक जीव अथवा पीड़क से होने वाली आभासी क्षति।
  • Dayer’s law -- डायर नियम
इल्लियों का सिर सम्पुटक ज्यामितीय श्रेढ़ी (geometrical progression) में बढ़ता है। प्रत्येक निर्मोक के बाद सिर चौड़ाई में ऐसे अनुपात (प्राय: 1:4) में बढ़ता है जो जाति विशेष के लिये नियत होता है। कई कीटों में प्रत्येक निर्मोक के बाद होने वाली वृद्धि की दर में इस आनुभविक नियम (empirical rule) द्वारा पूर्व सूचना मिल सकती है। इस नियम से इन्स्टारों की संख्या की पूर्व सूचना नहीं मिल सकती।
  • Dead heart -- मृत केंद्र
प्ररोह तथा तना – भेदक कीटों के प्रकोप से नवोद्‍भिदों में मुख्य शाखा का सूखना अथवा बालियों के सूखने से सफेद बालियों का बनना।
  • Decomposer -- अपघटक
वे परपोषित जीव जो अपघटन द्वारा मृत कार्बनिक पदार्थ के भंजन से बने उत्पादों का, पोषण के लिए अवशोषण कर लेते हैं। इन्हें मृतजीवी भी कहते हैं।
  • Decticous pupa -- सक्रियचिबुक कोशित
एक आदिम प्रकार का कोशित (pupa) जो सदा अबद्ध होता है अर्थात् इसके उपांग शेष शरीर में जुड़े नहीं होते। इनका प्रयोग गमन के लिए किया जा सकता है। इनमें अपेक्षाकृत अधिक शक्तिशाली, कठकीकृत और संधित चिबुकांग होते हैं। इस प्रकार का कोशित अपेक्षाकृत अधिक आदिम एन्डोप्टेरिगोटों (जैसे – न्यूरोप्टेरा, मेकाप्टेरा, ट्रिकोप्टेरा) में पाया जाता है।
  • Definitive host -- अंत्य परपोषी
जैविक नियंत्रण की दृष्‍टि से ऐसा परपोषी जीव जिसमें परजीव्याभ या परजीवी अपने जीवन चक्र और लैंगिक परिपक्‍वता को पूर्ण कर लेता है।
  • Defoliator -- निष्पत्रक
ऐसे कीट जो पत्तियों या तनों के अंशों को चबाकर पौधों को अनावृत कर देते हैं। उदाहरण – पर्णभृंग, इल्लियां, कटुवा सूंडी, टिड्डा, पिस्सू भृंग आदि।
  • Degradability -- निम्‍नीकरणता
किसी रसायन के कम जटिल यौगिकों या तत्वों में अपघटित होने या टूट जाने की क्षमता।
  • Density dependent factor -- घनत्व निर्भर कारक
कीट समष्‍टि की घनत्व निर्भर मर्त्यता (mortality), जो परजीवियों / परभक्षियों, रोगजनकों और स्पर्धियों जैसे जैव कारकों के द्वारा होती है। इस प्रकार की मर्त्यता परपोषी विशिष्‍ट जैव कारकों और अंत: जातीय स्पर्धा के कारण परपोषी के उच्‍च घनत्व के समय सबसे ज्यादा होती है। इस प्रकार के जैव कारक पीड़क की अधिक संख्या होने पर उसे कम कर देते हैं तथा पीड़क के घनत्व पर आश्रित होते हैं।
  • Density independent factors -- घनत्व स्वतंत्र कारक
वे घनत्व स्वतंत्र अजैविक कारक जो नाशककीट समष्‍टि में मर्त्यता पैदा करते हैं जिसका समष्‍टि के आकार या उसके घनत्व से संबंध नहीं होता। मौसम परिवर्तन, अन्य प्राकृतिक आपदाएं या मानवीय कार्यकलाप, बड़े पैमाने पर होने वाले पर्यावरणीय रूपांतरण आदि अजीवीय कारक इस प्रकार की मर्त्यता का कारण बनते हैं।
  • Deposit -- निक्षेप
पीड़कनाशी की ऐसी मात्रा जो अनुप्रयोग के फौरन बाद जम जाती है।
  • Dermal toxicity -- चर्मीय आविषालुता
अविच्छिन्न त्वचा के मार्ग से शरीर में घुस जाने के फलस्वरूप होने वाली विषाक्तता। अधिकतर पीड़कनाशी अविच्छिन्न त्वचा द्वारा पूरी तरह या कुछ सीमा तक शरीर में प्रवेश कर जाते है। बहुत से पीड़कनाशी जब तक कुछ विशेष विलायकों में घुले हुए न हों, तब तक जल्दी से अवशोषित नही होते। लेकिन अनेक पीड़कनाशी ऐसे हैं जो सभी प्रकार के संरूपों में अविच्छिन्न त्वचा से घुस जाते हैं। उदाहरण – ऑर्गेनोफॉस्फेट पीड़कनाशी।
  • Dermaptera -- डर्माप्टेरा (चर्मपंखी गण)
प्ररूपी आदंशी मुखांग वाले लम्बे कीट जिनकी जीभिका (ligula) द्विपालिक (bilobed) होती है। अग्र पंख बहुत छोटे चर्मिल प्रवार (leathery tegmina) में रूपांतरित होते हैं जिनमें शिराएं नहीं होती, पश्‍चपंख अर्धरधन्वाकार झिल्लीमय होते हैं जिनकी शिराएं अत्यधिक रूपांतरित और अरीयत: (radially) स्थित होती है। सामान्यतया उपंखी रूप पाए जाते हैं। गुल्फ त्रि – खंडीय, लूम (cerci) असंधित और बहुत दृढ़ीकृत (sclerotize) चिमटियों में रूपातरित होते हैं। अण्डनिक्षेपक (ovipositor) लघुकृत या नहीं भी होता। कायांतरण थोड़ा सा या बिल्कुल नही होता। उदाहरण – कर्ण कीट (ईयरविग)।
  • Derris species -- डैरिस जातियां
रोटीनोन के जड़ युक्त पादप स्रोत जो पहले बहुत महत्वपूर्ण माने जाते थे। रोटीनोन एक प्रकार का कीटनाशी है जो अधिकतर दक्षिण अमरीका (पेरु) की लेन्कोकॉर्पस जाति से प्राप्‍त किया जाता है।
  • Deutonymph -- द्वितायार्भक
बरुथी (mite) का तीसरा इंस्टार (निर्मोकरूप)।
  • Deutoplasm -- पोषद्रव्य
कोशिका द्रव्य में अण्डे का पीतक अथवा पोषक पदार्थ।
  • Diapause -- उपरति
वृद्धि का धीमा होना अथवा परिवर्धन में रुकावट।
  • Dictyoptera -- डिक्टिओप्टेरा (जालपंखी गण)
निरवादरुप से तंतुरुपी और बहु – खंडीय श्रृंगिकाओं वाले कीट जिनके मुखांग चिबुकी (mandibulate) होते हैं। टांगें एक दूसरे के समान अथवा अग्रपाद प्रसह (raptorial); कक्षांग बड़े, गुल्फ पंच – खंडीय: अग्र – पंख लगभग मोटे प्रवार (tegmina) में रुपांतरित और सीमांत कॉस्ट शिराओं वाले होते हैं। मादाओं का अण्डनिक्षेपक लघुकृत और सातवें अधरक से छिपा रहता है: नर जननांग जटिल, असममितीय और नौंवें उदरीय अधरक द्वारा छिपा हुआ होता है जिस पर एक जोड़ी शुक (stylet) होते हैं। लूम बहुखंडीय विशिष्‍टीकृत घर्षणध्वनि अंग और श्रवण अंग नही होते, अण्डे अण्डकवच (ootheca) में होते हैं। उदाहरण – तिलचट्टा (कॉकरोच) और मेन्टिड।
  • Diluent -- तनुकारी
शत प्रतिशत शक्ति सम्पन्न आविषालु पदार्थ में मिलाया जाने वाला एक द्रव अथवा ठोस पदार्थ जो उसकी उग्रता कम करता है।
  • Dilution rate -- तनुता दर, तनुकरण दर
तनुकारी की वह मात्रा जिसको पीड़कनाशी एकक में मिलाए जाने पर वांच्छित सांद्रता प्राप्‍त होती है।
  • Diplura -- डिप्ल्यूरा
अपंखी कीट जिनके मुखांग अंत: सृत हनु (entognathus) वाले होते हैं। संयुक्त नेत्र और नेत्रक नहीं होते। उदर के अंत में युग्मित लूम होते हैं। अंतस्थ मध्य तंतुक (filament) नहीं होता। मैलपीजी नलिकाएं अवशेषांग के रूप में होती है अथवा नहीं भी होती। उदाहरण – केम्पोडिया और पेराजेपिक्स जातियां।
  • Diptera -- डिप्टेरा (द्विपंखी गण)
एक जोड़ी झिल्लीमय पंख वाले कीट जिनके पिछले जोड़ी पंख संतोलको (halteres) में रुपांतरित (modified) होते हैं। मुखांग – चूषण वाले जो प्राय: शुंडिका (probosis) जैसे और कभी – कभी बेधन के लिए अनुकूलित होते हैं। अग्रवक्ष और पश्‍चवक्ष छोटे होते हैं और बड़े मध्यवक्ष से संयुक्त (fused) होते हैं। पूर्व कायांतरण (metamorphosis); डिम्भक क्रॉसरूपी और अपादी; कोशित (pupa) या तो मुक्त अथवा कठोरीकृत; डिम्भक क्यूटिकल या कोशितावरण (puparium) में बंद होता हैं। उदाहरण – यथार्थ मक्खियां।
  • Direct pest -- प्रत्यक्ष पीड़क
वह जीव जो किसी पण्यवस्तु जैसे फल, सब्जी आदि को तात्कालिक एवं प्रत्यक्ष क्षति पहुंचाता है, भले ही उसका समष्‍टि घनत्व कम हो।
  • Dispersing agent -- परिक्षेपक
ऐसा पदार्थ जिसके द्वारा कणों के बीच संसंजक (cohesive) आकर्षण कम हो जाता है। इसके लिए क्लेदनीय चूर्ण (wettable powder) बनाते समय प्रकीर्णन और निलम्बी कर्मक मिलाए जाते हैं, ताकि सक्रिय संघटकों का सुगमता से क्लेदन और निलम्बन हो सके।
  • Distal -- दूरस्थ
उपांगों के मुक्त सिरे की ओर का अथवा समीप, खंड या उपांग का वह भाग जो काय से सर्वाधिक दूर है।
  • Distribution -- वितरण
प्राणी या पौधे या अन्य धरातल पर प्रयोग किए जाने पर पीड़कनाशी रसायन की फैलने की विधि और मात्रा।
  • Diurnal -- दिवाचर
दिन में सक्रिय कीट।
  • Diving air store -- निमज्‍जन वायु – संचयनकुछ कीट जब जल सतह के नीचे डुबकी लगाते हैं, तब वे अपने साथ शरीर के किसी भाग से संलग्‍न वायु की एक परत या वायु काएकबुलबुला साथ ले जाते हैं। वाटर बोटमैन (कैरिक्सिडी) और बैक – स्विमर्स (नोटोनैक्टिडी) के वयस्क और अर्भक दोनों ही के शरीर की अधर सतह पर स्थित रोमों में वायु की एक परत होती है।
  • Division of labour -- श्रमविभाजन
यह कीट समाजों के संगठन का मूल है और इसे उनकी पारिस्थितिक सफलता के मुख्य घटकों में एक समझा जाता है। इसे दो लक्षणों से स्पष्‍ट करते है : 1. एक साथ विभिन्न क्रियाएं करना 2. विशिष्‍टीकृत व्यष्‍टियों के समूहों द्वारा जिन्हें उन व्यष्‍टियों से अधिक कुशल समझा जाता है जो विशिष्‍टीकृत नहीं है या दोनों के द्वारा नियत कार्य साथ – साथ करना।
  • Dorso pleural line -- पृष्‍ठ – पार्श्‍वक रेखा
शरीर के पृष्‍ठक और पार्श्‍व क्षेत्र के बीच विलगन की वह रेखा जिसमें प्राय: वलन या खांच का चिह्‍न होता है।
  • Dorsum -- पृष्‍ठ
पार्श्‍व क्षेत्रों से ऊपर प्राणी की पूरी पीठ।
  • Drenching -- मज्‍जन
पीड़कनाशी से पूरी तरह भिगो देना – अर्थात उससे मृदा, प्राणी अथवा पादप को संतृप्‍त करना अथवा नहला देना।
  • Ductus ejaculatorius -- स्खलन वाहिनी
नरजनन – तंत्र की बाह्यत्वचा से बनी निर्गम नलिका।
  • Dust -- प्रधूल, धूलि
पीड़कनाशी और कुछ अक्रिय पदार्थो का सूखा मिश्रण। वाहक के रूप में मटियार, टाल्क, ऐटापल्गाइट, अखरोट का कवच, कैल्सियम कार्बोनेट और इसी प्रकार के अन्य पदार्थो से इसका अनुप्रयोग सुगम बन जाता है।
  • Duster -- धूलित्र, प्रधूलक
वह उपकरण अथवा युक्ति जो पीड़कनाशी धूल के सूक्ष्म कणों को लक्ष्य – सतह पर निर्देशित करती है।
  • Ecdysis -- निर्मोकोत्सर्जन
वयस्कआकार तक पहुंचने से पहले सभी संधिपादों में उत्सर्जित उपचर्म।
  • Ecdysone -- एक्डाइसोन
प्रत्येक निर्मोक या उपरति (diapause) की समाप्‍ति के बाद अग्र वक्षीय ग्रंथियों (prothoracic glands) द्वारा स्रावित कीटनिर्मोचनहॉर्मोन, जो एक रसायन होता है और विभिन्न कायिक ऊतकों की वृद्धि, उनके परिवर्धन तथा अन्य शरीर – क्रियात्मक और आकृतिक परिवर्तनों को उद्दीप्‍त करता है, ताकि निर्मोचन चक्र का सतत पुनरावर्तन होता रहे।
  • Ecological niche -- पारिस्थितिक निकेत
वह स्थान विशेष (प्राकृतिकपरिवेश) जहां जीव अपने जीवीय संबंधों तथा भौतिक पर्यावरण में रहता है। यह पर्यावरण उसके विशिष्‍ट संरचनात्मक अनुकूलनों, शरीर क्रियात्मक समायोजनों तथा विकसित व्यवहारपरक प्रतिरूपों से निर्धारित होता है।
  • Ecological succession -- पारिस्थितिक अनुक्रमपारिस्थितिकीय निकेत में पहले से उपस्थित समष्‍टियों का दूसरी बेहतर अनुकूलित समष्‍टियों द्वारा प्रतिस्थापन।
  • Ecological tolerance -- पारिस्थितिकीय सहयता
विभिन्न पर्यावरणीय कारक जैसे मौसम और खाद्य की वे सीमाएं, जिनके भीतर जैव जाति जिंदा रह सकती है। ये सीमाएं भिन्न – भिन्न जातियों के लिए भिन्न -भिन्नहोती है।
  • Economic damage -- आर्थिक क्षति
हानि की वह मात्रा जिसको रोकने के लिए प्रयुक्त कृत्रिम नियंत्रण में आने वाली लागत उचित होती है।
  • Economic injury level -- आर्थिक क्षति स्तर
पीड़कों की समष्‍टि की न्यूनतम सघनता, जो आर्थिक क्षति का कारण बनती है।
  • Economic threshold -- आर्थिक देहली
आर्थिक देहली हमेशा ही आर्थिक क्षति स्तर की अपेक्षा निम्‍न पीड़क सघनता को निरूपित करती है। इन नियंत्रण उपायों को इसलिए अपनाया जाता है ताकि पीड़कों की सघनता आर्थिक क्षति स्तर तक न पहुंचने पाए।
  • Eco system -- पारितंत्र, पारिस्थितिक तंत्र
पर्यावरण के जैविक एवं अजैविक कारकों की संपूर्ण – सक्रियता।
  • Ectoderm -- बाह्य त्वचा, बाह्य चर्म
भ्रूणीय बाह्य परत जिससे शरीर भित्ति की त्वचा बनती है।
  • Ectoparasite -- बाह्य परजीवी
वे कीट जो किसी प्राणी की बाहरी सतह पर परजीवी के रूप में रहते हैं। ये अधिकतर उत्तेजना या चोट पहुंचाते हैं अथवा रोगाणुओं का वहन करते हैं। उदारहण – पिस्सू, जूं और खटमल आदि।
  • Ectophallus -- बाह्य शिश्‍न
अंत: शिश्‍न से भिन्न बाहरी शिश्‍न भित्ति।
  • Efficacy -- प्रभाविकता
किसी पीड़कनाशी की प्रभाव उत्पन्न करने की क्षमता।
  • Egg batch -- अंड समूह
मादा कीट द्वारा लगभग एक ही समय में एकल या समूह में अंडे देना।
  • Egg chamber -- अंडकक्ष
अंडाशय की अंडनलिका का एक कक्ष या पुटक जिसमें एक अंडक होता है। पुटक का निर्माण पुटक कोशिकाओं से होता है।
  • Egg guide -- अंड निर्देशक
जननांग – रंध्र के पीछे स्थित अवजनद (subgenital) पट्टिका का प्रवर्ध जो ऐक्रिडिडीकुल में विकसित होता है।
  • Egg sheet -- अंड आस्तर
कागज का टुकड़ा, गत्ता, पौलिथीन या कोई अन्य कृत्रिम क्रियाधार जिस पर कीट के अंड निक्षेपित किए जाते हैं।
  • Egg tube -- अंडनलिका
अंडाशयक का नलिकाकार भाग जिसमें जनन कोशिकाएं, अंडक, धात्री कोशिकाएं और पुटक कोशिकाएं होती है।
  • Ejaculatory duct -- स्खलनीय वाहिनी
नर जनन तंत्र की मध्यवर्ती बाह्यचर्मी नलिका।
  • Elateri form larva -- इलेट्रिरूप डिम्भक
“वायर-वर्म” के आकार का भृंगक (grub) जो लंबा, पतला और कठकीय होता है और जिसके शरीर में छोटे – वक्षीय पाद और बहुत कम रोम होते हैं।
  • Embioptera -- एम्बीओप्टेरा (चेतनपंखी गण)
रेशयी सुरंगों में रहने वाले यूथी (gregarious) कीट जिनके मुखांग आदंश के लिए अनुकूलित और जीभिका चार पालिक होती है। गुल्फ त्रि – खंडीय, अगले जोड़े का पहला खंड बहुत स्फीत (inflated), दोनों जोड़ी पंख एक जैसे और शिराएं कम सुस्पष्‍ट होती हैं। लूम द्वि- खंडीय और नर में प्राय:असममितीय(asymmetrial); मादाएं द्वि – अपंखी और डिम्भक रूपी। नर में कायांतरण क्रमिक लेकिन मादा में नहीं होता। उदाहरण – एम्बीया।
  • Emergence -- निर्गमन
वह अवस्था जिसमें वयस्क कीट कोशित आवरण अथवा अंतिम अर्भकीय त्वचा को छोड़ता है।
  • Empodium -- अंतरा पादक, एम्पोडियम
मध्यवर्ती पालि या कंट – रूपी प्रवर्ध जो कीटों में सामान्यत: नखराकुंचक पट्ट से गुल्फिकापूर्वीनखर के आधारों के बीच अधरत: निकलता है।
  • Emulsifiable concentrate -- पायसीकरणीय सांद्र
ऐसा उत्पाद जो आविषकारी और पायसीकारक (emulsifying agent) के कार्बनिक विलायक (पानी में अघुलनशील) में घुलने से बनता है।
  • Encapsulation -- संपुटन
पीड़क नाशियों को संरूपित करने कीएकविधि जिसमें उसका संरूपण विशेष पदार्थ (प्राय: पॉलिविनायल) से बने सम्पुट में रखाजाताहै जिसके फलस्वरूप पीड़कनाशी बहुत देर तक निकलता रहता है।
  • End chamber -- अंत्य कक्ष
कीट की जनद नलिका का अंडाशय (germarium)।
  • Endocuticle -- अंत: क्यूटिकल
क्यूटिकल की भीतरी कोमल परत।
  • Endoderm -- अंतस्त्वचा, अंतश्‍चर्म
भ्रूण की सबसे भीतरी कोशिका परत जिससे जठर की उपकला का निर्माण होता है।
  • Endoparasite -- अंत: परजीवी
वह परजीवी अथवा परजीव्याभ जो परपोषी के अंदर रहता है।
  • Endophallus -- अंत: शिश्‍न
शिश्न का आंतरिक कक्ष जो लिंगाग्रिका के सिरे पर अंतर्वलित होता है। इसमें स्खलनीय वाहिनी का मुंह खुलता है। यह सामान्यत: परा क्षेप्य आशय (eversible vesicle) या नलिका या कभी – कभी स्थायी आंतरिक शिश्‍नीय संरचना भी होती है।
  • Endopodite -- अंत: पादांश
द्विशाखीय उपांग की मध्यवर्ती शाखा।
  • Endoptery gote -- अंत: पंखी
सम्पूर्ण कायांतरण वाले कीट जिनके पंख आंतरिक तौर पर परिवर्धित होते हैं।
  • Endotheca -- अंत: प्रावरक
शिश्‍न प्रावरक की आंतरिक भित्ति।
  • Enhancement -- संवृद्धि
जैव नियंत्रण कार्यक्रम में प्राकृतिक शत्रुओं के आयुकाल एवं जनन में वृद्धि करने की विधियां।
  • Entomogenous -- कीटवर्धित
कीटों के शरीर के अंदर अथवा ऊपर वृद्धि करने वाले सूक्ष्म – जीव।
  • Entomopathogenic -- कीटरोगजनक
कीटों में रोग उत्पन्न करने में सक्षम जीव।
  • Entomophagous -- कीटभक्षी, कीटाहारी
कीटों अथवा उनके अंगों का उपभोग करन वाले प्राणी अथवा पादप।
  • Entomophagy -- कीटाहार
अन्य जीवों द्वारा कीटों का भक्षण।
  • Entomophilic -- कीट परागित
कीटों द्वारा परागित होने वाले पादप।
  • Entomopox virus -- कीट स्फोट विषाणु, कीट पॉक्स विषाणु
कशेरुकियों के स्फोट – विषाणु से आकृतिकसमानतारखने वाला कीट विषाणु।
  • Environment -- पर्यावरण
जीव को प्रभावित करने वाली बाह्य परिस्थितियों का समीकरण।
  • Ephemeroptera -- अचिर पंखी गण, एफीमेरॉप्टेरा
मृदु – शरीर कीट जिनकी श्रृंगिकाएं छोटी, शूकमय (setaceous), मुखांग आदंशी प्रकार के तथा अवशेषी होते हैं। पंख झिल्लीमय होते हैं जो विश्रामावस्था में ऊपर की ओर उठे रहते हैं। उदर के अंत में बहुत लम्बे लूम होते हैं और प्राय: ऐसा ही पुच्छीय दीर्घण (caudal prolongation) होता है। कायांतरण अल्परुपांतरी (hemimetabolous) होता है, अर्भक जलीय और लम्बे लूम तथा मध्य पुच्छतंतुक वाले होते हैं। वातक क्लोम (tracheal gill) होते हैं। उदाहरण – मई भक्षियां (मेफ्लाई)
  • Epicranial suture -- अधिकपाल सीवन
कीट शिर में कपाल कापृष्‍ठीयY आकार का सीवन। इसमें शीर्ष का मध्य किरीटी सीवन और आनन क्षेत्र की अपसारी (divergent) ललाट सीवन सम्मिलित है।
  • Epididymis -- अधिवृषण
नर कीट के शुक्रवाहक का संवलित (convoluted) भाग।
  • Epimere -- एपीमियर
कीट के शिश्‍नाधार का पृष्‍ठ प्रवर्ध।
  • Epiphallus -- अधिशिश्‍न
कठक विशेष जो कुछ ऑर्थोप्टेरा के जनन में तल पर स्थित होता है।
  • Epipharynx -- अधिग्रसनी
एक मध्यपालि जो कभी – कभी ऊर्ध्वोष्‍ठ या मुखपालि के पश्‍च (या अधर) पृष्‍ठ पर उपस्थित रहती है।
  • Epistomal suture -- अधिमुखक (एपीस्टोमल) सीवन
अग्रमुखपालि सीवन, आनन (face) के आर – पार अवकपोल के अग्रसिरों को जोड़ने वाली खांच जो अंदर की ओर एक मजबूत अधिमुखक कठक बनाती है। यह कठक प्ररुपत: सीधा, परन्तु ऊपर की ओर चापित, कभी – कभी अनुपस्थित रहता है।
  • Equilibrium position -- संतुलन स्थिति
किसी कीट जाति का समष्‍टि घनत्व जो दीर्घकाल तक लगभग स्थिर बना रहकर माध्य स्तर के आस – पास घटे बढ़े।
  • Eradicant -- उन्मूलक
ऐसा रसायन जिसका प्रयोग एक पादप से या पर्यावरण स्थल से पीड़क को दूर करने में किया जाता है।
  • Eradication -- उन्मूलन
किसी क्षेत्र से कीटों, खरपतवार, रोगाणुओं या अन्य पीड़कों का पूर्णत: विलोपन।
  • Escape -- विपलायन, पलायन
वह घटना जिसमें सुग्राही पादप, कीट के आक्रमण से बच जाता है।
  • Eucoiliform larva -- सुकुंडलित डिम्भकडिम्भकों का ऐसा प्रकार जिसमें तीन जोड़ी लम्बे वक्षीय उपांग और एक पुच्छ के समान लम्बा ऊद्वर्ध होता है। यह डिम्भक डिप्टेरा कीटों का परजीवी होता है।
  • Evolutionary classification -- विकासीय वर्गीकरण
वर्गीकरण की वह पद्धति जो जातिवृतीय (phylogenetic) शाखाओं और कीटों के वर्गकों के बीच विकासीय अपसरण (divergence) के परिमाण पर आधारित होती है।
  • Exarate adectiocous pupa -- अबद्ध अक्रियचिबुक कोशित
इस कोशित के उपांगों का शरीर के साथ किसी प्रकार का गौण संबंध नहीं होता। ऐसे कोशित साइफोनेप्टोरा, स्टेप्सिप्टेरा और अधिकांश कोलिओप्टेरा तथा हाइमनोप्टेरा आदि में पाए जाते हैं।
  • Exopodite -- बहि: पादांश
क्रस्टेशिया में दूर पादांश की बहि: पालि (शाखा खंड की बाहरी पालि) जो प्राय: अत्यधिक विकसित होती है और पाद द्विशाखी बन जाता है।
  • Exoskeleton -- बहि: कंकाल
देह भित्ति की बाहरी पट्टिकाएं या कीट का खंडित बाहरी कंकाल।
  • Exotic -- विदेशी
विदेश से प्रविष्‍ट हुई किसी जीव अथवा कीट की किस्म या जाति।
  • Exuviae -- निर्मोक
निर्मोचन के दौरान अलग हुआ उपचर्म।
  • Facultative -- विकल्पी
अस्तित्व में रहने तथा परिवर्तित स्थितियों में अपने को अनुकूलित करने की शक्ति। उदाहरण – ऑक्सीजीवी जीवाणु अनॉक्सी जीवी में परिवर्तित हो जाता है अथवा पादप परजीवी (plant parasite) मृतजीवी (saprophyte) बन जाता है।
  • Fecundity -- 1. बहुप्रजता, 2. जननक्षमता
संतानोत्पत्ति अथवा बार – बार निषेचन की क्षमता। यह शब्द सामान्यतया अंण्डों की संख्या के संदर्भ में प्रयोग होता है।
  • Femur -- फीमर, ऊर्विका
सामान्यतया कीट की टांग का मुख्य खंड।
  • Field based monitoring -- क्षेत्र आधारित मॉनीटरन
किसानों को निर्णय लेने के लिए प्रयुक्त की जाने वाली मॉनीटरन युक्ति जो पाशों द्वारा किट या अंडों अथवा डिम्भकों की गणना करने की विधि हो सकती है। इसका उपयोग किसी विशेष फसल, खेत अथवा क्षेत्र में स्थानिक कीट समष्‍टि में होने वाले परिवर्तन संबंधी आंकड़े एकत्रित करने के लिये किया जाता है।
  • Field resistance -- क्षेत्र प्रतिरोध
क्षेत्र स्थितियों (खेतों) में दिखाई पड़ने वाला प्रतिरोध जो प्रयोगशाला अथवा ग्रीन – हाऊस में दिखाई पड़ने वाले प्रतिरोध से भिन्न होता है।
  • Filiform -- तंतुरूप
तंतु के समान संरचना।
  • Fixed position monitoring -- नियत स्थान मॉनीटरन
प्राय: अनुसंधान केंद्रों में प्रयुक्त मॉनीटरन का एक प्रकार जिसमें कोई पाश उदाहरण के लिए चूषणीय या प्रकाशनीय पाश किसी खास जगह पर रखकर छोड़ दिया जाता है और जिसका प्रति वर्ष अनेक मौसमों के दौरान कीटों का नमूना लेने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • Flacherie -- फ्लैचरी रोग
विषाणुओं द्वारा रेशम कीट में फैलने वाला रोग जिसमें संक्रमित डिम्भक सुस्त और गतिहीन हो जाता है। भयंकर रुप से ग्रसित डिम्भक की रुधिर लसीका काली हो जाती है। ऐसे डिम्भक हल्की किस्म के कोये बनाते हैं और कोशस्थ (क्रिसलिस) अवस्था में मर जाते हैं।
  • Flagellum -- कशाभ, कशाभिकावृंतक से दूरस्थ श्रृंगिका का भाग, प्ररुपत: तंतुमय परन्तु विभिन्न रुप का, सामान्यतया उपखंडित या बहु संधित।
  • Flowable pesticide -- प्रवाह्य पीड़कनाशी
अच्छी तरह से पिसा हुआ ठोस पदार्थ जो द्रव में निलम्बित रहता है और जिसमें सक्रिय संघटक अत्यधिक सांद्रता में या भारी मात्रा में होते हैं। अनुप्रयोग करते समय इन्हें पानी से मिश्रित करना चाहिए।
  • Foaming agent -- फेन कर्मक
पीड़कनाशी मिश्रण का गाढ़ा झाग बनाने वाला पदार्थ जिसका उपयोग अपवाह (drift) को कम करने के लिए किया जाता है।
  • Fog treatment -- कुहरा उपचार
पीड़कों के नियंत्रण के लिए बारीक कुहासे (कणों का व्यास 0.1 से 50 माइक्रोन के बीच) के रूप में पीड़कनाशी का अनुप्रयोग।
  • Foliar spray -- पर्णिल फुहार
पौधों की पत्तियों और फलकों पर प्रयुक्त पीड़कनाशी के बिंदुक।
  • Follicle cell -- पुटक कोशिका
अंडाशयी अंड नलिका की आंतरिक उपकला कोशिकाएं।
  • Food chain -- खाद्य श्रृंखला
पारितंत्र में पोषणज मार्ग या अनुक्रम के द्वारा ऊर्जा प्रवाह जो कि उत्पादक – उपभोक्ता और उपभोक्ता उपभुक्त के संबंधों का परिणाम है।
  • Food web -- खाद्य जाल
किसी पारितंत्र में परस्पर संयोजित विभिन्न समष्‍टियों को एक दूसरे के साथ जोड़ने वाली खाद्य श्रृंखलाओं के शाखन या संयोजन का एक कॉम्पलेक्स।
  • Forensic entomology -- विधि कीटविज्ञान
कीट विज्ञान की वह शाखा जिसमें कानूनी विषयों के लिये, विशेषकर न्यायालय में कीटों और अन्य संधिपादों के अध्ययन का अनुप्रयोग होता है। विधि कीट विज्ञान की तीन श्रेणियां हैं : शहरी, संग्रहित उत्पाद और चिकित्सा – विधि।
  • Formulation -- संरुपण, संरुप
वह पीड़कनाशी उत्पाद जो सक्रिय संघटक, वाहक और अन्य योगजों के मिश्रण से बिक्री या उपयोग के लिए तैयार किया जाता है।
  • Fossorial legs -- खनन पाद
कुछ कीटों के कठकीकृत नखरयुक्त अग्रपाद जो खोदने का कार्य करते हैं। उदाहरण – मोल – क्रिकेट (झींगुर)
  • Frass -- कीटमल
बेधक कीट के डिम्भक का मल जिसमें अन्य पदार्थ भी साथ होते हैं।
  • Frenulum -- फ्रेनुलम, प्रग्रह
शूकमय पंख – युग्मन जो अनेक लेपीडोप्टेरा कीटों की विशेषता होती है।
  • Frons -- फ्रॉन्स
ललाट सीवन और अधिमुखक – सीवन का मध्यवर्ती क्षेत्र या सीवनों के न होने पर उनके समतुल्य क्षेत्रों के बीच स्थिल कपाल का आननी क्षेत्र जिसमें मध्य नेत्रक होते हैं और जो ऊर्ध्वोष्‍ठ पेशियों के उत्पत्‍ति स्थल हैं।
  • Frontal suture -- ललाट सीवन
कीट के सिर में चिबुकों की अग्र – संधियों की ओर श्रृंगिक – पालियों के बीच किरीटी सीवन (coronal suture) से नीचे की ओर या आगे की ओर अपसारी अधिकपालीय (epicranial) सीवन की भुजाएं।
  • Fruit fly -- फलमक्खी
डिप्टेरा गण के कुलों – ट्राइपेटिडी और डोसोफिलिडी के अंतर्गत आने वाली मक्खियां जिनके डिम्भक फलों को ग्रस्त करते हैं।
  • Fuller’s earth -- मुल्तानी मिट्टी
एक सिलिकेट खनिज जिसका उपयोग अवशोषक क्षारक या धूर रूपी तनुकारी के रुप में किया जाता है।
  • Fumigant -- धूमक
कीटों, जीवाणुओं या कृंतकों को नष्‍ट करने के उद्देश्य से गैस, वाष्प, धूमक या धुंआ उत्पन्न करने वाले पदार्थो का मिश्रण। धूमक वाष्पशील द्रव तथा ठोस एवं गैसीय पदार्थो के हो सकते हैं। उनका प्रयोग भवनों के भीतरी भागों को विसंक्रमित करने के लिए होता है।
  • Fumigation -- धूमन
वह समयबद्ध प्रक्रम जो आविषालु – गैस की घातक सांद्रता, उत्पन्न करने के लिए किया जाता है, ताकि वायु अवरुद्ध स्थान पर जीवों अथवा कीटों के ग्रसन को नष्‍ट किया जा सके।
  • Fundatrices -- फन्डेट्रिक्स, मूलप्रसू
एक शिशिरातिजीवी (over wintering) निषेचित अंडे द्वारा प्राथमिक परपोषी पादप पर उत्पन्न जरायुज अनिषेकजननीय मादा ऐफिड।
  • Furca -- द्विशिख
शरीर के विविध भागों या अंगों में स्थित चिमटाकार अथवा द्विशाखीय संरचना। उदाहरण – पुच्छद्विशिख, ओष्ठक द्विशिख आदि।
  • Fusiform -- तर्कुरुप, तकुआनुमा
तकुआ के समान संरचना जो मध्यभाग से दोनों सिरों की ओर क्रमश: पतली होती है।
  • Galea -- गैलिया
जंभिका की बाहरी एन्डाइट पालि, जिसमें स्टाइपीज से निकलने वाली मांसपेशी भी है।
  • Gall -- पिटिका
वरूथियों (mites), कीटों जीवाणुओं, सूत्रकृमियों, विषाणुओं, कवकों या रसायनों द्वारा उत्पन्न पादप ऊतक में वृद्धि या पिंडक (lump) या सूजन। अनेक मिज मक्खियां पिटिका उत्पन्न करती है।
  • Ganglion -- गुच्छिका
केंद्रीय तंत्रिका संहति; यह शब्द एकल आद्य गुच्छिका या जुड़ी हुई दो या दो से अधिक आद्य गुच्छिकाओं के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
  • Genae -- कपोल
सामान्यत: नेत्रों के पीछे तथा निचले क्षेत्र अर्थात् भित्तिकास्थियों के पार्श्‍व भाग।
  • Genetic control -- आनुवंशिक नियंत्रण
पीड़क नियंत्रण की एक विधि, जिसमें लक्ष्य जाति के गुणसूत्री विपथन या अन्य आनुवंशिकी अपसामान्यताओं वाले सामान्य मैथुनक्षम चुने हुए प्रभेदों (strains) का उपयोग किया जाता है। ये प्रभेद लक्ष्य समष्‍टि में मोचित किए जाने पर, वन्य (प्रसामान्य) कीटों के साथ मैथुन करके बन्ध्य या अल्प जीवनक्षम संतति पैदा करते हैं।
  • Genital chamber -- जनन कक्ष
नवें और दसवें उदरीय खंडों के बीच विद्यमान कंजेक्टिवीय झिल्ली का अधरीय अंतर्वलन जिसमें शिश्‍नीय अंग रहते हैं। मादा में, आठवीं उदरीय उरोस्थि (स्टर्नम) के पीछे या ऊपर मैथुनी अंतर्वलन गुहिका होती है जिसमें जननांग – रंध्र और शुक्रवाहिका का छिद्र होता है। इसके संकरा होने से कभी – कभी योनि थैलीनुमा या नलिकाकार हो जाती है।
  • Genitalia -- जननेन्द्रिय
सामान्य रुप से जननांगों को विशेषत: बाह्य जननांगों को ही जननेन्द्रिय कहते हैं।
  • Genital ridge -- जननांग – कटक
भ्रूणीय जनद आद्यांगों में से एक कठक अथवा मध्यजनस्तरीय भित्ति में बने स्प्लैक्‍नोप्लूर कठक जैसे उभार जिसमें जनन कोशिकायें होती हैं।
  • Genital segment -- जनन खंड
नर – उदर के नवे खंड को विशेष रुप से जनन खंड कहते हैं यद्यपि जनन पुंज (जनन खंड) में नवें खंड के साथ अन्य खंड भी संबद्ध रहते हैं।
  • Genus novum -- जीनस नोवम
नव प्रस्तावित वंश के प्रारंभिक अनुप्रयोग के समय दिया जाने वाला नाम।
  • Geographical distribution -- भौगोलिक वितरण
प्राणियों और पादप जातियों का विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में उनके पाये जाने के आधार पर वितरण। विभिन्न क्षेत्र इस प्रकार है :
  • Oriental region -- ओरिएन्टल क्षेत्र (एशिया – भारत से लेकर जापान तक)
  • Australia region -- आस्ट्रेलिया क्षेत्र (आस्ट्रेलिया महाद्वीप, न्यूज़ीलैंड)
  • Etheopian region -- इथियोपियाई क्षेत्र (अफ्रीका)
  • Malacarsian region -- मेलाकार्सियन क्षेत्र (मेडागास्कर और मेलाकार्सियन प्रदेश)
  • Ncarctic region -- निआर्कटिक क्षेत्र (उत्तरी अमेरिका)
  • Ncotropical region -- नियोट्रोपिकल क्षेत्र (दक्षिणी अमेरिका)
  • Palaearctic region -- पेलिआर्कटिक क्षेत्र (यूरोप से लेकर हिमालय की तक)
  • Holarctic region -- होल आर्कटिक क्षेत्र (उत्तर ध्रुव द्वीपों के चारों ओर का भीतर का प्रदेश)
  • Germarium -- अंडदाशय, जर्मेरियम
अंडाशयी या वृषण नलिका का अंत्यकक्ष जिसमें प्राथमिक अंड जननी या पुमणुजन होते हैं।
  • Germplasm -- जननद्रव्य
उद्‍गम स्थल से प्राप्‍त आनुवंशिक पदार्थ।
  • Germ band -- जनन पट्टी
कोरकचर्म के अधर की ओर स्थित स्थूलीकृत कोशिकाओं का क्षेत्र, जो भ्रूण बन जाता है। यह भ्रूणीय आद्यक के विभेदन तथा वृद्धि से बनता है।
  • Germ cell -- जनन कोशिका
विदलन के दौरान, कायिक कोशिकाओं से विभेदित कोशिकाएं जो अंडाणु या शुक्राणु में परिवर्तित हो जाती हैं।
  • Germ tract -- जनन पथ
कोरक का कोशिका द्रव्य क्षेत्र जिसमें जनन कोशिकाएं होती हैं।
  • Gill respiration -- क्लोम श्‍वसन
जलीय जीवन के अत्यधिक सुस्पष्‍ट अनुकूलनों में से एक डेमसल फलाई और मेंफ्लाई अर्भकों के प्रपर्ण सदृश (फर्न सदृश) क्लोम हैं। वातक का विस्तार इन क्लोमों तक होता है और गैसों का विसरण वातक सूत्रों और जल के बीच अधिचर्म में से होकर होता है।
  • Glabrous -- अरोमिल
रोमहीन अथवा चिकनी सतह वाली संरचना। रोमिल का उल्टा।
  • Gnathal segments -- हनु खंड
कीट भ्रूण के खंड जिनके उपांग चिबुक तथा पहली और दूसरी जंभिका बन जाते हैं।
  • Gnathocephalon -- हनुशीर्ष
हनु खंडों द्वारा निर्मित शिर का वह भाग जिस पर चिबुक तथा पहली और दूसरी जंभिका लगी रहती है।
  • Gnathosoma -- हनुकाय
वरूथियों और किलनियो (ticks) के शरीर का अग्र भाग जिस पर मुख और मुखांग स्थित होते हैं।
  • Gonad -- जननग्रंथि, जनद
अंडाशय या वृषण अथवा भ्रूणीय आद्यांग, जो जनन कोशिकाओं को चारों ओर से घेरे हुए स्प्लैंकनिकी मध्य जनस्तरीय कोशिकाओं से बने होते हैं।
  • Gonapophysis -- युग्मनप्रवर्ध
जनन पदों के कक्ष पादांशों के मध्यवर्ती समीपस्थ प्रवर्ध जो थाईसैनूरा गण के कुछ नरों में पाए जाते हैं। इनसे अंडनिक्षेपक के पहले और दूसरे प्रकठक का निर्माण होता है।
  • Gonopore -- जननरंध्र
नर कीट में माध्यक स्खलनीय वाहिनी का बाह्य रंध्र जो सामान्यत: अंत: शिश्‍न में या युग्मित निर्गम वाहिनियों के एक रंध्र में छिपा रहता है। मादा कीट पार्श्‍वीय अंडवाहिनियों के युग्मित आध रंध्रों में से एक रंध्र या युक्त अंडवाहिनी का सामान्य रंध्र।
  • Gonostylics -- जननकंटिका
नवें खंड की वे कंटिकायें जो यदि उपस्थित हों तो रुपांतरित होकर आलिंगी अंग (हारपेगोन) बनाती हैं।
  • Gossypol -- गॉसीपोल
कपास के पादपों में प्राकृतिक रूप से मिलने वाला वर्णक (C30H30O) जो कुछ पीड़कों के लिए आविषालु होता है।
  • Grain mite -- धान्य चिंचड़ी
चिंचड़ियों (वरुथियों) की वे जातियां जो भंडार – गृहों में रखे धान्यों को ग्रस्त करती है। उदाहरण – टाइरोफेगस प्यूटीसेन्टी, एकैरोप्सिस डॉक्टा, एकेरोहेन्सी जातियां।
  • Grain moth -- धान्य शलभ
एक छोटा – शलभ जिसके डिम्भक अनाज पर अशन करते हैं। उदाहरण – ऐंग्वुईमाइस अनाज शलभ साइटोट्रोगा सीरियेलेला।
  • Grain protectant -- धान्य रक्षक
भंडारित अनाज की सुरक्षा के लिए उपयोग किया जाने वाला सुरक्षित कीटनाशी।उदाहरण – मैलाथियान।
  • Granular insecticide -- कणिकामय कीटनाशी
कीटनाशी का दानेदार संरुपण।
  • Granular pesticide -- कणिकामय पीड़कनाशी
रेत के समान दानेदार पदार्थ या लेपित छोटी टिकिओं से बना हुआ पीड़कनाशी रसायन। इसका प्रयोग बीज यंत्रों, प्रक्षेपकों या विशिष्‍ट उपस्करों द्वारा – मृदा – पीड़कों को नष्‍ट या नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
  • Gregarious -- यूथी
पीड़क विशेष के व्यष्‍टियों का बड़ा झुंड जो विशिष्‍ट परपोषियों पर मनमाना अशन करता है।
  • Gregarious parasite -- यूथी परजीवी
वह परजीवी, जो एक परपोषी पर आक्रमण कर कई पीढ़ियों का परिवर्धन करता है। यह अंत: परजीवी अथवा बाह्य परजीवी हो सकता है।
  • Grylloblattodea -- ग्राइलोब्लाटोडिया
अपंखी कीट जिनके नेत्र लघुकृत होते है अथवा नहीं होते। नेत्रक नहीं; श्रृंगिकाएं साधारण लंबी और तंतुरुपी; मुखांग चिबुकी; गुल्फ पांच खंडीय और अंडनिक्षेपक सुपरिवर्धित; नर जननांग असममितीय और लूम लंबे 8 – खंडीय होते हैं।
  • Gula -- गलकठक, गलक
कुछ उद्‍हनु (prognathous) कीटों में शिर की मध्य अधर पट्टिका जो ग्रीवा क्षेत्र के दृढ़ीकरण द्वारा निर्मित होती है और निकटस्थ रुप से पश्‍च मस्तिष्क छदि (post tentorial) गर्तो से सह पश्‍चचिबुकांग अथवा अध: चिबुकांग के साथ लगी होती है।
  • Habitat -- आवासकिसी जीव का प्राकृति निवास – स्थल जिसमें उसका समग्र पर्यावरण सम्मिलित है।
  • Haemocoel -- रक्त गुहा1. मध्य जनन स्तर तथा अन्य जनन स्तरों के बीच भ्रूण की रुधिर गुहिका या गुहिकाएं। 2. रक्त से भरी कीटों की शरीर गुहिका (रुधिर लसीका) जिसके अन्दर आभ्यन्तर अंग होते हैं।
  • Haemogram -- हीमोग्राम, रुधिरालेख
समय विशेष पर कीट के रुधिराणुओं की पूर्ण संख्या की गणना और विभिन्न प्रकार के रुधिराणु ओं का आकलन।
  • Haemolymph -- हीमोलिम्फ, रुधिर लसीका
रक्त गुहा में भरा, कीटों के रक्त का तरल भाग जो रुधिर और लसीका दोनों का कार्य करता है। इसमें आंतरिक अंग परिव्यात रहते हैं।
  • Haemostasis -- हीमोस्टैसिस, रुधिरस्तम्भन
रुधिर लसीका की हानि का संदमन।
  • Halter -- संतोलक
डिप्टेरा गण की मक्खियों के अल्पवर्धित पिछले पंख जो उड़ान के समय संतुलन बनाए रखते हैं।
  • Haploid -- अगुणित
एक ऐसा जीन जिसमें एकल गुणसूत्रों का समुच्‍चय होता है। जिसे सामान्यतया एक्स अथवा एन द्वारा व्यक्त किया जाता है।
  • Haploid apogamy -- अगुणित अपयुग्मन
असंग जनन का एक प्रकार जिसमें भ्रूण का विकास अंड कोशिकाओं के स्थान पर योगवाहियों अथवा प्रतिव्यासांत – कोशिकाओं (antipodal cells) से होता है।
  • Hatching -- अंडजोत्पति, स्फुटन
अंडे से डिम्भक का बाहर निकलना।
  • Harpagone -- हारपेगोन
नवें खंड के परिशिश्‍न (periphallic) प्रवर्ध जिनमें प्रत्येक की अपनी – अपनी पेशियां रहती हैं। ये संभवत: जनन कंटिकाओं से निकलती हैं और सामान्यत: इनका कार्य आलिंगन होता है। शल्क पंखी गण (लेपिडोप्टेरा) में इन्हें हार्पीज कहा जाता है।
  • Hatching membrane -- स्फुटन झिल्ली
स्फुटन के समय शिशु कीट को लपेटे रहने वाली झिल्ली; स्फुटन के दौरान या ठीक उसके बाद भ्रूणीय निर्मोकी क्यूटिकुला।
  • Hazardous -- संकटजनक, संकटोत्‍पादक
खतरनाक, आपत्तिजनक पीड़कनाशी जो लेबल पर लिखे निर्देशनों के अनुसार इस्तेमाल न किए जाने पर क्षतिकारक या घातक हो सकते हैं।
  • Hematophagous insects -- रुधिरभक्षी कीट
रक्त पर अशन करने वाले कीट।
  • Hemimetabolam -- अल्परुपांतरी
सरल कायांतरणवाले बाह्य पंखी। यह कायांतरण प्रत्यक्ष अथवा अपूर्ण कहा जाता है।
  • Hemiptera -- हेमिप्टेरा (अर्धपंखी गण)
सामान्यतया दो जोड़ी पंख वाले कीट जिनमें पिछले की अपेक्षा अगले जोड़े प्राय: अधिक कठोर होते हैं। होमोप्टेरा में अगला जोड़ा एकसमान जबकि हेटरोप्टेरा में ऊपरी भाग शेष पंख की अपेक्षा अधिक झिल्लीमय होता है। मुखांग वेधक और चूषक; कायांतरण आमतौर पर क्रमिक और बिरले ही पूर्ण होता है। उदाहरण – पादप मत्कुण (प्लांट बग)।
  • Hemocytes -- रुधिराणु
कीट की रक्त कोशिकाएं।
  • Hemocytopoietic organ -- रुधिराणु उत्पादक अंग
वे अंग जो रक्त कोशिकाएं बनाते हैं।
  • Heterogenous population -- विषमांग समष्‍टि, विषमांगी समष्‍टि
विविध लक्षणों वाली जीव समष्‍टि।
  • Holoblastic cleavage -- पूर्णभंजी विदलन
विदलन का वह प्रकार जिसमें संपूर्ण अंडा विभाजित हो जाता है (पूर्ण विदलन)।
  • Holocrine secretion -- पूर्णस्रावी स्रावस्रवण का ऐसा प्रकार जिसमें एपिथिलियमी कोशिकाएं एन्जाइमों का स्रवण करने के प्रक्रम में विघटित हो जाती हैं और अपनी अंतर्वस्तुओं को आंत्र की अवकाशिका (lumen) में उड़ेल देती है।
  • Holotype -- होलोटाइप, नामप्ररुप, मूलप्ररुप
लेखक द्वारा मूल विवरण के प्रकाशन के समय नामपद्धति प्ररूप के तौर पर उपयोग किया जाने या बतायाजानेवाला अनन्य नमूना।
  • Honey -- मधु, शहद
मधु – मक्खियों द्वारा विभिन्न प्राकृतिक स्‍त्रोतों जैसे विभिन्न फूलों का मकरंद, नेक्ट्रिन के स्राव, मधु बिंदु आदि से परिष्कृत किया जाने वाला मीठा विस्कासी (viscous) तरल।
  • Honey bee -- मधुमक्खी
सामाजिक कीट, अधिकतर एपिस जातियां (एपिडी:हाइमनोप्टेरा) जो उपनिवेशों में रहती हैं और पेड़ों के ऊपर या खाली घरों में छत्ते बनाती हैं। ये बहुत लाभकारी हैं क्योंकि शहद और मोम प्रदान करती हैं तथा परागण में मदद करती हैं। इनकी सामान्य जातियां भारतीय मधुमक्खी (एपिस सेराना इंडिका), इतालवी मधुमक्खी (एपिस मिलीफेरा), छोटी मधुमक्खी (एपिस फ्लोरिया) और रॉक मधुमक्खी (एपिस डोर्सेटा) हैं।
  • Honey dew -- मधु – बिंदु
होमोप्टेरा गण के कुछ कीट जैसे एफिड, शल्क कीट, श्‍वेत मक्खी आदि द्वारा उत्सर्जित किया जाने वाला मीठा स्राव जो चींटियों को आकर्षित करता हैं और “काली फफूंदी” के पैदा होने को बढ़ावा देता है, जिससे पादप भाग काली परत से ढक जाते हैं और प्रकाश संश्‍लेषण की क्रिया में रुकावट आती है।
  • Honey guide -- मधु – निर्देशक, मधु पथदर्शक
कुछ विशेष पुष्पों की पंखुड़ियों पर बिंदियां या रेखाएं जो आगंतुक कीट (कीटों) को इन पुष्पों के मकरंद कोषों की ओर निर्देशित करती हैं।
  • Hopper band -- कुदका पट्टिका
टिड्डियों में यूथी फुदकों का ऐसा समुच्‍चय जो संगठित रुप में कूच करता है।
  • Hormone -- हॉर्मोन
अत्यल्प मात्राओं में स्रावित किया जाने वाला अंत:स्रावी जैव पदार्थ जो जीव की शरीरिक क्रियाओं को नियमित करता है।
  • Host -- परपोषी
वह जीव जो अन्य जीव को खाद्य एवं आश्रय प्रदान करता है लेकिन स्वयं उस जीव से कोई भी लाभ प्राप्‍त नहीं करता।
  • Host crossover -- परपोषी विनिमय
कीट जाति का खाद्य, आश्रय या अंडनिक्षेपण की खोज में पहले परपोषी को छोड़कर किसी अन्य परपोषी पर चले जाना।
  • Host evasion -- परपोषी परिहार
आभासी प्रतिरोध का एक प्रकार जिसमें कृषि किस्में अपनी वृद्धि की ग्रहणशील अवस्था को आगे पीछे करके पीड़क से होने वाली हानि से बच निकलती हैं, जैसाकि अगेती बोयीजानेवाली और जल्दी पकने वाली किस्मों में होता है।
  • Host plant -- परपोषी पादप
कीट को आहार एवं आश्रय देने वाला तथा अंडनिक्षेपी (ovipository) आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाला पादप।
  • Host plant resistance -- परपोषी – पादप प्रतिरोध
वंशागत गुणों की सापेक्ष मात्रा जिसके कारण जीव, शत्रुओं द्वारा की गई क्षति को कम या प्रभावित करता है।
  • Host specificity -- परपोष विशिष्‍टतायह जाति विशेष का पोषणज विशिष्‍टीकरण है और प्रकृति में बहुत जटिल प्रक्रम है विशेष तौर पर परजीवियों, परजीव्यामों में और कुछ एकाहारी कीटों में जो खरपतवारों के जैविक नियंत्रण में उपयोगी हैं।यह जीवन क्रियाओं की पूर्ण आवश्यकताओं की सफलतापूर्वक प्राप्ति है जिसकी इति अशन, जीवनवृत्त पूरा करने और जनन के लिए उपयुक्त परपोषी तक पहुंचना है जो अंत में जाति विशेष की संतति को बढाने के लिए भी उपयुक्त है। रक्त चूषक कीटों में जूं और पिस्सू परपोषी विशिष्ट हैं। कृषि कीटों में बैंगन का वेधक, पिंक बोल वर्म और बीजभक्षी शूट फ्लाई इसके विशिष्ट उदाहरण हैं। (सीड फ्लाई) ओफियोमिया लेन्टानी लेन्टाना खरपतवार विशिष्ट है और शल्क कीट डेक्टीपोलस इण्डीकस, नागफनी खरपतवार विशिष्ट है।
  • Humivore -- ह्यूमस भक्षी
वह जीव जो ह्यूमस को खाता है।
  • Hybrid sterility -- संकर बंध्यता
संकरण द्वारा प्रेरित बंध्यता जिसके कारण संकर, जीवन क्षम – संतान उत्पन्न नहीं करते। संकर – बंध्यता का आधार जीनी, गुणसूत्री अथवा कोशिकाद्रव्यी हो सकता है।
  • Hydroulic sprayer -- द्रवचालित फुहारक
ऐसी मशीन जो उच्‍च दाब और उच्‍च आयतन पर पानी का अपयोग करते हुए पीड़कनाशी को छिड़कने के काम आती हैं।
  • Hymenoptera -- हाइमनोप्टेरा
इस गण के कीटों में दो जोड़ी झिल्लीमय पंख; शिराविन्यास प्राय: लघुकृत; अग्र पंखों की अपेक्षा पश्‍चपंख छोटे और अंकुशिकाओं (hooklets) द्वारा अग्रपंखों से अंत: बद्ध (interlocked) होते हैं। मुखांग मुख्यत: आदंश और कभी – कभी लेहन (lapping) और चूषण के लिए भी अनुकूलित; उदर सामान्यत: आधारी रुप से संकीर्णित (constricted) और इसका पहला खंड प्रश्‍चवक्ष से संयुक्त होता है। अंड निक्षेपकहमेशाहोता है और क्रकचन (sawing) वेधन या दंशन (stinging) आमतौर पर अपादी और लगभग सुपरिवर्धित सिर वाला; कोशित अबद्ध और सामान्यतया कोया भी होता है। उदाहरण – चींटी, भक्षिका, बर्र आदि।
  • Hypandrium -- पुमधर
मादा कीटों में पाई जाने वाली आठवीं उरोस्थि (sternum) यदि आठवीं उरोस्थि छोटी या न हो तो सातवीं उरोस्थि को ही पुमधर कहा जाता है। नरों में प्राय: नौवीं उदरीय उरोस्थि जो जनन कक्ष तक बढ़ी होती है।
  • Hyper metamorphosis -- अतिकायांतरण
एक ऐसी दशा जिसमें कीट अपने परिवर्धन के दौरान दो या अधिक स्पष्‍टत: भिन्न डिम्भक इन्स्टरों से होकर गुजरता है। इस परिघटना के समय डिम्भकीय जीवन में नियमित रुप से विशेष परिवर्तन देखे जाते हैं।
  • Hyperparasite -- परात्परजीवी
वह कीट जो अन्य परजीवी कीट का अंत: परजीवी अथवा बाह्य परजीवी होता है।
  • Hypersensitive resistance -- अतिसंवेदी प्रतिरोध
आक्रमक कारक की द्रुत अनुक्रिया से ग्रस्त ऊतक की असामयिक मृत्यु (ऊतक क्षय) जिसमें कारक निष्क्रिय तथा स्थान बद्ध हो जाता है।
  • Hypomere -- अधोखंड
शिश्‍नाधार का अधर प्रवर्ध।
  • Hypopharynx -- अधोग्रसनी
शिर के चर्बक क्षेत्र के अंतर्गत अधर भित्ति की मध्य – मुखपश्‍चीय पालि जो अधरोष्‍ठ के आगे की ओर होती है।
  • Hypostoma -- अधोरंध्र
सामान्यतया चिबुक के पश्‍च भाग में उपकपाल के सीमांत का भाग, जो कभी – कभी अधोरंध्र पट्टिका के रूप में मध्य की ओर या सिर की अधर भित्ति में अधोरंध्र सेतु के रूप में विस्तारित होता है।
  • Identification -- पहचान, अभिनिर्धारण
व्यष्‍टियों को पहले से स्थापित विभिन्न वर्गो अथवा वर्गकों में रखना।
  • Illegal residue -- अवैध अवशेष
शासन द्वारा पूर्व निर्धारित सुरक्षित स्तर से अधिक मात्रा के अवशेष।
  • Imago -- पूर्णक (पूर्ण कीट)
कीट के अंतिम निरुप (इंस्टार) की पूर्ण विकसित अवस्था।
  • Immature stage -- अपक्‍व अवस्था
कायांतरण अवधि में कीट की मध्यवर्ती अवस्थाएं जो लैंगिक रुप में विकसित नहीं होती।
  • Immigration -- आप्रवासन, आप्रवास
किसी कीट का एक समष्‍टि में चले जाना।
  • Imminent hazard -- उग्र संकट
पीड़कनाशी के निरंतर प्रयोग से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से उत्पन्न परिस्थिति।
  • Immune -- प्रतिरक्षित
ऐसे जीव जिनमें रोग, या संक्रमण या किसी दूसरे पीड़कों के प्रति पूर्ण निरोध क्षमता होती है।
  • Incidence -- आपतन
किसी जीव का परपोषी पर उपस्थिति का परिणाम और उसके प्रभावों की सीमा।
  • Incidental pest -- आकस्मिक पीड़क
निरंतर विद्यमान लेकिन कभी – कभी क्षति पहुंचाने वाल पीड़क।
  • Inclusion (polyhedron) insect control viruses -- अंतर्विष्‍ट पिंड – कीट नियंत्रण विषाणु
वह संरचना जिसमें कई विषाणु कण प्रोटीन मैट्रिक्स में अंत:स्थापित होते हैं। इनका निर्माण विशेष विषाणुओं से संक्रमित कोशिकाओं में होता है।
  • Incompatibility -- 1. अंसगतता, 2.अनिषेच्यता
1. दो भिन्न कीटनाशकों की, उपयोग के प्रयोजन से, मिश्रण बनाने की असमर्थता। 2. दो जीवों के युग्मकों की युग्मन और लैगिक जनन में असमर्थता।
  • Indicator plant -- सूचक पादप
एक अ – फसलीय पादप अथवा एकांतर परपोषी पादप जो मुख्यतया सहनशील होता है तथा जिसे फसलीय पादपों के बीच लगा देते हैं जिससे कि पीड़क की पहचान जल्दी हो सके।
  • Indigenous -- देशज, देशी
विशेष क्षेत्रीय; किसी प्रदेश में प्राकृतिक रूप से मिलने वाले पादप या प्राणी।
  • Infestation -- ग्रसन
किसी पीड़क द्वारा दूसरे जीव को क्षति पहुंचाना।
  • Infochemical -- सूचन रसायन
वह रसायन जो दो व्यष्‍टियों के बीच एक पारस्परिक क्रिया की सूचना का संवाहक है। इसके फलस्वरुप अभिग्राही में व्यवहारात्मक अथवा शरीर क्रियात्मक अनुक्रिया उत्पन्न होती है। यह सेमियो रसायनों (व्यवहार परिवर्तन करने वाले रसायन) का संवर्ग है।
  • Inhalation toxicity -- अंत:श्‍वसन आविषालुता
श्‍वसन तंत्र के माध्यम से आविषालु होने की क्रिया।
  • Inhibition system -- संदमन तंत्र
कीटों में उपांगों की पेशियों के नियमन में लग तंत्रिकातंत्र को नियंत्रित करने की क्रियाविधि। मस्तिष्क अथवा अधोग्रसिका गुच्छिका से उत्पन्न अथवा दोनों से उत्पन्न आवेग अंतर्जात रूप से कार्य कर पाद पेशियों का एकांतर संकुचन और शिथिलीकरण आरंभ कर देता है, जैसे कि, जब आकोचनी पेशियां (flexor muscles) संकुचित होती हैं तो प्रसारिणी पेशियां (extensor muscles) शिथिल हो जाती हैं। यह द्विमार्गी उद्दीपन इन दो पेशियों के समुच्‍चयों की साथ – साथ क्रिया के लिये स्वत: संगामी होते हैं जैसे कि अकोचनियों की उत्तेजना और प्रसारिणियों (extensors) के अवरुद्धक उद्दीपन जो कि बहुत शक्तिशाली होते हैं। कीटों में यह अवरोधक क्रिया संदमन कहलाती है।
  • Inhibitor -- संदमक
वह कारक जो सामान्य गतिविधि को रोकता है अथवा रोकने के लिए प्रयुक्त होता है।
  • Inoculation -- संरोपण, निवेशन
परिपोषी में सूक्ष्मजीव का प्रवेशन अथवा स्थानांतरण।
  • Inoculative release -- निवेशी मोचन
अल्पकालीन अवधि में कम संख्या में परजीवियों का मोचन जो बाद में प्रभावी स्तर तक पहुंच जाता है।
  • Insect -- कीट
षटपाद; कीट इनसेक्टा वर्ग और आर्थोपोडा संघ (phylum) के अंतर्गत आते हैं। शरीर खंडीकृत होकर तीन भागों सिर, वक्ष और उदर में बटा होता है। शरीर क्यूटिकल से ढका होता है। सिर में एक जोड़ी श्रृंगिका और मुखांग होते हैं जो एक जोड़ी जंभिका (कभी – कभी रुपांतरित) से बने होते हैं। वयस्कों में वक्षीय प्रदेश में तीन जोड़ी संधित पाद, दो जोड़ी पंख (कभी – कभी एक जोड़ी अथवा अनुपस्थित) तथा उदर के पिछले सिरे पर जनन रंध्र होता है। वृद्धि कायान्तरण द्वारा होती है।
  • Insect control -- कीट नियंत्रण
हानिकारक कीट समष्‍टि की रोकथाम।
  • Insect growth regulators (IGR) -- कीट वृद्धि नियंत्रक (आई. जी. आर.)
कीटों में वृद्धि और कायांतरण के नियंत्रण से संबद्ध प्राकृतिक और कृत्रिम रासायनिक यौगिकों की ऐसी सामान्य श्रेणी जो किशोर हार्मोनों अथवा अन्य शरीर – क्रियात्मक क्रियाओं का संदमन करती है जिससे कीट अपना सामान्य परिवर्धन चक्र पूरा नहीं कर पाता।
  • Insect odour plumes -- कीट गंध पिच्छक
मादा शलभों द्वारा उत्पन्न सेक्स फीरोमानों के गन्धअणु वायु की दिशा में गंध परिधि या पिच्छक बनाते हैं जो विस्तृत क्षेत्र में फैल जाती है। उसी जाति के नर शलभ इस गंध परिधि के सम्पर्क में आने पर इसकी ओर बढते हैं जिससे कि मादा से संगम कर सके।
  • Insect pest spectrum -- कीट पीड़क स्पेक्ट्रम
किसी विशेष फसल पर आक्रमण करने वाले नाशक कीटों का संपूर्ण परास। इसके अंतर्गत मुख्य और गौण कीट आते हैं।
  • Insect rearing management -- कीटपालन प्रबंधन
अनुसंधान आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए मानक गुणता वाले कीटों के उत्पादन के लिए संसाधनों का कुशल उपयोग।
  • Insectary -- कीटशाला
कीटविज्ञान के विभिन्न पक्षों का अध्ययन करने के लिए कीटों के पालन और प्रजनन का स्थान।
  • Insecticide -- कीटनाशी
रासायनिक पदार्थ या पदार्थो का मिश्रण जिसका हानिकारक कीटों को रोकने या नष्‍ट करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • Insectivorous -- कीटभक्षी
कीटों का भक्षण करने वाले प्राणि अथवा पादप।
  • Insectorium -- कीटालय
प्रयोगशाला जिसमें भविष्य में अध्ययन करने के प्रयोजन से बड़ी संख्या में कीटों का प्रजनन किया जाता है और पाला जाता है।
  • Instar -- निरुप (निर्मोकरुप)
दो उत्तरोत्तर निर्मोकों के बीच की अवस्था के दौरान कीट द्वारा अपनाया गया रुप।
  • Integrated control -- एकीकृत नियंत्रण, समाकलित नियंत्रण
कीट संख्या को आर्थिक क्षतिस्तर से नीचे रखने के लिए पारिस्थितिकी पर आधारित कीट नियंत्रण की एक पद्धति जिसमें कीट नियंत्रण की अनेक संगत तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
  • Integrated pest management -- एकीकृत पीड़क प्रबंधन, समाकलित पीड़क प्रबंधन
पर्यावरण और पीड़कों की समष्‍टि गतिकी (population dynamics) का ध्यान रखते हुये प्रयुक्त किया जाने वाला पीड़क प्रबंधन जिसमें सभी उपयुक्त तकनीकों और विधियों का यथासंभव सुसंगत ढंग से उपयोग करके पीड़कों की संख्या को आर्थिक क्षति स्तर से नीचे रखते हैं।
  • Interaction -- पारस्परिक क्रिया
परिवर्तो की आपसी क्रिया अथवा प्रभाव।
  • Intersegmental membrane -- अंतराखंडीय झिल्ली
दो द्वितीयक खंडों के बीच की लचीली नेत्र श्‍लेष्मला जो सामान्यत: प्राथमिक खंड का उदृढ़ीकृत पश्‍च भाग होती है।
  • Interspecific competition -- अंतराजातीय स्पर्धादो या दो से अधिक जातियों के बीच स्पर्धा।
  • Interspecific interaction -- अंतराजातीय पारस्परिक क्रिया
दो या दो से अधिक जातियों के बीच परस्पर क्रिया।
  • Intersternite -- अंतराधरकांश
उदरक (venter) का अंतराखंडीय दृढ़ीकरण।
  • Intervalvulae -- अंतरप्रकठक
द्वितीय कपाटधरों के बीच में नवें उदरीय खंड के उदरक में स्थित अधरीय कठक।
  • Intima -- आंतरक
किसी अंग की आंतरिक परत जैसे लसीका, रुधिर – वाहिका, आंत अथवा धमनी की आंतरिक परत आदि।
  • Intraspecific competition -- अंतरजातीय स्पर्धा
एक ही जाति में पारस्परिक स्पर्धा।
  • Intraspecific interaction -- आंतरजातीय पारस्परिक क्रिया
एक ही जाति में आपसी क्रियाएं।
  • Inundative release -- आप्लावी मोचन
जैव – कारकों के आवर्ती प्रवेशन की वह पद्धति जो कीटनाशी उपचार के सदृश है।
  • Involution of the embryo -- भ्रूण – अंतर्वलन
अंडे में – भ्रूण के अंतर्वेशन के बाद उसका परिक्रमण (revolution) तथा अंतत: अंडे में उसकी स्थिति का उत्क्रमण (reversal)।
  • Irideseent virus -- रंगदीप्‍त विषाणु
कीट का एक अन् – अधिविष्‍ट विषाणु जिसके विशिष्‍ट अभिलक्षण उसके ऐसे आकर्षक प्रकाशकीय गुण – धर्म हैं जो ब्रैग परावर्तन से उत्पन्न होते हैं और विषाणु कणों की शोधित प्रपट्टिकाओं को दूधिया रूप देते हैं।
  • Isoptera -- आइसोप्टेरा (समान पंखी)
अनेक अपंखी, बंध्य सैनिकों और श्रमिकों सहित जनन – रुपों से गठित बड़े – बड़े समुदायों में रहने वाले सामाजिक और बहुरुपी (polymorphic) कीट। मुखांग प्ररुपी आदंशी; जीभिका 4 पालिक; पंख एक दूसरे से बहुत मिलते – जुलते, लम्बे और झिल्लीमय जो विश्रामावस्था में पृष्‍ठ पर सपाट अध्यारोपित (superposed) होते हैं और जिन्हें आधारी विभंगों (basal fractures) द्वारा गिराया जा सकता है। अग्रशिराएं बहुत दृढीकृत (sclerotized); गुल्फ 4-खंडीय; लूम बड़े अथवा बहुत छोटे; दोनों लिंगों में जननांग आमतौर पर नहीं अथवा अवशेषी होते हैं। कायांतरण थोड़ा सा अथवा नही भी होता। उदाहरण – दीमक।
  • Jet agitator -- जेट विलोड़क
दाब से प्रवाहित होने वाले पानी के कारण टैंक के मिश्रण में निलम्बन को नीचे बैठने से रोकने वाली युक्ति।
  • Johnston’s organ -- जौन्स्टन अंग
श्रृंगिका में उपस्थित अत्यधिक विशिष्‍टीकृत ध्वनिग्राही अंग। यह अधिकतर पंखयुक्त कीटों के दूसरे श्रृंगिक खंड में स्थित होता है और इसमें अरीय रुप में स्थित अनेक संवेदिकाएं (sensillae) होती है।
  • Juglone -- जुगलोन
क्‍विनोन से मिलता – जुलता एक भूरे लाल रंग का क्रिस्टलीय पदार्थ (C10H4O2) जो अखरोट से प्राप्‍त किया जाता है। यह कैरोमोन की तरह कार्य करता है।
  • Junior homonym -- कनिष्‍ठ समनाम
एक ही अथवा भिन्न वर्गक के लिए दो या अधिक सर्वसम नामों की वर्तमान संकल्पना।
  • Junior synonym -- कनिष्‍ठ सहनाम
एक ही वर्गक के लिए दो या अधिक उपलब्ध समानार्थक शब्दों की वर्तमान संकल्पना।
  • Juvabione -- जूवावयोन
पेड़ों के वंश एबिस से विलगित किया गया पदार्थ जिसमें किशोर हार्मोन की विशिष्‍टताएं पाई जाती हैं।
  • Juvenile hormone -- किशोर हॉर्मोन
एलाटा पिंड (corpora allata) द्वारा उत्पादित तीन प्रमुख कीट परिवर्धन हॉर्मोनों में एक जो निर्मोक (moult) के प्ररुप को निर्धारित करता है।
  • Juvenile resistance -- किशोर प्रतिरोध
पादपों की नवोद्‍भिद् अवस्था में अभिव्यक्त ऊर्ध्वाधरी प्रतिरोध जिसे नवोद्‍भिद् – प्रतिरोध भी कहते हैं।
  • Juvenoid -- किशोराभ
पादप या प्राणियों से उत्पन्न कोई ऐसा प्राकृतिक या संश्‍लिष्‍ट रसायन जो वास्तविक किशोराभ हार्मोन के समान जैविक सक्रियता प्रदर्शित करता हो।
  • Kairomone -- कैरोमोन
एक रसायन या कई रसायनों का मिश्रण जो एक जाति से उत्पन्न होकर भिन्न जाति के व्यष्‍टि में अनुक्रिया उत्पन्न करता है। यह प्राप्‍त करने वाले के लिए लाभप्रद होता है।
  • Key factor -- प्रमुख कारक
पर्यावरण के संदर्भ में प्रमुख परिवर्तनशील कारक जो कीटों के समष्‍टि घनत्व से निकट रूप से जुड़ा होता है। समष्‍टि घनत्व में इन परिवर्तनों को कीटों की संख्या की भावी प्रवृत्तियों के पूर्वानुमान के लिए उपयोग करके सतत मानीटरन (monitoring) द्वारा मापा जा सकता है।
  • Key pest -- प्रमुख पीड़क
सदैव क्रांतिक रुप में दीर्घ स्थायी रहने वाली कीट जाति जो नियंत्रण पद्धतियों को प्रभावित करती है और जिसका समष्‍टि घनत्व (population density) मानव हस्तक्षेप के अभाव में आर्थिक क्षति स्तर (economic injury level) को पार कर जाता है।
  • Knapsack duster -- नैपसैक प्रधूलक
पीठ पर लटकाने वाला प्रधूलक। यह बेलनाकार धूलि – पात्र के शीर्ष पर स्थित धौकनियों को संचालित करता है।
  • Knock down -- अवाघात
सामान्यतया पीड़कों से संबद्ध पीडक – नियंत्रण – संक्रियाओं में या आविषालुता विज्ञान में प्रयुक्त तकनीकी शब्द। पीड़कनाशी के अनुप्रयोग के तुरंत बाद पीड़क अचेत हो जाता है और बाद में वह कभी – कभी फिर से सक्रिय भी हो सकता है।
  • Labellum -- ओष्‍ठक, लेबेलम
डिप्टेरा की शुंडिका के दूरस्थ सिरे पर उपस्थित गद्दियों अथवा मुख – पालि की जोड़ी में से एक पर कूटवातक (pseudotracheae) होते हैं जिनके द्वारा भोजन निकलकर मुख – छिद्र में जाता है।
  • Labial palp -- अधरोष्‍ठ स्पर्शक
कीट के एक जोड़ी खंडीय संवेदी अंग या अधरोष्‍ठ पर स्थित संस्पर्शक (feeder)।
  • Labium -- अधरोष्‍ठ, लेबियम
कीट – शीर्ष का पश्‍च – मध्य – उपांग जो द्वितीय जंभिकाओं के मिलने से बनता है।
  • Labrum -- ऊर्ध्वोष्‍ठ, लैब्रम
फ्रॉन्स से निकलने वाली मांसपेशियों के साथ, मुखपालि से निलम्बित शिर का मुखपूर्व भाग।
  • Lac -- लाख, लाक्षा
लाख कीट, केरिया लाक्का और संबंद्ध जातियों (लैक्कीफेरिडी : होमोप्टेरा) द्वारा स्रावित राल।
  • Lacerate -- दीर्ण
कीट द्वारा पर्णशीर्ष के किनारों पर बनाए गए अनियमित गहरे कटाव।
  • Lacinia -- लैसीनिया
जंभिका की आंतरिक एन्डाइट पालि जिसमें स्टाइपीज से निकलने वाली एक पेशी और कभी – कभी कपाल – भित्ति से निकलने वाली दूसरी पेशी लगी होती है।
  • Lancet -- लेन्सेट
कीटों का प्रथम प्रकठक जो बल्ब ओर शूकिका के निचले सीमातों पर सरकता है।
  • Lapping mouth parts -- लेहन मुखांग
मधुमक्खी का मुखांग जिसमें लम्बा, जंभिका – ओष्‍ठीय काम्पलेक्स होता है तथा जिह्विका आकुंचन एवं अपाकुंचन में समर्थ होती है।
  • Larva -- लारवा, डिम्भ, डिम्भक
पूर्ण रुपांतरणीय अप्रौढ़ अवस्था का स्वतंत्र कीट, जो संरचना तथा स्वभाव में वयस्कों से भिन्न होता है (जैसे – इल्लियां, अपादक और भृंगक आदि)।
  • Larvarium -- डिम्भशाला
कीट डिम्भक द्वारा बनाया गया नीड़ अथवा आश्रय – स्थल जो कभी – कभी एक रेशमी झूले अथवा नलिका के समान हो सकता है। यह पत्तियों के टुकड़ों, चीड़ की पतली पत्तियों, मृदा – कणों आदि को आपस में बुनकर बनाया जाता है।
  • Larvicide -- डिम्भकनाशी
ऐसा कीटनाशी रसायन जो डिम्भकों को मारने के लिए काम में लाया जाता है।
  • Lateral oviduct -- पार्श्‍वीय अंडवाहिका
अंडाशय से संबद्ध और मध्यजन स्तर से उत्पन्न मादा तंत्र की युग्मित पार्श्‍व वाहिनियों में से एक। कभी – कभी मध्य वाहिनी की बाह्यचर्म शाखा अंशत: या पूर्णत: इसकी जगह ले लेती है।
  • Laterotergite -- पार्श्‍वपृष्‍ठकांश
पृष्‍ठ का पार्श्‍व दृढ़ीकरण जो मुख्य मध्य पृष्‍ठकांश से भिन्न होता है।
  • LC 50 (lethal concentration 50) -- एल. सी. 50 (घातक सांद्रण 50)
धूल, कुहासा, गैस या वाष्प के रुप में वायु में उपस्थित यौगिक की आविषालुता को अभिव्यक्त करने का तरीका। धूल तथा कुहासे में यह सामान्यतया माइक्रोग्राम प्रति लीटर और गैस तथा वाष्प में पी. पी. एम. में व्यक्त किया जाता है। एल. सी. 50, मात्रा निर्धारण का सांख्यिकीय आकलन है जो परीक्षण – जाति की बहुत बड़ी समष्‍टि के 50 प्रतिशत को मारने के लिए आवश्यक है। इस सांद्रण से उपचारित प्राणियों में 50 प्रतिशत की मृत्यु हो जाने की आशा की जाती है।
  • LD 50 (lethal dose 50) -- एल. डी. 50 (घातक मात्रा 50)
एक यौगिक की आविषालुता को व्यक्त करने की सामान्य पद्धति। यह प्राय: परीक्षण – प्राणी के शरीर – भार के प्रति किलोग्राम रसायन के मिलीग्राम के रुप में व्यक्त की जाती है (मि.ग्रा. / कि.ग्रा. / शरीर भार)। एल. डी. 50, मात्रा निर्धारण का सांख्यिकीय आकलन है जो परीक्षण – जाति की बहुत बड़ी समष्‍टि के 50 प्रतिशत को मारने के लिए आवश्यक है (अर्थात् जलीय घोल की एक ही मुखीय मात्रा) या कानून द्वारा वह मात्रा जिसके द्वारा इस प्रकार से उपचारित परीक्षण – प्राणियों के 50 प्रतिशत की 14 दिन के अंदर मृत्यु होजानेकी आशा की जा सकती है। यदि एक यौगिक में एल. डी. 50 शरीर भार 100 मि.ग्रा./ कि.ग्रा. है, तो यह मि.ग्रा. / कि.ग्रा. वाले एल. डी. 50 की अपेक्षा अधिक आविषालु है।
  • Leaf hopper -- पर्ण फुदका
होमोप्टेरा – गण के पादप चूषक कीट जो सिकेडिलिडी अथवा जैसिडी कुल के अंतर्गत आते हैं। ये छोटे पर लम्बे फुदकने वाले कीट पादपों में अनेक विषाणु और कवक रोग फैलाते हैं।
  • Leaf miners -- पर्ण सुरंगक
ऐसे कीट जो अधिचर्म स्तरों के बीच सुरंग बना लेते हैं। उदाहरण – धब्बेदार पर्ण – सुरंगक, सर्पिल – पर्ण – सुरंगक।
  • Leaf roller -- पर्ण लपेटक
वे कीट जिनके डिम्भक पत्तियों को आपस में लपेटकर नीड़ बनाते हैं।
  • Lepidoptera -- लेपिडॉप्टेरा (शल्कपंखी गण)
दो जोड़ी झिल्लीमय पंख वाले कीट जिनके पंखों में अनुप्रस्थ शिराएं बहुत कम होती हैं। शरीर, पंख और उपांग चौड़े शल्कों (scales) से ढके हुए; चिबुक अवशेषी या अनुपस्थित और प्राय: जंभिकाओं (maxillae) से बनी चूषक शुंडिका (proboscis) द्वारा निरुपित होते हैं। डिम्भक क्रॉसरुपी, प्राय: आठ जोड़ी टांगों वाला, कोशित आमतौर पर लगभग अबद्ध और सामान्यत: कोया (cocoon) या मृद – कोशिका (earthen cell) में बंद, पंख में पूर्ण वातकन्यास (tracheation) उदाहरण – तितलियां और शलभ (मॉथ)।
  • Lethal dose -- घातक मात्रा
रसायन की वह मात्रा जो आविषालु पदार्थ के मि. ली. ग्राम (mg.) में परीक्षण – कीट के शारीरिक भार के प्रति किलोग्राम (kg.) की दर से मापी जाती है।
  • Lethal factor -- घातक कारक
एक या अनेक कारक जिनकी अभिव्यक्ति जीव की मृत्यु में होती है।
  • Lethal gene -- घातक जीन
वह जीन जो अपने धारक को मार देता है अथवा वंशागत होने पर समयुग्मजी व्यष्‍टियों को मार देता है।
  • Life table -- वय सारणी
किसी कीट समष्‍टि के प्रमुख मर्त्यता – कारकों सहित उसके जन्म – मरण आंकड़ों का संक्षिप्‍त सार।
  • Light trap -- प्रकाश पाश, प्रकाश प्रपंच
प्रकाशानुवर्ती कीटों को आकृष्‍ट करने के लिए उपयोग में लायी जाने वाली एक यांत्रिक युक्ति जिसमें प्रकाश को आकर्षक स्रोत के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • Lignification -- काष्‍ठायन
काष्‍ठीकृत होने अथवा हो जाने की दशा अथवा स्थिति; एक कोशिका भित्ति का लकड़ी में परिवर्तित होना।
  • Ligula -- जिह्विका
अधरोष्‍ठ की अंत्य – पालियांया उनके जुड़ जाने से बना अधरोष्ठ का अंत्य भाग
  • Limiting factor -- सीमाकारी कारक
किसी जीव की सक्रियता और जनन – शक्ति को सीमाबद्ध करने वाले एक या अनेक कारक अथवा व्यवरोधक। उदाहरण – परजीवी, परभक्षी, रोगाणु आदि।
  • Louse -- यूका, जूं
ऐनोप्लूरा (साइफनकुलेटा) और मैलोफेगा नामक गणों से संबंधित रुधिर चूषक, पक्षहीन, बाह्य परजीवी कीट। ऐनोप्लूरा में वेधन और चूषण मुखांग तथा मैलोफेगा में आदंश मुखांग मिलते हैं।
  • Locust -- टिड्‍डी
टिड्‍डों (ग्रासहॉपरों) का सबसे अधिक उपद्रवी एवं विनाशकारी प्रकार (ऐक्रिडिडी : ऑर्थोप्टेरा) जो दो सुस्पष्‍ट भिन्न प्रावस्थाओं में पाया जाता है : 1. एकल और 2. यूथी। एकल प्रावस्था के दौरान, वे अपेक्षाकृत निष्क्रिय कम हानिकारक और छितरे हुए व्यष्‍टियों के रुप में रहते हैं परन्तु यूथी प्रावस्था के दौरान वे बहुत सक्रिय हो जाते हैं और एक ही स्थान पर इकट्ठे होकर दल बना लेते हैं तथा वनस्पतियों को खाते हैं और वृन्द (swarm) के रूप में आगे बढ़ते हैं। वे मरुस्थलों, पर्वतों और समुद्रों जैसे अवरोधों को पार करते हुए एक देश से दूसरे देश में पहुंच जाते हैं। उदाहरण – मरुस्थलीय टिड्डी, प्रवासी टिड्डी आदि।
  • Luciferin -- ल्यूसिफरिन
जुगनुओं के प्रकाशोत्पादक अंगों में स्थित कार्यद्रव (सबस्ट्रेट) जो “ल्यूसीफरेज” एन्जाइम की उपस्थिति में उपचित (reduce) होकर प्रकाशजनक अंग से प्रकाश उत्पन्न करता है।
  • Lunate -- नवचंद्राकारकीट की बाल – चंद्राकार या अर्धचंद्राकार रुधिर कोशिका (रुधिराणु)।
  • Lure -- प्रलोभककीटों को आहार, मैथुन / अंड निक्षेपण – स्थल और समुच्ययन के लिए निर्देशित करने वाली क्रियाविधि जो विशिष्‍ट रासायनिक – पदार्थो के द्वारा संचालित होती है। उदाहरण – मैथिल यूजिनोल, फूलों की गंध, कार्बन डाईऑक्साइड, लेक्टिक अम्ल, शर्करा और प्रोपियोनाइट्राइड आदि।
  • Macrofauna -- गुरुप्राणिजात
स्थलचर और जलचर समुदायों में बृहत्तर प्राणी जैसे – पक्षी, सरीसृप, जल स्थलचर, मत्स्य, अनेक संधिपाद, केंचुआ, सीपी आदि।
  • Macropteurous -- दीर्घपंखी
वे कीट जिनके अग्रपंख असामान्य रुप से बड़े होते हैं तथा जो पूरे उदर को ढके रहते हैं, कभी – कभी उसके पीछे तक भी चले जाते हैं। उदाहरण – दीमक आदि।
  • Maggot -- मैगट, अपादक
द्विपंखी (डिप्टेरा) का पादविहीन डिम्भक जिसका शिर – संपुट स्पष्‍ट नही होता। उदाहरण – गुंजनमक्खी, घरेलू मक्खी आदि।
  • Malacology -- शुक्ति विज्ञान
मृदु कवचीय जीवों का अध्ययन। उदाहरण – घोंघा, सीपियाँ, स्लग आदि।
  • Mallophaga -- मैलोफेगा
अपंखी कीट जो मुख्यत: पक्षियों और कभी कभार स्तनियों पर बाह्य परजीवी के रूप में रहते हैं। नेत्र लघुकृत (reduced) और नेत्रक (ocelli) नहीं होते। मुखांग रुपांतरित आदंशी प्रकार के, अग्रवक्ष सुस्पष्‍ट और मुक्त (अयुक्त), गुल्फ (tarsi) एक या दो खंडीय जिनके अंत में एक या दो नखर (claws) होते हैं। वक्षीय श्‍वासरंध्र, अधरीय (ventral) लूम नहीं होते तथा कायांतरण नहीं होता। उदाहरण – आदंशी जूंएं या पक्षी जूंएं।
  • Malpighian tubules -- मैलपीगी नलिकाएं
उत्सर्जन नलिकाएं जो कीट के गुदपथ अथवा अग्रांत के अगले सिरे में जाकर खुलती हैं। ये नलिकाएं उनके आविष्कर्ता मैलपीगी के नाम से जानी जाती है।
  • Mandible -- चिबुक
कीट शीर्ष में चर्वक क्षेत्र के उपांगों का पहला जोड़ा जो सामान्यीकृत रूप में आदंश हनु के समान होता है।
  • Mandibular gland -- चिबुक ग्रंथिप्राय: कीटों के मुख में चिबुक के मूल में स्थित ग्रंथि – युगल।
  • Mantis -- मैन्टिल
डिक्टियोप्टेरा गण के मध्यम या बृहदाकार परभक्षी कीट। ये मैंटोडिया उपगण के अंतर्गत आते हैं। इनकी श्रृंगिकाएं तंतुरूप और कई खंड वाली होती हैं। इनका शिरोभाग प्रवक्ष पृष्‍ठक से ढका हुआ नहीं होता, मुखभाग चिबुकित होते हैं। इनके अग्रपादों में काफी बड़े प्रसह होते हैं जो शिकार को पकड़ने के अनुकूल होते है और जिन्हें आसानी से पीछे की ओर मोड़ा जा सकता है। उदाहरण – प्रेइंग मैन्टिस।
  • Mastication -- चर्वण
चिबुक दंत द्वारा भोजन को बहुत छोटे – छोटे टुकड़ों या लुगदी में बदल देने की क्रिया।
  • Mating (coupulation) -- संगम (मैथुन)
लैंगिक जनन के दौरान एक क्रिया जिसमें नर कीट अपने शुक्राणुओं को मादा के जननांग पथ में अंतरित कर देता है। इस कार्य को सुगम बनाने के लिए नर में सामान्यत: आलिंगकों और युग्मन – प्रवर्धी के रूप में विशिष्‍ट संरचनाएं होती हैं।
  • Maxilla -- जंभिका
कीट शीर्ष के चर्वक क्षेत्र में उपांगों का दूसरा जोड़ा।
  • Maxillary palp -- जंभिका स्पर्शक
1. कीटों की जंभिका का सर्वाधिक सुस्पष्‍ट उपांग जोकि पैल्पिफर से संलग्‍न होता है। 2. चर्वण प्रकार के मुखांगों वाले कीटों की जंभिका का बाह्य पार्श्‍व – कठक।
  • Maxillary plate -- जंभिका पट्टिका
हेमीप्टेरा शीर्ष का रूपांतरित कठक जो तरल आहार के चूषण में काम आता है।
  • Maxillary pleurite -- जंभिका पार्श्‍वकांश
चिबुकास्थि (मैंडिबल) के ठीक पीछे, शीर्ष के पार्श्‍वकांश क्षेत्र का वह कठक, जिस पर जंभिका – आधार भीतरी पृष्‍ठ द्वारा रोपित होता है।
  • Maxillary stylet -- जंभिका शूकिका
एक छोटी नुकीली शूक जैसी जंभिका, “रेतन – चूषण” तथा “वेधन – चूषण” मुखांग – प्ररूपों का एक रूपांतरण।
  • Maxillary teeth -- जंभिका दंत
जंभिका की लैसीनिया के भीतरी किनारे पर स्थित दांत जैसे प्रवर्ध, जो आहार को पकड़ने काटने और चबाने में काम आते हैं।
  • Maxillary tentacle -- जंभिका स्पर्शक
पराग के संग्रह के लिये उपयुक्त जंभिका पर स्थित दीर्घ कुंचित शूकमय उपांग। उदाहरण – यक्‍का शलभ की मादा, गण – लेपिडोप्टेरा, कुलइनकर्वेरिडीआदि।
  • Maxilliped -- जंभ पद
क्रस्टेशिया में द्वितीय जंभिका के परवर्ती उपांगों के तीन युग्म; कभी – कभी उभयपादों में प्रथम युग्म जुड़कर, शीर्ष से संलग्‍न अधरोष्‍ठ जैसी संरचना बनाता है।
  • May fly -- अल्पायु मक्खी
मृदुकायसपंखी कीट जो एफीमेरोप्टेरा गण मे आता है।
  • Meadow brown -- शाद्वल बभ्रु (तितली)
छोटे से लेकर मध्यम आकार की तितलियां जिनके पंख भूरे रंग के तथा उन पर नेत्र जैसे वलयाकार धब्बे होते हैं जिनकी संख्या निश्‍चित नहीं होती। ये तितलियां छाया प्रिय और नीचे की ओर गोपकत: (cryptically) रंगीन होती हैं। वयस्क तितलियां अग्रपंखों के आधार की फूली हुई शिराओं से पहचानी जा सकती हैं। ये तितलियां लेपिडोप्टेरा गण के निम्फेलिडी कुल और सेटिरिनी उपकुल के अन्तर्गत आती हैं। पूर्णरूपांतरणीय डिम्भक का आहार प्राय: ग्रैमिनी कुल के पौधे होते हैं।
  • Meal worm -- चूर्ण भृंग
कोलियोप्टेरा गण के कुल टेनीब्रियोनिडी का वह भृंग (टेनीब्रियो मोलीटर) जो आहार, आटे, अनाज और अन्य भंडारित खाद्य पदार्थो का सामान्य पीड़क है। इसका डिम्भक पीले रंग का तथा बेलनाकार होता है।
  • Mecoptera -- मेकोप्टेरा
पतले, साधारण या छोटे आकार के सामान्यत: मांसाहारी कीट जिनकी श्रृंगिकाएं लम्बी और तंतुरुपी तथा शिर प्राय: उदग्रत: विक्षेपित तुंड (vertically deflectedrostrum) के रूप में होता है। मुखांग आदंशी जीभिका (ligula) नहीं होती। टांगें लम्बी और पतली, पंख एक जैसे और झिल्लीमय जो विश्रामवस्था में अनुदैर्ध्यत: (longitudinally) और क्षतिजत: (horizontally) रहते हैं, शिराविन्यास आद्‍य। उदर लम्बा और छोटे लूमों (cerci) वाला होता है। नर जननांग सुस्पष्‍ट। डिम्भक क्रॉसरुपी; अदंशी मुखांग और तीन जोड़ी वक्ष – पाद वाले, कोशित अबद्ध (exarate) पंख लघुकृत वातकन्यास वाले। उदाहरण – वृश्‍चिक भक्षिकाएं (scorpion flies)।
  • Mealy bug -- चूर्णी मत्कुण
होमोप्टेरा गण के कुल कॉक्सिडी में आने वाला छोटे आकार का कीट जो लैगिक दृष्‍टि से द्विरूपी होता है। यह फलों का प्रमुख पीड़क कीट है।
  • Medial cell -- मध्यवर्वी कोशिका
कीट पंख की ‘R’ (अरीय) और “M” (मध्य) शिराओं के बीच घिरा क्षेत्र।
  • Median effective dose -- मध्यम प्रभावी मात्रा
पीड़कनाशी की वह मात्रा जिससे परीक्षण – जीवों की आधी संख्या में ही अनुक्रिया होती है।
  • Median oviduct -- मध्य अंडवाहिनी
मादा जनन – तंत्र की मध्य बाह्यचर्मी निर्गम वाहिनी जो सामान्यत: जनन – कक्ष या योनि में खुलती है।
  • Medicolegal forensic entomology -- चिकित्सा विधिक कीट विज्ञान
कीट विज्ञान की वह शाखा जिसका संबंध आसपास की महापराधी घटनाओं प्राय: हिंसापूर्ण अपराधों जैसे हत्या, आत्महत्या और बलात्कार में संधिपादों के शामिल होने से है। इसके अंतर्गत दूसरे उग्र शारीरिक दुर्व्यवहार और निषिद्ध अवैध व्यापार भी सम्मिलित है।
  • Melanin -- मेलानिन
अनेक कीटों की क्यूटिकल में पाया जाने वाला रवाहीन काला अथवा गहरा भूरा वर्णक।
  • Melliphagous (mellivorous) -- मधुभक्षी
शहद खाने वाला।
  • Membrane -- झिल्ली, कला
किसी अंग के भागों या अन्य संरचनाओं या आवरण या आस्तर को जोड़ने वाली पतली रेशेदार स्तरीय – संरचना।
  • Mentum -- चिबुकांग
प्रचिबुकांग (prementum) तथा अद्य: चिबुकांग (submentum) के बीच पश्‍चमेन्टम की दूरस्थ पट्टिका।
  • Merdivorous (coprophagous) -- विष्‍ठाहारी
शमल (गोबर) खाने वाला प्राणी। उदाहरण – दीमक, भृंग आदि।
  • Meroblastic divison -- अंशभंजी विभाजन
अंड का ऐसा विभाजन जिसमें केवल केंद्रक और केंद्रकीय कोशिका द्रव का विभाजन होता है।
  • Merocrine secretion -- अंशस्रावी स्राव
ऐसा स्रवण जिसमें एन्जाइम कोशिका – कला में से विसरित होकर आंत की अवकाशिका (lumen) में पहुंचजातेहैं।
  • Merocrine gland -- अंशस्रावी ग्रंथि
ऐसी ग्रंथि जिसमें स्तंभिकाकार कोशिकाओं की स्तरीय सतह से स्रावी पदार्थ बार – बार बाहर निकलते हैं। इसमें उनकी संरचना और बाहरी रूप में कोई सुस्पष्‍ट परिवर्तन नहीं होता। उदाहरण – स्वेद ग्रंथियां, पाचक ग्रंथियां।
  • Meroistic egg tube -- पोषी अंडनालिका
एक प्रकार की अंड नलिकाएं जिसमें अंडक और पोषकाणु दोनों होते हैं। इसमें अग्रपोषी और बहुपोषी दोनों प्रकार की अंडनलिकाएं शामिल हैं।
  • Meropodite -- खंड पादांश
सामान्यीकृतऊर्विका (femur) का चौथा खंड।
  • Mesenteron -- मध्यांत्र
आहारनाल का मध्य अंतश्‍चर्मीय भाग।
  • Mesoblast -- मध्यकोरक
भ्रूण का मध्य कोशिका ऊतक जिसमें मध्योतक तथा मध्यजनस्तर शामिल है।
  • Mesoderm -- मध्यजनस्तर
मध्यजनस्तर कोशिकाओं के सामान्य स्पर्श रेखीय विभाजन द्वारा उत्पन्न मध्य कोरकीय ऊतक जो निश्‍चित तौर पर मध्य कोशिका स्तर बन जाता है। मध्यजनस्तर से पेशियों, हृदय, रक्त कोशिकाओं, वसाकाय संयोजी ऊतकों तथा जनन अंगों के भागों का निर्माण होता है, जो बाह्य चर्म से निकले हुए नहीं होते।
मध्यजनस्तर से पेशियों, हृदय, रक्त कोशिकाओं, वसाकाय संयोजी ऊतकों तथा जनन अंगों के भागों का निर्माण होता है, जो बाह्य चर्म से निकले हुए नहीं होते।
  • Mesonotum -- मध्यवक्ष पृष्‍ठक
कीट वक्ष की मध्य पृष्‍ठकीय (tergal) पट्टिका जिससे पंखों का पहला जोड़ा लगा रहता है। उदाहरण – सपक्ष (pterygote) कीट।
  • Mesopleuron -- मध्यपार्श्‍वक
सपक्ष कीटों का मध्यवक्षीय पार्श्‍वपृष्‍ठकांश(tergite) इस पर उपस्थित कक्षांग गुहिका से मध्यवक्षीय टांग लगी होती है।
  • Mesotergum -- मध्यपृष्‍ठक
कीटों का मध्यवक्षीय पृष्‍ठक जिस पर पंखों की पहली जोड़ी स्थित होती है।
  • Mesothorax -- मध्यवक्ष
पक्षीय कीटों में वक्ष का द्वितीय खंड जिस पर पंखों की पहली जोड़ी लगी होती है।
  • Metabola -- कायांतरज
कीटों में कायान्तरण (जीवन अवस्थाओं के परिवर्तन) का प्रक्रम।
  • Metabolic water -- उपापचयी जल
उपापचय की अवधि में भोजन के ऑक्सीकरण से उत्पन्न होने वाला जल। संग्रहितअनाजके कीट और रेगिस्तान के कीट अपनी पानी की आवश्यकता की पूर्ति इसी स्‍त्रोत से करते हैं।
  • Metabolite -- उपापचयज, मेटाबोलाइट
उपापचयी क्रिया के दौरान बनने वाला एक रसायनिक यौगिक।
  • Metabolous -- कायांतरी
कीटों मे एक प्रकार का परिवर्धन जिसमें कायांतरण शामिल है। यह दो प्रकार का होता है : अल्प कायांतरी, जिसमें अंडा, अर्भक और वयस्क होते हैं और पूर्णकायांतरी जिसमें अंडा, डिम्भक, कोशित (pupa) और वयस्क होते हैं।
  • Metamere -- विखंड
भ्रूण के काय विभाजनों में से एक खंड (भ्रूणीय कायखंड) अथवा प्राथमिक काय खंड।
  • Metamorphosis -- कायांतरण
कीट में अंड से वयस्क अवस्था तक रूप और संरचना में होने वाले सुस्पष्‍ट परिवर्तन अर्थात् भ्रूणोत्तर वृद्धि।
  • Metanotum (metatergum) -- पश्‍चवक्ष पृष्‍ठक (पश्‍च पृष्‍ठक)
कीट के तृतीय वक्ष खंड (पश्‍चवक्ष) का पृष्‍ठीय क्यूटिकली आवरण (वक्ष पृष्‍ठक) या पश्‍चवक्ष की पृष्‍ठक पट्टिका (टरगल प्लेट) अथवा कठक (स्क्लेराइट)।
  • Metapneustic -- पश्‍च रंध्री
कीट का ऐसा श्‍वसन तंत्र जो विशेषत: कुछ द्विपंखी (डिप्टेरा) डिम्भकों में मिलता है जिसमें केवल अन्तिम उदरीय श्‍वसन रंध्र युगल ही प्रकार्यात्मक होता है।
  • Metaspiracle -- पश्‍चश्‍वास रंध्र
कीट के पश्‍चवक्षीय खंड का श्‍वास रंध्र।
  • Metastasis -- मैटास्टैसिस
उपापचयी प्रक्रम की वह स्थिति जिसमें प्राणी के किसी एक भाग या अंग से दूसरे भाग या अंग में प्रकार्य कास्थानांतरणहोता है।
  • Metasternum -- पश्‍चाधारक
वक्ष के तृतीय खंड की अधरीय पट्टिका।
  • Metatarsus -- मेटाटार्सस, प्रपद
कीट की टाँग के प्रथम आधार गुल्फ का पहला खंड।
  • Metatergum -- पश्‍च पृष्‍ठक
कीट के पश्‍चवक्ष को ढकनेवाली पृष्‍ठीय क्यूटिक्यूलीय पट्टिका।
  • Microbe (micro – organism) -- सूक्ष्म जीव
वह जीव जो केवल सूक्ष्मदर्शी की सहायता से ही देखा (परखा) जा सकता है। उदाहरण – कवक, जीवाणु, प्रटोजोआ आदि।
  • Microbial -- सूक्ष्म जैविक
सूक्ष्मजीवों की क्रिया से जीव में रोगों की उत्पत्ति अथवा पारितंत्र में पोषक तत्वों का पुन: चक्रण।
  • Microbial control -- सूक्ष्म जैविक नियंत्रण, रोगाणु नियंत्रण, रोगाणवीय नियंत्रण
सूक्ष्मजीवों (रोगाणुओं) के प्रयोग से कीटों का नियंत्रण। रोगाणु अपना नियंत्रणकारी प्रभाव आक्रमक गुणधर्मो, आविषों, एन्जाइमों तथा अन्य पदार्थो द्वारा उत्पन्न करता है।
  • Microbial insecticide -- सूक्ष्मजैविक कीटनाशी, रोगाणुक कीटनाशी, रोगाणवीय कीटनाशी
रोगजनक सूक्ष्म जीव अथवा उस से उत्पन्न आविष जो किसी कीट समष्‍टि के नियंत्रण के लिए उपयोग किया जाता है।
  • Microbial pesticide -- सूक्ष्मजैविक पीड़कनाशी, रोगाणवीय पीड़कनाशी
रोगजन्य समष्‍टियों अथवा परभक्षी सूक्ष्मजीवों की विरचना जो एक विशेष पीड़क समष्‍टि की विरोधी होती है।
  • Microbicidal -- रोगाणुनाशी
वह कर्मक जो सूक्ष्मजीवियों को नष्‍ट करे, मार दे, अथवा निष्क्रिय कर दे जिससे कि वे प्रतिकृत न हों अथवा संख्या में बढ़ न सकें।
  • Microbiota -- सूक्ष्मजीवजात
किसी पर्यावरण से संबद्धसूक्ष्मजीवोंकी सम्पूर्णता।
  • Micro environment -- सूक्ष्म पर्यावरण
कृषि पारिस्थितिक तंत्र का सूक्ष्म घटक।
  • Microfauna -- सूक्ष्मप्राणिजात
वे सूक्ष्मप्राणी जो सामान्यतया प्रथम परपोषित हैं। उदाहरण – प्रोटोजोआ, अनेक प्राणिप्लवक (zooplankton), छोटे कीट, डिम्भक क्रस्टेशिया आदि।
  • Microhabitate -- सूक्ष्मावास
आवास – विशेष ; जिसमें जीव अथवा उसका छोटा समूह रहता है।
  • Micromere -- लघुखंड
खंडित हो रहे अंडाणु के ऊपरी आधे भाग में बनने वाली छोटी कोशिका।
  • Micropyle -- अंडद्वार
अंडे के जरायु में छिद्र या छिद्रों का समूह जिनसेशुक्राणुप्रवेश करते हैं।
  • Microscope -- सूक्ष्मदर्शी, माइक्रोस्कोप
ऐसा चाक्षुष यंत्र जो मात्र आंखों से न देखी जा सकने वाली छोटी वस्तुओं का लेन्सो के संयोजन से बना आवर्धित प्रतिबिम्ब दिखाता है। उदाहरण – सरल सूक्ष्मदर्शी, संयुक्त सूक्ष्मदर्शी, इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी, एक्स किरण सूक्ष्मदर्शी।
  • Microtrichium -- सूक्ष्मरोमक
सूक्ष्म रोम जैसी संरचनाएं जो मेकोप्टेरा तथा कुछेक डिप्टेरा के पंखों पर पायी जाती हैं। ये बहुत छोटे आवरक रोमों की तरह होते हैं, परन्तु इनमें कोई आधारीय संधि नहीं होती है।
  • Migrant species -- प्रवासी जाति
भोजन तथा अनुकूल जलवायु की खोज में लम्बी दूरी तक अभिगमन करने वाली जाति।
  • Millipede -- मिलीपीड, सहस्‍त्रपाद
दीर्घ बेलनाकार, शरीर वाला स्थलचर सधिपाद जिसके प्रत्येक आभासी काय खंड पर दो पादयुग्म और दो श्‍वास – रंध्र – युग्म होते हैं (वर्ग – मिरियापोडा, उपवर्ग – डिप्लोपोडा)।
  • Mimic -- अनुहारक
वह विकासात्मक प्रक्रम जिसके फलस्वरुप कीट अथवा प्राणि परभक्षियों से बचने के लिए पर्यावरण के अनुसार अपना बाह्यस्वरूप बदल लेता है।
  • Miner -- पर्ण सुंरगक
पादप पत्तियों में सुरंग बनाने वाले कीट।
  • Misnomer -- मिथ्यानाम
जीवों का गलत नामकरण जिससे इनको समझने में गलती हो सकती है। जैसे दीपभक्षी (lantem fly), कर्ण कीट (ear wigs), मखमली बर्र (valvet ant) 1. दीपभक्षी (lantern fly) : फल्गोरिडी कुल के चूषण मुखांग वाले मत्कुण (बग)। भूल से ऐसा समझ लिया जाता है कि ये लालटेन की तरह चमकते हैं। 2. कर्ण कीट (ear wigs) : डर्माप्टेरा गण के सर्वभक्षी आदंश कीट। ऐसा अंधविश्‍वास है कि ये मनुष्यों के कानों पर आक्रमण करते हैं, इसलिए इन्हें यह ‘मिथ्या नाम’ दिया गया है। 3. मखमली बर्र (valvet ant) : इन्हें मखमली चीटियों का नाम दिया जाता है, तथापि ये चीटियां नहीं है, बल्कि हाइमनोप्टेरा गण की परभक्षी बर्रें हैं। ये भूमि में रहती हैं और इनका डंक पीड़ादायक होता है।
1. दीपभक्षी (lantern fly) : फल्गोरिडी कुल के चूषण मुखांग वाले मत्कुण (बग)। भूल से ऐसा समझ लिया जाता है कि ये लालटेन की तरह चमकते हैं।
2. कर्ण कीट (ear wigs) : डर्माप्टेरा गण के सर्वभक्षी आदंश कीट। ऐसा अंधविश्‍वास है कि ये मनुष्यों के कानों पर आक्रमण करते हैं, इसलिए इन्हें यह ‘मिथ्या नाम’ दिया गया है।
3. मखमली बर्र (valvet ant) : इन्हें मखमली चीटियों का नाम दिया जाता है, तथापि ये चीटियां नहीं है, बल्कि हाइमनोप्टेरा गण की परभक्षी बर्रें हैं। ये भूमि में रहती हैं और इनका डंक पीड़ादायक होता है।
  • Mite -- बरुथी
ऐकेरिना गण में ऐरेक्‍निडा वर्ग के सूक्ष्म या अत्यंत सूक्ष्म संधिपाद जिन्हें बरुथी या चिंचड़ी कहते हैं। इनका शरीर शिरोवक्ष और उदर में बंटा होता है, जिनमें चार पादयुग्म और वेधन – चूषण मुखांग होते हैं। ये अपमार्जक, परभक्षी, पादप – नाशक जीव या परजीवी हो सकते हैं।
  • Miticide (acaricide) -- बरुथीनाशी
बरुथियों के नियंत्रण में प्रयुक्त रसायन। उदाहरण – वीनापेक्रिल, एरामाइट, एथिल आर्थोफार्मेट, केल्थेन, काराथेन आदि।
  • Moiety -- मॉइ – इ – टि, अर्धांश
किसी अणु का वह भाग जो विशिष्‍ट रासायनिक गुण वाला होता है।
  • Mole cricket -- छछुन्द, झिंगुर
ऑर्थोप्टेरा गण के कुल ग्राइलोटैल्पिडी का वह कीट जिसका शरीर भूरा और चपटा होता है। इसके अग्रपाद चपटे, अत्यधिक बढ़े हुएतथादांत खोदने में सहायक होते हैं। ये भूमि में बिल बनाते हैं और पादपों की कोमलजड़ेखाते हैं। उदाहरण – ग्राइलोटाल्पा जाति।
  • Mole rat -- छछुंदक
एक मध्यम आकार का चूहा जिसका सिर और शरीर 200 मि. मि. से कम तथा पूंछ सिर और शरीर की तुलना में छोटी होती है। इसका प्राणि विज्ञानीय नाम नेसोकिया इन्डिका है। सामान्यतया पंजाब औऱ हरियाणा के क्षेत्रों में पाया जाता है।
  • Molluscicide -- मोलस्कनाशी, मृदुकवचीनाशी
सब्जियों की फसलों के मृदुकवची पीड़कों (घोंघे, कंबु आदि) पर नियंत्रण रखने के लिए उपयोग में लाया जाने वाला पीड़कनाशी। उदाहरण – मेटाएल्डिहाइड, मीथियोकार्ब, कॉपर सल्फेट आदि।
  • Moniliform -- मालाकार
मनिकाओं की माला के समान या नियमित अंतरालों पर संकीर्ण संरचना वाली श्रृंगिका।
  • Monitoring -- मॉनीटरन, मॉनीटरिंग
कीटों के प्रादुर्भाव का पूर्वानुमान लगाने में आवश्यक परिवर्तो के मापन का एक प्रक्रम। ऐसा पूर्वानुमान कीट प्रबंधन युक्तियों का एक महत्वपूर्ण घटक होता है क्योंकि कीट – आक्रमण के सही समय और उसके विस्तार के बारे में दी गई चेतावनी नियंत्रण उपायों की दक्षता को बढ़ा सकती है।
  • Monociliate -- एकपक्ष्माभी
ऐसा जीव जिसमें एक सूक्ष्म आकार वाला रोमिल प्रवर्ध होता है जो लयबद्ध गति करता है।
  • Monocular (uniocular) -- एकनेत्री (यूनीऑकुलर)
दृष्‍टि का ऐसा प्रकार जिसमें दोनों आंखों से बनने वाले प्रतिबिम्ब अलग – अलग रहते हैं अर्थात् वे एक दूसरे की अतिव्याप्‍ति नहीं करते। दोनों आंखों के पार्श्‍वस्थ होने के कारण किसी वस्तु पर एक साथ फोकस नहीं किया जा सकता। यह द्विनेत्री दृष्‍टि का विपरीत शब्द है।
  • Monogenic -- एकोद्‍भवी
एक स्थिति जिस में किसी जाति का नर केवल एक ही मादा से संगम करता है। बहुजायी का विलोम।
  • Monogynic -- एकजायी
अलैगिकत: उत्पन्न होने वाला अथवा उत्पन्न करने वाला जीव।
  • Monomorphism -- एकरुपता
एक ही आकृतिक रूप में मिलने या परिवर्धन की विभिन्न अवस्थाओं में उसके रुप में या तो बिल्कुल ही परिवर्तन का न होना अथवा मामूली – सा परिवर्तन होना। यह बहुरुपता का विलोम है।
  • Monophagus -- एकाहारी
वह जीव जो केवल एक ही विशिष्‍ट आहार को खाता है या विशिष्‍ट परपोषी का परजीवी होता है। उदाहरण – कपास का वॉल बीविल।
  • Monoploid -- एकगुणित
संख्यात्मक रूप से कम गुणसूत्रों वाला शुद्ध अगुणित (haploid) यह जातियों की एक विशिष्‍टता है जिसमें कायिक कोशिकाओं की तुलना में जनन कोशिकाओं के गुणसूत्रों की संख्या आधी होती है।
  • Monotypic species -- एकलप्ररूपी जाति
वह जाति जो उपजातियों में विभाजित नहीं होती।
  • Monozygote -- एकयुग्म
एक भ्रूण वाला युग्मज।
  • Morbidity -- अस्वस्थता
मृतप्राय: अवस्थ ; समुदाय की कुल समष्‍टि में रोगी व्यष्‍टियों की संख्या का अनुपात।
  • Moribund -- मृतप्राय:, मरणासन्न
कीटनाशी की आविषालुता के कारण कीटों का लगभग मृतकवत् हो जाना।
  • Morph -- रुप
व्यष्‍टिगत परिवर्तो में से एक – जिसके कारण बहुरुपता होती है।
  • Morphometry -- आकारमिति
कीटों के अंगों के मानक मापकों का अध्ययन। जैसे पक्षवर्णो की लम्बाई (ई), पश्‍च उर्विका की लम्बाई (एफ), शिर की अधिकतम चौड़ाई (सी), मरु टिड्डियों की प्रावस्थाओं का निर्धारण ई / एफ और एफ / सी के अनुपात में किया जाता है। यह अध्ययन वर्गीय विश्‍लेषण, आकारिकीय संरचनाओं और उनके उपांगों के वर्णन में भी लाभदायक है।
  • Mortality -- मर्त्यता, मृत्युदर
किसी कीट समष्‍टि में मृत्यु का अनुपात।
  • Mortality rate -- मृत्यु दर
किसी नियत अवधि के दौरान परीक्षण – कीट की प्रति इकाई मृत्यु संख्या जिसे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है।
  • Morula -- तूतक (मोरुला)
अण्डे के पूर्णभंजी विदलन द्वारा उत्पन्न कोशिका पुंज। एन्यूरिडा के तूतक में कोरक खंड लगभग बराबर आकार के होते हैं।
  • Moth -- शलभ (मॉथ)
मुख्यत: रात को उड़ने वाले लेपिडॉप्टेरा गण के कीट; जिनका शरीर बड़ा औरपुष्‍टहोता है। इनके पंख अपेक्षाकृत छोटे तथा विराम की स्थिति में शरीर पर क्षेतिज रूप में छत सी बनाते हैं अथवा उसे ढके रखते हैं। इनकी श्रृंगिकाएं तन्तुक अथवा पंख के समान हो सकती है, परन्तु सिरों पर यदा – कदा ही विवर्धित होती है।
  • Motor neuron -- प्रेरक तंत्रिकोशिका
केंद्रीय तंत्रिका तंत्र की एक तंत्रिका कोशिका जो पेशियों को गति प्रारंभिक आवेग (impulse) भेजती है।
  • Moulting (ecdysis) -- निर्मोचन
क्यूटिकुला अथवा क्यूटिकल के ढीले पड़ने और बाहर निकल जाने का आवर्ती प्रक्रम। इसके साथ – साथ नयी क्यूटिकुला का निर्माण चलता रहता है और प्राय: कायभित्ति तथा अन्य भागों में सरंचनात्मक परिवर्तन होते हैं। अथवा क्यूटिकुला का आवर्ती अलगाव।
अथवा
क्यूटिकुला का आवर्ती अलगाव।
  • Moulting gland (exuvial gland) -- निर्मोचन ग्रंथि, निर्मोकी ग्रंथि
बाह्य त्वचा (अधिचर्म) की ऐसी ग्रंथियां जो संभवत: निर्मोक – द्रव अथवा तरल स्‍त्रावित करती है।
  • Muga culture -- मूंगा संवर्धन
मूगा रेशम कीट का पालन पोषण। मूगा रेशम का उत्पादन ऐन्थीरिया आसमा वेस्टवुड (सेटुरनिडी : लेपिडॉप्टेरा) नामक रेशम कीट द्वारा होता है। यह कीट जाति ब्रह्मपुत्र घाटी और आस – पास की पहाडियों में विशेष क्षेत्री कीट के रुप में पायी जाती है।
  • Multiline resistance -- बहुवंशी प्रतिरोध, बहुरेखी प्रतिरोध
समान्य किन्तु जीनप्ररुपत: भिन्न शुद्ध वंशक्रमों के मिलने से उत्पन्न प्रतिरोध।
  • Multiparasitism -- बहुपरजीविता
एक परपोषी पर एक से अधिक जाति के परजीव्याभों की उपस्थिति जिसके कारण सामान्यत: कम आक्रमक जाति के परजीव्याभ मर जाते हैं। उदाहरण – परजीवी डिप्टेरा।
  • Multivoltine -- बहुप्रज
एक वर्ष में एक से अधिक शाव (भ्रूण) रखने वाला प्राणी।
  • Mutualism -- सहोपकारिताविभिन्न जातियों के जीवों के बीच साहचर्य का एक प्रकार जो प्राय: अविकल्पी होता है और जिसमें दोनों लाभान्वित होते हैं। हानि किसी को भी नहीं होती।
  • Mycetome -- विपुंज, माइसीटोम
कोलियोप्टेरा ओर हेमीप्टेरा गण के अनेक कीटों में पूर्ण विकसित परिवर्ती रूप और आकार के माइसीटोसाइटों से बने अंग। माइसीटोसाइटों में विभिन्न रुपों के दो या उससे अधिक सूक्ष्मजीव, जैसे – यीस्ट, जीवाणु, प्रोटोजोआ होते हैं, जो अपने परपोषियों को जल में घुलनशील विटामिनों अथवा ऐमीनों – अम्लों की आपूर्ति करते हैं।
  • Mycotophagous (mycophagous) -- कवकभोजी
मच्छर के समान, कोमल, फीके रंग की मक्खियां जिनके डिंभक अंधेरे और सीलन भरे स्थानों में रहते और कवकों का अशन करते हैं।
  • Myelin -- माइलिन
माइलिन युक्त तंत्रिका तंतु के सफेद आच्छद को बनाने वाली हाइपो – प्रोटीन।
  • Myiasis -- माइएसिस, मक्षिकता
डिप्टेरा गण के डिम्भक के ग्रसन से उत्पन्न रोग अथवा क्षति।
  • Myomere -- पेशिखंड
संयोजी – ऊतक निवेश से विभाजित पेशी – खंड।
  • Myonema -- पेशीसूत्र
प्रोटोजोआ में पाया जाने वाला संकुचनशील तंतुक।
  • Myotome -- आदिपेशी खंड, मायोटोम
विखंडके अनुरूप देह – पेशी का एक भाग।
  • Myrientometa -- मिरिएन्टोमेटा
देखें प्रोट्‍यूरा।
  • Naid -- जलार्मक, नायड
जलीय हेमीमेटाबोला कीट का अपरिपक्‍व इन्स्टार। उदाहरण – ओडोनेटा, एफीमेरोप्टेरा आदि कीटों के जलीय डिम्भक।
  • Nascent -- नवजात
वह जीव जो अस्तित्व में आ रहा है अथवा जिसके अस्तित्व का प्रारंभ है।
  • Natatorial leg -- तरणार्थ पाद
तैरने के लिये अनुकूलित पाद।
  • Natural control -- प्राकृतिक नियंत्रण
जैविक और अजैविक कारकों की सामूहिक क्रिया द्वारा किसी नाशक कीट समष्‍टि के घनत्व को अवधि विशेष के दौरान वहन क्षमता की सीमाओं के भीतर बनाए रखना।
  • Natural enemy -- प्राकृतिक शत्रु
वह जीव जो किसी अन्य पादप या प्राणी की समयपूर्व मृत्यु का कारण बन जाता हो।
  • Necrophage -- मृतभक्षी
वे कीट जातियां जो शव के ऊतकों पर अशन करती हैं। इसके अन्तर्गत डिप्टेरा (विशेषकर केलिफोरिड और सारकोफेजिड) तथा कोलियोप्टेरा (सिलफिड और डरमेस्टिड) गण आते हैं। इन कीटों के आयु निर्धारण से शव – परीक्षा अन्तराल का पता चलता है।
  • Neontology -- नवजीव विज्ञान
विज्ञान की वह शाखा, जो जीवधारियों (कीट सहित) की विविधता से संबंधित हैं।
  • Neoteny -- चिरडिम्भता
किसी जंतु में अपरिपक्‍व या डिम्भ संरचना का अनिश्‍चित काल तक बने रहना।
  • Nerve -- तंत्रिका
परिधीय तंत्रिका तंत्र का कोई भी एक रेशेदार क्षेत्र जिसमें केवल एक तंतु अथवा तंतुओं का समूह होता है।
  • Nerve – fibre -- तंत्रिका – तंतु
तंत्रिकाक्ष अथवा तंत्रिकोशिका की दूसरी शाखाएं।
  • Nerve trunk -- तंत्रिका स्तम्भ
परिधीय तंत्र में तंत्रिका रेशों का गुच्छा (सामान्य तंत्रिका)।
  • Neural groove -- तंत्रिक खांच
भ्रूण में तंत्रिक कठकों के बीच मध्यवर्ती अधरीय खाँचे।
  • Neural ridges -- तंत्रिक कटक
भ्रूण के दो अनुदैर्घ्य – अधर कटक जिनमें तंत्रिकोरकों के पार्श्‍व रज्‍जु बनते हैं। केंद्रीय तंत्रिका तंत्र की शुरआत तंत्रिक कठक से होती है और तंत्रिक खाँच इस कठक को अलग करता है।
  • Neurilemma -- तंत्रिकाच्छद
तंत्रिकाऊतकका केंद्रकित आच्छद जो गुच्छिका, तंत्रिका स्तम्भ और अन्त:स्थ शाखाओं को ढकता है।
  • Neurite -- तंत्रिकावर्ध
एक तंत्रिकोशिका का प्रधान प्रवर्ध अथवा तंत्रिका रेशा (तंत्रिकाक्ष)।
  • Neuroblast -- तंत्रिकोरक
बाह्य चर्म से विभेदित आद्य तंत्रिका कोशिकाएं जिनसे तंत्रिका ऊतक बनता है।
  • Neuron -- तंत्रिकोशिका, तंत्रिऑन
सम्पूर्ण तंत्रिका कोशिका जिसमें तंत्रिकोशिकाणु (न्यूरोसाइट्‍स) और तंत्रिकाक्ष तथा उनकी सभी शाखाएं सम्मिलित होती हैं।
  • Neuropile -- तंत्रिका पुंजक
गुच्छिका में उपस्थित मज्‍जा पदार्थ अथवा रेशेदार ऊतको का पुंज।
  • Neuroptera -- न्यूरोप्टेरा
छोटे से लेकर बड़े आकार के मृदु – शरीरी कीट जिनकी श्रृंगिकाएं प्राय: लंबी होती हैं। मुखांग आदंश के लिए अनुकूलित, जीभिका अविभाजित अथवा द्विपालिक अथवा प्राय: क्षीण। एक जैसे दो जोड़ी झिल्लीमय पंख जो विश्राम के समय सामान्यत: उदर पर छत जैसी स्थिति में रहते हैं। शिराविन्यास आद्य लेकिन अनेक सहायक शिराएं। उदर लूम रहित। डिम्भक मांसाहारी, रूपांतरित कैमपोडियारूपी जिसके मुखांग आदंशी या चूषकीय होते हैं, जलीय रूपों में प्राय: उदरीय क्लोम होते हैं। कोशित अबद्धपंखों में पूर्ण वातकन्यास (tracheation) उदाहरण – पौरमक्षी (alder fly), पिपीलिका सिंह (ant lion), जालपंख (lacewing) और सर्पाभ भक्षी (snake fly)।
  • Neurosecretary cell -- तंत्रिका स्‍त्रोवी कोशिका
हार्मोन को स्‍त्रावित करने वाली ग्रंथि के समान विशिष्‍ट तंत्रिका – कोशिका।
  • Neurotoxic -- तंत्रिकाविषी
तंत्रिका तंत्र को क्षतिपहुंचानेवाला कारक।
  • Niche -- निकेत
अध: स्तर तथा सूक्ष्मजलवायु को सम्मिलित करती हुई किसी जाति की पारिस्थितिक स्थिति जो उस जाति की निजी आवश्यकताओं तथा उसकी पारस्परिक क्रियाओं के सर्वाधिक उपयुक्त है अथवा वे पर्यावरणीय कारक जिनमें कोई जाति सर्वथा अनुकूल रहती है या जो उस जाति की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं।
  • Nocturnal -- रात्रिचर
रात्रि के समय सक्रिय रहने वाला जीव,दिवाचरका विलोम।
  • Non – persistent -- अदीर्घस्थायी
वह पीड़कनाशी जो शीघ्र विघटित होकर निष्क्रिय हो जाता है।
  • Non – preference -- अवरीयता
कीटों की उस पादप के प्रति नकारात्मक अनुक्रिया, जिसमें परपोषी बनने के अभिलक्षण नहीं होते है।
  • Non – viable -- जीवनाक्षम
परिवर्धन तथा उत्तरजीविता में असमर्थ जीव।
  • Notum -- वक्ष पृष्‍ठक
काय खंड का पृष्‍ठ कठकीकरण जिसे वक्ष के क्षेत्र में पृष्‍ठक कहते हैं।
  • Nozzle -- नोजल
एक ऐसी युक्ति जिसके द्वारा पीड़कनाशी की बूंदों के आमाप, दर, समरूपता और सुरक्षा पर नियंत्रण किया जाता है। उदाहरण – फ्लैट फैन नॉजल, समतल फ्लैट फैन आदि।
  • Numerical taxonomy -- संख्यात्मक वर्गिकी
वह तंत्र जो समरूपताओं और अनेक लक्षणों का उपयोग करके किसी जीव के वर्गिकी स्थान का निर्धारण करता है, तथा अनजाने संबंधों (पितृ निर्धारण) वाले जीवों की पहचान, स्थापित वर्गकों के सदस्यों की भांति, व्यावहारिक वर्गिकी एककों के आधार पर कराता है।
  • Nuptial flight -- कामद उड़ान
सपंख कीटों का मैथुन के लिए अपने उपयुक्त साथी की खोज मे उड़ना। उदाहरण – दीमक, मधुमक्खी आदि।
  • Nurse cell -- परिचर – कोशिका, धात्री कोशिका
अंडाशय अथवा वृषण के पोषकाणु अथवा पोषक कोशिकाएं।
  • Nymph -- अर्भक
डिम्भकहीन अवस्था वाले कीटों के परिवर्धन के दौरान अंडे और वयस्क कीट के बीच की अवस्था। यह अवस्था वयस्क कीट की भांति होती है लेकिन इसमें पंख और जननेद्रियां पूरी तरह परिवर्धित नही होते। उदाहरण – तिलचट्‍टा, टिड्डा, ऐफिड और दीमक आदि।
  • Obnoxious -- हानिकर
तंग करने वाला, अत्यधिक अवांछनीय पीड़क।
  • Obtectadecticous pupa -- आबद्ध अक्रियचिबुक कोशित
कोशित का ऐसा प्रकार जिसके उपांग शरीर के साथ पूरी तरह सटे रहते है और अंतिम डिम्भक – निर्मोक के दौरान उत्पन्न स्‍त्राव के द्वारा नीचे की ओर जुड़ जाते हैं। इन उपांगों की खुली सतहें शरीर के निकट वाली सतहों की अपेक्षा बहुत अधिक क्यूटिकलीकृत होती है।
  • Obtect pupa -- आबद्ध कोशित
वह कोशित – प्ररूप जिसमें पाद और पंख देह के साथ चिपके रहते हैं तथा अधिकांश उदरीय खंड अचल होते हैं।
  • Obligative parasitism -- अविकल्पी परजीविता
परजीवी साहचर्य का एक प्रकार जिसमें परजीवी अपने परपोषी से अनाश्रित होकर जीवित नहीं रह सकता।
  • Occipital ganglion -- अनुकपाल गुच्छिका
मुख पथ – तंत्रिका तंत्र की एकल अथवा युग्मित पश्‍च प्रमस्तिष्क गुच्छिका। इसे ग्रसिका – गुच्छिका अथवा अधोमस्तिष्क – गुच्छिका भी कहते हैं।
  • Occipital suture -- अनुकपाल सीवन
सिर के पृष्‍ठ भाग में कभी – कभी पाई जाने वाली एक अनुप्रस्थ खाँच (सीवन) जो चिबुक की पश्‍च संधियों से पहले नीचे की ओर समाप्‍त होती है।
  • Occiput -- अनुकपाल
अनुकपाल चाप का पृष्‍ठ भाग या पश्‍चकपोल (post ganae) सहित पूरा चाप।
  • Ocellus -- नेत्रक
वह सरल नेत्र अथवा प्रकाशग्राही जिसमें अपवर्तनीय उपकरण (diopteric apparatus) पृष्‍ठ तथा पार्श्‍व ऑसेली अथवा नेत्रक (ocelli) होते हैं।
  • Octopod -- अष्‍ट पाद
आठ पादों या आठ भुजाओं वाला जीव।
  • Odonata -- ओडोनेटा
परभक्षी कीट जिनके मुखांग आदंशी होते हैं। दो जोड़ी समान या तुल्यप्राय (sub – equal) लम्बे झिल्लीसम पंख जिनपर प्राय: सुस्पष्‍ट पक्षबिंदु (stigma) होता है। आंखें बहुत बड़ी और सुव्यक्त होती हैं। दूसरे और तीसरे उदरीय अधरकों (sterna) पर सुपरिवर्धित नर सहायक मैथुनांग (accessory genital armature) होते हैं। अर्भक (nymph) अल्परुपांतरी तथा श्‍वसन मलाशयी (fecal) या पुच्छ – क्लोमों (caudal gills) द्वारा होता है। उदाहरण – व्याध पतंग (ड्रेगन फ्लाई)।
  • Oligolectic bees -- अल्पचयनी मधुमक्खीमधुमक्खियोंकी वे जातियां जिनमें मकरंद खोजने के लिए पुष्पों की पसन्द सीमित होती है। लम्बीजीभवाली मधुमक्खी, यूग्लोसा जाति मीठे मकरंद के लिए नर आर्किड पुष्पों को ढूंढती है।
  • Oligoneoptera -- आलिगोनियोप्टेरा
होलोमेटाबोला और अंत: पंखी कीट जो बैठते समय अपने पंख मोड़ लेते हैं और इनमें कुछ मैलपिजी नलिकाएं होती हैं। ये कीट न्यूरोप्टेरा, साइफनोप्टेरा, कोलियोप्टेरा और हाइमेनोप्टेरा गणों के अंतर्गत आते हैं।
  • Oligophagous -- अल्पभक्षी
एक ऐसा परजीवी जो निकटत: संबद्ध परपोषियों में कुछ ही पर आश्रित होता है।
  • Oligopneustic -- अल्परंध्री
ये डिम्भक उभयरंध्री, अग्ररंध्री अथवा पश्‍चरंध्री हो सकते हैं। इस प्रकार के डिम्भक द्रव अथवा अर्ध द्रवी पर्यावरण में रहने के अनुकूली होते हैं।
  • Oligopod larva -- अल्पपाद डिम्भक
ऐसा डिम्भक जिसमें वक्षीय – पाद परिवर्धित होते हैं। उदरीय उपांग के स्थान पर कभी – कभी एक जोड़ी लूम या लूम जैसे पुच्छीय प्रवर्ध होते हैं। शीर्ष संपुट और उसके उपांग सुपिवर्धित होते हैं। उदाहरण – फफोला भृंग (माइलेब्रिस और लिट्टा जातियां), रिपीपोरिडी कुल के परजीवी भृंग तथा कुछ स्टाइलोप आदि।
  • Ommatidium -- नेत्रांशक
संयुक्त नेत्र के घटकों में से कोई एक (घटक)।
  • Omnivorous -- सर्वाहारी, सर्वभक्षी
पादपों और प्राणियों को खाने वाला जीव; अथवा वे कीट जातियां जैसे चीटी, बर्र और कुच भृंग जो मृतक और उससे संबद्ध प्राणिजात पर अशन करती हैं। इन जातियों की बहुत बड़ी संख्या मृतभक्षी जातियों की संख्या को कम करके मृतशरीर के विघटन की दर को मंद कर देती है।
  • Ontogeny -- व्यक्तिवृत्त
जीव के परिवर्धन और वृद्धि का क्रमिक विवरण।
  • Oocyte -- अंडक
परिपक्‍वन से पूर्व अंडजननी से विभेदित अंड कोशिका।
  • Oogamy -- विषमयुग्मकता
लैगिकतया विभेदित युग्मक (गैमीट) का उत्पादन जिसमें मादा युग्मक, नर युग्मक की अपेक्षा बड़ा किंतु कम गतिशील होता है।
  • Oogonium -- अंडजननी
प्राथमिक मादा जनन कोशिका से अंड कोशिका के विभेदन की प्रक्रिया की पहली अवस्था।
  • Oosome -- अंडविक्षेत्र, ऊसोम
अंडे का विशिष्‍टिकृत भाग जो भ्रूण में जनन कोशिकाओं के विभेदन से संबंधित है।
  • Ootheca -- अंडकवच
सहायक जनन ग्रंथियों या अंडवाहिनियों के स्‍त्रावी उत्पादों से निर्मित संरचना।
  • Operuculum -- प्रच्छद
किसी द्वार अथवा रंध्र को ढ़कने वाला त्वचा का कपाट (फ्लैप) या ढक्कन।
  • Opisthognathous head -- पश्‍चहनु शीर्ष
आनन – क्षेत्र के विक्षेपण के कारण पश्‍च और अधर की ओर झुके हुए मुखांग वाला सिर।
  • Oral toxicity -- मुखीय आविषालुता
मुख द्वारा प्रविष्‍ट रासायनिक पदार्थ (जैसे पीड़कनाशी) की आविषालुता। आविषालुता की यह कोटि मुखीय घातक मात्र “एल. डी. 50” के शब्दों में व्यक्त की जाती है।
  • Organochlorine -- ऑर्गेनोक्लोरीन, कार्ब – क्लोरीन
क्लोरीनित हाइड्रोकार्बन कीटनाशी जिनमें कार्बन, हाइड्रोजन और क्लोरीन मूल आण्विक अवयव होते हैं। कुछ में ऑक्सीजन और गंधक भी हो सकते हैं। उदाहरण – ऐल्ड्रीन, डी.डी.टी., ऐण्डोसल्फान।
  • Organophosphate -- ऑर्गेनोफॉस्फेट, कार्ब – फॉस्फेट
फॉस्फोरसयुक्त कार्बनिक यौगिक। उदाहरण – मोनोक्रोटोफॉस, मैलाथिऑन आदि।
  • Orientation -- अभिविन्यास
अंगों या जीवों में उद्दीपन से होने वाला स्थिति – परिवर्तन।
  • Orthoptera -- ऑर्थोप्टेरा (ऋजुपंखी गण)
सामान्यत: मध्यम या बड़े आकार के सपंखी, लघुपंखी या अपंखी कीट जिनके मुखांग चिबुकी, अग्रवक्ष बड़ा; पश्‍चपाद साधारणत: दीर्घित और कूदने के लिए रूपांतरित तथा अग्रपंख मोटे और उपसीमांत कॉस्टा (शिरा) वाले होते हैं। मादा में अंड निक्षेपक सामान्यत: सुपरिवर्धित; नर बाह्य जननांग असममित, लूम प्राय: छोटे और खंडहीन; विशिष्‍टीकृत श्रवण अंग और घर्षणध्वनि अंग प्राय:परिवर्धितहोते हैं। कायांतरण प्राय: थोड़ा उदाहरण – टिड्डा, टिड्डी, झींगुर आदि।
  • Ostium -- आस्य, ऑस्टियम
हृदय के युग्मित और सामान्यतया पार्श्‍व – द्वारों में से एक।
  • Ostium bursae -- आस्य प्रपुटी
शल्कपंखी कीटों (lepidoptera) में पाया जाने वाला मैथुन प्रपुटी (bursa copulatrix) का मुख। यह उन मादा कीटों में भग के समान है जिनका जनन – रंध्र आठवें खंड में होता है।
  • Ovarialligament -- अण्डाशयी स्‍नायु
अंडाशय के अंत्य तंतु (terminal filament) को पृष्‍टीय मध्य पट या देहभित्ती से जोड़ने वाला स्‍नायु – रज्‍जुक। कभी – कभी यह देहभित्ति के साथ पृष्‍ठ रक्त वाहिका की अधर भित्ति के मध्य स्‍नायु में उल्टी ओर से जुड़ जाती है।
  • Ovariole -- अण्डाशयक
अंडाशय के द्वितीयक भागों में से एक जो अंत्य तंतु (terminal filament), अंडनलिका (egg tube) और वृंत (pedicel) से बना होता है।
  • Ovary -- अण्डाशय
मादा जननांग जिसमें अण्ड अर्थात् अंडकोशिकाएं बनती अथवा उपस्थित रहती हैं।
  • Ovicide -- अण्डनाशी
अंडों अथवा अंडाणुओं को नष्‍ट करने वाला आविषालु रसायन।
  • Oviparity -- अण्डजता, अण्डप्रजकता
अंड प्रजनक होने की दशा।
  • Oviparous -- अण्ड प्रजक, अण्डज
वे प्राणी जो अंडे देकर प्रजनन करते हैं।
  • Oviporus -- ओवीपोरस
अधिकांश शल्कपंखी (लेपिडॉप्टेरा) कीटों में योनि का पश्‍चमुख जिसका कार्य केवल अण्ड – विसर्जन है, विशेषकर उस समय जब दो जनन रंध्र (genital apperture) हों।
  • Oviposition -- अण्डनिक्षेपण
अंडा देने की क्रिया।
  • Ovipositior -- अण्डनिक्षेपक
आठवें और नवें उदरीय खंडों के जनन पादों से बना अंडे देने वाला अंग। प्रकार्यात्मक दृष्‍टि से कुछ कीटों की अंड निक्षेपी नलिका को भी अण्डनिक्षेपक कहते हैं।
  • Ovoviviparity -- अण्डजरायुजता
स्फुटन के शीघ्र बाद निक्षेपित परिवर्धित होते भ्रूणों का पोषण करने के लिए अण्डों में पर्याप्‍त पीतक (yolk) का होना। अथवा मादा द्वारा ऐसे अण्डे देना जिनमें भ्रूण परिवर्धन की अन्तिम अवस्था में होते हैं। उदाहरण – थायसेनोप्टेरा, ब्लेटिडी, कोलियोप्टेरा आदि।
  • Ovum -- अण्डाणु
परिपक्‍व अनिषेचित अण्डकोशिका।
  • Oxyluciferin -- आक्सील्यूसिफेरिन
ल्यूसिफेरिन पर ल्यूसिफेरेस की क्रिया से बना पदार्थ जो प्रकाशजनक अंगों में प्रकाश उत्पन्न करता है।
  • Paedogenesis -- शावकीय जनन
डिम्भकों द्वारा अनिषेकजनन।
  • Paleoentomology -- पुराकीटविज्ञान
विज्ञान की वह शाखा जिसमें विलुप्‍त कीटों अध्ययन किया जाता है। इसमें कीट – जीवाश्मों (tinsect – fossils) का अध्ययन शामिल है।
  • Palp -- स्पर्शक
वह सखंड (segmented) संवेदी उपांग जो जंभिका और बहुत से अकशेरुकियों में अधरोष्‍ठ पर भी स्थित होता है।
  • Palpifer -- पेल्पिफर
मैक्सिलरी स्टाइपीज की एक पालि जो स्पर्शक को धारण करती है।
  • Palpiger -- पेल्पिजर
अधरोष्‍ठ (labium) के स्टाइपिटल क्षेत्र की एक पालि अथवा प्रचिबुकांग जो स्पर्शक को धारण करता है।
  • Panoistic egg tube -- अपोषी अंडनलिका
ऐसी अंडनलिका जिसके पोषद – अंडाशय (विटेलेरियम) में केवल अंडे ही होते हैं तथा पोषक कोशिकाएं नहीं होती।
  • Paraglossa -- पार्श्‍व जिह्विका
अधरोष्‍ठ के बगल की जिह्विका पालियां जिनमें से प्रत्येक में प्रचिबुकांग से निकलती हुई पेशी होती है।
  • Paratype -- अपर प्ररूप, पेराटाइप
मूल लेखक द्वारा उद्‍धृत किया जाने वाला कोई नमूना जो होलोटाइप के अतिरिक्त होता है।
  • Paramera (parameres) -- पैरामेरा
शिश्‍नाधार के पार्श्‍व प्रवर्ध या पालि।
  • Paranotum -- परावक्ष पृष्‍ठक
युग्मित, पार्श्‍विक विस्तारों अथवा वक्षपृष्‍ठकों या पृष्‍ठकों में से एक जो कीटों के विकास के दौरान परावक्ष पृष्‍ठक पंखों में विकसित माना जाता है।
  • Parasite -- परजीवी
अपने से बड़े प्राणी या पादप में या उसके ऊपर रहने और अशन (feed) करने वाली प्राणी जातियां जो परपोषी को प्राय: नष्‍ट कर देती हैं। परिपक्‍व होने के लिए परजीवी को एक परपोषी या उसके किसी भाग की आवश्यकता होती है। कीट के संबंध में परजीवी कीट किसी अन्य जाति के कीट अथवा उसकी अपरिपक्‍व अवस्था के भीतर रहकर तथा अशन करके उसे नष्‍ट कर देता है। उदाहरण – ट्राइकोग्राम जातियां और एपैन्टेलीज फ्लेवीपेस।
  • Parasitism -- परजीविता
दो भिन्न जातियों के जीवों का साहचर्य जिसमें एक जीव (परजीवी) दूसरे जीव (परपोषी) से पोषित होता है।
  • Parasitization -- परजीवीकरण
परपोषी समष्‍टि पर परजीवियों के आक्रमण सेउत्पन्नहोने वाली स्थिति।
  • Parasitoid -- परजीव्याभ
एक विशेष प्रकार का परभक्षी जो लगभग अपने परपोषी के ही आकार का होता है। यह अपने परपोषी को मार देता है और इसे स्वतंत्रजीवी वयस्क के रुप में विकसित होने के लिए केवल एक परपोषी की आवश्यकता होती है। उदाहरण – ब्रैकोनिड बर्र।
  • Parasitology -- परजीवी विज्ञान
विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत पादपों और प्राणियों के परजीवियों का अध्ययन किया जाता है।
  • Paratergite (laterotergite) -- परापृष्‍ठकांश
पृष्‍ठक के पार्श्‍व का कठकीकरण जो प्रमुख मध्य पृष्‍ठकांश से भिन्न होता है।
  • Parthenogenesis -- अनिषेकजनन
एक प्रक्रम जिसमें अंडों का विकास बिना निषेचन के होता है।
  • Passive suction ventilation -- निश्‍चेष्‍ट चूषण संवातन
वातकों में ऋणात्मक दाब के परिणामस्वरूप लगभग बंद अथवा हिलते श्‍वास रंध्रों से वायु का चूषण।
  • Passive ventilation -- निश्‍चेष्‍ट संवातन
वातक और लघुवातकों से होकर बिना पंपन अथवा अन्य गतियों के ही गैसों का सामान्य विनिमय।
  • Patella -- जान्विका, जानुफलक
खंड पादांश और मणिपादांश के बीच एक ऐसा खंड जो पिक्‍नोगोनिडा व अधिकांश ऐरेकनीडा की टांगों में और जिफोसूरा की अंतिम टांगों में पाया जाता है।
  • Pathogen -- रोगाणु
रोग उत्पन्न करने में समर्थ जीव।
  • Pathosystem -- रोग – तंत्र
परजीविता के घटना क्रम से परिभाषित एक पारिस्थितिकीय तंत्र। एक पादप – रोग – तंत्र के अंतर्गत एक या अधिक परपोषी पादप जाति और विविध परजीवी – कीट, कवक, जीवाणु आदि आते हैं, जो परपोषी का लाभ उठाते हैं। शाकाहारी पक्षी तथा स्तनपायी सामान्यतया परजीवी वर्ग में नहीं आते।
  • Pathotype -- वह परजीवी समष्‍टि जिसके सभी व्यष्‍टियों में परजीवी सामर्थ्य होना स्वाभाविक है।
  • Pebrine disease -- पेब्राइन रोग
रेशम कीट का भयंकर रोग जो माइक्रोस्पोरीडियम, नोज़ीमा बॉम्बाइसिस जाति द्वारा फैलता है। रेशम कीट के परिपक्‍व डिम्भक की रेशम ग्रंथियां भयंकर रूप से संक्रमित हो जाने के कारण हल्के किस्म के कोये बनते हैं।
  • Pectinate -- कंकताकार
कंघें के आकार की संरचना या अंग, उदाहरण – कंकताकार श्रृंगिका।
  • Pedicel -- वृंत
1. अंड नलिकाओं से अंडवाहिनी तक फैली हुई विशेष लघु वाहिनी। 2. कीट श्रृंगिका का दूसरा खंड। कुछ कीटों में, इस खंड में एक विशेष संवेदी अंग होता है जिसे “जॉन्स्‍टन अंग” कहते हैं, उदाहरण – टिड्डा।
  • Pedipalp (pedipalpus) -- पद स्पर्शक
वयस्क चेलीसिरेटा के दूसरे उपांग जो मैडिबुलेटा की चिबुकास्थियों के संगत होते हैं।
  • Pellet -- टिक्की, पैलेट
पीड़कनाशी का सूखा संरूपण जो आमतौर पर 10 घन मिलीमीटर से बड़े कणों में अन्य घटकों के मिश्रण से बनता है।
  • Penis -- शिश्‍न
कुछ कीटों में पाया जाने वाला एक विशेष युग्मित प्रवेशी अंग।
  • Periphallic organ -- परिशिश्‍न अंग
जनन पुंज में नवें खंड या अन्य खंडो के परिधीय जनन प्रवर्ध जिसमें चल आलिंगक या हार्पेगोन्स भी शामिल हैं।
  • Periodic release -- आवर्ती मोचन
लाभकारी प्राकृतिक शत्रुओं को पर्यावरण में प्रविष्‍ट कराने की पद्धति, जिसमें देशज जैविक कारकों की उच्‍च समष्‍टि के स्तरों को कृत्रिम रूप से बनाए रखने के लिए इन प्राकृतिक शत्रुओं को बार – बार छोड़ा जाता है।
  • Peripheral nervous system -- परिधीय तंत्रिका तंत्र
तंत्रिका तंत्र के वे बहिर्वर्ती भाग जो केंद्रीय गुच्छिका, संयोजियों (connectives), संवेदी न्यूरोसाइटस और उनके तंत्रिकाक्षों (axon) तथा प्रेरक तंत्रिकोशिकाओं (neuron) के तंत्रिकाक्षों से भिन्न होते हैं।
  • Periproct -- परिगुदक
शरीर का अंतस्थ भाग जिसमें गुदा रहती है और जिसके आगे के हिस्से से खंडीभवन होता है।
  • Peristaltic contractions -- क्रमांकुंची संकुचन
नलिकाकार अंग जैसे की आहार नाल को घेरे में रखने वाली अनुदैर्ध्य (longitudinal) और वर्तुल (circular) पेशियों का अनैच्छिक आवर्ती संकुचन।
  • Peritrophic membrane -- परिपोषी झिल्ली
पश्‍च जठर में भोजन को घेरे हुए एक बेलनाकार कलामय आवरण जो कभी – कभी अग्र जठर तक बढ़ा हो सकता है। यह पश्‍च जठरीय अपकला की पूर्ण लम्बाई अथवा उसके कुछ भाग से बनता है और अग्र सिरे पर विशिष्‍ट कोशिकाओं का वलय बनाता है।
  • Perlaria -- पर्लेरिया
दे. प्लेकॉप्टेरा
  • Pernicious -- प्रणाशी
हानिकारक अथवा क्षतिकारक अवस्था / स्वभाव।
  • Persistant -- दीर्घ, स्थाई
रोगाणु के संदर्भ में – रोगवाहक में प्राय: लम्बे समय तक अथवा जीवन पर्यन्त बना रहने वाला। कीटनाशक के संदर्भ में – लम्बे समय तक आविषालुता वाला।
  • Persistant virus -- दीर्घस्थायी विषाणु
रोग वाहक के शरीर में चिरकाल तक रहने वाला विषाणु ; कीट में उपस्थित परिसंचारी विषाणु।
  • Pest -- नाशक जीव, पीड़क
ऐसे जीव जो पादप, प्राणी या अन्य मानवीय संसाधनों की गुणवत्ता या मूल्य में कमी लाते हैं। संसाधनों में पालन या संवर्धन आहार, आमोद – प्रमोद या रेशे आते हैं।
  • Pest resurgence -- नाशकजीव पुनरूत्थान
कीटनाशी रसायन के उपचार से नियमनकारी प्राकृतिक शत्रुओं के नष्‍ट हो जाने से लक्षित नाशक कीट की संख्या का तेजी से बढ़ जाना।
  • Pesticide -- पीड़कनाशी
वह रासायनिक पदार्थ जो पीड़कों को मारता है।
  • Pesticide tolerance -- पीड़कनाशी सह्यता
पीड़कनाशी की अनुमत अवशिष्‍ट मात्रा जो खाद्य फसल के ऊपर या अंदर पाई जाती है। इस प्रकार की संघीय अवशिष्‍ट सह्यताएं पर्यावरणी संरक्षण एजेन्सी द्वारा स्थापित की जाती है।
  • Petroleum oils -- पैट्रॉलियम तेल
कीटों के नियंत्रण के लिए प्रयुक्त पीड़कनाशी जो कच्‍चे तेल के परिष्करण से तैयार किए जाते हैं।
  • Phallobase -- शिश्‍नाधार
शिश्‍न का समीपस्थ भाग जिसके परिवर्धन में बहुत अधिक विभिन्नता दिखाई देती है। कभी – कभी इसकी वृहद् संरचना लिंगाग्रिका को थामे रखती है और उसके आस – पास प्राय: प्रावरक वलन या आच्छद का काम करती है। कभी – कभी यह जनन कक्ष की भित्ति में केवल आधार शिश्‍नीय कठक के रूप में पाई जाती है।
  • Phallocrypt -- शिश्‍न गुहिका
शिश्‍नाधार (phallobase) या जनन – कक्ष भित्ति की कोटरिका (पॉकेट) जिसमें लिंगाग्रिका का आधार भाग स्थित रहता है।
  • Phallomere -- शिश्‍नखंड
कुछ कीटों के व्यक्तिवृत्त (ontogeny) में जनन रंध्र के पार्श्‍वो में बनी जननांग पालियां। अधिकांश कीटों में ये मिलकर शिश्‍न का निर्माण करती हैं, लेकिन ब्लैटिडी और मैन्टिडी कुल के वयस्कों में ये सम्मिश्र जननांग के रूप में परिवर्धित होते हैं।
  • Phallotheca -- शिश्‍नप्रवरक
लिंगाग्रिका के आस – पास शिश्‍नाधार का वलय यानलिकाकारविस्तार।
  • Phallotreme -- शिश्‍न रंध्र
लिंगाग्रिका के अंत में स्थित अंत: शिश्‍न का दूरस्थ द्वार।
  • Phallus -- शिश्‍न
अयुग्मित शिश्‍न या मध्य प्रवेशी अंग जिसमें शिश्‍नाधार, लिंगाग्रिका, अंत: शिश्‍न और शिश्‍नाधार के विभिन्न प्रवर्ध शामिल हैं।
  • Pharyngeal ganglion -- ग्रसनी गुच्छिका
मुख पथ – तंत्रिका तंत्र का वह भाग, जिसमें मस्तिष्‍क के ठीक पीछे स्थित प्ररूप गुच्छिका – युग्म होता है और प्रत्येक गुच्छिका एक छोटी तंत्रिका द्वारा मस्तिष्‍क केपृष्‍ठभागसे जुड़ी हुई होती है। इसे “ग्रसिका गुच्छिका” “अधोमस्तिष्क गुच्छिका” अथवा “अनुकपाल गुच्छिका” भी कहते हैं।
  • Phase -- प्रावस्था
कीट विशेष की वह अवस्था जिसमें समष्‍टि घनत्व की अनुक्रिया में व्यवहार, क्रिया, रंग और आकार के परिवर्तन की क्षमता होती है। उदाहरण – टिड्डी की एकल और यूथी प्रावस्था।
  • Phasmid -- पर्णाभक, फैस्मिड
वे यष्‍टि कीट (स्टिक कीट) अथवा पूर्ण – कीट जो फासमिडा गण के अंतर्गत आते हैं।
  • Phasmida -- फैस्मिडा
बड़े अपंखी या पंखी कीट जो प्राय: लंबे, बेलनाकार और बिरले ही संपीड़ित (compressed) तथा पत्ती जैसे आकार में पाए जाते हैं। मुखांग चिबुकीय; अग्रवक्ष छोटा; टांगे एक दूसरे के तुल्य; गुल्फ हमेशा 5 खंडीय; अग्रपंख हो तो प्राय: छोटे और उपसीमांतीय कॉस्टा वाले; अंडनिक्षेपक छोटा; नर बाह्य जननांग असममितीय; लूम छोटे व अंखडीय होते हैं। विशिष्‍टीकृत श्रवण और घर्षणध्वनि अंग नही होते। कायांतरण थोड़ा। उदाहरण – यष्‍टि कीट (स्टिक इन्सेक्ट) और पर्णभ कीट (लीफ इन्सेक्ट)
  • Phenotype -- लक्षण प्ररूप
व्याष्‍टियों का ऐसा समूह जो समलक्षणी विशेषताओं की अबिव्यक्ति करता है।
  • Phenotypic classification -- लक्षण वर्गीकरण
वर्गीकरण की वह पद्धति जो जातिवृत्त का ध्यान रखे बिना केवल दिखाई देने वाले लक्षण प्ररुपी गुणों पर ही आधारित होती है।
  • Pheromone -- फीरोमोन
कीटों या अन्यप्राणियोंद्वारा उत्पन्न एक रसायन विशेष जो उसी जाति के कीटों और प्राणियों के व्यवहार को प्रभावित करता है।
  • Phonoreceptor -- ध्वनि ग्राही
ध्वनि अनुक्रिय संवेदी अंग।
  • Phosphorescence -- स्फुरदीप्‍ति
उष्मा के बिना प्रकाश के उत्सर्जन की परिघटना।
  • Photoperiod -- दीप्‍तिकाल
प्रकाश के दैनिक प्रभावन की अवधि।
  • Phragma -- फ्रेग्मा
पृष्‍ठकों (वक्ष पृष्‍ठक) के पट्टिका जैसेनतिपरिवर्तन(inflections) जो कीटों के पंखों की पृष्‍ठीय अनुदैर्ध्य पेशियों के संलग्‍न के लिये आधार प्रदान करते हैं।
  • PH values -- पी. एच. मान
अम्ल या क्षारीयता की मात्रा। 7.0 से नीचे का पी. एच. मान अम्लता को और 7.0 से ऊपर क्षारता को दर्शाता है।
  • Physopoda -- फाइसोपोडा
दे. थाइसैनोप्टेरा।
  • Phytophagous -- पादपभोजी
ऐसे प्राणी जो पौधों का आहार करते है; शाकभक्षी।
  • Piercing mouthparts -- वेधन मुखांग
पादपों अथवा प्राणियों (जंतुओं) से द्रव – आहार प्राप्‍त करने के लिए अनुकूलित मुखांग। सामान्यतया अधरोष्‍ठ तथा जबड़े (चिबुकास्थि और जंभिका) दीर्धित और विभिन्न रूप से रूपांतरित होकर चूषण – शुंडिका (probosis) बन जाते हैं।
  • Pilosity -- रोमिलता
प्राय: छोटे कोमल रोमों से उत्पन्न आच्छादन या रोमिलता।
  • Pinhole damage -- पिनछिद्र क्षति
ज्वार, मक्का या बाजरा में तना वेधक काइलो पार्टेलस के आक्रमण के कारण, पर्ण – पटल (lamina) पर सरल रेखाओं में छोटे या बड़े छिद्रों का बनना।
  • Plastron -- अधरवर्म, प्लैस्ट्रन
गैस का पतला स्तर जो बारीक अपजल रोमों (hydrofuge hairs) अथवा बारीक कुलिटकुलर परिजाल के द्वारा स्थायी रूप से अपने स्थान पर बना रहता है और स्थायी शारीरिक क्लोम (gill) का काम करता है।
  • Plecoptera -- प्लेकॉप्टेरा
मध्यम से लेकर बड़े आकार वाले मृदु – शरीरी कीट जिनकी श्रृंगिकाए लंबी और शूकमय; मुखांग कमजोर और आदंशी; पंख झिल्लीमय होते हैं जो विश्रामावस्था में पृष्‍ठ पर चपटे रहते हैं। पश्‍च पंखों का जोड़ा आमतौर पर बड़ा और सुपरिवर्धित गुद – पालि (anallobe) वाला; गुल्फ 3 खंडीय होता है। उदर का अंत लंबे बहुसंधित (multi articulate) लूमों के रूप में होता है। अंडनिक्षेपक नहीं होता। कायांतरण अल्परूपांतरी (hemimetabolous); अर्भक जलीय; लंबी श्रृंगिकाओं और लूमों वाले; तथा वातक क्लोम नहीं होते। उदाहरण – अश्म मक्षियां (stone flies)।
  • Pleural region -- पार्श्‍वक्षेत्र
शरीर के अधरपार्श्‍व अंग जिन पर पाद जुड़े होते हैं।
  • Pleurite -- पार्श्‍वकांश
किसी खंड के पार्श्‍व क्षेत्र का कोई भी छोटा कठक, अथवा पार्श्‍वक के घटकीय कठकों में से कोई भी एक।
  • Pleuron -- पार्श्‍वक
कीट – काय का अधर – पार्श्‍व कठक।
  • Plexus -- जालक, जालिका
परस्पर संबद्ध संरचनाओं का जाल; उदाहरण – तंत्रिकाएं अथवा रूधिर वाहिनियां।
  • Pod borer -- शिम्ब वेधक, फली वेधक
वे कीट जिनके डिम्भक पुष्प कलिकाओं को खाते हैं अथवा फली को वेधकर विकसित हो रहे बीजों को अपना आहार बनाते हैं जैसे हीलियोथिस आर्मीजेरा, एग्रोमाइज़ा ओवटयूजा आदि।
  • Podite (podomere) -- पादांश (पादखंड)
कीट के पैर का खंड।
  • Point sampling -- बिंदु प्रतिचयन
ऐसा प्रतिचयन जिसमें खेत या क्षेत्र के एक या अधिक स्थानों से फसल के व्यापक मॉनीटरन के साथ पीड़कों और प्राकृतिक शत्रुओं की गणना की जाती है।
  • Poison bait -- विष विलोभक
भूसी, शीरा, अनाज आदि में विष के मिलाने से बना पदार्थ जिसे विलोभक (bait) की भांति उपयोंग करकेहानिकारककीटों अथवा कृंतकों (rodents) को मारा जाता है।
  • Pollutant -- प्रदूषक
जल, मृदा या वायुमंडल में विसर्जित हानिकारक रसायन या अपशिष्‍ट पादार्थ।
  • Polyembryony -- बहुभ्रूणतापरिवर्धन की प्रारंभिक अवस्था में एक ही अंडे के विखंडन से अनेक भ्रूणों की उत्पत्ति। इसका मुख्य उदाहरण हाइमनोप्टेरा गण के अनेक परजीवी कीट हैं जिनमें एक युग्मनज से सैकड़ों भ्रूण उत्पन्न हो सकते हैं।
  • Polyhedron -- पॉलिहेड्रॉन
क्रिस्टल के समान समावेशी पिंड जो पालिहेड्रोसिस विषाणु के संक्रमण का अभिलक्षण है; केंद्रकीय अथवा कोशिकाद्रव्यी पालिहेड्रॉनों द्वारा संक्रमित कोशिकाओं में उत्पन्न विषाणु की विविध आकारवाली प्रोटीनमय आच्छादिका।
  • Polyhedrosis -- पॉलिहेड्रोसिस
ऐसा कीट रोग जिसमेंयदिपॉलिहेड्रॉन संक्रमित कोशिकाओं के केंद्रकों में हों, तो इस रोग को “केंद्रकी पॉलिहेड्रोसिस” औरयदियह कोशिकाद्रव्य में हो, तो इसे “कोशिकाद्रव्वी पॉलिहेड्रोसिस” कहते हैं।
  • Polymorphism -- बहुरूपता
कीट की ऐसी पीढ़ियां जिन में नर और मादा का अनुपात बहुत असमान होता है अथवा उसी पीढ़ी या अन्य पीढ़ियों में एक ही लिंग के पूर्णत: भिन्न प्रकारों की उत्पत्ति।
  • Polyphagous -- विविधभक्षीअनेक प्रकार की खाद्य जातियों का उपयोग करने वाले जीव। उदाहरण – बालदार इल्ली, चने का फली वेधक।
  • Polyphagy -- विविधभक्षिता
विविध प्रकार के आहार का उपभोग करना।
  • Polypod larva -- बहुपाद डिम्भक
ऐसा डिम्भक जिसमें सुस्पष्‍ट खंड उदरीय – पाद या अग्रपाद और एक परिरंध्री श्‍वासनली तंत्र होते हैं। श्रृंगिकाएं और वक्षीय पाद होते तो हैं पर पूर्ण विकसित नहीं होते। इस किस्म के प्ररूपी उदाहरण हैं – अधिकांश लेपिडॉप्टरा, आरा मक्खियों और बिच्छू – मक्खियों के डिम्भक।
  • Polytrophic egg tube -- बहुपोषी अंडनलिका
ऐसी अंडनलिका जिसमें अंडकों के साथ – साथ पोषकाणुओं का समूह भी होता है।
  • Polytypic species -- बहुलप्ररूपी जाति
वह जाति जिसकी दो और अधिक उपजाति होती हैं।
  • Population -- समष्‍टि
किसी जाति के व्यष्‍टियों का समूह जो एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र में रहता और अंतराप्रजनन करता है।
  • Population dynamics -- समष्‍टि गतिकी
समूची पर्यावरणीय दशाओं के प्रभाव के अंतर्गत समय और दिक्‍काल में किसी कीट जाति के वितरण एवं प्रचुरता में परिवर्तन का होना।
  • Pore canal -- रंध्रनाल
बाह्यत्वचीय कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्यी विस्तार जो क्यूटिकल से भीतरी अधिक्यूटिकल तक लम्बवत् जाते हैं।
  • Post embryonic development -- भ्रूणोत्तर परिवर्धन
भ्रूण निर्माण के बाद होने वाला परिवर्धन क्रम।
  • Posterior tentorial arms -- पश्‍च छदिशाखा
सपंख कीटों में क्यूटिकलीय अंतर्वलन का पश्‍च जोड़ा जो पश्‍चानुकपाल सीवन के नीचे के सिरों में स्थित पश्‍चछदि गर्तो से निकलता है। यह सिर के साथ मिलकर अधर तंत्रिका रज्‍जु पर चापाकार ढाँचा बनाता है और मुखपथ को सहारा देता है।
  • Potential pest -- विभवी पीड़क, शक्य पीड़क
ऐसे जीव जो विभिन्न कृषि क्रियाओं में परिवर्तनों के फलस्वरूप पीड़क बन सकते हैं।
  • Power duster -- शक्ति चालित प्रधूलक
पीड़कनाशियों के चूर्ण संरूपण के एकसमानअनुप्रयोग के लिए प्रयुक्त शक्तिचालित प्रधूलक। हॉपर के तले पर परिचालन शैफ्ट पर प्रक्षेप, तार की कुंडलियां और ब्रश या ढीले स्प्रिग लगाकर प्रक्षोभन (agitation) किया जाता है। विकल्प के तौर पर हॉपर में चूर्ण को ढीला करने के लिए वायु – जैट काम में लाए जा सकते हैं।
  • Ppb -- पी. पी. बी.
प्रति एक अरब का अंश। आहार, पादपों, प्राणियों इत्यादि में रसायनों की मात्रा को व्यक्त करने की एक माप।
  • Ppm -- पी. पी. एम.
प्रति दस लाख का अंश। आहार, पादपों,प्राणियोंइत्यादि में रसायनों की मात्रा को व्यक्त करने की एक माप।
  • Predation -- परभक्षण
परभक्षी द्वारा अपने शिकार का बड़ी संख्या में खाया जाना। उदाहरण – मीनूकाइलस परभक्षी कीट का एफिड को खाना।
  • Predator -- परभक्षी
जीवन पर्यन्त अकेले रहने वाले वे मुक्त जीव जो अपने शिकार को मारकर खाते हैं। इनका आकार अपने शिकार से बड़ा होता है। अपने पूर्ण परिवर्धन के लिए इन्हें एक से अधिक जीवों की आवश्यकता होती है। उदाहरण – मैडिट, मकड़ी, भृंग आदि।
  • Prementum -- मेन्टमपूर्वी, प्रचिबुकांग
अधरोष्‍ठ का दूरस्थ भाग जो अधरोष्‍ठ सीवन से दूरोन्मुख होता है तथा जिस पर सभी अधरोष्‍ठ पेशियां लगी होती हैं।
  • Primary parasitoid -- प्राथमिक परजीव्याभ
ऐसे संधिपाद का कीट – परजीवी जो स्वयं परजीवी नहीं हैं।
  • Primary producer -- प्राथमिक उत्पादक
ऐसे जीव जो अजैव स्रोत से (प्रकाश संश्‍लेषण या कभी – कभी रसायनी संश्‍लेषण द्वारा) ऊर्जा को जैव अणुओं में रूपांतरित करते हैं।
  • Proboscis -- शुंड, शुंडिका
कीट के लम्बे मुखांग जो छेद करने, चूसने अथवा अशन की अन्य विधियों के लिए अनुकूलित होते हैं। यह उर्ध्वोष्‍ठ, जंभिका, चिबुकास्थि, अधोग्रसनी या अधरोष्‍ठ में से किसी एक या सभी के रूपांतरण से बनती है।
  • Proctodaum -- गुदपथ, प्रोक्टोडियम
आहारनाल का अंतिम भाग जो जठर से गुदा तक होता है तथा बाह्यचर्म से आस्तरित होता है।
  • Prognathus -- उद्‍हनु
कीट के सिर का एक ऐसा प्रकार जिसमें सिर उर्ध्वाधर और मुखांग आगे की ओर बढ़े होते हैं।
  • Proleg -- प्रपाद
इल्लियों के कुछ उदरीय खंडों पर स्थित छोटे और बिना संधि वाले मांसल पाद जो चलन में काम आते हैं। इनके सामान्यत: चार जोड़े पाये जाते हैं, लेकिन “लूपरो” (जियोमैटिडी) में केवल दो, माइक्रोप्टेरीजिडी के कीटों में आठ तथा आरा मक्खी (टेन्थ्रीडीनिडी) में छ: या सात जोड़े होते हैं।
  • Pronotum -- प्रवक्षपृष्‍ठक
कीट के पहले वक्षीय खंड का पृष्‍ठीय क्यूटिकलीय आवरण, जो कभी – कभी बड़ा होकर शेष वक्ष को आवृत करने वाले कवच का निर्माण करता है।
  • Prophylaxis -- रोगनिरोध
पीड़क नियंत्रण के लिए किए जाने वाले निरोधात्मक अथवा संरक्षणात्मक उपचार।
  • Propneustic -- अग्र रंध्रीवह अल्परंध्री डिम्भक जिसमें केवल अग्रवक्षीय श्‍वसन रंध्र होते है।
  • Prostomium -- पुरोमुख, प्रोस्टोमियम
सखंड प्राणी के धड़ का खंडरहित अग्र मुखपूर्वी भाग।
  • Protectant -- रक्षक
नाशक जीवों से होने वाली क्षति या संक्रमण को रोकने के लिए एक रसायन विशेष जो नाशक जीवों (या रोगाणु) का संपर्क होने से पहले ही पौधे या प्राणी को उपचारित करने के काम में आता है।
  • Protelean parasite -- अपरिपक्‍व परजीवी
ऐसी कीट जाति (स्पीशीज) जो केवल अपरिपक्‍व अवस्था में ही परजीवी होती है।
  • Protocephalon -- आद्यशीर्ष
भ्रूण की शिरस्य पालियों के अनुरूप संधिपाद प्राणी के सिर से विकास की एक सामान्य प्रारंभिक अवस्था। इसमें पुरोमुख और आमतौर पर प्रथम मुखपश्‍चीय कायखंड होते हैं जिनसे कीट के आद्यशिरस्य क्षेत्र का निर्माण होता है।
  • Protocerebrum -- आद्यप्रमस्तिष्क
कीट के मस्तिष्क का अग्रभाग जो भ्रूणावस्था में प्रथम कायखंड की संयुक्त गुच्छिकाओं से बनता है तथा जिसमें नेत्रीय तथा अन्य सम्बद्ध केंद्र होते हैं।
  • Protura -- प्रोट्‍यूरा
सूक्ष्म अपंखी, कीट जिनके मुखांग अंत: सृतहनु वाले होते हैं। श्रृंगिकाएं और संयुक्त नेत्र नहीं होते; उदर में सुपरिवर्धित पुच्छखंड होता है तथा मैलपीगी नलिकाएं पैपिलियों द्वारा निरूपित होती हैं।
  • Pseudo resistance -- कूट प्रतिरोध, छद्‍म प्रतिरोध
सुग्राही परपोषी पादप द्वारा आभासी प्रतिरोध दिखाना जिसकी उत्पत्ति, संयोग, अस्थाई (अवंशागत) कारकों अथवा पर्यावरणीय परिस्थितियों से होती हैं।
  • Psocoptera -- सोकोप्टेरा
15-20 खंडीय लम्बी तंतुरूपी श्रृंगिकाओं वाले कीट। अंग्रेजी के अक्षर वाई – आकार का अधिकपाली सीवन (epicranial suture); जंभिका दंड – रूपी लैसीनिया से युक्त; अग्रवक्ष आमतौर पर छोटा; गुल्फ 1 या 3 खंडीय; लूम नहीं होते। उदाहरण – पुस्तक जूंए (बुक लाइस)।
  • Ptilinum -- निर्गमकोश
फ्रॉन्स का एक पराक्षेप्य कोष जिसका उपयोग द्विपंखी (dipterous) कोशितों में कोशितावरण को तोड़ने के लिये किया जाता है।
  • Pubescent -- रोमिल
छोटे महीन रोमों से ढका हुआ कीट। उदाहरण – शलभ।
  • Pupa -- कोशित
सभी तरह के होलोमेटावोलस – कीटों की सुप्‍त निष्क्रिय अवस्था जो डिम्भक और वयस्क की मध्यवर्ती है। इसमें वलन और अशन नहीं होता परन्तु पर्याप्‍त विकासात्मक परिवर्तन होते रहने हैं जो पूर्व पूर्णक – अवस्था के लिए आवश्यक है।
  • Puparium -- कोशितावरण, प्यूपावरण
उच्‍च कोटि के द्विपंखी – गण में कोशित का ढोलनुमा कठोर आवरण।
  • Pupation -- प्यूपीकरण, कोशिनीयन
सक्रिय डिम्भक अवस्था से कोशित (प्यूपा) अवस्था में परिवर्तन की प्रक्रिया।
  • Pulvillus -- पादतल्प
नखरों के आधारों के नीचे निकलने वाली पूर्व गुल्फिका की पार्श्‍व पालियां। गुल्फ – उपखंडों की अधर पालियां भी कभी – कभी गुल्फ – पाद तल्प कहलाती है।
  • Pure line -- शुद्ध वंशक्रम
समयुग्मजी स्वपरागित पादप की संतति।
  • Pyrethrin -- पाइरेथ्रिन
गुलदाऊदी से उत्पन्न दो द्रव एस्टरों में से एक जो पाइरेथ्रम का सक्रिय संघटक है।
  • Pyrethroid -- पाइरेथ्राइड
गुलदाऊदी कुल से संबंधित पादपों के पुष्पों में पाया जाने वाला प्राकृतिक पाइरेथ्रम। पाइरेथ्रम यौगिक चार एस्टरों में पाये जाते हैं जिनमें से दो पाइरेथ्रिन होते हैं।
  • Pyrethrum -- पाइरेथ्रम
वह कीटनाशी जो सूखे गुलदाऊदी (क्राइसेन्थेमम) के पुप्प मुंडकों से बनाया जाता है।
  • Quarantine -- संगरोध
वैधानिक रूप से किसी जीव (खरपतवार, रोग, पीड़क आदि) के फैलाव को रोकने के लिए उसका अलगाव। यह अवधि प्राय: 40 दिन की होती है।
  • Queen bee -- रानी मधुमक्खी
पूर्ण विकसित मैथुनित मादा मक्खी जो साधारण मधुमक्खी से लंबी और बड़ी होती हैं तथा जिसके पंख उदर को पूर्णरूप से नही ढंकते। इसका मुख्य कार्य अंडे देना होता है।
  • Queen chamber -- रानी कोष्‍ठ
मधुछत्ते में स्थित एक विशिष्‍ट बड़ा मोम कोष्‍ठ जिसमें रानी मक्खी कामद उड़ान के बाद वृद्धावस्था, मृत्यु पर्यन्त या नई रानी के बनने तक रहती है।
  • Rami valvularum -- शाखा कपाटिका
पहली और दूसरी कपाटिका के निकटस्थ प्राय: कृश भाग जिसके द्वारा दूसरी कपाटिकाओं को कपाटधरों के साथ संलग्‍न किया जाता है।
  • Random sampling -- यादृच्छिक प्रतिचयन
खेतों, वनखंडों या प्रंबधित इकाई के अंतर्गत कुछ यादृच्छिक स्थलों पर पीड़कों की गणना अथवा उनके द्वारा की जाने वाली क्षति अथवा समष्‍टि आदि के लिये प्रतिचयन को यादृच्छिक प्रतिचयन कहते हैं। यहाँ वहां से चुनने की इस विधि में समष्‍टि के सभी व्यष्‍टियों के चुने जाने का समान अवसर रहता है।
  • Raptorial leg -- प्रसह पाद
शिकार को पकड़ने और थामे रखने के लिए रूपांतरित अग्रपाद।
  • Rasping mouthparts -- रेतन मुखांग
कीट मुखांगों का एक प्रकार जो दाहिनी चिबुकास्थि के ह्रासित होने से असममित होता है। ये संरचना में वेधन, चूषण तथा चर्वण मुखांगों के मध्यवर्ती किंतु, कार्य में रेतन और चूषण जैसे होते हैं। इनसे पौधों की बाह्य त्वचा को विदीर्ण करके स्रावित होने वाले रस को चूसा जाता है। उदाहरण – रसादों (थ्रिप्स) के मुखांग।
  • Rate -- दर
प्रति यूनिट क्षेत्र; उदाहरण के लिए एक एकड़ में प्रयुक्त पीड़कनाशी के बराबर अम्ल या सक्रिय संघटक की राशि।
  • Rearing -- पालन पोषण
प्रोगात्मक अथवा वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए किसी जीव समष्‍टि का प्राकृतिक अथवा कृत्रिम परिस्थितियों में परिवर्धन।
  • Receptive apparatus -- ग्राही उपकरण
संवेदी कोशिका अथवा कोशिकाओं से बने परिधीय अवयवों द्वारा अथवा उनके माध्यम से संचारित उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया करने वाले संवेदी अंग का भाग।
  • Receptor -- ग्राही
बाह्य उद्दीपनों से अनुक्रिया करने वाले संवेदी अंग। उदाहरण – अध्यावरण (integument) की विशेषीकृत संरचना।
  • Rectal papilla -- मलाशय पिप्पलअधिकांश डिप्टेरा व साइफोनेप्टेरा गणों के कीटों के मलाशय की भीतरी भित्ति में पाये जाने वाले शंक्‍वाकार खोखले अंतर्वलन। ये संख्या में चार से छह तक होते हैं तथा मलाशय के अग्र भाग में गोलाई में लगे होते हैं। इनका मुख्य कार्य मल में उपस्थित जल का अवशोषण और संरक्षण करना है।
  • Recurrent nerve -- प्रत्यावर्ती तंत्रिका
मध्य मुखपथीय तंत्रिका जो ललाट गुच्छिका से निकल कर मस्तिष्क के नीचे ग्रसनी की पृष्‍ठ भित्ति के पीछे तथा महाधमनी के अग्रभाग तक बढ़ी होती है।
  • Regulated pest -- नियमित पीड़क
ऐसा विशिष्‍ट जीव जिसे राज्य संघीय एजेंसी ने पीड़क मान लिया है और उससे पर्यावरण की रक्षा करने के लिए नियंत्रण कार्यविधि, नियमन और नियामक प्रतिबंध निर्धारित किए हैं।
  • Regression line -- समाश्रयण रेखा
वह रेखा विशेष जो स्वतंत्र दर के किसी भी विशिष्‍ट मान के लिए परतंत्र चर के मान के सर्वोत्तम आकलन (estimation) का निर्देश करती है।
  • Reinfestation -- पुनर्ग्रसन
किसी क्षेत्र में पीड़कों का पौधों को हानि पहुंचाकर चले जाने अथवा नष्‍ट कर जाने के बाद पुन: से लौटकर पौधों को ग्रसित करना।
  • Repellent -- प्रतिकर्षी
एक यौगिक विशेष जो कुछ प्राणियों या अन्य जीवों के लिए क्षोभकारी है और उसकी उपस्थिति से क्षेत्र विशेष में हानिकारक प्राणी या जीव नहीं आ सकते।
  • Repugnatorial gland -- प्रतिकारी ग्रंथि
विविध कीटों के विभिन्न भागों से मिलने वाली चर्मीय ग्रंथियां जो नाना प्रकार के वाष्पशील रसायनों को उत्पन्न करती है। ये रसायन – बाधा पहुंचाने वाली गंध निकालते हैं और सुरक्षात्मक प्रतिकर्षी प्रभाव पैदा करते हैं।
  • Residual toxicity -- अपशिष्‍ट आविषालुता
इसका संबंध किसी पीड़कनाशी की आविषालुता की मात्रा से है जो पीड़कनाशी के अनुप्रयोग के बाद भिन्न – भिन्न समय अंतरालों पर मिलती रहती है।
  • Residue -- अपशिष्‍ट
रासायनिक पदार्थ की वह मात्रा जो फसल कटाई के बाद उस पर बची रहती है।
  • Residue pesticide -- अवशिष्‍ट पीड़कनाशी
पीड़कनाशी का अवशेष जो प्रयोग के कुछ घंटे बाद पीड़कों को नष्‍ट करता है अथवा उनकी हानि या विनाश करने की प्रवृत्ति को रोकता है।
  • Resistance -- प्रतिरोध
1. जीव में पीड़कनाशी के हानिकारक प्रभावों को कम करने या दबाने की क्षमता। 2.पौधों में पीड़क हानिकारक प्रभावों को सहन करने की क्षमता।
  • Resistant species -- प्रतिरोधी जाति
1. (कीटों के संदर्भ में) – कीटों की वह जाति जो कीटनाशी के प्रति रोध रखती है। 2. (पौधों के संदर्भ में) – पौधों की वह जाति, जो कीटों के प्रति रोध रखती है।
  • Respirator -- श्‍वसित्र
धूल के कणों और विषैली गैसों को वायु से बाहर निकालने के लिए प्रयोग किया जाने वाला इस प्रकार का मुखौटा जिसे पहनकर व्यक्ति सुरक्षित रूप से सांस लेता हुआ काम कर सकता है।
  • Respiratory toxicity -- श्‍वसन आविषालुता
पीड़कनाशी तत्वों का वाष्प या सूक्ष्म बिन्दुकों या कणों के रूप में सांस के साथ फेफड़ों के अंदर पहुंच जाना। सांस के द्वारा पहुंचने वाले ज्यादातर पीड़कनाशी रसायन बहुत आविषालु होते हैं। ऐसे पीड़कनाशी पदार्थो का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों के लिए सुरक्षा उपस्कर अत्यावश्यक होते हैं।
  • Resting stage -- विश्राम अवस्था
किसी जीव के परिवर्धन में ऐसी शरीर क्रियात्मक अवस्था जिसमें अनुकूल अवस्था न होने तक विकास रुक जाता है। यह जीवद्रव्वी क्रिया में कमी, कार्बन डाइऑक्साइड के सान्द्रण या अन्य क्रियात्मक विकारों के कारण होता है। इसे सुप्‍तावस्था तथा निष्क्रिय अवस्था भी कहा जाता है।
  • Reticulate -- जालिकारूपी
संरचना का वह रूप जिसमें लगभग एक समान नियमित खंड होते हैं, जो संकरी रोमिल संरचना के बने एक जाल से अलग होते हैं।
  • Retinula -- दृक्पटलक, रेटिनुला
संयुक्त नेत्र के एकल नेत्रांशक में दृष्‍टि – पटल कोशिकाओं का समूह।
  • Rhabdom -- रेब्डॉम
शलाका जैसी संरचना जो समीपवर्ती दृष्‍टिपटल कोशिकाओं की संयुक्त संवेदी सीमाओं से निर्मित होती है।
  • Rhabdomere -- रेब्डॉम खंड
एक दृष्‍टि पटल कोशिका का ग्राही क्षेत्र यानी दृष्‍टिपटल शलाका बनाने वाले घटकों में से एक।
  • Rhodinus -- रोडनियस
हेमीप्टेरा गण के रेडुवाइडी कुल के रक्त भोजी मत्कुणों का वंश। मध्य तथा दक्षिण अमरीका और अन्य उष्ण कटिबंधी देशों में ये “छाग रोग” उत्पन्न करने वाले ट्रिपेनोसोना परजीवी के वाहक होते हैं।
  • Rhynchota -- रिन्कोटा
दे. हेमिप्टेरा।
  • Rickettsial disease -- रिकेट्‍सी रोग
संधिपादों के अविकल्पी आन्तरकोशिकीय (intracellular) परजीवियों द्वारा मनुष्यों और अन्य प्राणियों में उत्पन्न रोग। इन परजीवियों को जीवाणुओं और विषाणुओं के बीच का मध्यवर्ती रूप माना जाता है।
  • Rickettsiosis -- रिकेट्‍सियता
रिकेट्‍सी द्वारा उत्पन्न संक्रमण रोग।
  • Rodent -- कृन्तक, रोडेंट
रोडेशिया (चूहा, मूषक व गिलहरी) और लेगोमार्फा (खरगोश, शशक) गणों के प्राणी। इनका विशेष लक्षण छेनी जैसे कृन्तकों (incisors) की उपस्थिति और रदनकों (canines) की अनुपस्थिति है।
  • Root feeder -- मूल – अशनी, मूलाहारी
ऐसे कीट जो पौधों की जड़ों और भूमिगत अंगों को खाते और क्षति पहुंचे हैं। उदाहरण – बीज तथा जड़ अपादक (मैगट), मक्का जड़ डिम्भक आदि।
  • Rudiment -- अल्पवर्धित, आद्यांगिक
शरीर का कोई अंग जो केवल आंशिक रूप से विकसित हुआ हो।
  • Sagittae -- शराश्मक
कलापंखी (hymenoptera) कीटों में लिंगाग्रिका के समीपस्थ पार्श्‍व प्रवर्ध।
  • Saliva -- लार
वह रंगहीन तनु – क्षारीय द्रव, जो लार ग्रंथियों से मुखगुहा में स्‍त्रावित होता है और जिसमें पाचक एन्जाइम होते हैं। यह भोजन को चिकना व घुलनशील बना देता है। रक्त चूषकों की लार में प्रतिस्कंदक भी होते हैं।
  • Salivarium -- लालाशय
अधोग्रसनी और अधरोष्‍ठ के मूल के बीच में स्थित कोटरिका जिसमें लार वाहिनियां खुलती हैं। उच्‍च – कोटि के कीटों में यह लार पम्प या वयन उपकरण के रुप में परिवर्तित हो जाता है।
  • Salivary gland -- लार ग्रंथि
ग्रंथियों का एक युग्म जिसे अधरोष्‍ठ ग्रंथि भी कहते हैं। यह सामान्य लार वाहिका द्वारा अधोग्रसनी के आधार और अधरोष्‍ठ के बीच या अधोग्रसनी में खुलता है तथा इससे लार स्‍त्रावित होती है, जिसमें पाचक, उत्तेजक अथवा प्रतिस्कंदी गुण पाए जाते हैं।
  • Saltatorial -- वल्गी पाद
कूदने के लिए पादों का अनुकूलन।
  • Sampling -- नमूना लेना, प्रतिचयन
किसी समष्‍टि से चयन करने की विशेष प्रक्रिया।
  • Saprophagous -- मृतभक्षी
वह जीव जो मृत या विगलित जैव पदार्थ से भोजन प्राप्‍त करता है। उदाहरण – कुछ भृंग (गुबरैला), घरेलू मक्खी के डिम्भक आदि।
  • Saprophyte -- मृतजीवी, पूतिजीवी
वह जीव जो मृत अथवा सड़े – गले कार्बनिक पदार्थो को अशन करता है।
  • Sarcophagous -- मांसभोजी
वह जीव या कीट जो अन्य जीवों का मांस खाकर रहते हैं। उदाहरण – फ्लैश फ्लाई, स्कूवर्म।
  • Scale -- शल्क
देह भित्ति का छोटा, सपाट बाह्य प्रवर्ध जो वयस्क लेपिडॉप्टेरा और बहुत से अन्य कीटों में शरीर का आवरण बनाता है।
  • Scent gland -- गंध ग्रंथि
गंध पदार्थ उत्पन्न करने वाली ग्रंथि।
  • Sclerite -- कठक
देह भित्ति का कोई भी बड़ा अथवा छोटा दृढ़ीकृत क्षेत्र। अधिकांश वयस्क कीटों और उनके डिम्भकों की प्ररुपी देह – भित्ति, चार स्पष्‍ट दृढ़ीकृत क्षेत्रों में विभक्त की जा सकती है – पृष्‍ठ क्षेत्र या पृष्‍ठक, अधर क्षेत्र या अधरक और देह की दोनों बगलों में एक पार्श्‍व क्षेत्र या पार्श्‍वक।
  • Sclerotization -- दृढ़ीकरण
बाह्य उपत्वचा में दृढ़कारी पदार्थो (काइटिन और प्रोटीन) के जमा होने से देहभित्ति का कठोर होना।
  • Scoring -- समंकन
कीट अथवा रोगोत्पादक जीवों से उत्पन्न ग्रसन अथवा संक्रमण की विभिन्न मात्रा को निर्धारित करने के लिए निश्‍चित संख्यात्मक मान।
  • Scutum -- स्कूटम
किसी भी वक्षीय खंड का वक्ष पृष्‍ठक।
  • Secondary parasite -- द्वितीयक परजीवी
प्राथमिक परजीव्याभ का कीट परजीवी।
  • Secondary pest -- गौण पीड़क, द्वितीयक पीड़क
वे पीड़क (नाशक कीट), जो आर्थिक दृष्‍टि से प्राय: महत्वपूर्ण संख्या में उपस्थित नहीं होते लेकिन सस्यीय विधियों अथवा फसल की किस्मों में परिवर्तनों के कारण अथवा मुख्यनाशक कीटों के विरुद्ध कीटनाशकों के अविवेकीय उपयोग के परिणामस्वरुप आर्थिक क्षति स्तर तक पहुंच जाते हैं।
  • Secondary segmentation -- परवर्ती खंडीभवन
देह खंडीभवन का एक प्रकार जो भ्रूणीय विखंडावस्था से भिन्न होता है।
  • Seed protectant -- बीज रक्षक
एक रसायन विशेष जिसका प्रयोग रोपण करने से पहले बीजों पर किया जाता है जिससे नए पौधों का रोगों और कीटों के बचाव होता है।
  • Seed treatment -- बीजोपचार
पीड़क ग्रसन अथवा पीड़क संक्रमण से नवोदभिदों तथा बीजों को सुरक्षित रखने के लिए पीड़कनाशी से बीजों का उपचार।
  • Segmental appandages -- खंडीय उपांग
शरीर भित्ति के युग्मित अधर – पार्श्‍वी खंडीय उद्वर्ध (outgrowth) जो मूलत: चलने में सहायक होते हैं।
  • Segregating population -- विसंयोजी समष्‍टि
वह समष्‍टि जो प्राय: दो जनकों के संकरण से उत्पन्न संतति के रुप में होती है और जिसमें आनुवंशिक भिन्नताएं देखी जा सकती हैं। इनमें से वांछित लक्षण वाले व्यष्‍टियों की पहचान और प्रजनन के लिए चयन किया जाता है।
  • Selective pesticide -- चयनात्मक पीड़कनाशी
ऐसा रसायन जो औरों की अपेक्षा कुछ पादप, कीट, सूक्ष्मजीव आदि के लिए ही अधिक आविषालु होता है।
  • Selective placement -- चयनात्मक स्थापना, वरणात्मक स्थापना
किसी विशेष लक्ष्य पर कीटनाशक के इस्तेमाल को कम करने की दृष्‍टि से उसके स्थानन का एक तरीका। इसमें केवल उन्हीं सतहों को उपचारित किया जाता है जिन पर निक्षेप (डिपाजिट) के अंतरण की संभावना सबसे ज्यादा होती है। स्थानन के इस तरीके का एक अन्य लाभ यह भी है कि इससे प्राकृतिक शत्रु कीटनाशक से प्रभावित होने से बच जाते हैं। यह कीटनाशियों के न्यायसंगत उपयोग की एक विधि है जो पर्यावरण के प्रदूषण को कम करती है।
  • Semilooper -- अर्धकुण्डलक
वह इल्ली जिसमें प्रपादों के सामान्य से एक या दो जोड़े कम होते हैं। इस कारण इसका शरीर रेंगते समय अर्ध कुण्डलक सा बन जाता है। उदाहरण – हरी मटर का अर्धकुण्डलक।
  • Semiochemical -- सेमियोकेमिकल, सेमियोरसायन
व्यवहार को परिवर्तित कर देने वाले रसायन। यह रसायन माइक्रोग्राम / नैनोग्राम मात्रा पर ही अवगामी (perceiving) जीव के व्यवहार को परिवर्तित कर देता है। मोटे तौर पर इन रसायनों को इन बातों के आधार पर संवर्गीकृत किया जाता है कि प्रत्येक रसायन किस प्रकार के आचरण को प्रेरित करता है, उसकी अंतर या आंतरजाति सक्रियता कैसी है और वह प्राकृतिक रूप से स्‍त्रावित होता है या नहीं। इन रसायनों में फीरोमोन, हॉर्मोन, ऐलोमोन, आकर्षी, निवारक तथा अन्य पेराफीरोमोन सम्मिलित हैं।
  • Sensitivity -- संवेदनशीलता
थोड़ी मात्रा में ही आविषालु पदार्थ अथवा रसायन के प्रभाव के प्रति सुग्राही पौधे। उदाहरण – चौड़ी पत्ती वाले पौधे 2, 4-डी के प्रति सुग्राही होते हैं।
  • Septicemia -- पूतिजीव रक्तता, सेप्टिसीमिया
रुधिर में सूक्ष्मजीवों के आक्रमण तथा बहुगुणन के कारण उत्पन्न होने वाली एक अस्वस्थ अवस्था।
  • Septum -- पट, विभाजिका
दो गुहिकाओं या ऊतकों के समूह को विभाजित करने वाली झिल्ली।
  • Sequential sampling -- अनुक्रमिक प्रतिचयन
पीड़क प्रबंध में आर्थिक देहली के निर्धारण के उद्देश्य सेअपनाईजाने वाली प्रतिचयन पद्धति।
  • Sericulture -- रेशमकीट पालन
कच्‍चे रेशम का व्यापारिक स्तर पर उत्पादन करने के लिए प्राकृतिक या कृत्रिम रूप से रेशम कीट का पालन पोषण।
  • Serrate antenna -- क्रकची श्रृंगिका
श्रृंगिका का ऐसा रूप जिसके खंड कमोवेश त्रिकोणाकार और आरे के दाँतों की तरह एक ओर निकले होते हैं। उदाहरण – दाल भृंग की श्रृंगिकाएँ।
  • Seta -- शूक
शरीर भित्ति का रोमाभ एककोशीय बाह्य प्रवर्ध अथवा उस प्रवर्ध की कोई व्युत्पत्ति।
  • Setaceous -- शूकमय
शूकल; शूकवाल; शूक के आकार की संरचना।
  • Setaceous antenna -- शूकमय श्रृंगिका
श्रृंगिका का ऐसा रूप जिसके खंड क्रमश: उत्तरोत्तर लघुत्तर हो जाते हैं और पूरी श्रृंगिका सिरे पर क्रमश: पतली होती हुई शूक जैसी हो जाती है। उदाहरण – तिलचट्टा।
  • Setal membrane -- शूक कला, शूक झिल्लीरोम गर्तिका का झिल्लिकामय तल या कपिका जो शूक को सहारा देती है।
  • Sex hormone -- लिंग हॉर्मोन
स्टेरॉयडों की श्रेणी में आने वाले हॉर्मोनों का एक समूह जो लैंगिक अंगो, गौण लैगिक लक्षणों और उनकी अभिव्यक्ति को नियंत्रित करता है तथा व्यवहार और कुछ शरीरक्रियात्मक प्रक्रमों को प्रभावित करता है।
  • Sex ratio -- लिंग अनुपात
समष्‍टि विशेष में नरों और मादाओं का अनुपात।
  • Short term pesticide -- अल्पकालीन पीड़कनाशी
ऐसा पीड़कनाशी जो अनुप्रयोग के तुरंत बाद ही निराविषी उपोत्पाद में टूट जाता है।
  • Shredding -- कतले काटना, काटना
कीट के भक्षण का एक प्रकार जिसमें पत्तियां धज्‍जियों अथवा लम्बे पतले टुकड़ों में बदल दी जाती हैं।
  • Side dressing -- पार्श्‍व
पौधों के आधार के पास भूमि में पीड़कनाशी या उर्वरक का प्रयोग।
  • Sigmoid -- सिग्मा रूपी
अंग्रेजी के अक्षर “S” के समान आकार का ग्राफ पेपर पर चित्रण।
  • Sigmoid curve -- सिग्माभ वक्र
आविष मात्रा और मृत्यु दर को आलेखित करने वाला वक्र। आविषालुक (कीटनाशी या पीड़कनाशी) की मात्रा या सांद्रता के अनुरूप लघुगणांक के विरूद्ध कीट की मृत्यु दर के प्रतिशत से बनने वाले वक्र से पता चलता है कि घातक स्तरों पर आविष की मात्रा / सांद्रता बढ़ाने से मृत्युदर में विशेष वृद्धि नहीं होती।
  • Silk gland -- रेशम ग्रंथि, कौशेय ग्रंथि
वह ग्रंथि जिससे रेशम का निर्माण होता है। उदाहरण – रेशम कीट, एम्बीओप्टेरा गण के कीट, मकड़ियां आदि।
  • Silk toxicity -- रेशम आविषालुता
रेशम कीट की रेशम ग्रंथियों में रेशम रुका रहने से उत्पन्न घातक “हाइपर एमीनोएसिडीमिया” नामक रोग।
  • Silver fish -- रजतमीनाभ, मत्स्यक
गण थाइसैनूरा और कुल लैपिस्मैटिडी का आद्य कीट जो पंखहीन, रजतमय तथा शल्की होता है। इसमें लम्बी श्रृंगिकायें, कर्तनमुखांगव ऐसी त्रिकीय पुच्छ होती है जो दो लम्बे लूमों एवं एक मध्य तंतु से बनी होती है। इन कीटों को शूक – पुच्छ (ब्रिसल टेल) भी कहते हैं। उदाहरण – लेपिस्मा। यह कीट कपड़ों में लगी मांड और जिल्दवाली किताबों की लेई या गोंद को खाता है।
  • Silver shoot -- रजत प्ररोह
पर्णच्छद का खोखली मटमैली या बैंगनी रंग की लंबी बेलनाकार नलिकामय पिटिका में परिवर्तन। इसके सिरे पर छोटा क्षीण जीभिकाओं और पालि युक्त पत्रफलक होता है। यह धान की गॉल मिज के प्रकोप का विशिष्‍ट लक्षण है।
  • Silvicide -- वनोद्‍भिदनाशी, सिल्विसाइड
अरण्य क्षेत्र में अवांच्छित झाड़ी और वृक्षों की वृद्धि को नियंत्रित करने वाले शाकनाशी रसायन।
  • Siphonaptera -- साइफौनैप्टोरा (विनाल पंखी गण)
छोटे, अपंखी, पार्श्‍वत: संपीड़ित (compressed) कीट जिनके प्रौढ़ नियततापी (warm blooded) प्राणियों पर बाह्य परजीवी होते हैं। नेत्र नहीं होते। सामान्यत: दो नेत्रक, छोटी और मजबूत श्रृंगिकाएं, वेधन और चूषण के लिए रुपांतरित मुखांग होते हैं। वक्षीय खंड असंयुक्त; कक्षांग बहुत लंबे होते हैं। डिम्भक लंबे, क्रॉसरूपी और पादपहीन; कोशित (pupae) अबद्ध और कोयों (cocoons) में बंद होते हैं। उदाहरण – पिस्सू आदि।
  • Siphoning mouth part -- साइफनी मुखांग
मुखांगों का वह प्रकार जिसमें ऊर्ध्वोष्‍ठ और चिबुकास्थि नहीं होते। अधरोष्‍ठ की जगह केवल अधरोष्‍ठ स्पर्शक तथा आवश्यक कार्यकारी अंगों का निर्माण जंभिकाओं के द्वारा होता है जिनके गैलिया लम्बे और आपस में जुड़कर कोमल खोखली नलिका का निर्माण करते हैं। यह प्रयोग में न आने के समय घड़ी की कमानी की तरह सिर के नीचे कुंडलित रहती है। उदाहरण – लेपिडॉप्टेरा गण के वयस्क शलभों और तितलियों के मुखांग।
  • Siphunculata -- साइफनकुलेटा
इस गण के कीट पंखहीन और स्तनधारियों के परजीवी होते हैं तथा अनेकरोगफैलाते हैं। नेत्र लघुकृत अथवा अनुपस्थित; नेत्रक अनुपस्थित। इनके मुखांग वेधन और चूषण के लिए अत्यधिक रूपांतरित होते हैं तथा प्रयोग में न आने पर सिर के भीतर आंकुचित रहते हैं। वक्षीय खंड संयुक्त, गुल्फ (टार्सी) एक – खंडीय; नखर एकल और श्‍वासरंध्र पृष्‍ठीय होते हैं। लूम अनुपस्थित। उदाहरण – जूं (यूका)।
  • Site -- स्थल
ऐसा क्षेत्र, स्थान, भवन, संरचना, पौधा, प्राणी या अन्य जीव जिस पर लक्षित पीड़क नियंत्रण के लिए पीड़कनाशी का उपयोग किया जाता है।
  • Slurry -- कर्दम
पीड़कनाशी का एक प्रकार का गाढ़ा निलम्बन जो जल और जल मिश्रणीय चूर्ण से बनाया जाता है।
  • Social insect -- सामाजिक कीट
वह कीट जो प्राय: संगठित समुदाय बनाकर रहते हैं। इसमें श्रमविभाजन के आधार पर रानी, श्रमिक, सैनिक आदि सदस्य होते हैं। उदाहरण – दीमक, मधुमक्खी, बर्र, चीटियां।
  • Socii -- सोसाई
ट्रिकोप्टेरा और शल्कपंखी गण (लेपिडॉप्टेरा) के कीटों के दसवें खंड के पार्श्‍व अनुबंधी प्रवर्ध। ये संभवत: निम्‍नतर कलापंखी गण (हाइमनोप्टेरा) के दसवें खंड के लूम (सर्कोपोड) जैसे उपांगों के समजात होते हैं।
  • Soil application -- मृदा – अनुप्रयोग
रसायन का मिट्टी या मृदा में अनुप्रयोग।
  • Soil drench -- मृदा मज्‍जन
पीड़कनाशी रसायन से जमीन की सतह को भिगोना या तर करना। सामान्यतया मृदा को किसी भी गहराई तक संतृप्‍त करने के लिए पीड़कनाशी की काफी बड़ी मात्रा की आवश्यकता होती है।
  • Soil fumigant -- मृदा धूमक
ऐसा पीड़कनाशी जो मिट्टी में मिला दिए जाने पर जल्दी ही गैस बनकर मृदा में पीड़कों को मारता है। मृदा में इसे रोके रखने के लिए तिरपाल, प्लास्टिक शीट या पानी की परत का प्रयोग किया जाता है।
  • Soil injection -- मृदा अंत:क्षेपण
यांत्रिक विधि द्वारा पीड़कनाशी को मृदा की सतह के नीचे पहुँचाना। द्रवों के प्रयोग की यह सामान्य विधि है जिससे द्रव गैसों में परिवर्तित हो जाते हैं।
  • Soil sterilant -- मृदा रोगाणुनाशक, मृदा निर्जर्मी
ऐसा रसायन जो मृदा में उपस्थित होने पर पौधों, सूक्ष्मजीवों इत्यादि की वृद्धि को रोकता है। उस प्रकार का रोगाणुनाशन उपयोग किए गए रसायन की प्रकृति के अनुसार अस्थायी या अपेक्षाकृत स्थायी हो सकता है।
  • Soiltary parasitoid -- एकल परजीव्याभ
ऐसा कीट परजीवी जो सामान्यत: एक संधिपाद – परपोषी पर एक कीट की दर से विकसित होता है।
  • Soluble powder -- विलेय चूर्ण
विलेय चूर्ण चूर्णीय संरुपण, जिसके पानी में घुलने से विलयन तैयार हो जाता है।
  • Solution -- विलयन, घोल
एक ऐसा विरचन जो किसी प्रकार के रासायनिक परिवर्तन के बिना ठोस, द्रव या गैसीय पदार्थ को दूसरे पदार्थ में बदल देता है। आमतौर पर किसी द्रव में किसी पदार्थ को घोलने के बाद तैयार किया जाता है। उदाहरण – पानी में घुली हुई शर्करा।
  • Solvent -- विलायक
एक ऐसा द्रव जिसको किसी पदार्थ में मिलाने से वास्तविक विलयन तैयार होता है।
  • Somatic cells -- कायिक कोशिका
जनन कोशिकाओं के अलावा शरीर की सभी कोशिकाएं।
  • Space spray -- अवकाशी फुहार
ऐसा पीड़कनाशी जो ऐरोसोल पात्र या फुहारक (स्प्रेयर) से निकलकर तेजी से छोटे – छोटे बिन्दुकों के रूप में कमरे या भवन में फैल जाता है और कीटों तथा अन्य पीड़कों को नष्‍ट कर देता है।
  • Spanish fly -- स्पेनी मक्षीमेलॉइडी कुल का चमकदार सुनहरा – हरा या काला फफोला भृंग। वयस्क भृंग पौधों को पत्ती – हीन बना डालते हैं और अनेक फसली पौधों के पुष्पी अंगों को खाते हैं। इनसे एक तैलीय उत्तेजक स्राव रिसता है जो कैन्थेरिडिन औषध का मुख्य स्रोत है। उदाहरण – लिट्टा और माइलेब्रिस जातियां।
  • Spatha -- स्पाथा
कलापंखी (हाइमनोप्टेरा) कीटों में पाई जाने वाली लिंगाग्रिका की पृष्‍ठ पालि।
  • Speciation -- जातिउद्भवन
वह प्रक्रम जिसके द्वारा एक या अधिक जाति दूसरी जाति को उत्पन्न करती है।
  • Spermatheca (receptaculum seminis) -- शुक्रग्राहिका
मादा की शुक्रधानी।
  • Spermatid -- शुक्राणुपूर्ण, स्पर्मेटिडऐसा शुक्राणु जो अपनी पूर्णावस्था को प्राप्त नहीं हुआ है (अपरिपक्‍व शुक्राणु)।
  • Spermatocyte -- शुक्राणु कोशिका
परिपक्‍व होने से पूर्व शुक्राणुधानी से विभेदित शुक्राणु कोशिका।
  • Spermatogenesis -- शुक्रजनन
शुक्रणुओं के बनने का प्रक्रम।
  • Spermatogonium -- शुक्रजन, स्पर्मेटोगोनियम
आद्य नर जनन – कोशिका से शुक्र कोशिका के विभेदन क्रम की प्रथम संरचना।
  • Spermatozoan -- शुक्राणु
परिपक्‍व शुक्र कोशिका।
  • Sperm cyst -- शुक्र पुटी
वृषण का कोशिकीय संपुट जिसमें शुक्राणु कोशिकाएं होती है।
  • Spermicide -- शुक्राणुनाशी
वह रासायनिक पदार्थ जो शुक्राणुओं का नष्‍ट कर देता है।
  • Sperm tube -- शुक्रनलिका
वृषण के द्वितीयक विभाजनों से बनी संरचना।
  • Spider -- लूता, मकड़ी
एक छोटा संधिपाद जिसमें दो कायखंड और आठ संधियुक्त टांगें होती हैं। श्रृंगिकाएं और पंख नहीं होते। अनेक मकड़ियाँ जाला बुनने वाली होती है।
  • Spine -- कंटक
क्यूटिकल से उत्पन्न कांटे के समान बहिर्वृद्धि (उद्वर्ध)।
  • Spiracle -- श्‍वास रंध्र
एक प्राथमिक वातक रंध्र या द्वितीयक अलिन्द रंध्र और उससे संबद्ध संरचनाएं (परिरंध्रपट्ट, अलिन्द और निमीलक समुच्‍चय)।
  • Splitting -- विपाटननिर्मोकोत्सर्जन के समय क्यूटिकल का फटना अथवा पादप के तने का दो भागों में विभाजन।
  • Sporadic parthenogenesis (thelytoky) -- कदाचनिक अनिषेकजनन (अनिषेक स्‍त्रीजनन)
ऐक्रीडिडी कुल की अनेक जातियों में मिलने वाला अनिषेकजनन जैसा कि सरुस्थली टिड्डी में होता है। इनिषेचित अंडे परिवर्धित तो होते हैं पर उनमें से 25% ही स्फुटित होते हैं तथा पूरीसंततिमादा होती है।
  • Sporadic pest -- कदाचनिक पीड़क
वह पीड़क (नाशकजीव) जो यदा – कदा दिखाई देता है लेकिन विशेष परिस्थितियों में भारी क्षति पहुंचाता है।
  • Spot treatment -- स्थानिक उपचारसामान्य अनुप्रयोग की अपेक्षा विशिष्‍ट पादपों या क्षेत्रों के लिए निर्देशित उपचार।
  • Spray -- फुहार
पीड़कनाशी का जल या अन्य द्रव के साथ मिश्रण जिसका छोटे – छोटे बिन्दुकों के रूप में छिड़काव किया जाता है।
  • Spray concentrate -- फुहार सांद्र
पीड़कनाशी का एक द्रव संरूप जिसे प्रयोग से पहले अन्य द्रव (आमतौर पर पानी या तेल) में घोल कर तैयार किया जाता है।
  • Spray deposite -- फुहार निक्षेपपीड़कनाशी रसायन की वह मात्रा जो सूख जाने पर फुहार की गई सतह पर जम जाती है।
  • Spray drift -- अपवाह
फुहार कणों का अनुप्रयोग के समय वायु के प्रभाव से लक्षित क्षेत्र से हट जाना।
  • Sprayer -- फुहारक
वह यंत्र जो फुहार – तरल को कणित (atomize) कर देता है।
  • Spraying -- फुहार, फुहारत
वह प्रक्रम जिसके द्वारा तरल पदार्थ को कणित किया जाता है।
  • Spraying types -- फुहार प्रकार
फुहारक मिश्रण का जितना आयतन (लि./है. की दर से) प्रति यूनिट क्षेत्र में प्रयुक्त होता है, उसके आधार पर फुहरकों को तीन प्रकार से वर्गीकृत किया गया है – 750-1000 लिटर की क्षमता वाले हस्तचालित उच्‍च आयतन फुहारक, तथा 12 लिटर से कम क्षमता वाले परा – अल्प – आयतन फुहारक; जिनका अनुप्रयोग हवाई जहाजों अथवा विशेष मोटर बैटरी चालित यंत्रों से किया जाता है।
  • Spray tower -- फुहार – टावर
ऐसी छिड़काव युक्ति जो ज्ञात – दाब पर छिड़काव तरल को कणित कर देती है।
  • Spreader -- विस्तारक
वह पदार्थ जो फुहार – तरल के पृष्‍ठ तनाव को कम करता है, जिसके परिणामस्वरूप सतह पर एक समान फुहार पड़ती है।
  • Squama -- शल्क, शल्किका
कलापंखी (हाइमनोप्टेरा) कीटों में शिश्‍नाधार की पृष्‍ठ – पार्श्‍व पालि।
  • Stadium (pl. stadia) -- अंतरावस्था
कीट की वृद्धि के दौरान दो निर्मोकों के बीच की अवधि।
  • Standard -- मानक
किसी संस्था द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्मित कोई पदार्थ।
  • Sterile – insect technique -- बंध्य – कीट तकनीक
पीड़क के संदमन के लिए प्रयुक्त की जाने वाली आनुवंशिक विधि जिसमें सुसंगत लेकिन बंध्य, नर – कीटों का बड़े पैमाने पर इसी पीड़क की वनसंचरी जनन क्षम समष्‍टि में मोचन किया जाता है ताकि उसकी जनन क्षमता पर अधिकार किया जा सके अथवा उसका पूरी तरह से संदमन किया जा सके।
  • Sternite -- आधरकांश
उरोस्थि प्लेट का एक उप – विभाग अथवा संपूर्ण उरोस्थि का कोई एक कठकीय घटक।
  • Sternum -- अधरक
कीट के खंड की अधर पट्टिका।
  • Sticker -- संलागी
पीड़कनाशी में मिलाया जाने वाला पदार्थ जिसका उद्देश्य प्रारंभिक निक्षेप की मात्रा बढ़ाने की अपेक्षा लगिष्णुता (tenacity) की वृद्धि करना ही होता है।
  • Stomach poison -- जठर – विष
ऐसा पीड़कनाशी जिसको खाने से प्राणी या कीट मर जाता है।
  • Stomodaeum -- मुखपथ
आहार नाल का अग्र बाह्य – चर्मीय भाग।
  • Stored – product forensic entomology -- संग्रहित उत्पाद विधि कीट विज्ञान
विधि कीट विज्ञान की वह शाखा है जो वाणिज्य उत्पादों में संधिपादों से होने वाले ग्रसन अथवा संदूषण से संबंध रखती है (जैसे भृंगों अथवा उनके भागों का मिसरी अथवा कैण्डी – बार में मिलना, चटनी में मक्खियों अथवा स्‍नानघर के टिशू कागज में मकड़ियों की उपस्थिति।
  • Strepsiptera -- स्टेप्सिप्टेरा
छोटे अंत: परजीवी कीट जिनके मुखांग उपह्रासित (degenerate), आदंशी प्रकार के और श्रृंगिकाएं सुस्पष्‍ट तथा व्यजनाभ (flabellate); अग्रपंख छोटी गदाकार संरचनाओं के रूप में लघुकृत, पश्‍चपंख बड़े और पंखे जैसे; पश्‍चवक्ष अत्यधिक सुपरिवर्धित; शिखरक (trochanters) नहीं होते। नर मुक्‍तजीवी; मादाएं सामान्यत: परपोषी में, कोशितावरण (puparium) में, बंद रहती हैं; लैगिक रंध्र खंडीय, 3 से 5 तक। कुछ मादाएं परपोषी को छोड़ देती हैं और उनमें डिम्भकरूपी संरचनाएं तथा अंतस्थ जनन रंध्र (gonopores) होते हैं, डिम्भक का परिवर्धन अतिकायांतरी (hypermetamorphic) होता है। उदाहरण – स्टाइलोपिड।
  • Stridulation -- घर्षण ध्वनिकीटों में घर्षण क्रिया विधि द्वारा ध्वनि का उत्पन्न होना।
  • Stubble -- ठूँठ
फसल की कटाई के बाद खेत में रह जाने वाले अवशेष।
  • Stunted growth -- वृद्धिरोध
किसी भी जीव में प्रतिबल के कारण वृद्धि का रुक जाना।
  • Style -- शूक
कीटों के रोम – सदृश्य, तीखी नोक वाले और खांचेदार रूपान्तरित मुखांग जो भेदन और तरलों के चूषण के लिए अनुकूलित होते हैं। ये तरल प्राणियों का रक्त और पादपों का कोशिका रस हो सकते हैं।
  • Stylet -- शूकिका
1. पतली शूकमय संरचना जिसका निर्माण हेमिप्टेरा गण में चिबुकास्थियों और जम्भिकाओं के रूपान्तरण से होता है। 2. अंडनिक्षेपक के दण्ड का मध्य पृष्‍ठ अवयव जो संयुक्त द्वितीयक प्रकठक से बनता है।
  • Stylet borne -- शूकिका वाहित
रोगवाहक में स्थायी रूप से न रहने वाले रोगकारकों के लिए प्रयुक्त शब्द।
  • Subacute toxicity -- अनुतीव्र आविषालुता
अधिक समय तक किसी पदार्थ का विशिष्‍ट मात्रा में बार – बार सेवन करने पर विभिन्न परी क्षणरत प्राणियों में उत्पन्न आविषालु परिणाम।
  • Subcosta -- उपकॉस्टा
कीट पंख की प्राय: दूसरी शिरा जो प्रथम सहायक कठक के अग्रिम सिरे से अधरीय तौर पर संबंद्ध होती है।
  • Subcoxa -- उपकक्षांग
कक्षांग से विभेदित पदाधर का निकटस्थ भाग, जो सामान्यतया काय – खंड की पार्श्‍व – भित्ति के भीतर समाविष्‍ट रहता है।
  • Subgenital plate -- अवजनद पट्टिका
सामान्यत: नर की नवीं उदरोस्थि जनन कक्ष के नीचे तक चली जाती है। कभी – कभी उसका विस्तार आठवी या सातवीं उदरोस्थि तक ही होता है। मादा में यह आठवीं या सातवीं उदरोस्थि तक होती है।
  • Subling species -- सहोदर जाति
वे सह जातियां जो आकारिकीय लक्षणों के आधार पर विभेदित नहीं की जा सकती।
  • Succession -- अनुक्रमणसमय और अनुक्रम की दृष्‍टि से कीटों अथवा अन्य जीवों का एक के बाद एक उपस्थित होना।
  • Sucking insect -- चूषक कीट
द्रव – आहार का चूषण करने वाले कीट।
  • Super parasitism -- अधि – परजीविता
किसी परपोषी पर एक जाति के अनेक व्यष्‍टियों की उपस्थिति और उनका पूर्ण सामान्य परिवर्धन होना।
  • Surfactant -- पृष्‍ठसक्रियक
तेल और पानी जैसे कोई दो भिन्न द्रव्यों के बीच पृष्‍ठ तनाव को कम करने वाला पदार्थ।
  • Survey -- सर्वेक्षण
पीड़कों का दिक्‍काल में विशेष प्रयोजन के लिए कालिक – परीक्षण अथवा उनकी सावधानीपूर्वक निगरानी।
  • Susceptibility -- सुग्राहिता
जीवधारी की वह दशा जो किसी बाह्य अथवा आन्तरिक कारक से सरलता से प्रभाविक होती है।
  • Susceptible -- सुग्राह्य
ऐसे पौधे या प्राणी जो पीड़क के दुष्प्रभाव से आसानी से क्षतिग्रस्त या रोगग्रस्त; अथवा पीड़कनाशी के प्रभाव से विषाक्त हो सकते हैं।
  • Suspended -- निलम्बित
1. एक ऐसे पीड़कनाशी का इस्तेमाल जो अब वैध नहीं है और जिसके बचे हुए भंडार का उपयोग नहीं किया जा सकता। 2. द्रव में परिक्षेपित कण।
  • Suture -- सीवन
क्यूटिकल के कठकीय क्षेत्रों को विभाजित करने वाली खांच या रेखा या सँकरा स्थान या कठकों के बीच का कोई भी झिल्लीमय क्षेत्र।
  • Swarm -- दल, वृन्द
यूथी वयस्कों अथवा अपरिपक्‍व अवस्थाओं का वह समुच्‍चन जिसमें वे एक साथ रहते हैं अथवा एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर बढ़ते हैं।
  • Swarming -- वृन्दनभोजन, प्रजनन, शीत अथवा ग्रीष्म निष्क्रियता के लिए कीटों का बड़ी संख्या में एक साथ निर्गमन।
  • Swath -- स्वाथ
फुहारक या अन्य उपकरण द्वारा एक दौर में उपचारित क्षेत्र की चौड़ाई।
  • Sweep -- प्रसर्प
क्षेत्र विशेष में जीवों की समष्‍टि – गतिकी की खोज अथवा ज्ञान के लिए हस्त जाल अथवा उस जैसी युक्ति की दोलायमान गति।
  • Symbionts -- सहजीवी
कीट की आहार नाल अथवा उसके विशिष्‍ट अंगों (माइसीटोम) में रहने वाले सूक्ष्मजीव जो उसके आवश्यक पोषकों की आपूर्ति करते हैं।
  • Symbiosis -- सहजीवन
वह परिघटना जिसके अंतर्गत दो जीव निकट साहचर्य मे रहकर एक दूसरे को लाभान्वित करते हैं।
  • Symmetry -- सममिति
किसी भी जीव के हर कोण से दो आधे भागों के माप और आकार में संगति।
  • Sympatric distribution -- समस्थानिक वितरण
कीट जाति अथवा समष्‍टियों का स्थानिक वितरण जो समीपस्थ क्षेत्र में साथ – साथ पाए जाते हैं।
  • Symptom -- लक्षण
किसी पौधे या प्राणी में रोग या कीट प्रकोप या विषाक्तन का संकेत। जिससे यह पता लगता है कि कोई पीड़क या पीड़कनाशी किसी रोग, हानि या विनाश का कारण है।
  • Synaptic cleft -- अंतर्ग्रथित विदर
प्रत्येक अंतर्ग्रथनपूर्ण तंतु (presynaptic fiber) झिल्ली और अंतर्ग्रथन पश्‍च तंतु (postsynaptic fiber) कायिक झिल्ली के बीच का अवकाश (space), जो अंतर्ग्रथनपूर्व तंतुओं के अंतर्ग्रथनी घुंडी पर लगभग 200 एन्गस्ट्रॉम चौड़ा होता है। यह दरार एक तंत्रिकोशिका की द्रुमिकाओं (dendrites) के बीच स्थित होती है।
  • Synecology -- संपारिस्थितिकी
पारिस्थितिकी की वह शाखा जिसमें सजीव समुदायों के प्राणियों तथा उनके पर्यावरण के अंत: संबंध का अध्ययन किया जाता है।
  • Synergism -- योगवाहिता
वह परिघटना जहां एक रसायन जो पीड़कनाशी की तरह स्वयं सक्रिय न होते हुए भी विशेष पीड़कनाशी की आविषालुता को बढ़ा देता है।
  • Synergist -- योगवाही
वह रसायन जो विशेष पीड़कनाशी की आविषालुता को बढ़ा देता है; जबकि स्वयं पीड़कनाशी की भांति सक्रिय नहीं होता।
  • Synexenic -- सहपालन
किसी जाति के एक या अधिक व्यष्‍टियों का किसी अन्य एक या अधिक ज्ञात जातियों के साथ पालन पोषण। पालन पोषण के प्रक्रम में संबद्ध जाति यदि एक, दो, तीन या अधिक संख्या में है तो ऐसी स्थिति में इस अवस्था को क्रमश: एक पालन (monoexenic), द्विपालन (diexenic), त्रिपालन (triexenic) या बहुपालन (polyexenic) कहा जाता है।
  • Syngamy -- युग्मक संलयन
युग्मकों के संयोग से युग्मनज का बनना।
  • Synthetic diet -- संश्‍लिष्‍ट आहार
कीटों का बड़े पैमाने पर प्रजनन करने के लिए ज्ञात घटकों से बनाया गया आहार। ऐसे कीटों का उपयोग कृत्रिम मोचन अथवा अन्य परीक्षणों के लिए किया जाता है।
  • Synthetic insecticide -- संश्‍लिष्‍ट कीटनाशी
संश्‍लेषित रूप से बनाये गये कीटनाशक।
  • Systematics -- वर्गीकरण विज्ञान, वर्गिकी
वह पूर्ण क्षेत्र जो जीवधारियों की विविधता, अजीवित पदार्थो और उनके वितरण, वर्गीकरण तथा विकासीय प्रवृत्ति से संबंधित रहता है।
  • Tachanid -- टैकेनिड
डिप्टेरा – गण के कुल टेकेनिडी के अंतर्गत आने वाली परजीवी मक्खी।
  • Tactile hair -- स्पर्श रोम
वे अतिसंवेदी स्पर्श अंग जो साधारण रोमों, शूकों अथवा कंटकों के बने होते हैं तथा जिनके आधार पर संवेदी कोशिकाओं और तंत्रिकाओं के अंतिम सिरे उपस्थित होते हैं।
  • Taenidium -- सर्पिल सूत्र
वातक और लघुवातक की क्यूटिकली पर्त का कुंडलित वलयन।
  • Tagmata -- खंडेकक
कीट शरीर के तीन मुख्य भाग सिर, वक्ष और उदर।
  • Tango receptor -- स्पर्शग्राही
शरीर का वह अंग अथवा भाग जो स्पर्श संवेदक को प्राप्‍त करता है।
  • Tank mix -- टंकी मिश्र
दो या अधिक सुसंगत पीड़कनाशियों का किसी फुहार – टंकी में मिश्रण जिससे कि उनका एक साथ उपयोग किया जा सके।
  • Target -- लक्ष्य
पादप, प्राणी, संरचना, क्षेत्र या पीड़क जिस पर पीड़कनाशी, परजीवी, परभक्षी आदि का अनुप्रयोग किया जाता है।
  • Target insect -- लक्ष्य कीट
वह कीट जिसके विरुद्ध नियंत्रण संबंधी व्यूह रचना की जाती है।
  • Tarsomere or tarsite -- गुल्फखंड या गुल्फांश
गुल्फ के उपखंडों में से एक।
  • Tarsus -- गुल्फ, टार्सस
पादप का पांचवाँ खंड, जो सामान्यतया एक से पांच उपखंडों अथवा गुल्फ – उपखंडों में विभाजित रहता है।
  • Taxis -- अनुचलन
कुछ विशेष गतिशील जीवों द्वारा उद्दीपन के फलस्वरूप एक दिशात्मक अनुक्रिया।
  • Taxon -- वर्गक
वह वर्गिकीय समूह जो दूसरे ऐसे ही समूह से पर्याप्‍त रूप से भिन्न होता है, इस नाम से विभेदित किया जा सकता है तथा वर्गीकरण की निश्‍चित श्रेणी में रखा जा सकता है।
  • Taxonomic distribution -- वर्गिकीय वितरण
विशिष्‍ट आकृतिक लक्षणों पर आधारित क्षेत्र विशेष में एक जीव का वर्गिकीय आधार पर वितरण।
  • Taxonomic -- वर्गिकीय समूह
समकालीन अथवा समरूप लक्षणों पर आधारित वर्गकों (टैक्सोनों) का विशिष्‍ट समूह।
  • Taxonomic level -- वर्गिकीय स्तर
वह संघटनात्मक स्तर जिससे जीवधारियों के समूह बनते हैं। ये स्तर है – जगत, संघ, वर्ग, गण, कुल, वंश और जाति।
  • Taxonomic hierarchy -- वर्गिकीय पदानुक्रम
जीवधारियों को समूह में रखने के लिये प्रयुक्त किया जाने वाला संगठनात्मक स्तर, ये स्तर जगत, संघ, वर्ग, गण, कुल और जाति हैं।
  • Taxonomy -- वर्गिकी, वर्गीकरण – विज्ञानवर्गीकरण; नाम पद्धति और विविधता की व्याख्या का अध्ययन।
  • Technical grade insecticide -- विशुद्ध असंरूपित कीटनाशी
व्यापारिक स्तर पर तैयार किया जाने वाला कीटनाशी का वह विशुद्ध रूप जिसको संरूपित करके उपयोग में लाया जाता है।
  • Technique -- तकनीक
विशिष्‍ट अध्ययन के लिए विकसित प्रणाली।
  • Temporal fossa -- शंखास्थि खात
सिर के श्रवण अंग में स्थित खाँच।
  • Temporal gland -- संख ग्रंथि
श्रवण अंग में उपस्थित काय का स्‍त्रावी भाग।
  • Tenaculum -- टैनाकुलम
कोलेम्बोला में तृतीय उदर खण्ड पर पायी जाने वाली उदरीय संरचना जो विशाख (फरकुला) के विनत (flexed) होने पर उसके आलिंगी अंग की भांति कार्य करती है। इसमें एक शंक्‍वाकार आधार और दो पार्श्‍वत: उपसारी दूरस्थ भुजायें होती हैं जिनके बहरी किनारे दंताकार होते हैं।
  • Tent caterpillar -- तम्बू इल्ली
रेशमी तम्बू में रहने वाले रोमिल डिम्भक जो मेलोकोसोमो वंश और लेसिओकेम्पिडी कुल के अंतर्गत आते हैं।
  • Tentorial -- छदिशाखा
सिर को आधार प्रदान करने वाला क्यूटिकुलीय अन्तर्वलन।
  • Tentorial nerve -- छदि तंत्रिका
मस्तिष्‍क छदि से होकर निकलने वाली तंत्रिका।
  • Tentorial pit -- छदि गर्त
मस्तिष्क छदि में स्थित गर्त।
  • Tentorium -- मस्तिष्क छदि
कपाल की अंत: कंकालीय धनु:कोष्‍ठक (brace) जो अग्र और पश्‍च भुजयुग्म के मिलने से बनता है तथा सिर सम्पुटिका को सहारा देता है।
  • Tergite -- पृष्‍ठकांश
किसी एक निश्‍चित पृष्‍ठक का उप विभाजन।
  • Tergocoxal -- पृष्‍ठकक्षांगी
पृष्‍ठकांश तथा कक्षांग क्षेत्र के साथ किसी ऊतक का संलग्‍न अथवा जुड़ना।
  • Tergopleural -- पृष्‍ठकपार्श्‍वकीय
पृष्‍ठक तथा पार्श्‍व क्षेत्र से किसी मांसपेशी अथवा ऊतक का जुड़ना।
  • Tergosternal -- पृष्‍ठकाधरकीय
पृष्‍ठक और अधरक क्षेत्र के बीच किसी ऊतक केजुड़ेहोने की स्थिति।
  • Tergum -- पृष्‍ठक
कीट – शरीर के प्रत्येक खण्ड को ढकने वाली पृष्‍ठीय क्यूटिकुलीय प्लेट (कठक)।
  • Terminal filament -- अंत्य तंतु
अंडाशयक का कोशिकीय अति अंतस्थ तंतु।
  • Terminal ganglionic mass -- अंतस्थ गुच्छिका संहति
उदर के पश्‍च भाग में स्थित अंतिम संयुक्त गुच्छिका जिससे बचे हुए पश्‍च कायखंडों को भी तत्रिकाएं जाती हैं।
  • Terminal segment -- अंतस्थ खंड
कीट काय का अंतिम कायखंड।
  • Termite -- दीमक
एक सामाजिक कीट जो आइसोप्टेरा गण के अंतर्गत आता है और लकड़ी तथा उससे बनी वस्तुओं, फसलों तथा सेल्यूलोस वाले दूसरे पदार्थो को हानि पहुंचाता है।
  • Termite nest -- दीमक नीड़
दीमक की कॉलोनी को बनाए रखने के लिए बने भूमिगत कोष्‍ठ (chamber)।
  • Termitorium -- दीमक गृह
अनेक कोष्‍ठों से युक्त ऐसा टीला जिसमें दीमक होती है।
  • Test insect -- परीक्षार्थ कीट
किसी विशेष परीक्षण के लिए चुने गए कीट का प्रकार।
  • Testis -- वृषण
नर जननांग जिसमें प्राथमिक जननकोशिकाओंसे परिपक्‍व शुक्र कोशिकाओं का निर्माण होता है।
  • Thelyotoky -- अनिषेक स्‍त्रीजनन
अनिषेक जनन से विकसित होने वाले अंडे जिनमें अगुणित अथवा द्विगुणित गुणसूत्रों का समुच्‍चय हो सकता है और जो केवल मादाओं को उत्पन्न करते हैं।
  • Therapeutic -- चिकित्सीय
विकारों को दूर करने के लिए दिया जाने वाला उपचार।
  • Third generation pesticide -- तीसरी पीढ़ी के पीड़कनाशी
पीड़कों में हॉर्मोनों के प्रभाव के अंतर्गत चल रहे प्राकृतिक प्रक्रमों में हस्तक्षेप करके उनका दमन करने वाले प्राकृतिक अथवा कृत्रिम रसायनों के लिए प्रयुक्त शब्द।
  • Thorax -- वक्ष
कीट – काय का दूसरा भाग जो अग्र, मध्य और पश्‍च खंडों में बंटा होता है।
  • Threshold -- देहली
वह सीमा जिस पर जीवित प्राणी अपना महत्व दिखाता है।
  • Thrips -- रसाद, थ्रिप
थाइसेनोप्टेरा गण में पाये जाने वाले कीट।
  • Thysanoptera -- थइसैनोप्टेरा
छोटे या सूक्ष्म तनु – शरीरी कीट जिनकी श्रृंगिकाएं छोटी और 6 से 10 खंडीय होती हैं। असममितत: वेधी मुखांग; अग्रवक्ष सुंपरिवर्धित और असंयुक्त; गुल्फ अंतस्थ बहि:सारी आशय (protrusible vesicle) वाले; पंख बहुत संकीर्ण जिनका शिराविन्यास अत्यधिक लघूकृत होता है और सीमांत शूक (setae) लंबे होते हैं। कायांतरण एक या दो निष्क्रिय कोशित निर्मोकरुप (instar) वाला होता है। उदाहरण – थ्रिप्स।
  • Thysanura -- थाइसैन्यूरा
ऐसे अपंखी जिनके बहि:सृत हनु (ictognathous) मुखांग आदंश के लिए अनुकूलित होते हैं। संयुक्त नेत्र होते हैं या नहीं भी होते। पार्श्‍वीय शूकाकार (styliform) अग्रजनन उपांगों (pregenital appendages) वाला 11-खंडीय उदर; एक जोड़ी बहुखंडीय लूम; वातक तंत्र (tracheal system) और मैलपीगी नलिकाएं होती हैं। उदाहरण – शूक – पुच्छ (bristle tail)।
  • Ticks -- किलनी, कुटकी
एक छोटा संधिपाद जिसके दो कायखंड और आठ संधि टांगें होती हैं किन्तु श्रृंगिकायें और पंख नहीं होते। इस समूह के प्राय: सभी प्राणी परजीवी तथा रक्त चूसने वाले होते हैं। ये कुत्तों, गायों और अन्य जानवरों पर चिपके रहते हैं।
  • Tiger beetle -- व्याघ्रभृंगचमकीले रंग का परभक्षी भृंग जो कोलियोप्टेरा गण के कुल सिकेनोएलडिया के अंतर्गत आता है।
  • Tillering stage -- दौजी अवस्था, तलशाखन अवस्था
एक तने वाली घास या धान्य पादप के आधार से पार्श्‍व प्ररोह निकलने की अवस्था।
  • Titillator -- टिटीलेटर्स, लिगाग्रिकांत
लिंगाग्रिका के अंत्य प्रवर्ध।
  • Tolerance -- सह्यता
किसी जीव (पादप अथवा कीट) का ऐसा सामर्थ्य जिसके द्वारा वह उद्दीपक के प्रभाव को सहन कर लेता है, अथवा परपोषी की ऐसी विशिष्‍ट योग्यता जिससे वह कीट अथवा रोगाणु ग्रस्त होने पर भी अपनी उत्पादकता को बचाये रखता है।
  • Tolerance level (tolerance limit) -- सह्य स्तर (सह्यता सीमा)
“पी. पी. एम.” में अभिव्यक्त, कीटनाशी अवशेष की अनुमत सांद्रता।
  • Tonofibrillae -- तान तंतुक
उपत्वचीय तंतुक जो पेशीय तंतुओं को उपत्वचा की भीतरी सतह से जोड़ते हैं।
  • Tormogen cell -- अवटजन कोशिका, टॉर्मोजैन कोशिका
शूक से संबद्ध बहि: चर्म – कोशिका जो शूक कला अथवा गर्तिका बनाती है।
  • Tortoise beetle -- कच्छप भृंग
एक छोट चमकीला क्राइसोमेलिड भृंग जो कोलियोप्टेरा गण के उपकुल – केसिडिनी के अंतर्गत आता है। भृंग के वक्ष पर लगे पक्षों के खोल चपटे होते हैं और उनमें सिर तथा पैरों के बड़े भाग को ढकने की प्रवृत्ति होती है।
  • Total parasite -- पूर्ण परजीवी
एक ऐसा परजीवी जो भोजन, वृद्धि और परिवर्धन के लिए अपना पूर्ण जीवन एक परपोषी पर व्यतीत करता है।
  • Toxemia -- 1. आविषरक्तता 2. आविषाक्तता
1. आविषों के फैलने से रक्त में उत्पन्न विषैला प्रभाव। 2. आविषों के फैलने से पादप में उत्पन्न विषैला प्रभाव।
  • Toxic -- आविषालु
मुखीय, सम्पर्क, धूमन या सर्वागी रूप में पौधों और प्राणियों के लिए हानिकारक पदार्थ।
  • Toxicant -- आविषाक्त
वह रसायन जो जीव में आविषालुता उत्पन्न करता है।
  • Toxication -- आविषीकरण
आविषालुता प्रेरित करने का प्रक्रम।
  • Toxicity -- आविषालुता
पदार्थ की ऐसी प्राकृतिक क्षमता जिससे क्षति होती है और जिसका मापन परीक्षणाधीन प्राणियों पर मौखिक, त्वचीय और अत:श्‍वसन क्रियाओं द्वारा किया जाता है।
  • Toxicology -- आविषविज्ञानजीवों के भौतिक, शरीर क्रियात्मक अथवा जैव रासायनिक परिवर्तनों के संबंध मे आविषों अथवा आविषालु पदार्थो (insecticide, pesticide etc.) का सुव्यवस्थित अध्ययन।
  • Toxigenicity -- आविषजनत्व
आविष उत्पन्न करने की क्षमता।
  • Toxin -- आविष
पादप या प्राणी द्वारा उत्पन्न एक कार्बनिक विषाक्त स्राव।
  • Trachea -- श्‍वास नली, वातक
बाह्यत्वचा की बहुकोशिक अंतर्वलनों से बनी विभिन्न व्यास वाली श्‍वसन नलिकाएं जो काइटिन के सर्पिल स्थूलन से दृढ़ होती हैं तथा शरीर के पार्श्‍वो में स्थित श्‍वास रंध्रों में खुलती हैं।
  • Tracheal gills -- वातक क्लोम
कुछ कीटों के ऐसे श्‍वसन अंग, जिनमें कार्य- भित्ति की बहिर्वृद्धि में अनेक बंद श्‍वसन नलिकाएं होती हैं।
  • Tracheole -- श्‍वासनलिका, लघुवातकवातक तंत्र की सूक्ष्म अंतयनलिकाएं जो वातक उपकला की एकल कोशिकओं से उत्पन्न होती है और अक्सर आधात्री कोशिकाओं के अंगुलाकार विस्तारों में शाखित बन जाती है।
  • Trail following -- पथ चिन्ह अनुगमन
एक कीट का दूसरे कीट के पीछे चलना। पथचिह्‍न फीरोमोन के प्रभाव के कारण पूरे निवह में निकटता और सामाजिक एकीकरण रहता है। पथचिह्‍न फीरोमोन अधिकांश अन्यफीरोमोनकी तरह बहुघटकीय फीरोमोन होते हैं।
  • Transgonic plant -- पारजीनी पादप
आनुवंशिक अभियांत्रिकी (engineering) द्वारा बनाया गया पादप, जिसमें बेसिलस यूरिन्जिएन्सिस (वीटी) नामक जीवाणु का वह जीन स्थानान्तरित कर दिया जाता है जो आविष (वी. टी द्वारा उत्पन्न प्रोटीन) उत्पन्न करता है। यह आविष कींटों के लेपिडोप्टेरा गण के डिम्भकों के लिए घातक है। आनुवंशिक अभियांत्रिकी द्वारा बनाये गए फसलीय पादप इस प्रकार स्वत: जीवनाशी बनाते हैं। ऐसे पादप टमाटर, बैंगन, कपास आदि फसलों में बनायें गए हैं।
  • Translocated pesticide -- स्थानांतरित पीड़कनाशी
ऐसा पीड़कनाशी जो प्रवेश स्थान से पादप या प्राणी में फैल जाता है। सर्वागी पीड़नाशी में स्थानांतरण का गुण होता है।
  • Transovarial -- पारअंडाशयी
कीटों में अंडे द्वारा सहजीवी सूक्ष्मजीवों का एक संतति से दूसरी संतति में संचरण।
  • Trap crop -- पाश शस्य, पाश फसल
सुग्राही और अत्यधिक आकर्षक परपोषी पौधों का कम संख्या में आरोपण जो मौसम के आरंभ में और मुख्य फसल से हटकर किसी स्थल पर किया जाता है।
  • Traps -- पाश (ट्रेप)
सामान्यत: इसका उपयोग पीड़कों की जातियों की वास्तविक उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसके कुछ उदारहण इस प्रकार हैं : 1. प्रकाश पाश – जो रात में उड़ने वाले कीटों (कई तरह के शलभों और मच्छरों आदि) को अपनी ओर आकृष्‍ट करते हैं। 2. चिपचिपा पाश – जिसका उपयोग फलोद्यानो और खेतों में शिशु कीटों की संख्या का आकलन करने के लिए किया जाता है। 3. फीरोमोन पाश – जिसका उपयोग कीटों की पारस्परिक संचार व्यवस्था सहायक, विपरीत लिंगी कीटों को आकर्षित करने वाली घ्राण शक्ति के उत्तेजक रसायनों के रूप में होता है। इसके अतिरिक्त खाद्य पदाथों का भी पीड़कों को फांसने के लिए उपयोग होता है।
  • Trash -- सस्यांश
फसल काटने के बाद बचा हुआ अवशिष्‍ट, जैसे सूखी पत्तियां, ठूंठ आदि।
  • Trenching -- खाई खोदना
खाई खोदकर टिड्डे, टिड्डियों के शिशुओं अथवा अन्य कीटों को पिंजरित करने की विधि।
  • Trichogen -- शूकजन
वह अधिचर्मी कोशिका जो कीट के शरीर अथवा पक्ष पर क्यूटिकलीय रोम, शूक या शल्क उत्पन्न करती है।
  • Trichopore -- शूकछिद्र
शूक के नीचे स्थित क्यूटिकुला द्वार जो शूकजन के बाल – प्रवर्ध का मार्ग है।
  • Trichoptera -- ट्रिकोप्टेरा
छोटे से लेकर साधारण आकार के शलभ – जैसे कीट जिनकी श्रृंगिकाएं शूकमय होती हैं। चिबुक अवशेषी या नहीं; जंभिकाएं एक पालि और लंबे स्पर्शक (palp) वाली; अधरोष्‍ठ (labium) मध्य ग्लोसा और सुपरिवर्धित स्पर्शक वाले;पंख झिल्लीमय लगभग रोमयुक्त और विश्रामावस्था में पृष्‍ठ पर छत जैसी स्थिति मे होते हैं। अग्रपंख दीर्घ; पश्‍च पंख अधिक चौड़े और वलयित गुद क्षेत्र वाले; गुल्फ 5 – खंडीय; डिम्भक जलीय, कुछ – कुछ क्रॉसरूपी और सामान्यत: कोश में रहते हैं। शरीर के अंत में अंकुशयुक्त पुच्छ – उपांग;कोशित अबद्ध और मजबूत चिबुक वाले; वातकन्यास लघूकृत होते हैं। उदाहरण – चेल मक्षियां।
  • Trilobite larva -- ट्राइलोबाइट डिम्भककैम्ब्रियन तथा सिल्यूरियन युग के जीवाश्म संधिपादों के डिम्भक, जिनके चपटे तथा खंडयुक्त शरीर में एक जोड़ी श्रृंगिकायें तथा असंख्य द्विशाखी उपांग होते हैं।
  • Tritrophic interaction -- त्रिपोषी पारस्परिक क्रिया
शाकभक्षी और उनके परपोषी पादपों तथा शाकभक्षी और उनके प्राकृतिक शत्रुओं के बीच होने वाली पारस्परिक क्रियाएं। यह विभिन्न सूचना स्रोतों से उत्पन्न अनुक्रियाओं का एक अनुक्रम है जो चरते प्राणि को उसके विभवीय शिकार के अधिकाधिक निकट लाता है। इसमें रासायनिक सूचना एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पादपीय वाष्पशील घटक खोज संबंधी व्यवहार की मध्यस्थता करता है विशेषकर लम्बी दूरी पर जब कि शाकभक्षी से व्युत्पन्न रसायनों का महत्व शिकार से दूरी कम होने से साथ – साथ बढ़ता है।
  • Trochanter -- ट्रोकेन्टर, शिखरक
कीट पाद का प्राय: दूसरा खंड जो दो संधिकठकों के जुड़ने से बना होता है। कुछ परिस्थितियों जैसे ओडोनेटा गण में घटकीय खंडों के बीच विभाजन स्पष्‍ट दिखाई देते है।
  • Trochantin -- संधिकठक
आदिम कक्षांग – पार्श्‍वकांश के अग्रभग से निकला हुआ वक्षीय पार्श्‍वक का अग्रकक्षांग कठक जो सामान्यत: कक्षांग के आगे की कोर से अधरतल द्वारा जुड़ा होता है और पाद की पृष्‍ठक वर्धक पेशी को जुड़ने का आधार देता है।
  • Trophocyte -- पोषकाणु
अंडाशय या वृषण की पोषक या धात्री कोशिकाएं।
  • Trunk -- धड़, प्रकांड
किसी संधिपाद(ऑर्थोपोडा) केशरीर खंडों का संपूर्ण क्रम जिसमें शीर्ष, वक्षीय और उदरीय खंड शामिल हैं।
  • Tympanal organ -- ध्वनि पटहांग
कर्णपटह नामक पतली क्यूटिकुलीय झिल्ली से निर्मित युगल संरचना जो वातक वायुकोश तथा ध्वनिग्राही संवेदिका से संबद्ध होती हैं।
  • Tyndall blue -- टिंडल नील
कुछ व्याध पतंगों (ड्रेगन फ्लाइयों) में अधिवर्म कोशिकाओं की कोलॉइडी – आकार की कोशिकाओं द्वारा नीले रंग का बनना।
  • Uncus -- अंकुश (अंकस)
शल्कपंखी कीटों की गुदा पर दसवें उदरीय पृष्‍ठक का प्रवर्ध।
  • Ungue -- प्रनखर
गुल्फिका पूर्वी नखर।
  • Unguifer -- नख धर
गुल्फ के अंतिम छोर पर स्थित मध्य पृष्‍ठीय प्रवर्ध जिससे गुल्फिकापूर्वी नखर संधित होते हैं।
  • Unguis -- नखर
कीटों के पाद के पार्श्‍व नखर जो अंगुलिपादांश से विकसित होते हैं। अनेक संधिपादों में इन्हें गुल्फ – नखर भी कहते हैं।
  • Unguitractor plate -- नखराकुंचक पट्ट
अग्रगुल्फ के आधार पर स्थित अधर कठक, जिस पर अग्र गुल्फ की अवनमनी पेशियां या नखर आकुंचक, एक लंबे कंडरामय आंतरवर्ध के रुप में लगे होते हैं।
  • Univoltine -- एकप्रज
वह कीट जिसकी एक वर्ष में एक ही पीढ़ी होती है। उदाहरण – रेशमकीट।
  • Urate cell -- यूरेट कोशिका
कुछ कीटों के वसा पिंडकों में पायी जाने वाली एक प्रकार की कोशिका जो रुधिर लसीका में से नाइट्रोजन युक्त त्याज्य पदार्थो को अवशोषित करती है और भंडारण के लिए यूरिक अम्ल या यूरेट का संश्‍लेषण करती है।
  • Urban forensic entomology -- शहरी विधिकीट विज्ञान
कीट विज्ञान की वह शाखा जिसमें संधिपादों के अवासों अथवा घरेलू और कानूनी कार्यवाही सम्मिलित है।
  • Uterus -- गर्भाशय
जननकक्ष या योनिका कोष्‍ठ जिसमें तरुण कीट का भ्रूणीय और कुछ भ्रूणोत्तर परिवर्धन हो सकता है।
  • Uzifly -- यूज़ीभक्षी
टेकेनिडी कुल के अंतर्गत द्विपंखी मखी एक्‍कजोरिस्टा सॉर्बिलेन्स जो रेशम उत्पादक कीटों (लेपिडोप्टेरा) की खूंखार शत्रु है। यह घरेलू मक्खी के समान पर कुछ बड़ी होती है। इसके अपादक रेशम कीट की चारों मुख्य जातियों – मूंगा, इरी, ओकस्टर और शहतूत रेशम कीट के परजीव्याभ हैं।
  • Vagina -- योनि
कई कीटों में जनन कक्ष से निकलता अंडमार्ग का एक भाग जो युक्त – अंडवाहिनी के पीछे होता है।
  • Valvifer -- पुटधर, कपाटधर
अंडनिक्षेपक की आधार पट्टिकाएं जो संभवत: जनन पदो के कक्ष पादांस से व्युत्पन्न होती हैं तथा प्रकठक (valvulae) का वहन करती है।
  • Valvulae -- प्रकठक
प्रवर्धो के तीन जोड़े जो अंडनिक्षेपक की परिच्छादक (ensheathing) पालियों तथा फलकों का निर्माण करते हैं। पहली और दूसरी कपाटिकाएं जननपादों के युग्मनप्रवर्ध के रूप में होती हैं और तीसरी कपाटिका नौवें उदर खंड के कक्षपादांश की दूरस्थ उद्धर्ध होती है।
  • Vannal fold (plica vannalus) -- पंखाभिक वलन
किसी कीट के पक्ष के पंखाभिक क्षेत्र और रेमीजियम के बीच का वलनयावलन की अरीय रेखा; अथवा सामान्यत: अंत: प्रकोष्‍ठिक क्षेत्र तथा प्रथम पंखाभिक शिरा के बीच में मिलने वाली वलन की रेखा जिसकी स्थिति परिवर्तनशील होती है।
  • Vannal vein -- पंखाभिक शिरा
पंख के पंखाभिक क्षेत्र की वे शिराएं जो अपने आधारों द्वारा तीसरे कक्षीय – कठक से जुड़ी रहती है।
  • Vannus -- वैनस, पंखाभिका
पंख का पंखाभिक – शिराओं या तीसरे कक्षीय कठक से सीधे जुड़ी हुई शिराओं वाला भाग। यदि यह भाग बढ़ जाता है तो पंखाकार क्षेत्र बनाने के बाद पंखाभिक वलिक (प्लाइका वैनलिस) द्वारा रेमिजियम से अलग हो जाता है।
  • Variant -- परिवर्त
मूल से भिन्न परिवर्तित रुप।
  • Vas deferens -- शुक्र वाहक
नर जनन – तंत्र की पार्श्‍व – वाहिनियों में से एक जो शुक्राणुओं को वृषण से बाहर ले जाती हैं।
  • Vas efferens -- शुक्रवाहिका
वृषण की शुक्रनलिकाओं को जोड़ने वाली वाहिनियों में से कोई जो अंडाशयक वृंत के समरूप होती है।
  • Vector -- रोगवाहक, वेक्टर
वह प्राणि जो रोग के प्रसरण या संरोपण अथवा दोनों का कर्मक होता है। उदाहरण – एफिड, श्‍वेत मक्खी, फुदका (लीफ हॉपर) और कुछ सूत्रकृमि।
  • Vector density -- रोगवाहक
एक निश्‍चित समय में प्रति एकक क्षेत्र / स्थान में उपस्थित रोगवाहक कीटों की संख्या।
  • Vectorial capacity -- रोगवाही क्षमता
रोगवाहक द्वारा संक्रामक रोगी से भविष्य में दिए जाने वाले संरोपणों की दैनिक दर।
  • Velvet ant -- मखमली बर्र
म्यूटिलिडी कुल के चमकीले रंग के पिंक – बर्र जिनकी पंखरहित मादायें आकार, आमाप तथा रंग में चींटियों के समान होती हैं; लेकिन उनके ऊपर महीन मखमली बालों की एक परत होती है। ये गुंज – मक्षिका (बम्बल बी) के घोंसलों में रहती हैं और उसके ही डिम्भकों के शरीर में अंड – निक्षेपण करती हैं।
  • Vena arcuate -- वेना आर्कुएटा, चापीय शिरा
पंख की प्रथम जुगल शिरा।
  • Vena cardinalis -- वेना कार्डिनेलिस
पंख की द्वितीय जुगल शिरा जो प्राय: चापीय शिरा की आधारी शाखा के समान लगती है।
  • Vena dividens -- विभाजक शिरा, वेना डिविडेन्स
कुछ ऑर्थोप्टेरा कीटों में रेमिजियम और पंखाभिका (वैनस) के मध्य वलन में उपस्थित द्वितीयक शिरा।
  • Venation -- शिरा विन्यास
कीट के पंख में शिराओं की क्रम – व्यवस्था जो जाति की पहचान का एक साधन होती है।
  • Ventriculus -- पश्‍चजठर
ग्रंथिल जठर या पेषणी के ठीक पीछे स्थित कीट की मध्यांत्र जहां पाचन और अवशोषण की अधिकांश प्रक्रिया सम्पन्न होती है। इसकी उत्पत्ति अंतस्त्वचा से होती है।
  • Vermicide -- कृमिनाशी
वह रासायनिक पदार्थ जो कृमियों को नष्‍ट कर देता है।
  • Vernalization -- वंसतीकरण
पादप के बीज, शल्क कंद या पौध को वानस्पतिक काल कम करने के लिए उपचारित करना जिससे उनमें शीघ्र पुष्पन और फलन को प्रेरित तथा कीटप्रतिरोध उत्पन्न किया जा सके।
  • Vertex -- शीर्ष, वर्टेक्स
अधिकपाल का वह भाग जो फ्रॉस के ठीक पीछे और संयुक्त नेत्रों के बीच में होता है। इसमें कभी – कभी युग्मित नेत्रक होते हैं, किन्तु इसे पृथक कठक नहीं माना जाता।
  • Vesicula seminalis -- शुक्राशय
शुक्रवाहक का विस्फारण (dilation) जिसमें शुक्राणु एकत्र होते हैं।
  • Vestibulum -- बाह्य प्रगुहा
वह बाह्य जनन गुहिका जो सातवीं उदरीय उरोस्थि से आठवीं उदरीय उरोस्थि तक बढ़ जाती है।
  • Vinculum -- विन्कुलम
सल्कपंखी (लेपिडोप्टेरा) कीटों में नवें उदरीय खंड की कक्षाधरीय पट्टिका।
  • Virga -- वेत्र, विर्गा
अंतस्थ सिरे पर स्थित शिश्‍नीय शूक जो प्राय: अंत: शिश्‍न से निकलता है।
  • Virulence -- उग्रता
सूक्ष्मजीवों की रोग – उत्पादन शक्ति अर्थात् किसी सूक्ष्म जीव की वह सापेक्ष क्षमता जिसके कारण वह अपने परपोषी के ऊतकों पर आक्रमण करके क्षति पहुंचा सकता है अथवा विकृति उत्पन्न कर सकता है।
  • Virulent strain -- उग्र प्रभेद
वह प्रभेद जो किसी परपोषी में बहुत कम संख्या में रहते हुए भी रोग उत्पन्न करने की क्षमता रखता है।
  • Virus -- विषाणु, वाइरसअतिसूक्ष्म कोशिकाहीन अविकल्पी परजीवी संरचना जिसके भीतर न्यूक्लीक अम्ल तथा चारों ओर प्रोटीन का एक आवरणहोताहै। इसको वृद्धि तथा गुणन के लिये जीवित कोशिकाओं कीआवश्यकताहोती है। पादप विषाणु प्राय: कीटों द्वारा फैलते हैं।
  • Visual count -- दृश्यगणना
पादप के विभिन्न भागों जैसे पत्ती, फल, फूल, तने की छाल आदि के प्रति वर्ग फुट या इसी तरह की पादप इकाई पर पाए जाने वाले पीड़कों की संख्या की गणना।
  • Visual rating -- दृश्य संनिर्धारण
पीड़क से होने वाली क्षति के मूल्यांकन और विभिन्न श्रेणियों की परीक्षण सामग्री या किस्मों के समूहन को दृश्य संनिर्धारण कहा जाता है।
  • Vitellarium -- पोषद अंडाशय
अंडाशयक अंड – नलिका का वह भाग जिसमें पीतक (योक) जमा हो जाने से अंडकों की वृद्धि होकर वे परिपक्‍व हो जाते हैं।
  • Vitelline membane -- पीतक झिल्ली
अंडाणु के चारों और लगी स्रावित होने वाली झिल्ली। यह जरायु के नीचे लगी रहती है। इसे “प्राथमिक अंड कला” भी कहते हैं।
  • Vitellophag -- पीतकाशन
अंतश्‍चर्मी कोशिकाएं जो पीतक में फलित होती हैं और पीतक के पाचन में आंशिक रूप से योग देती हैं।
  • Viviparity -- सजीव प्रजता, जरायुजता
जनन – मार्ग में अंडों को धारण करनेऔरजरायु के फटने पर शिशुओं को जन्म देने की प्रक्रिया।
  • Vulnerable period -- सुभेद्य काल
वह कालावधि जिसमें किसी जीव के क्षतिग्रस्त या आक्रांत होने की अत्यधिक संभावना रहती है।
  • Vulva -- भग
जनन – कोष्‍ठ या योनि का बाह्य द्वार जिसका प्रयोग प्राय: मैथुन तथा अंडों के उत्सर्ग के लिए होता है। यह कभी – कभी उदर के आठवें या नौंवें खंड पर भी स्थित होता है।
  • Warfarin -- वारफैरिन
कृतकों को मारने के लिए प्रयुक्त बहुमात्रिक प्रतिस्कन्दक।
  • Wax filament -- मोम तंतुक
छोटी नालियां, जो रंध्र नालों से लगी होती हैं तथा प्रोटीन एपीक्यूटिकल और क्यूटिकलीय स्तरों का वेधन करती हैं। ऐसा समझा जाता है कि वे मोम अणुओं को एपीक्यूटिकल तक ले जाती हैं।
  • Wax gland -- मोम – ग्रंथि
कुछ कीटों में पाई जाने वाली ग्रंथि विशेष जो मोम का स्रवण करती है। मधुमक्खियों में ये ग्रंथियां उदर के नीचे होती हैं और इनसे भारी मात्रा में मोम का स्रवण होता है, जिसे “मधु – मोम” कहा जाता है।
  • Wax layer -- मोम परत
क्यूटिकुलीन परत और सीमेन्ट परत के बीच की एपीक्यूटिकुलीय लिपिड परत जोकि क्यूटिकिल की पारगम्यता में सहायक होती है।
  • Weak link -- दुर्बल कड़ी
कीट के जीवन इतिहास का ऐसा सर्वाधिक सुभेद्य बिन्दु जिस पर नियंत्रण साधन आसानी से पहुंचाए जा सकते हैं।
  • Weed -- खरपतवार, घासपात
पादप की अवांछित – जाति जो मुख्य फसल से उर्वरक, जल तथा स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा करती है।
  • Weedicide -- खरपतवारनाशी
वह रासायनिक पदार्थ जिसका प्रयोग खरपतवारों को नष्‍ट करने के लिए किया जाता है।
  • Weevil -- घुन
कुर्कुलि ओनिडी कुल के भृंग जिनके लम्बे प्रोथ या तुंड बीजों, लकड़ी आदि को वेधते हैं। इनमें से अधिकांश भंडारित उत्पादों और फलों के प्रमुख पीड़क होते हैं।
  • Weighting (in insect classification) -- वेटिंग (कीट वर्गीकरण में)
किसी लक्षण के जातिवृतीय सूचना के निर्धारण की विधि; कीटों के उचित वर्गीकरण क लिए लक्षण के संभाव्य योगदान का मूल्यांकन।
  • Wettable powder -- क्लेदनीय चूर्ण
ऐसा पीड़कनाशी संरूपण (ठोस हो या चूर्ण रुप में) जो पानी में मिलाने पर एक प्रकार का निलंबन बनाता है और फुहारने के काम आता है।
  • Weisman’s ring (ring gland) -- वाइजमान वलय (वलय ग्रंथि)
घरेलू मक्खी और गुंजन – मक्खी (ब्लोफ्लाई) जैसे कीटों में प्रमस्तिष्क – गुच्छिका के ठीक ऊपर स्थित मुख्य पृष्‍ठ रुधिर वाहिका के चारों ओर एक ग्रंथि विशेष जिससे स्रावित हॉर्मोन प्यूपावरण के निर्माण को प्रेरित करते हैं।
  • Wetting agent -- क्लेदन कारक, क्लेदक
पृष्‍ठ तनाव को कम करने वाला एक यौगिक जिससे द्रव पादप सतह पर अच्छी तरह चिपक जाता है।
  • Whirligig beetle -- चकई भृंग
माइरीनिडी कुल का द्रुत परिभ्रामी गतिशील जलीय – भृंग जिसके मध्य और पश्‍च पाद चपटेवपतवार के समान तथा लम्बे व कठोर शूकों की झल्लरी से युक्त होते हैं। इनके संयुक्त नेत्र में छोटे व बड़े फलकों वाले दो क्षेत्र होते है।
  • White ant -- दीमक
आइसोप्टेरा गण के सामाजिक, बहुरुपी कीट जिनमें रानी, राजा, श्रमिक, सैनिक आदि प्रभेद होते हैं। ये बड़े समुदाय में लकड़ीकेअंदर या मिट्टी की बनाई गई सुरंगों में रहते हैं।
  • White earhead -- श्‍वेत बाली
पादप का मृत और सफेद ऊपरी भाग। अनाजों विशेषकर धान में सफेद पतली बाली जो खाली होती है अथवा जिसमें सिकुड़े हुए दाने होते हैं। यह तनावेधक के आक्रमण अथवा विशेष रोगों के प्रकोप के कारण बनती हैं।
  • White fly -- श्‍वेत मक्खी
एल्यूरोडिडी कुल की छोटी समपंखी पादप – जूं जिसका शरीर महीन मोमी चूर्ण से ढका रहता है। यह पत्तियों, छोटे प्ररोहों और फलों से रस चूसती है और मधु जैसा चिपचिपा पदार्थ स्रावित करती है। यह कीट – विषाणु रोगों की वाहक होता है।
  • White muscardine -- श्‍वेत मस्कर्डाइन
विभिन्न डिम्भक और कोशित (प्यूपा) अवस्थाओं तथा वयस्क कीटों की कवकार्ति (mycosis) अर्थात् कवक रोग जो हाइफोमाइसीटोन्स कवक, वोवेरिआ बैसिआना द्वारा होता है।
  • Whites -- श्‍वेता
पियरेडी कुल की तितली जो सफेद, पीली या नारंगी रंग की होती है तथा इस पर काले चकत्ते होते हैं। पादों के नखर द्विशाखी या दंतुल होते हैं।
  • Whorl -- चक्र
वह स्थल जहां पर पत्तियां अथवा अन्य पादप भाग खुलते या गोलाकार प्रतिरुप में बनते हैं और जिसमें दानेदार पीड़कनाशी का अनुप्रयोग किया जाता है।
  • Wing coupling -- पंख युग्मन
उड़ते समय अग्र – पंखों तथा पश्‍च पंखों को जोड़े रखने की क्रियाविधि या युक्ति।
  • Wing flexion -- पक्ष आनमन
उदर के ऊपर पश्‍च की ओर पंखों का वलयन।
  • Wing pad -- पक्ष तल्प
किसी अर्भक या कोशित के वक्ष की बाह्य त्वचा से निकला एक छोटा वलन जों वयस्क कीट में पंख बन जाता है। इसे “पक्ष मुकुल” भी कहते हैं।
  • Wing veins -- पंख शिरा
पंखों का अनुदैर्ध्य और अनुप्रस्थ आलम्बी ढांचा।
  • Wing venation -- पक्ष शिराविन्यास
दे. शिराविन्यास (venation)।
  • Wood wasp -- काष्‍ठ बर्र
काष्‍ठ को बेधने वाले बर्र सिरसिडी और जिफिडरिडी कुल के अंतर्गत आते हैं। वयस्क बर्र के अंडनिक्षेपक के आधार पर स्थित एक जोड़ी कोष्‍ठों (माइसीटेन्जिया, माइकेन्जिया) में कवक के ऑइडिया उपस्थित रहते हैं। अंडनिक्षेपण के समय कवक ऑइडिया अंडों के साथ – साथ निक्षेपित होते हैं। बर्र के डिम्भक काष्‍ठ और कवक जाल पर अशन करते हैं। कम से कम सिरसिड डिम्भकों को काष्‍ठ के घटकों के पाचन के लिये कवक एन्जाइमों (सेलूलेस, जाइलेनेस आदि) की आवश्यकता होती है जो उन्हें कवकजाल के अंतर्ग्रहण से प्राप्‍त होते हैं।
  • Wood wasp fungi -- काष्‍ठबर्र कवक
काष्‍ठ को बेधने वाले काष्‍ठबर्रो के डिम्भकों (सिरिसिडी और जिफिडरिडी) द्वारा बनाई गई सुरंगों में रहने वाला कवक (प्राय: एमाइलोस्टर्ना डीडेलिया या स्टेरियम)। यह कवक काष्‍ठ के कई घटकों (जैसे सेलूलोज और लिंगनिन) को निम्‍नीकृत करता है। काष्‍ठ बर्र, काष्‍ठ एवं कवकजाल को खाता है।
  • Wooly aphid -- ऊर्णाभ एफिड
एक छोटा पादप एफिड। माहू (इरियोसोमा लेनीजीरम) जो वृक्ष के तने और शाखाओं का रस चूसकर उनमें चकत्ते (स्कैब) पैदा कर देता है। इससे सफेद मोम के समान पदार्थ निकलता है जिससे ऊनी धागों जैसा एक पिंड बन जाता है जो असंख्य कीटों को संरक्षण देता है। सेब के पेड़ को नुकसान पहुंचाने वाला यह कीट दुनियाभर में पाया जाता है।
  • Wound parasite -- घाव परजीवी
वह परजीवी जो परपोषी पर तभी आक्रमण कर पाता है जब वह पहले से ही क्षतिग्रस्त ऊतक में स्थापित हो गया हो।
  • Xanthopterin -- जैन्थोप्टरिन
बर्रो के शरीरों और कुछ तितलियों के पंखों में पाया जाने वाला, टेरिडीन से व्युत्पन्न, एक पीला वर्णक।
  • Xenoantibody -- परप्रतिरक्षी
किसी जाति में बना कोई प्रतिरक्षी जिसका समजात प्रतिजन दूसरी जाति से व्युत्पन्न होता है।
  • Xenodiagnosis -- पोषी निदान
रोगवाहक द्वारा संचरित रोग के निदान की विधि।
  • Xenogamy -- परनिषेचन
पर – निषेचन का एक अन्य नाम।
  • Xenos (stylops) -- जेनोंस (स्टाइलोप)
स्ट्रेप्सिप्टेरा का एक वंश जिसके डिम्भक और पंखहीन मादाएं, बर्रो पर परजीवी होते हैं और स्टाइलोपिजेरान का कारण बनते हैं (उदाहरणार्थ – जेनोस वेस्पेरम) इस वंश के कीटों को आमतौर पर स्टाइलौप कहा जाता है।
  • Xeromorphic insect -- शुष्कतानुकूलित कीट
मोंटी क्यूटिकल, रोमों के आवरण और इन्ही के समान सरंचनात्मक अभिलक्षणों द्वारा सतही वाष्पन की अत्यधिक हानि से सुरक्षित कीट।
  • Y-vein -- वाई – शिरा
दो आसन्न शिराएं जो दूरस्थ रुप से युग्मित होकर अंग्रेजी के “वाई” अक्षर की आकृति बनाती है, उदाहरण के लिए विपोनोम्यूटिडी कुल (फैमिली) के कीटों के अगले पंख की पक्षांत शिरा।
  • Yellow jacket (wasp) -- पीतांशक (बर्र)
पीले या काले रंग की बर्र के लिए प्रयुक्त सामान्य नाम।
  • Yolk -- पीतक
पोषद्रव्य (डयूटोप्लाज्म); अंडे में निहित भोजन भंडार जिसमें अधिकतर प्रोटीन और वसाएं होती हैं।
  • Yolk cells -- पीतक कोशिका
पीतक में पायी जाने वाली विदलन कोशिकाएं जो कोरकचर्म (ब्लास्टोडर्म) के निर्माण में भाग नहीं लेती।
  • Yolk cleavage -- पीतक विदलन
पीतक का पिंडों में विभाजन जिनमें एक या अनेककेंद्रकहो सकते हैं।
  • Zarhopalus -- जारोपेलस
एन्सिर्टिडी कुल के सूक्ष्म परजीवी बर्रो का एक वंश जिसके कीट एफिडों के शरीर मे अंडे देते हैं।
  • Zero tolerance -- शून्य सहन, शून्य सह्यता
खाद्य सामग्री में अथवा उसके ऊपर पीड़कनाशी के अवशिष्‍टों की मात्रा का न होना।
  • Zoogeography -- प्राणि भूगोल
विज्ञान की वह शाखा जो समय और स्थान में प्राणियों (कीटों) के वितरण से संबंध रखती है।
  • Zoological classification -- प्राणी वर्गीकरण
प्राणियों को उनके संबंधों (सान्निध्य, समानताओं अथवा दोनों) के आधार पर समूहों में क्रमबद्ध करना।
  • Zooplankton -- प्राणिप्लवक
प्राकृतिक तालाबों और झीलों के सरोवरी क्षेत्र में रहने वाली प्लवकीय समष्‍टि के प्राणि घटक। उदाहरण – चकई भृंग (whirligig beetle) आदि।
  • Zootermopsis -- जूटर्मोप्सिस
दीमकों का एक वंश (जीनस) जो पश्‍चिमी कनाड़ा और संयुक्त राज्य अमरीका के जंगलों में गीली लकड़ी के अंदर रहता है। यह दीमक की पूर्वग (आदिम) जाति है।
  • Zoraptera -- जोरेप्टेरा (अचिरपंखी गण)
सपंखी या अपंखी कीट जिनकी श्रृंगिकाएं 9- खंडीय मालाकार होती हैं। अधिकपालीय सीवन अंग्रेजी के अक्षर वाई जैसा। जंभिका प्रसामान्य; अधरोष्‍ठ – स्पर्शक त्रि – खंडीय; पंख यदि हो तो उन्हें आधारी विभांगों द्वारा गिराया जा सकता है; शिराविन्यास लघुकृत। अग्रवक्ष सुपरिवर्धित; गुल्फ द्वि – खंडीय; लूम बहुत छोटे व एक – खंडीय; अंडनिक्षेपक नहीं होता। नर जननांग विशिष्‍टीकृत और कभी – कभी असममितीय; कायांतरण थोड़ा – सा। उदाहरण – जोरोटाइपस।
  • Zygentoma -- जाइगेन्टोमा
थाइसोन्यूरा (शूक पुच्छ) का एक उपगण जिसमें रजताभमीन (सिल्वरफिश) (लेफिक्षमा) और फायरब्रैट (थर्मोबिया) आते हैं।
  • Zygoid parthenogenesis -- जाइगोइड अनिषेकजनन
कीटों में, अंड से अलैंगिक जनन जो अपने परिवर्धन की अवधि में द्विगुणित बना रहता है।
  • Zygoptera -- जाइगोप्टेरा
डेमसल फ्लाई तथा व्याध पतंग (ड्रेगनफ्लाई) के समान कीटों का पतले शरीर और तंग आधार वाले पंखों वाले कीटों का गण जिसमें पंख विश्राम की स्थिति में उदर के ऊपर ऊर्ध्वाधर रूप में खड़े रहते हैं। पिछले पंख आगे के पंखों से ज्यादा भिन्न नहीं होते – जैसे कि वे यथार्थ व्याध पतंग (एनआइसोप्टेरा) में होते हैं। डेमसलफ्लाई के उदर के पिछले सिरे पर तीन लम्बे पुच्छ – क्लोम (कॉडल गिल) होते हैं।
  • Zygotic meiosis -- युग्मनज अर्धसूत्रण
अगुणित प्रावस्था प्रधान जीवन चक्र में अगुणित कायिक कोशिकाओं के बनने से पहले युग्मनज में होने वाला अर्धसूत्री विभाजन।
  • Zymodeme -- उपसमुदय, जाइमोडीम
किसी वर्गक की उपसमष्‍टि (उदाहरण – वंश)।
  • Zymogen (proenzyme) -- जाइमोजिन (प्रोएन्जाइम)
एक निष्क्रिय पूर्वगामी एन्जाइम जो प्रोटीनलयी विदलन के द्वारा प्राय: क्रियाशील एन्जाइम में परिवर्तित हो जाती है।

स्रोत[सम्पादन]